Are you looking for JAC Class 6 Social ScienceChapter भारत की सांस्कृतिक जड़ें MCQ (Objective Questions) with answers? Look no further! JAC Exam Prep provides chapter-wise multiple-choice questions (MCQs) with answers for Class 6 Social Science Chapter भारत की सांस्कृतिक जड़ें based on the latest JCERT & NCERT Social Science – (Exploring Society India and Beyond) syllabus prescribed by the Jharkhand Academic Council (JAC).
Our Class 6 Social Science Chapter India’s Cultural RootsMCQs are designed to improve accuracy, boost confidence, and help students score better marks through regular practice.
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1‘वेद’ शब्द का अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. ज्ञान
व्याख्या: ‘वेद’ शब्द संस्कृत के ‘विद्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ ‘जानना’ या ‘ज्ञान’ होता है। वेद भारतीय ज्ञान परंपरा के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं।
2भारत के चार वेद कौन-से हैं?
✓
सही उत्तर:A. ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद
व्याख्या: भारतीय परंपरा में चार वेद माने जाते हैं—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इन्हें सबसे प्राचीन वैदिक ग्रंथ माना जाता है।
3चारों वेदों में सबसे प्राचीन वेद कौन-सा माना जाता है?
✓
सही उत्तर:C. ऋग्वेद
व्याख्या: ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद माना जाता है। इसमें अनेक सूक्त और स्तुतियाँ संकलित हैं।
4वैदिक मंत्रों का प्रारम्भिक रूप से संरक्षण किस प्रकार किया गया?
✓
सही उत्तर:C. मौखिक परंपरा द्वारा
व्याख्या: वेदों को हजारों वर्षों तक स्मरण और मौखिक परंपरा के माध्यम से सुरक्षित रखा गया। बाद में इन्हें लिखित रूप दिया गया।
5वेदों में मुख्य रूप से क्या संकलित है?
✓
सही उत्तर:B. कविताएँ और स्तुतियाँ (सूक्त)
व्याख्या: वेदों में देवताओं की स्तुति में रचित सूक्त, प्रार्थनाएँ और वैदिक मंत्र संकलित हैं।
6वैदिक मंत्रों की रचना मुख्यतः किस भाषा में हुई?
✓
सही उत्तर:C. प्रारम्भिक संस्कृत
व्याख्या: वैदिक साहित्य की रचना संस्कृत के प्रारम्भिक रूप में हुई, जिसे वैदिक संस्कृत कहा जाता है।
7वैदिक मंत्रों की रचना करने वाले पुरुष ऋषियों को क्या कहा जाता था?
✓
सही उत्तर:B. ऋषि
व्याख्या: वेदों के अनेक सूक्त ऋषियों द्वारा रचे गए। वे ज्ञान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए प्रसिद्ध थे।
8वैदिक मंत्रों की रचना करने वाली महिला विदुषियों को क्या कहा जाता था?
✓
सही उत्तर:C. ऋषिका
व्याख्या: वैदिक परंपरा में अनेक ऋषिकाओं ने भी मंत्रों की रचना की, जो उस समय महिलाओं की विद्वता का प्रमाण है।
9वैदिक साहित्य में ‘ऋतम्’ का संबंध किससे है?
✓
सही उत्तर:B. सत्य और विश्व व्यवस्था
व्याख्या: ‘ऋतम्’ का अर्थ सत्य, नैतिक व्यवस्था तथा ब्रह्मांडीय संतुलन से है। यह वैदिक चिंतन का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
10वैदिक परंपरा में ‘एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति’ का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. सत्य एक है, ज्ञानी उसे अनेक नामों से पुकारते हैं।
व्याख्या: यह प्रसिद्ध वैदिक विचार बताता है कि परम सत्य एक है, किंतु विद्वान उसे विभिन्न नामों से व्यक्त करते हैं।
11ऋग्वेद के अंतिम मंत्रों में किस बात पर विशेष बल दिया गया है?
✓
सही उत्तर:B. एकता और सहयोग
व्याख्या: ऋग्वेद में लोगों को मिलकर चलने, एक साथ विचार करने और एकता बनाए रखने का संदेश दिया गया है।
12प्रारम्भिक वैदिक समाज किन बड़े समूहों में संगठित था?
✓
सही उत्तर:A. जन (कुल/कबीले)
व्याख्या: प्रारम्भिक वैदिक समाज विभिन्न ‘जन’ या कुलों में संगठित था, जिनकी अपनी पहचान और क्षेत्र थे।
13वैदिक ग्रंथों में ‘राजा’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
✓
सही उत्तर:B. शासक
व्याख्या: वैदिक समाज में राजा समाज के नेतृत्व और शासन से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति माना जाता था।
14वैदिक साहित्य में ‘सभा’ और ‘समिति’ का संबंध किससे था?
✓
सही उत्तर:B. सामूहिक सभा या परिषद
व्याख्या: सभा और समिति ऐसे समूह थे जहाँ लोग महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करते थे।
15निम्नलिखित में से कौन-सा व्यवसाय वैदिक समाज में प्रचलित था?
✓
सही उत्तर:D. उपर्युक्त सभी
व्याख्या: वैदिक समाज में कृषि के साथ-साथ कुम्हार, जुलाहा, बढ़ई, वैद्य और अन्य अनेक व्यवसाय भी प्रचलित थे।
16वैदिक संस्कृति में ‘यज्ञ’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✓
सही उत्तर:B. देवताओं की उपासना एवं कल्याण की कामना
व्याख्या: यज्ञ वैदिक संस्कृति का महत्वपूर्ण अनुष्ठान था, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत तथा सामूहिक कल्याण माना जाता था।
17वैदिक दैनिक अनुष्ठानों में अग्नि का विशेष महत्व क्यों था?
✓
सही उत्तर:A. अग्नि को संदेशवाहक देवता माना जाता था।
व्याख्या: वैदिक परंपरा में अग्नि देवता को यज्ञ और देवताओं तक अर्पण पहुँचाने वाला माना गया है।
18वेदों के विचारों को आगे विकसित करने वाले ग्रंथ कौन-से हैं?
✓
सही उत्तर:B. उपनिषद
व्याख्या: उपनिषदों ने वेदों के दार्शनिक विचारों को और अधिक गहराई से समझाया तथा नए सिद्धांत प्रस्तुत किए।
19उपनिषदों में प्रमुख रूप से किन अवधारणाओं की व्याख्या की गई है?
✓
सही उत्तर:A. कर्म और पुनर्जन्म
व्याख्या: उपनिषदों में कर्म, पुनर्जन्म, आत्मा और ब्रह्म जैसे दार्शनिक सिद्धांतों की विस्तार से चर्चा की गई है।
20इस अध्याय के प्रारम्भिक भाग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
✓
सही उत्तर:B. भारत की सांस्कृतिक जड़ों और वैदिक परंपरा का परिचय देना
व्याख्या: अध्याय भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं, वेदों और वैदिक समाज के माध्यम से भारतीय संस्कृति की जड़ों को समझाने का प्रयास करता है।
21‘उपनिषद’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. गुरु के समीप बैठकर ज्ञान प्राप्त करना
व्याख्या: ‘उपनिषद’ का अर्थ है गुरु के निकट बैठकर ज्ञान प्राप्त करना। इन ग्रंथों में गहन दार्शनिक विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
22उपनिषदों का मुख्य विषय क्या है?
✓
सही उत्तर:B. आत्मा, ब्रह्म और जीवन का सत्य
व्याख्या: उपनिषदों में आत्मा, ब्रह्म, कर्म, पुनर्जन्म तथा मोक्ष जैसे दार्शनिक विषयों की चर्चा की गई है।
23उपनिषदों के अनुसार ‘आत्मा’ (आत्मन्) से क्या तात्पर्य है?
✓
सही उत्तर:B. प्रत्येक जीव का आंतरिक स्वरूप
व्याख्या: उपनिषदों में आत्मा को प्रत्येक प्राणी का वास्तविक और शाश्वत स्वरूप माना गया है।
24उपनिषदों में ‘ब्रह्म’ का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. परम सत्य या सर्वोच्च सत्ता
व्याख्या: ब्रह्म को समस्त सृष्टि का मूल, अनंत और सर्वोच्च सत्य माना गया है।
25‘तत्त्वमसि’ महावाक्य का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. वही तुम हो।
व्याख्या: ‘तत्त्वमसि’ उपनिषदों का प्रसिद्ध महावाक्य है, जिसका अर्थ है—’वही परम सत्य तुम हो।’
26उपनिषदों के अनुसार मनुष्य के कर्म किसे प्रभावित करते हैं?
✓
सही उत्तर:B. वर्तमान और भविष्य के जीवन को
व्याख्या: उपनिषदों में कर्म के सिद्धांत के अनुसार अच्छे और बुरे कर्मों का प्रभाव जीवन तथा पुनर्जन्म पर पड़ता है।
27पुनर्जन्म (Rebirth) की अवधारणा किससे संबंधित है?
✓
सही उत्तर:B. कर्म के सिद्धांत से
व्याख्या: उपनिषदों के अनुसार कर्मों के आधार पर जीव का पुनर्जन्म होता है।
28उपनिषदों में ‘मोक्ष’ का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति
व्याख्या: मोक्ष को जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य माना गया है, जहाँ आत्मा जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाती है।
29भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान क्यों महत्वपूर्ण माना गया है?
✓
सही उत्तर:B. वे ज्ञान और जीवन-मूल्य प्रदान करते थे।
व्याख्या: गुरु भारतीय परंपरा में ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के मार्गदर्शक माने गए हैं।
30‘गुरुकुल’ क्या था?
✓
सही उत्तर:B. शिक्षा प्राप्त करने का स्थान
व्याख्या: गुरुकुल में विद्यार्थी गुरु के सान्निध्य में रहकर शिक्षा और जीवन कौशल सीखते थे।
31गुरुकुल शिक्षा प्रणाली की प्रमुख विशेषता क्या थी?
✓
सही उत्तर:B. शिक्षा के साथ अनुशासित जीवन
व्याख्या: गुरुकुल में विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ अनुशासन, सेवा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती थी।
32भारतीय संस्कृति में ‘धर्म’ का व्यापक अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. कर्तव्य और सदाचार
व्याख्या: भारतीय परंपरा में धर्म का अर्थ अपने कर्तव्यों का पालन तथा नैतिक जीवन जीना भी है।
33भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में ‘सत्य’ को क्यों महत्व दिया गया है?
✓
सही उत्तर:B. यह नैतिक जीवन का आधार माना गया है।
व्याख्या: सत्य भारतीय संस्कृति के प्रमुख मूल्यों में से एक है और इसे धर्म का आधार माना गया है।
34‘अहिंसा’ का अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. किसी को हानि न पहुँचाना
व्याख्या: अहिंसा का अर्थ है विचार, वचन और कर्म से किसी को कष्ट न पहुँचाना। यह भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण आदर्श है।
35भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रमुख कारण क्या है?
✓
सही उत्तर:B. प्रकृति को जीवन का आधार माना गया है।
व्याख्या: भारतीय परंपरा में नदियों, पर्वतों, वृक्षों और पशुओं के प्रति सम्मान का भाव प्रकृति संरक्षण से जुड़ा है।
36भारतीय संस्कृति में परिवार का महत्व किस कारण से माना जाता है?
✓
सही उत्तर:B. संस्कार, सहयोग और जिम्मेदारी का विकास
व्याख्या: परिवार बच्चों को संस्कार, अनुशासन, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व सिखाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
37‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. संपूर्ण विश्व एक परिवार है।
व्याख्या: यह भारतीय संस्कृति का महान आदर्श है, जो समस्त मानवता को एक परिवार मानने की शिक्षा देता है।
38भारतीय संस्कृति की सबसे प्रमुख विशेषताओं में से एक क्या है?
✓
सही उत्तर:B. विविधता में एकता
व्याख्या: भारत में अनेक भाषाएँ, धर्म और परंपराएँ होते हुए भी सांस्कृतिक एकता बनी रही है।
39भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
✓
सही उत्तर:B. आने वाली पीढ़ियों तक परंपराएँ और मूल्य पहुँचाने के लिए
व्याख्या: सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान है। इसका संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है।
40इस अध्याय के इस भाग का मुख्य संदेश क्या है?
✓
सही उत्तर:B. भारतीय संस्कृति के दार्शनिक विचारों, नैतिक मूल्यों और जीवन-दृष्टि को समझना
व्याख्या: इस भाग में उपनिषदों के दर्शन, गुरुकुल परंपरा, धर्म, सत्य, अहिंसा तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का परिचय दिया गया है.
41महाकाव्य ‘रामायण’ की रचना का श्रेय किसे दिया जाता है?
✓
सही उत्तर:B. वाल्मीकि
व्याख्या: वाल्मीकि को रामायण का रचयिता माना जाता है। इसे भारतीय संस्कृति के सबसे महत्वपूर्ण महाकाव्यों में से एक माना जाता है।
42महाभारत की रचना का श्रेय किसे दिया जाता है?
✓
सही उत्तर:B. वेदव्यास
व्याख्या: महाभारत की रचना महर्षि वेदव्यास द्वारा मानी जाती है। यह विश्व के सबसे बड़े महाकाव्यों में से एक है।
43श्रीमद्भगवद्गीता किस महाकाव्य का भाग है?
✓
सही उत्तर:B. महाभारत
व्याख्या: भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच संवाद है।
44रामायण का मुख्य संदेश क्या है?
✓
सही उत्तर:B. आदर्श जीवन, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों का पालन
व्याख्या: रामायण सत्य, कर्तव्य, परिवार, त्याग और आदर्श आचरण की शिक्षा देती है।
45महाभारत का प्रमुख विषय क्या है?
✓
सही उत्तर:B. धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष
व्याख्या: महाभारत मानव जीवन के नैतिक निर्णयों, धर्म और न्याय के महत्व को स्पष्ट करता है।
46भगवद्गीता में अर्जुन को किसने उपदेश दिया?
✓
सही उत्तर:C. श्रीकृष्ण
व्याख्या: कुरुक्षेत्र के युद्ध से पहले श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म, धर्म और जीवन का ज्ञान दिया।
47भगवद्गीता में किस सिद्धांत पर विशेष बल दिया गया है?
✓
सही उत्तर:B. निष्काम कर्म
व्याख्या: गीता के अनुसार मनुष्य को फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करना चाहिए।
48भारतीय संस्कृति में ‘धर्म’ का पालन किसके लिए आवश्यक माना गया है?
✓
सही उत्तर:B. प्रत्येक व्यक्ति के लिए
व्याख्या: भारतीय परंपरा में प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना धर्म माना गया है।
49‘पुराण’ मुख्यतः किससे संबंधित ग्रंथ हैं?
✓
सही उत्तर:B. प्राचीन कथाएँ, वंशावलियाँ और धार्मिक परंपराएँ
व्याख्या: पुराणों में सृष्टि, राजवंशों, तीर्थों और सांस्कृतिक परंपराओं का विस्तृत वर्णन मिलता है।
50भारतीय संस्कृति में त्योहारों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
✓
सही उत्तर:B. सामाजिक एकता, आनंद और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण
व्याख्या: त्योहार समाज में सहयोग, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
51भारतीय संस्कृति में अतिथि का सम्मान किस कहावत से व्यक्त किया गया है?
✓
सही उत्तर:B. अतिथि देवो भवः
व्याख्या: ‘अतिथि देवो भवः’ का अर्थ है कि अतिथि का सम्मान देवता के समान करना चाहिए।
52भारतीय संस्कृति में ‘सत्यमेव जयते’ का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. सत्य की ही विजय होती है।
व्याख्या: ‘सत्यमेव जयते’ उपनिषदों से लिया गया वाक्य है और यह सत्य के महत्व को दर्शाता है।
53भारतीय संस्कृति में योग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
✓
सही उत्तर:B. शरीर, मन और आत्मा का संतुलन
व्याख्या: योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का माध्यम माना जाता है।
54भारतीय शास्त्रीय संगीत की जड़ें मुख्यतः किस परंपरा से जुड़ी मानी जाती हैं?
✓
सही उत्तर:A. वैदिक परंपरा
व्याख्या: सामवेद और वैदिक मंत्रों के गायन को भारतीय संगीत की प्राचीन परंपरा का आधार माना जाता है।
55भारतीय संस्कृति में नृत्य और संगीत का उद्देश्य क्या है?
✓
सही उत्तर:B. कला, आध्यात्मिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण
व्याख्या: भारतीय कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि संस्कृति और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति का माध्यम भी है।
56भारतीय संस्कृति में विविध भाषाओं और परंपराओं के बावजूद कौन-सा मूल्य बना रहा?
✓
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक एकता
व्याख्या: भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है, जो एकता की भावना को मजबूत करती है।
57भारतीय सांस्कृतिक परंपराएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी मुख्यतः कैसे आगे बढ़ीं?
✓
सही उत्तर:B. परिवार, समाज और शिक्षा के माध्यम से
व्याख्या: परिवार, गुरु और समाज ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अगली पीढ़ियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
58भारतीय संस्कृति की निरंतरता का प्रमुख कारण क्या है?
✓
सही उत्तर:B. परंपराओं, ज्ञान और मूल्यों का संरक्षण
व्याख्या: भारतीय संस्कृति हजारों वर्षों से अपनी परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण के कारण निरंतर बनी हुई है।
59भारतीय सांस्कृतिक विरासत में स्मारकों, ग्रंथों और परंपराओं का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
✓
सही उत्तर:B. इतिहास, पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए
व्याख्या: सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखता है।
60इस अध्याय के इस भाग का मुख्य विषय क्या है?
✓
सही उत्तर:B. महाकाव्यों, भारतीय सांस्कृतिक आदर्शों और नैतिक मूल्यों का महत्व
व्याख्या: इस भाग में रामायण, महाभारत, भगवद्गीता तथा भारतीय संस्कृति के नैतिक और सांस्कृतिक आदर्शों का परिचय दिया गया है।
61सिद्धार्थ गौतम का जन्म कहाँ हुआ था?
✓
सही उत्तर:B. लुम्बिनी
व्याख्या: सिद्धार्थ गौतम का जन्म लुम्बिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ था। बाद में वे ज्ञान प्राप्त कर ‘बुद्ध’ कहलाए।
62सिद्धार्थ गौतम को ज्ञान (बोधि) कहाँ प्राप्त हुआ?
✓
सही उत्तर:C. बोधगया
व्याख्या: बिहार के बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे ध्यान करते हुए सिद्धार्थ गौतम को ज्ञान प्राप्त हुआ।
63‘बुद्ध’ शब्द का अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. ज्ञानी या जागृत व्यक्ति
व्याख्या: ‘बुद्ध’ का अर्थ है ‘जागृत’ या ‘ज्ञान प्राप्त करने वाला’। ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ गौतम बुद्ध कहलाए।
64बुद्ध ने मानव दुःख का मुख्य कारण किसे बताया?
✓
सही उत्तर:B. अज्ञान और आसक्ति
व्याख्या: बुद्ध के अनुसार अज्ञान (अविद्या) और आसक्ति (Attachment) मनुष्य के दुःख के प्रमुख कारण हैं।
65बुद्ध द्वारा स्थापित भिक्षुओं और भिक्षुणियों के समुदाय को क्या कहा जाता है?
✓
सही उत्तर:B. संघ
व्याख्या: बुद्ध ने अपने उपदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए ‘संघ’ की स्थापना की थी।
66महावीर का बचपन का नाम क्या था?
✓
सही उत्तर:B. वर्धमान
व्याख्या: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर का बचपन का नाम वर्धमान था।
67महावीर का जन्म वर्तमान भारत के किस राज्य में हुआ था?
✓
सही उत्तर:B. बिहार
व्याख्या: महावीर का जन्म वैशाली के निकट वर्तमान बिहार में हुआ था।
68‘जैन’ शब्द किस शब्द से बना है?
✓
सही उत्तर:B. जिन
व्याख्या: ‘जैन’ शब्द ‘जिन’ से बना है, जिसका अर्थ है—जिसने अपने अज्ञान और आसक्ति पर विजय प्राप्त की हो।
69जैन धर्म के अनुसार ‘अनेकांतवाद’ का क्या अर्थ है?
✓
सही उत्तर:B. सत्य के अनेक पक्ष हो सकते हैं।
व्याख्या: अनेकांतवाद के अनुसार किसी भी विषय को अनेक दृष्टिकोणों से समझना चाहिए।
70‘अपरिग्रह’ का अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. आवश्यक से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करना
व्याख्या: अपरिग्रह का अर्थ है आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करना तथा सादा जीवन अपनाना।
71बौद्ध और जैन दोनों परंपराओं में किस सिद्धांत पर विशेष बल दिया गया है?
✓
सही उत्तर:B. अहिंसा
व्याख्या: दोनों परंपराएँ अहिंसा, करुणा और सभी प्राणियों के प्रति सम्मान का संदेश देती हैं।
72जातक कथाएँ मुख्यतः किससे संबंधित हैं?
✓
सही उत्तर:B. बुद्ध के पूर्व जन्मों की कथाओं से
व्याख्या: जातक कथाएँ बुद्ध के पूर्व जन्मों की प्रेरणादायक कथाएँ हैं, जिनमें नैतिक शिक्षा दी गई है।
73इस अध्याय के अनुसार भारत की लोक और जनजातीय परंपराएँ किसका महत्वपूर्ण भाग हैं?
✓
सही उत्तर:B. भारतीय संस्कृति
व्याख्या: लोक और जनजातीय परंपराओं ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध और विविध बनाया है।
74‘जनजाति’ से क्या तात्पर्य है?
✓
सही उत्तर:B. समान संस्कृति, भाषा और परंपरा वाले समुदाय
व्याख्या: जनजातियाँ समान परंपरा, भाषा और संस्कृति वाले समुदाय होती हैं, जो प्रायः एकजुट होकर रहती हैं।
75भारतीय संविधान में ‘जनजाति’ के लिए किस शब्द का प्रयोग किया गया है?
✓
सही उत्तर:B. जनजाति (जनजातीय समुदाय)
व्याख्या: भारतीय संविधान में ‘Tribes’ के लिए ‘जनजाति’ तथा ‘जनजातीय समुदाय’ शब्दों का प्रयोग किया गया है।
76इस अध्याय के अनुसार लोक और जनजातीय परंपराओं का प्रकृति के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
✓
सही उत्तर:B. प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण
व्याख्या: अनेक लोक और जनजातीय परंपराओं में पर्वत, नदियों, वृक्षों तथा पशुओं को पवित्र माना जाता है।
77ओडिशा के पुरी में पूजे जाने वाले भगवान जगन्नाथ के बारे में अध्याय में क्या बताया गया है?
✓
सही उत्तर:B. परंपरा के अनुसार उनका संबंध जनजातीय परंपरा से माना जाता है।
व्याख्या: अध्याय में उल्लेख है कि परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ का संबंध प्रारम्भिक जनजातीय परंपरा से माना जाता है।
78भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता क्या बताई गई है?
✓
सही उत्तर:B. विभिन्न विचारों का सम्मान और सह-अस्तित्व
व्याख्या: भारतीय संस्कृति में अनेक विचारधाराओं, परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करते हुए सह-अस्तित्व की भावना रही है।
79अध्याय में चार्वाक (लोकायत) विचारधारा का उल्लेख क्यों किया गया है?
✓
सही उत्तर:B. भारत में विचारों की विविधता दिखाने के लिए
व्याख्या: चार्वाक विचारधारा का उल्लेख यह बताने के लिए किया गया है कि भारत में प्राचीन काल से ही विभिन्न विचारधाराएँ साथ-साथ विकसित हुईं।
80‘India’s Cultural Roots’ अध्याय का मुख्य संदेश क्या है?
✓
सही उत्तर:B. भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, वैदिक विचारों, बौद्ध, जैन तथा लोक-जनजातीय परंपराओं के योगदान को समझना
व्याख्या: यह अध्याय भारतीय संस्कृति की जड़ों, विभिन्न विचारधाराओं, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विविधता को समझने पर बल देता है।