JAC Board Class 11 Political Science Objective Questions

Judiciary (न्यायपालिका)

क्या आप JAC Class 11 Political Science के “Judiciary (न्यायपालिका)” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “Judiciary (न्यायपालिका)” अध्याय के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

“Judiciary (न्यायपालिका)” के ये MCQs सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक स्वतंत्रता, न्यायिक समीक्षा, न्यायपालिका की शक्तियों और भारतीय न्यायिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस अध्याय का बेहतर Revision कर सकते हैं और JAC Class 11 Annual Exam की तैयारी को मजबूत कर सकते हैं।

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1न्यायपालिका (Judiciary) का प्रमुख कार्य क्या है?
सही उत्तर:C. कानून के अनुसार विवादों का निपटारा करना और कानून की सर्वोच्चता सुनिश्चित करना
व्याख्या: न्यायपालिका (Judiciary) का प्रमुख कार्य विवादों का कानून के अनुसार निपटारा करना, कानून की सर्वोच्चता (Supremacy of Law) सुनिश्चित करना और अधिकारों की रक्षा करना है।
2स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary) की आवश्यकता मुख्य रूप से क्यों होती है?
सही उत्तर:A. ताकि न्यायपालिका राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर न्याय कर सके
व्याख्या: स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary) आवश्यक है ताकि न्यायाधीश राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर बिना भय या पक्षपात के अपने कार्य कर सकें।
3कानून के शासन (Rule of Law) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:B. सभी व्यक्ति समान कानून के अधीन हों
व्याख्या: कानून के शासन (Rule of Law) का अर्थ है कि अमीर-गरीब, पुरुष-महिला तथा विभिन्न सामाजिक समूहों के सभी व्यक्ति समान कानून के अधीन हों।
4न्यायपालिका (Judiciary) लोकतंत्र को किससे बचाने में सहायता करती है?
सही उत्तर:C. व्यक्तिगत या समूह तानाशाही (Dictatorship) से
व्याख्या: न्यायपालिका कानून की सर्वोच्चता सुनिश्चित करके लोकतंत्र को किसी व्यक्ति या समूह की तानाशाही (Dictatorship) में बदलने से बचाने में सहायता करती है।
5न्यायपालिका की स्वतंत्रता (Independence of Judiciary) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:D. अन्य अंग न्यायपालिका के कार्य और निर्णय में अनुचित हस्तक्षेप न करें
व्याख्या: न्यायपालिका की स्वतंत्रता का अर्थ है कि कार्यपालिका और विधायिका जैसे अन्य अंग उसके कार्य में इस प्रकार हस्तक्षेप न करें कि वह न्याय करने में असमर्थ हो जाए।
6स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary) के संदर्भ में न्यायाधीशों को अपने कार्य किस प्रकार करने चाहिए?
सही उत्तर:A. भय या पक्षपात के बिना
व्याख्या: स्वतंत्र न्यायपालिका में न्यायाधीशों को बिना भय या पक्षपात (Fear or Favour) के अपने कार्य करने में सक्षम होना चाहिए।
7भारतीय संविधान ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए किस व्यवस्था को अपनाया है?
सही उत्तर:B. न्यायाधीशों का निश्चित कार्यकाल और पद की सुरक्षा
व्याख्या: संविधान न्यायाधीशों को निश्चित कार्यकाल (Fixed Tenure) और पद की सुरक्षा (Security of Tenure) प्रदान करता है, जिससे वे स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें।
8न्यायाधीशों को पद से हटाने की प्रक्रिया कैसी है?
सही उत्तर:C. कठिन और विशेष प्रक्रिया वाली
व्याख्या: न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया कठिन रखी गई है। इससे न्यायाधीशों को अपने पद की सुरक्षा मिलती है और वे स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं।
9न्यायपालिका की वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Independence) सुनिश्चित करने के लिए संविधान क्या व्यवस्था करता है?
सही उत्तर:D. न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते विधायिका की स्वीकृति के अधीन नहीं हैं
व्याख्या: संविधान के अनुसार न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते विधायिका (Legislature) की स्वीकृति के अधीन नहीं होते, जिससे न्यायपालिका की वित्तीय स्वतंत्रता बनी रहती है।
10न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) के मामलों में न्यायपालिका के पास क्या शक्ति है?
सही उत्तर:A. दोषी पाए गए व्यक्ति को दंडित करने की
व्याख्या: न्यायपालिका को न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) के दोषी पाए गए व्यक्तियों को दंडित करने की शक्ति प्राप्त है।
11संसद न्यायाधीशों के आचरण (Conduct of Judges) पर कब चर्चा कर सकती है?
सही उत्तर:B. केवल न्यायाधीश को हटाने की कार्यवाही के दौरान
व्याख्या: संसद न्यायाधीशों के आचरण पर सामान्यतः चर्चा नहीं कर सकती। यह चर्चा न्यायाधीश को हटाने की कार्यवाही (Removal Proceedings) के दौरान की जा सकती है।
12भारत में न्यायाधीशों की नियुक्ति (Appointment of Judges) के संबंध में राजनीतिक विचारों को किस रूप में नहीं देखा जाना चाहिए?
सही उत्तर:D. राजनीतिक निष्ठा (Political Loyalty)
व्याख्या: न्यायाधीशों की नियुक्ति में राजनीतिक विचार या राजनीतिक निष्ठा (Political Loyalty) को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। कानून का ज्ञान और अनुभव महत्वपूर्ण हैं।
13भारत में न्यायपालिका की संरचना (Structure of Judiciary) किस प्रकार की है?
सही उत्तर:A. एकल और एकीकृत न्यायिक व्यवस्था
व्याख्या: भारतीय संविधान एकल एकीकृत न्यायिक व्यवस्था (Single Integrated Judicial System) प्रदान करता है। भारत में अलग-अलग राज्य न्यायालयों की स्वतंत्र समानांतर व्यवस्था नहीं है।
14भारत की न्यायपालिका की संरचना किस प्रकार की बताई गई है?
सही उत्तर:C. पिरामिडनुमा (Pyramidal)
व्याख्या: भारत की न्यायपालिका की संरचना पिरामिडनुमा (Pyramidal) है, जिसमें सबसे ऊपर सर्वोच्च न्यायालय, उसके नीचे उच्च न्यायालय और फिर जिला तथा अधीनस्थ न्यायालय होते हैं।
15भारतीय न्यायपालिका में सबसे ऊपर कौन-सा न्यायालय है?
सही उत्तर:B. सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)
व्याख्या: भारतीय न्यायपालिका की पिरामिडनुमा संरचना में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) सबसे ऊपर स्थित है।
16उच्च न्यायालय (High Court) के नीचे कौन-से न्यायालय आते हैं?
सही उत्तर:D. जिला और अधीनस्थ न्यायालय
व्याख्या: भारतीय न्यायिक व्यवस्था में उच्च न्यायालय (High Court) के नीचे जिला न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय (Subordinate Courts) आते हैं।
17सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों (Decisions) की क्या स्थिति है?
सही उत्तर:A. वे भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होते हैं
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा दिए गए निर्णय भारत के क्षेत्र में सभी अन्य न्यायालयों पर बाध्यकारी (Binding) होते हैं।
18सर्वोच्च न्यायालय की मूल अधिकारिता (Original Jurisdiction) मुख्य रूप से किन विवादों से संबंधित है?
सही उत्तर:C. संघ और राज्यों तथा राज्यों के बीच विवादों से
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय की मूल अधिकारिता (Original Jurisdiction) में संघ और राज्यों तथा राज्यों के बीच संघीय विवादों का निपटारा शामिल है।
19मूल अधिकारिता (Original Jurisdiction) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:B. ऐसे मामलों की सीधे सुनवाई करना जो पहले निचली अदालतों में नहीं गए हों
व्याख्या: मूल अधिकारिता (Original Jurisdiction) का अर्थ है ऐसे मामलों पर सीधे विचार करना जो पहले निचली अदालतों में नहीं गए हों।
20रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय मुख्य रूप से किसकी रक्षा करता है?
सही उत्तर:D. व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) की
व्याख्या: रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) के उल्लंघन की स्थिति में विशेष आदेश जारी कर उनकी रक्षा करता है।
21सर्वोच्च न्यायालय किन रिटों (Writs) को जारी कर सकता है?
सही उत्तर:C. Habeas Corpus, Mandamus, Prohibition, Certiorari और Quo Warranto
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए Habeas Corpus, Mandamus, Prohibition, Certiorari और Quo Warranto जैसी रिटें जारी कर सकता है।
22अपीलीय अधिकारिता (Appellate Jurisdiction) में सर्वोच्च न्यायालय क्या करता है?
सही उत्तर:A. निचली अदालतों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों पर विचार करता है
व्याख्या: अपीलीय अधिकारिता (Appellate Jurisdiction) के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय निचली अदालतों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों पर विचार करता है।
23सर्वोच्च न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता (Appellate Jurisdiction) में कौन-से मामले शामिल होते हैं?
सही उत्तर:C. दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक मामले
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय की अपीलीय अधिकारिता (Appellate Jurisdiction) में दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक मामलों की अपीलें शामिल होती हैं।
24सर्वोच्च न्यायालय की सलाहकारी अधिकारिता (Advisory Jurisdiction) के अंतर्गत कौन सर्वोच्च न्यायालय से सलाह माँग सकता है?
सही उत्तर:A. राष्ट्रपति
व्याख्या: सलाहकारी अधिकारिता (Advisory Jurisdiction) के अंतर्गत भारत का राष्ट्रपति सार्वजनिक महत्व या संविधान की व्याख्या से संबंधित किसी विषय पर सर्वोच्च न्यायालय से सलाह माँग सकता है।
25सलाहकारी अधिकारिता (Advisory Jurisdiction) के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई सलाह के बारे में कौन-सा कथन सही है?
सही उत्तर:B. सर्वोच्च न्यायालय सलाह देने के लिए बाध्य नहीं है और राष्ट्रपति उसे स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय सलाह देने के लिए बाध्य नहीं है और राष्ट्रपति भी उस सलाह को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है।
26सर्वोच्च न्यायालय की सलाहकारी शक्ति (Advisory Power) का एक प्रमुख उपयोग क्या है?
सही उत्तर:D. सरकार को महत्वपूर्ण विषयों पर कानूनी राय प्राप्त करने में सहायता करना
व्याख्या: सलाहकारी शक्ति (Advisory Power) सरकार को किसी महत्वपूर्ण विषय पर कार्रवाई करने से पहले कानूनी राय प्राप्त करने में सहायता करती है।
27संविधान का अनुच्छेद 137 (Article 137) सर्वोच्च न्यायालय को कौन-सी शक्ति देता है?
सही उत्तर:A. अपने द्वारा दिए गए निर्णय या आदेश की समीक्षा करने की
व्याख्या: अनुच्छेद 137 (Article 137) सर्वोच्च न्यायालय को अपने द्वारा दिए गए किसी निर्णय या आदेश की समीक्षा (Review) करने की शक्ति देता है।
28संविधान के अनुच्छेद 144 (Article 144) के अनुसार भारत के सभी प्राधिकरणों को क्या करना चाहिए?
सही उत्तर:B. सर्वोच्च न्यायालय की सहायता में कार्य करना चाहिए
व्याख्या: अनुच्छेद 144 (Article 144) के अनुसार भारत के सभी सिविल और न्यायिक प्राधिकरण सर्वोच्च न्यायालय की सहायता में कार्य करेंगे।
29सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों की बाध्यकारी प्रकृति (Binding Nature) किस बात को दर्शाती है?
सही उत्तर:C. भारत के सभी अन्य न्यायालय उनके निर्णयों से बंधे होते हैं
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय भारत के क्षेत्र में सभी अन्य न्यायालयों पर बाध्यकारी (Binding) होते हैं।
30न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) को भारत में आगे बढ़ाने का प्रमुख साधन क्या रहा है?
सही उत्तर:A. सार्वजनिक हित याचिका (Public Interest Litigation—PIL)
व्याख्या: सार्वजनिक हित याचिका (Public Interest Litigation—PIL) या सामाजिक कार्रवाई याचिका (Social Action Litigation—SAL) न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) का प्रमुख साधन बनी।
31सार्वजनिक हित याचिका (PIL) के विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन लगभग किस वर्ष आया?
सही उत्तर:C. 1979
व्याख्या: लगभग 1979 में न्यायालय ने ऐसी याचिकाओं को सुनना शुरू किया जिन्हें स्वयं पीड़ित व्यक्तियों के बजाय अन्य लोगों ने उनकी ओर से दायर किया था।
32सार्वजनिक हित याचिका (PIL) की विशेषता क्या है?
सही उत्तर:B. पीड़ित व्यक्ति के अलावा अन्य लोग भी उसके behalf पर याचिका दायर कर सकते हैं
व्याख्या: सार्वजनिक हित याचिका (PIL) में सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में पीड़ित व्यक्तियों की ओर से अन्य व्यक्ति या संगठन न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
331979 में बिहार के विचाराधीन कैदियों (Under-trials) से संबंधित प्रसिद्ध PIL मामला कौन-सा था?
सही उत्तर:D. Hussainara Khatoon vs. Bihar
व्याख्या: बिहार के विचाराधीन कैदियों से संबंधित मामला Hussainara Khatoon vs. Bihar सार्वजनिक हित याचिका (PIL) के शुरुआती महत्वपूर्ण मामलों में से एक था।
341980 में तिहाड़ जेल के कैदियों पर शारीरिक यातना से संबंधित मामला कौन-सा था?
सही उत्तर:A. Sunil Batra vs. Delhi Administration
व्याख्या: 1980 का Sunil Batra vs. Delhi Administration मामला तिहाड़ जेल के कैदियों पर शारीरिक यातना से संबंधित था और शुरुआती PIL मामलों में शामिल था।
35PIL के माध्यम से न्यायपालिका ने अधिकारों (Rights) की अवधारणा को किस प्रकार विस्तारित किया?
सही उत्तर:C. स्वच्छ हवा, प्रदूषण रहित पानी और सम्मानजनक जीवन जैसे हितों को भी अधिकारों से जोड़ा
व्याख्या: PIL के माध्यम से न्यायपालिका ने स्वच्छ हवा, प्रदूषण रहित पानी और सम्मानजनक जीवन जैसी आवश्यकताओं को समाज के व्यापक अधिकारों से जोड़ा।
36न्यायपालिका ने किन लोगों को जरूरतमंद और वंचित व्यक्तियों की ओर से याचिका दायर करने की अनुमति दी?
सही उत्तर:B. सार्वजनिक-हितैषी नागरिक, सामाजिक संगठन और वकील
व्याख्या: न्यायपालिका ने सार्वजनिक-हितैषी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और वकीलों को जरूरतमंद एवं वंचित लोगों की ओर से याचिकाएँ दायर करने की अनुमति दी।
37न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) का एक सकारात्मक प्रभाव क्या रहा?
सही उत्तर:D. न्यायिक व्यवस्था का लोकतंत्रीकरण हुआ
व्याख्या: न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) ने व्यक्तियों के साथ-साथ समूहों को भी न्यायालयों तक पहुँच प्रदान करके न्यायिक व्यवस्था का लोकतंत्रीकरण किया।
38न्यायपालिका ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से कौन-सी जानकारी देने के लिए शपथपत्र (Affidavit) दाखिल करने को कहा?
सही उत्तर:A. संपत्ति, आय और शैक्षणिक योग्यता
व्याख्या: न्यायपालिका ने चुनाव उम्मीदवारों से अपनी संपत्ति, आय और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी देने वाले शपथपत्र (Affidavit) दाखिल करने को कहा।
39न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) का एक नकारात्मक प्रभाव क्या बताया गया है?
सही उत्तर:C. न्यायालयों पर अत्यधिक बोझ पड़ना
व्याख्या: बड़ी संख्या में PIL और सक्रिय न्यायपालिका के कारण न्यायालयों पर अत्यधिक बोझ पड़ना न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) का एक नकारात्मक प्रभाव बताया गया है।
40न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) ने किन अंगों के बीच की सीमा को धुंधला किया है?
सही उत्तर:B. कार्यपालिका-विधायिका और न्यायपालिका के बीच
व्याख्या: न्यायिक सक्रियता ने कार्यपालिका और विधायिका तथा न्यायपालिका के बीच कार्यक्षेत्र की पारंपरिक सीमा को कुछ हद तक धुंधला किया है।
41न्यायपालिका और अधिकार (Judiciary and Rights) के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का उपचार किस प्रकार कर सकता है?
सही उत्तर:D. रिट जारी करके या संबंधित कानून को असंवैधानिक घोषित करके
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए रिट (Writ) जारी कर सकता है तथा संबंधित कानून को असंवैधानिक (Unconstitutional) घोषित कर सकता है।
42न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:B. न्यायालयों द्वारा किसी कानून की संवैधानिकता (Constitutionality) की जाँच करना
व्याख्या: न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय किसी कानून की संवैधानिकता की जाँच कर सकता है।
43यदि कोई कानून संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध पाया जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?
सही उत्तर:A. उसे असंवैधानिक (Unconstitutional) और अप्रवर्तनीय घोषित कर सकता है
व्याख्या: यदि न्यायालय को कोई कानून संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं मिलता, तो वह उसे असंवैधानिक (Unconstitutional) और अप्रवर्तनीय घोषित कर सकता है।
44भारतीय संविधान में ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) शब्द के बारे में क्या सही है?
सही उत्तर:C. यह संविधान में कहीं भी स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं है
व्याख्या: ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) शब्द संविधान में कहीं भी स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं है, लेकिन लिखित संविधान और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा की व्यवस्था से यह शक्ति निहित होती है।
45न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का प्रयोग संघीय संबंधों (Federal Relations) के संदर्भ में कब किया जा सकता है?
सही उत्तर:D. जब कोई कानून संविधान द्वारा निर्धारित शक्तियों के वितरण का उल्लंघन करे
व्याख्या: यदि कोई कानून संविधान में निर्धारित संघ और राज्यों के बीच शक्तियों के वितरण का उल्लंघन करता है, तो सर्वोच्च न्यायालय न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) कर सकता है।
46यदि केंद्र सरकार किसी ऐसे विषय पर कानून बनाती है जो राज्य सूची (State List) का विषय है, तो राज्य क्या कर सकते हैं?
सही उत्तर:A. सर्वोच्च न्यायालय में जा सकते हैं
व्याख्या: यदि केंद्र का कानून शक्तियों के संवैधानिक वितरण का उल्लंघन करता है, तो संबंधित राज्य सर्वोच्च न्यायालय में जाकर चुनौती दे सकते हैं।
47न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की शक्ति राज्य विधानसभाओं द्वारा बनाए गए कानूनों तक भी विस्तारित है?
सही उत्तर:C. हाँ
व्याख्या: न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की शक्ति राज्य विधानसभाओं द्वारा बनाए गए कानूनों पर भी लागू होती है।
48रिट शक्ति (Writ Power) और न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) मिलकर न्यायपालिका को किस प्रकार की संस्था बनाते हैं?
सही उत्तर:B. अत्यंत शक्तिशाली संस्था
व्याख्या: रिट शक्ति (Writ Power) और न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) मिलकर भारतीय न्यायपालिका को एक अत्यंत शक्तिशाली संस्था बनाते हैं।
49न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) न्यायपालिका को किस कार्य में सहायता करती है?
सही उत्तर:D. संविधान और विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों की व्याख्या करने में
व्याख्या: न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के माध्यम से न्यायपालिका संविधान और विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों की व्याख्या कर सकती है।
50सार्वजनिक हित याचिका (PIL) और न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) ने किन वर्गों के अधिकारों की रक्षा में विशेष सहायता की?
सही उत्तर:A. गरीब और वंचित वर्गों की
व्याख्या: PIL और न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) ने गरीब तथा वंचित वर्गों के अधिकारों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
51शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right Against Exploitation) के उल्लंघन से संबंधित मामलों में न्यायपालिका ने किन मुद्दों पर विचार किया?
सही उत्तर:C. जेल में बंदियों को अंधा करने, पत्थर खदानों में अमानवीय परिस्थितियों और बच्चों के यौन शोषण जैसे मामले
व्याख्या: न्यायपालिका ने शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right Against Exploitation) से जुड़े कई मामलों में जेल बंदियों, पत्थर खदानों में श्रमिकों और बच्चों के शोषण जैसे मुद्दों पर विचार किया।
52सार्वजनिक हित याचिका (PIL) के कारण अधिकार गरीबों और वंचितों के लिए किस प्रकार अधिक सार्थक बने?
सही उत्तर:B. न्यायालयों तक पहुँच और न्याय प्राप्त करने का अवसर बढ़ा
व्याख्या: PIL के माध्यम से गरीब और वंचित लोग या उनकी ओर से अन्य लोग न्यायालयों तक पहुँच सके, जिससे उनके अधिकार अधिक सार्थक बने।
53न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) के कारण न्यायपालिका ने प्रशासनिक एजेंसियों को किस प्रकार प्रभावित किया?
सही उत्तर:D. उन्हें विभिन्न मामलों में कार्य करने के निर्देश दिए
व्याख्या: न्यायिक सक्रियता के अंतर्गत न्यायपालिका ने प्रशासनिक एजेंसियों को विभिन्न मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
54हवाला मामले (Hawala Case) में सर्वोच्च न्यायालय ने किस एजेंसी को जाँच शुरू करने के निर्देश दिए?
सही उत्तर:A. CBI
व्याख्या: हवाला मामले सहित कुछ मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने CBI को राजनेताओं और नौकरशाहों के विरुद्ध जाँच शुरू करने के निर्देश दिए।
55भारतीय संविधान में शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) का स्वरूप कैसा है?
सही उत्तर:C. सीमित पृथक्करण और नियंत्रण एवं संतुलन (Checks and Balances) पर आधारित
व्याख्या: भारतीय संविधान सीमित शक्तियों के पृथक्करण (Limited Separation of Powers) तथा नियंत्रण एवं संतुलन (Checks and Balances) के सिद्धांत पर आधारित है।
56भारतीय व्यवस्था में कानून बनाने और संविधान में संशोधन करने के क्षेत्र में कौन सर्वोच्च है?
सही उत्तर:B. संसद
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार कानून बनाने और संविधान में संशोधन करने के क्षेत्र में संसद (Parliament) की प्रमुख भूमिका है।
57कानूनों को लागू करने के क्षेत्र में कौन सर्वोच्च है?
सही उत्तर:D. कार्यपालिका (Executive)
व्याख्या: संविधान में शक्तियों के विभाजन के अनुसार कानूनों को लागू करने के क्षेत्र में कार्यपालिका (Executive) की प्रमुख भूमिका है।
58विवादों का निपटारा करने और यह तय करने में कि कानून संविधान के अनुरूप हैं या नहीं, कौन सर्वोच्च है?
सही उत्तर:A. न्यायपालिका (Judiciary)
व्याख्या: विवादों के निपटारे और कानूनों की संवैधानिकता तय करने के क्षेत्र में न्यायपालिका (Judiciary) की प्रमुख भूमिका है।
59संसद और न्यायपालिका के बीच गंभीर विवाद किस अवधि में विशेष रूप से उभरा?
सही उत्तर:C. 1967–1973
व्याख्या: 1967 से 1973 के बीच संसद और न्यायपालिका के बीच अधिकारों तथा संविधान संशोधन से संबंधित विवाद विशेष रूप से गंभीर हो गया था।
60संसद और न्यायपालिका के बीच प्रारंभिक विवाद का एक प्रमुख विषय क्या था?
सही उत्तर:B. संपत्ति के अधिकार (Right to Property) पर प्रतिबंध
व्याख्या: संविधान लागू होने के बाद संसद द्वारा भूमि सुधार लागू करने के लिए संपत्ति के अधिकार (Right to Property) पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास को लेकर संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद हुआ।
61केशवानंद भारती मामला (Kesavananda Bharati Case) किस वर्ष का महत्वपूर्ण निर्णय था?
सही उत्तर:D. 1973
व्याख्या: 1973 में सर्वोच्च न्यायालय ने केशवानंद भारती मामला (Kesavananda Bharati Case) में संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय दिया।
62केशवानंद भारती मामला (Kesavananda Bharati Case) किस वर्ष सर्वोच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में सामने आया?
सही उत्तर:C. 1973
व्याख्या: 1973 में केशवानंद भारती मामला (Kesavananda Bharati Case) में सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय दिया।
63केशवानंद भारती मामले (Kesavananda Bharati Case) में सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान की किस विशेषता को सुरक्षित माना?
सही उत्तर:A. मूल संरचना (Basic Structure)
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि संविधान की एक मूल संरचना (Basic Structure) है और संसद संविधान संशोधन के माध्यम से उसका उल्लंघन नहीं कर सकती।
64केशवानंद भारती मामले में संसद की संविधान संशोधन (Constitutional Amendment) शक्ति के संबंध में क्या निर्णय दिया गया?
सही उत्तर:B. संसद मूल संरचना का उल्लंघन नहीं कर सकती
व्याख्या: न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, लेकिन वह संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) का उल्लंघन नहीं कर सकती।
65केशवानंद भारती मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने किस विषय पर स्वयं निर्णय देने का अधिकार सुरक्षित रखा?
सही उत्तर:D. कौन-से विषय संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) का हिस्सा हैं
व्याख्या: सर्वोच्च न्यायालय ने अपने पास यह तय करने का अधिकार सुरक्षित रखा कि संविधान के विभिन्न प्रावधानों या विशेषताओं में से कौन-से मूल संरचना (Basic Structure) का हिस्सा हैं।
66केशवानंद भारती मामले में संपत्ति के अधिकार (Right to Property) के संबंध में क्या कहा गया?
सही उत्तर:A. इसे मूल संरचना का हिस्सा नहीं माना गया
व्याख्या: न्यायालय ने माना कि संपत्ति का अधिकार (Right to Property) संविधान की मूल संरचना का हिस्सा नहीं है और इसलिए इसे उचित रूप से सीमित किया जा सकता है।
67संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद में संपत्ति के अधिकार (Right to Property) का मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण था?
सही उत्तर:A. क्योंकि संसद भूमि सुधार लागू करना चाहती थी
व्याख्या: संसद भूमि सुधार लागू करने के लिए संपत्ति रखने के अधिकार पर कुछ प्रतिबंध लगाना चाहती थी, जिससे संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद उत्पन्न हुआ।
68भारतीय संविधान में शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) का उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर:B. प्रत्येक अंग के कार्यक्षेत्र का सम्मान करना
व्याख्या: शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) और नियंत्रण एवं संतुलन (Checks and Balances) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक सरकारी अंग अपने निर्धारित क्षेत्र में कार्य करे।
69भारतीय संविधान के अनुसार संसद (Parliament) किस क्षेत्र में सर्वोच्च भूमिका निभाती है?
सही उत्तर:C. कानून बनाना और संविधान में संशोधन करना
व्याख्या: संविधान के अनुसार संसद (Parliament) कानून बनाने और संविधान में संशोधन करने के क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाती है।
70भारतीय संविधान के अनुसार कार्यपालिका (Executive) किस क्षेत्र में सर्वोच्च भूमिका निभाती है?
सही उत्तर:A. कानूनों को लागू करने में
व्याख्या: कार्यपालिका (Executive) की प्रमुख भूमिका संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करना है।
71न्यायपालिका (Judiciary) किस क्षेत्र में सर्वोच्च भूमिका निभाती है?
सही उत्तर:D. विवादों का निपटारा करने और कानूनों की संवैधानिकता तय करने में
व्याख्या: न्यायपालिका (Judiciary) विवादों का निपटारा करती है और यह निर्धारित करती है कि बनाए गए कानून संविधान के प्रावधानों के अनुरूप हैं या नहीं।
72संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद का एक प्रमुख मुद्दा क्या रहा है?
सही उत्तर:B. संसद की संविधान संशोधन (Constitutional Amendment) शक्ति का दायरा
व्याख्या: संसद की संविधान संशोधन शक्ति का दायरा संसद और न्यायपालिका के बीच लंबे समय से विवाद का प्रमुख विषय रहा है।
73संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद में निम्नलिखित में से कौन-सा विषय शामिल रहा है?
सही उत्तर:A. न्यायाधीशों की नियुक्ति (Appointment of Judges)
व्याख्या: न्यायाधीशों की नियुक्ति (Appointment of Judges) संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दों में से एक रही है।
74संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद से संबंधित मुद्दों में न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते (Salaries and Allowances) भी शामिल हैं?
सही उत्तर:C. हाँ
व्याख्या: न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते (Salaries and Allowances) भी संसद और न्यायपालिका के बीच विवाद से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे हैं।
75विधायिका (Legislature) को अपने सदस्यों के व्यवहार को नियंत्रित करने की शक्ति के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
सही उत्तर:D. विधायिका अपने कार्यों और सदस्यों के व्यवहार को नियंत्रित कर सकती है
व्याख्या: संसदीय व्यवस्था (Parliamentary System) में विधायिका को अपने कार्यों को संचालित करने और अपने सदस्यों के व्यवहार को नियंत्रित करने की शक्ति प्राप्त है।
76यदि कोई व्यक्ति संसदीय विशेषाधिकार (Parliamentary Privileges) के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो विधायिका क्या कर सकती है?
सही उत्तर:A. उसे दंडित कर सकती है
व्याख्या: विधायिका किसी व्यक्ति को अपने विशेषाधिकारों के उल्लंघन का दोषी मानने पर उसे दंडित कर सकती है।
77संसद और न्यायपालिका के बीच कुछ विवादों का समाधान अभी भी किस स्थिति में है?
सही उत्तर:B. कुछ मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं
व्याख्या: संसद और न्यायपालिका के बीच कुछ मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं और संभावित टकराव के विषय बने हुए हैं।
78लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी अंगों के बीच संतुलन (Balance) बनाए रखने के लिए क्या आवश्यक है?
सही उत्तर:C. प्रत्येक अंग द्वारा दूसरे अंगों के अधिकार का सम्मान करना
व्याख्या: लोकतंत्र में शक्तियों का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक सरकारी अंग को अन्य अंगों के अधिकार और कार्यक्षेत्र का सम्मान करना आवश्यक है।
79भारतीय न्यायपालिका (Indian Judiciary) के प्रति लोगों की अपेक्षाएँ समय के साथ कैसी हुई हैं?
सही उत्तर:D. काफी बढ़ गई हैं
व्याख्या: अध्याय के निष्कर्ष के अनुसार न्यायपालिका की प्रतिष्ठा बढ़ने के साथ-साथ उससे लोगों की अपेक्षाएँ भी काफी बढ़ी हैं।
80न्यायपालिका ने विभिन्न निर्णयों के माध्यम से संविधान की क्या भूमिका निभाई है?
सही उत्तर:A. नई व्याख्याएँ दीं और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की
व्याख्या: न्यायपालिका ने विभिन्न निर्णयों के माध्यम से संविधान की नई व्याख्याएँ की हैं और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की है।
81लोकतंत्र भारतीय संदर्भ में किसके बीच शक्ति के नाजुक संतुलन (Delicate Balance of Power) पर निर्भर करता है?
सही उत्तर:B. न्यायपालिका और संसद के बीच
व्याख्या: अध्याय के निष्कर्ष के अनुसार लोकतंत्र न्यायपालिका और संसद के बीच शक्ति के नाजुक संतुलन (Delicate Balance of Power) पर निर्भर करता है और दोनों को संविधान द्वारा निर्धारित सीमाओं में कार्य करना होता है।
82न्यायपालिका और संसद दोनों को किसके द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर कार्य करना चाहिए?
सही उत्तर:C. संविधान (Constitution) द्वारा
व्याख्या: लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका और संसद दोनों को संविधान (Constitution) द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर कार्य करना चाहिए।

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