JAC Board Class 11 Political Science Objective Questions

संविधान का दर्शन

क्या आप JAC Class 11 Political Science के “The Philosophy of the Constitution (संविधान का दर्शन)” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “The Philosophy of the Constitution (संविधान का दर्शन)” अध्याय के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

“The Philosophy of the Constitution (संविधान का दर्शन)” के ये MCQs न्याय, स्वतंत्रता, समानता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय तथा भारतीय संविधान में निहित मूल्यों और आदर्शों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस अध्याय का बेहतर Revision कर सकते हैं और JAC Class 11 Annual Exam की तैयारी को मजबूत कर सकते हैं।

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1संविधान (Constitution) को केवल कानूनों का संग्रह मानना क्यों पर्याप्त नहीं है?
सही उत्तर:B. क्योंकि कई कानून गहरे नैतिक मूल्यों (Moral Values) से जुड़े होते हैं
व्याख्या: कई कानून समानता (Equality) जैसे गहरे नैतिक मूल्यों (Moral Values) से जुड़े होते हैं। इसलिए संविधान (Constitution) को केवल कानूनी दस्तावेज मानना पर्याप्त नहीं है।
2संविधान के राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) को समझने के लिए सबसे पहले किस बात को समझना आवश्यक है?
सही उत्तर:A. संविधान की अवधारणात्मक संरचना (Conceptual Structure)
व्याख्या: राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) के अध्ययन में संविधान की अवधारणात्मक संरचना (Conceptual Structure) को समझना आवश्यक है। इसमें अधिकार (Rights), नागरिकता (Citizenship), अल्पसंख्यक (Minority) और लोकतंत्र (Democracy) जैसे शब्दों के अर्थ को समझना शामिल है।
3संविधान में निहित आदर्शों (Ideals) को बेहतर ढंग से समझने के लिए क्या आवश्यक है?
सही उत्तर:C. समाज और राज्य व्यवस्था की एक सुसंगत दृष्टि (Coherent Vision) विकसित करना
व्याख्या: संविधान की प्रमुख अवधारणाओं की व्याख्या के आधार पर समाज और राज्य व्यवस्था की एक सुसंगत दृष्टि (Coherent Vision) विकसित करना आवश्यक है।
4भारतीय संविधान (Indian Constitution) का अध्ययन संविधान सभा की बहसों (Constituent Assembly Debates) के साथ क्यों किया जाना चाहिए?
सही उत्तर:D. संविधान में निहित मूल्यों (Values) के औचित्य को बेहतर ढंग से समझने के लिए
व्याख्या: संविधान सभा की बहसों (Constituent Assembly Debates) के साथ संविधान का अध्ययन करने से उसमें निहित मूल्यों (Values) के औचित्य को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है।
5संविधान के राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर:A. संविधान के नैतिक पक्ष (Moral Content) को समझना और उसके दावों का मूल्यांकन करना
व्याख्या: राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) का उद्देश्य संविधान में व्यक्त नैतिक पक्ष (Moral Content) को समझना और उसके दावों का मूल्यांकन करना है।
6संविधान के आदर्शों (Ideals) की अलग-अलग संस्थाओं द्वारा अलग-अलग व्याख्या होने पर क्या आवश्यक है?
सही उत्तर:B. विभिन्न व्याख्याओं (Interpretations) की तुलना करना
व्याख्या: जब किसी आदर्श की अलग-अलग संस्थाओं द्वारा अलग-अलग व्याख्या की जाती है, तब उन भिन्न व्याख्याओं (Interpretations) की तुलना करना आवश्यक होता है।
7जापान के संविधान (Japanese Constitution) का दर्शन मुख्यतः किस आदर्श पर आधारित है?
सही उत्तर:C. शांति (Peace)
व्याख्या: 1947 के जापानी संविधान (Japanese Constitution) को लोकप्रिय रूप से ‘शांति संविधान’ (Peace Constitution) कहा जाता है और इसका दर्शन शांति (Peace) के आदर्श पर आधारित है।
8जापानी संविधान (Japanese Constitution) का अनुच्छेद 9 (Article 9) मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
सही उत्तर:D. युद्ध का त्याग (Renunciation of War)
व्याख्या: जापानी संविधान के अनुच्छेद 9 (Article 9) में अंतरराष्ट्रीय शांति (International Peace) की आकांक्षा और युद्ध के त्याग की बात कही गई है।
9जापानी संविधान के उदाहरण से संविधान निर्माताओं की सोच पर किसका प्रभाव स्पष्ट होता है?
सही उत्तर:A. संविधान निर्माण के संदर्भ (Context) का
व्याख्या: जापानी संविधान का उदाहरण बताता है कि संविधान निर्माण का संदर्भ (Context) संविधान निर्माताओं की सोच को प्रभावित करता है।
10संविधान का एक प्रमुख उद्देश्य राज्य की शक्ति (State Power) के संबंध में क्या है?
सही उत्तर:B. राज्य की शक्ति के प्रयोग को सीमित करना
व्याख्या: संविधान (Constitution) राज्य की शक्ति (State Power) के प्रयोग को सीमित करता है ताकि सत्ता के दुरुपयोग को रोका जा सके।
11संविधान राज्य को निरंकुश (Tyrannical) बनने से किस प्रकार रोकता है?
सही उत्तर:C. बुनियादी नियम (Basic Rules) निर्धारित करके
व्याख्या: संविधान बुनियादी नियम (Basic Rules) निर्धारित करता है। ये नियम राज्य की शक्ति पर नियंत्रण रखते हैं और उसे निरंकुश (Tyrannical) बनने से रोकते हैं।
12संविधान सामाजिक परिवर्तन (Social Transformation) के लिए किस प्रकार का माध्यम प्रदान करता है?
सही उत्तर:D. शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक साधन
व्याख्या: संविधान सामाजिक परिवर्तन (Social Transformation) लाने के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक साधन प्रदान करता है।
13जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) के अनुसार संविधान सभा (Constituent Assembly) की मांग किसका सामूहिक दावा थी?
सही उत्तर:A. पूर्ण आत्मनिर्णय (Full Self-Determination) का
व्याख्या: नेहरू (Nehru) के अनुसार संविधान सभा (Constituent Assembly) की मांग पूर्ण आत्मनिर्णय (Full Self-Determination) की सामूहिक मांग थी।
14नेहरू (Nehru) के अनुसार संविधान सभा केवल क्या नहीं थी?
सही उत्तर:C. सक्षम वकीलों का एक समूह मात्र
व्याख्या: नेहरू (Nehru) के अनुसार संविधान सभा केवल सक्षम वकीलों का समूह या लोगों का साधारण जमावड़ा नहीं थी। यह नए समाज और राजनीतिक व्यवस्था के निर्माण की प्रक्रिया का प्रतीक थी।
15भारतीय संविधान का एक प्रमुख उद्देश्य किस सामाजिक व्यवस्था की जकड़न को तोड़ना था?
सही उत्तर:B. पारंपरिक सामाजिक पदानुक्रम (Traditional Social Hierarchies)
व्याख्या: भारतीय संविधान (Indian Constitution) का उद्देश्य पारंपरिक सामाजिक पदानुक्रम (Traditional Social Hierarchies) की जकड़न को तोड़कर स्वतंत्रता (Freedom), समानता (Equality) और न्याय (Justice) के नए युग की शुरुआत करना था।
16संविधान को केवल सत्ता में रहने वाले लोगों को सीमित करने वाली व्यवस्था न मानकर और किस रूप में देखा गया?
सही उत्तर:C. वंचित लोगों को सशक्त बनाने (Empowerment) के साधन के रूप में
व्याख्या: संविधान (Constitution) केवल सत्ता में रहने वाले लोगों की शक्ति को सीमित नहीं करता, बल्कि परंपरागत रूप से वंचित लोगों को सशक्त (Empower) करके सामूहिक हित प्राप्त करने का अवसर भी देता है।
17संविधान सभा की बहसों (Constituent Assembly Debates) को वर्तमान समय में पढ़ने का एक प्रमुख कारण क्या है?
सही उत्तर:A. वर्तमान संवैधानिक प्रथाओं के पीछे के मूल सिद्धांतों को समझना
व्याख्या: समय के साथ कई कानूनी और राजनीतिक प्रथाओं के पीछे के मूल कारण भुलाए जा सकते हैं। इसलिए वर्तमान प्रथाओं के मूल्य और अर्थ को समझने के लिए संविधान सभा की बहसों (Constituent Assembly Debates) को दोबारा पढ़ना उपयोगी है।
18भारतीय संविधान के राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) को एक ही शब्द में परिभाषित करना कठिन क्यों है?
सही उत्तर:C. क्योंकि इसमें कई अलग-अलग मूल्यों और विशेषताओं का समावेश है
व्याख्या: भारतीय संविधान का राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) उदारवादी (Liberal), लोकतांत्रिक (Democratic), समतावादी (Egalitarian), धर्मनिरपेक्ष (Secular) और संघीय (Federal) विशेषताओं को समाहित करता है।
19संविधान के राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) में लोकतंत्र (Democracy) को किस रूपक से प्रस्तुत किया गया है?
सही उत्तर:D. अंपायर (Umpire)
व्याख्या: संविधान के राजनीतिक दर्शन (Political Philosophy) में लोकतंत्र (Democracy) को ‘अंपायर’ (Umpire) के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
20भारतीय संविधान के प्रमुख मूल्यों में निम्नलिखित में से कौन शामिल है?
सही उत्तर:B. स्वतंत्रता, समानता और सामाजिक न्याय (Freedom, Equality and Social Justice)
व्याख्या: भारतीय संविधान (Indian Constitution) स्वतंत्रता (Freedom), समानता (Equality), सामाजिक न्याय (Social Justice) और राष्ट्रीय एकता (National Unity) के प्रति प्रतिबद्ध है।
21भारतीय संविधान में व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Individual Freedom) की प्रतिबद्धता किसका परिणाम थी?
सही उत्तर:D. एक सदी से अधिक समय की निरंतर बौद्धिक और राजनीतिक गतिविधि का
व्याख्या: व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Individual Freedom) के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता एक सदी से अधिक समय की निरंतर बौद्धिक और राजनीतिक गतिविधियों का परिणाम थी।
22राममोहन राय (Rammohan Roy) ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन (British Colonial State) के किस प्रतिबंध का विरोध किया था?
सही उत्तर:A. प्रेस की स्वतंत्रता (Freedom of Press) पर प्रतिबंध का
व्याख्या: उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में राममोहन राय (Rammohan Roy) ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता (Freedom of Press) को सीमित करने का विरोध किया और प्रकाशन की व्यापक स्वतंत्रता की वकालत की।
23भारतीय संविधान के उदारवाद (Liberalism) की कौन-सी विशेषता इसे शास्त्रीय पश्चिमी उदारवाद (Classical Western Liberalism) से अलग करती है?
सही उत्तर:C. यह सामाजिक न्याय (Social Justice) से जुड़ा हुआ है
व्याख्या: भारतीय संविधान का उदारवाद (Liberalism) सामाजिक न्याय (Social Justice) से जुड़ा हुआ है और केवल व्यक्तिगत अधिकारों तक सीमित नहीं है।
24अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) के लिए आरक्षण (Reservation) का प्रावधान क्यों किया गया?
सही उत्तर:B. ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने और समानता को वास्तविक अर्थ देने के लिए
व्याख्या: संविधान निर्माताओं ने माना कि केवल समानता (Equality) का अधिकार देना पर्याप्त नहीं था। अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने के लिए विशेष संवैधानिक उपाय आवश्यक थे।
25भारतीय उदारवाद (Indian Liberalism) शास्त्रीय पश्चिमी उदारवाद (Classical Western Liberalism) से किस प्रकार अलग है?
सही उत्तर:B. यह सामाजिक न्याय (Social Justice) से जुड़ा हुआ है
व्याख्या: भारतीय उदारवाद (Indian Liberalism) व्यक्तिगत अधिकारों (Individual Rights) के साथ सामाजिक न्याय (Social Justice) से भी जुड़ा हुआ है।
26अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) के लिए विशेष संवैधानिक उपायों की आवश्यकता क्यों महसूस की गई?
सही उत्तर:C. पुराने अन्याय को दूर करने और समानता (Equality) को वास्तविक अर्थ देने के लिए
व्याख्या: संविधान निर्माताओं ने माना कि केवल समानता (Equality) का अधिकार पुराने अन्याय को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं था। इसलिए विशेष संवैधानिक उपाय किए गए।
27भारतीय संविधान (Indian Constitution) ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा के लिए कौन-सा प्रावधान किया?
सही उत्तर:A. विधानसभाओं में सीटों का आरक्षण (Reservation)
व्याख्या: संविधान (Constitution) ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा के लिए विधानसभाओं में सीटों के आरक्षण (Reservation) सहित कई विशेष उपाय किए।
28भारतीय उदारवाद (Indian Liberalism) की पहली धारा किससे शुरू हुई?
सही उत्तर:D. राममोहन राय (Rammohan Roy)
व्याख्या: भारतीय उदारवाद (Indian Liberalism) की पहली धारा राममोहन राय (Rammohan Roy) से शुरू हुई, जिन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों (Women’s Rights) पर जोर दिया।
29भारतीय उदारवाद (Indian Liberalism) की दूसरी धारा से जुड़े विचारकों में कौन शामिल थे?
सही उत्तर:A. के. सी. सेन, न्यायमूर्ति रानाडे और स्वामी विवेकानंद
व्याख्या: भारतीय उदारवाद (Indian Liberalism) की दूसरी धारा में के. सी. सेन (K.C. Sen), न्यायमूर्ति रानाडे (Justice Ranade) और स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) जैसे विचारक शामिल थे।
30भारतीय संविधान (Indian Constitution) समुदायों के बीच समान सम्मान (Equal Respect) को बढ़ावा देने में किस चुनौती का सामना करता था?
सही उत्तर:C. जाति और धार्मिक समुदायों के बीच पदानुक्रम (Hierarchy) तथा प्रतिद्वंद्विता (Rivalry)
व्याख्या: भारत में समुदायों के बीच कभी पदानुक्रम (Hierarchy) और कभी प्रतिद्वंद्विता (Rivalry) की स्थिति थी। इसलिए समुदायों के बीच समान सम्मान (Equal Respect) स्थापित करना बड़ी चुनौती थी।
31भारत में समुदायों को मान्यता देना क्यों आवश्यक माना गया?
सही उत्तर:A. क्योंकि भारत में अनेक सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक समुदाय हैं
व्याख्या: भारत अनेक सांस्कृतिक (Cultural), भाषाई (Linguistic) और धार्मिक (Religious) समुदायों वाला देश है। इसलिए संविधान के लिए समुदाय-आधारित अधिकारों (Community-based Rights) को मान्यता देना आवश्यक था।
32धार्मिक समुदायों (Religious Communities) को दिया गया एक महत्वपूर्ण अधिकार कौन-सा है?
सही उत्तर:B. अपनी शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित और संचालित करने का अधिकार
व्याख्या: धार्मिक समुदायों (Religious Communities) को अपनी शैक्षणिक संस्थाएँ (Educational Institutions) स्थापित और संचालित करने का अधिकार दिया गया है।
33धार्मिक समुदायों (Religious Communities) की शैक्षणिक संस्थाओं को क्या प्राप्त हो सकता है?
सही उत्तर:D. सरकारी आर्थिक सहायता (Government Aid)
व्याख्या: धार्मिक समुदायों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाओं को सरकार से आर्थिक सहायता (Government Aid) मिल सकती है।
34पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता (Western Secularism) में ‘पारस्परिक बहिष्करण’ (Mutual Exclusion) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:A. राज्य और धर्म एक-दूसरे के आंतरिक मामलों से दूर रहें
व्याख्या: पारस्परिक बहिष्करण (Mutual Exclusion) का अर्थ है कि राज्य (State) और धर्म (Religion) एक-दूसरे के आंतरिक मामलों से दूर रहें तथा एक-दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप न करें।
35पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता (Western Secularism) में राज्य और धर्म का सख्त पृथक्करण (Strict Separation) मुख्यतः किस उद्देश्य से किया जाता है?
सही उत्तर:B. व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Individual Freedom) की रक्षा के लिए
व्याख्या: पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता (Western Secularism) में राज्य और धर्म के सख्त पृथक्करण (Strict Separation) का उद्देश्य व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Individual Freedom) की रक्षा करना है।
36भारतीय धर्मनिरपेक्षता (Indian Secularism) पश्चिमी मॉडल से किस कारण अलग हुई?
सही उत्तर:C. भारत की सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियाँ अलग थीं
व्याख्या: भारत की सामाजिक और धार्मिक परिस्थितियाँ पश्चिमी देशों से अलग थीं। इसलिए संविधान निर्माताओं ने धर्मनिरपेक्षता (Secularism) की एक वैकल्पिक अवधारणा विकसित की।
37भारतीय धर्मनिरपेक्षता (Indian Secularism) में धार्मिक स्वतंत्रता (Freedom of Religion) किसके लिए मानी गई है?
सही उत्तर:D. व्यक्तियों और धार्मिक समुदायों दोनों के लिए
व्याख्या: भारत में धार्मिक स्वतंत्रता (Freedom of Religion) केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक समुदायों (Religious Communities) को भी अपने संस्थान स्थापित और संचालित करने के अधिकार प्राप्त हैं।
38भारत में राज्य द्वारा धर्म के मामलों में हस्तक्षेप (State Intervention) की आवश्यकता का एक प्रमुख कारण क्या था?
सही उत्तर:A. धार्मिक रूप से मान्य अस्पृश्यता (Untouchability) जैसी प्रथाएँ
व्याख्या: अस्पृश्यता (Untouchability) जैसी धार्मिक रूप से मान्य प्रथाएँ व्यक्तियों की गरिमा (Dignity) और आत्म-सम्मान (Self-respect) को प्रभावित करती थीं। इनके उन्मूलन के लिए राज्य का सक्रिय हस्तक्षेप (State Intervention) आवश्यक माना गया।
39भारतीय धर्मनिरपेक्षता (Indian Secularism) में ‘सिद्धांतबद्ध दूरी’ (Principled Distance) का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:C. राज्य स्वतंत्रता, समानता और सामाजिक न्याय के अनुसार हस्तक्षेप या दूरी बनाए
व्याख्या: सिद्धांतबद्ध दूरी (Principled Distance) के अनुसार राज्य धर्मों से दूरी रखते हुए आवश्यकता पड़ने पर हस्तक्षेप (Intervention) या हस्तक्षेप से बच सकता है, यदि इससे स्वतंत्रता (Liberty), समानता (Equality) और सामाजिक न्याय (Social Justice) को बढ़ावा मिलता हो।
40भारतीय संविधान (Indian Constitution) की एक प्रमुख उपलब्धि (Achievement) क्या मानी गई है?
सही उत्तर:A. उदार व्यक्तिगतवाद (Liberal Individualism) को मजबूत और नए रूप में विकसित करना
व्याख्या: भारतीय संविधान (Indian Constitution) ने उदार व्यक्तिगतवाद (Liberal Individualism) को मजबूत और नए रूप में विकसित किया, जबकि समाज में समुदाय के मूल्य कभी-कभी व्यक्तिगत स्वायत्तता (Individual Autonomy) के प्रति उदासीन या विरोधी थे।
41भारतीय संविधान सामाजिक न्याय (Social Justice) को किसके साथ संतुलित करता है?
सही उत्तर:B. व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं (Individual Liberties) के साथ
व्याख्या: भारतीय संविधान (Indian Constitution) सामाजिक न्याय (Social Justice) के सिद्धांत को व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं (Individual Liberties) से समझौता किए बिना बनाए रखता है।
42भारतीय संविधान में समूह अधिकार (Group Rights) किससे संबंधित हैं?
सही उत्तर:C. सांस्कृतिक विशिष्टता (Cultural Particularity) की अभिव्यक्ति से
व्याख्या: भारतीय संविधान (Indian Constitution) समूह अधिकारों (Group Rights) के माध्यम से सांस्कृतिक विशिष्टता (Cultural Particularity) की अभिव्यक्ति को मान्यता देता है।
43सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Franchise) को भारतीय संविधान की उपलब्धि क्यों माना गया?
सही उत्तर:D. क्योंकि सामाजिक पदानुक्रम (Social Hierarchies) के बावजूद सभी वयस्कों के मताधिकार को स्वीकार किया गया
व्याख्या: सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Franchise) को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया क्योंकि भारत में गहरी सामाजिक पदानुक्रम (Social Hierarchies) मौजूद होने के बावजूद लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्यापक मताधिकार स्वीकार किया गया।
441928 की मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट (Motilal Nehru Report) ने सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Franchise) के संबंध में क्या दोहराया?
सही उत्तर:A. 21 वर्ष की आयु प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति को मतदान का अधिकार
व्याख्या: मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट (Motilal Nehru Report) ने यह विचार दोहराया कि 21 वर्ष की आयु प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसका लिंग कुछ भी हो, प्रतिनिधि सभा या संसद के लिए मतदान कर सकता है।
45भारतीय संविधान (Indian Constitution) की प्रक्रियात्मक उपलब्धियों (Procedural Achievements) में सबसे पहले किस बात पर जोर दिया गया है?
सही उत्तर:A. राजनीतिक विचार-विमर्श (Political Deliberation) में विश्वास
व्याख्या: भारतीय संविधान (Indian Constitution) राजनीतिक विचार-विमर्श (Political Deliberation) में विश्वास को अपनी महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक उपलब्धि मानता है।
46संविधान सभा (Constituent Assembly) में सभी समूहों और हितों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व न होने के बावजूद क्या दिखाई देता है?
सही उत्तर:B. निर्माताओं का अधिकतम समावेशी दृष्टिकोण (Inclusive Approach)
व्याख्या: संविधान सभा में कई समूहों और हितों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं था, फिर भी संविधान निर्माताओं ने अधिकतम समावेशी दृष्टिकोण (Inclusive Approach) अपनाने का प्रयास किया।
47राजनीतिक विचार-विमर्श (Political Deliberation) में लोगों से किस प्रकार के दृष्टिकोण की अपेक्षा की जाती है?
सही उत्तर:C. अपने विचारों को तर्क (Reasons) के आधार पर बदलने की इच्छा रखना
व्याख्या: राजनीतिक विचार-विमर्श (Political Deliberation) लोगों में अपने पहले से बने विचारों को बदलने और परिणामों को केवल स्वार्थ (Self-interest) के बजाय तर्क (Reasons) के आधार पर स्वीकार करने की क्षमता विकसित करता है।
48संविधान सभा की कार्यप्रणाली (Working of Constituent Assembly) में किस भावना को विशेष महत्व दिया गया?
सही उत्तर:D. समझौता और समायोजन (Compromise and Accommodation)
व्याख्या: संविधान सभा की प्रक्रियात्मक उपलब्धियों में समझौता और समायोजन (Compromise and Accommodation) की भावना को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया।
49किसी मूल्य (Value) को केवल स्वार्थ के लिए दूसरे मूल्य के बदले छोड़ देना किस प्रकार का समझौता माना जाता है?
सही उत्तर:A. खराब समझौता (Bad Compromise)
व्याख्या: यदि किसी मूल्य (Value) को केवल व्यक्तिगत स्वार्थ (Self-interest) के लिए छोड़ दिया जाए, तो इसे खराब समझौता (Bad Compromise) माना जाता है।
50यदि एक मूल्य को दूसरे मूल्य के लिए आंशिक रूप से छोड़ा जाए और प्रक्रिया समान लोगों के बीच स्वतंत्र विचार-विमर्श (Free Deliberation) पर आधारित हो, तो ऐसा समझौता कैसा माना जाता है?
सही उत्तर:B. स्वीकार्य
व्याख्या: समान लोगों के बीच स्वतंत्र विचार-विमर्श (Free Deliberation) के माध्यम से विभिन्न मूल्यों के बीच संतुलन बनाकर किया गया समझौता नैतिक रूप से स्वीकार्य माना जा सकता है।
51महत्वपूर्ण निर्णयों को केवल बहुमत के बजाय किस आधार पर लेने की प्रतिबद्धता को नैतिक रूप से उचित माना गया?
सही उत्तर:C. सर्वसम्मति (Consensus)
व्याख्या: महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय बहुमत के मत के बजाय सर्वसम्मति (Consensus) से लेने की प्रतिबद्धता को नैतिक रूप से उचित माना गया है।
52भारतीय संविधान (Indian Constitution) की आलोचना के रूप में निम्नलिखित में से कौन-सी तीन बातें कही गई हैं?
सही उत्तर:D. बोझिल, अप्रतिनिधिक और परिस्थितियों से अलग (Alien to Our Conditions)
व्याख्या: भारतीय संविधान की तीन प्रमुख आलोचनाएँ हैं—बोझिल (Unwieldy), अप्रतिनिधिक (Unrepresentative) और भारतीय परिस्थितियों से अलग (Alien to Our Conditions) होना।
53भारतीय संविधान को बोझिल (Unwieldy) कहने वाली आलोचना किस धारणा पर आधारित है?
सही उत्तर:A. पूरे संविधान को एक संक्षिप्त दस्तावेज में होना चाहिए
व्याख्या: संविधान को बोझिल (Unwieldy) कहने वाली आलोचना इस धारणा पर आधारित है कि किसी देश का पूरा संविधान एक संक्षिप्त दस्तावेज (Compact Document) में होना चाहिए।
54भारत के संविधान का दस्तावेज आकार में बड़ा होने का एक कारण क्या है?
सही उत्तर:B. इसमें चुनाव आयोग और सिविल सेवा आयोग जैसे कई विषयों से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं
व्याख्या: भारत के संविधान में चुनाव आयोग (Election Commission) और सिविल सेवा आयोग (Civil Service Commission) जैसे अनेक विषयों से संबंधित विवरण भी शामिल हैं, जिससे इसका दस्तावेज बड़ा हुआ है।
55संविधान सभा (Constituent Assembly) की प्रतिनिधिकता (Representativeness) पर आलोचना का एक आधार क्या था?
सही उत्तर:C. सदस्य प्रतिबंधित मताधिकार (Restricted Franchise) से चुने गए थे
व्याख्या: संविधान सभा के सदस्य सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Suffrage) के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिबंधित मताधिकार (Restricted Franchise) के आधार पर चुने गए थे।
56प्रतिनिधित्व (Representation) के दो घटकों को किस रूप में बताया गया है?
सही उत्तर:D. आवाज (Voice) और मत/विचार (Opinion)
व्याख्या: प्रतिनिधित्व (Representation) के दो घटक बताए गए हैं—आवाज (Voice) और मत या विचार (Opinion)।
57संविधान सभा को ‘आवाज’ (Voice) के दृष्टिकोण से अप्रतिनिधिक क्यों कहा जा सकता है?
सही उत्तर:A. क्योंकि इसके सदस्य सार्वभौमिक मताधिकार (Universal Suffrage) से नहीं चुने गए थे
व्याख्या: ‘आवाज’ (Voice) के दृष्टिकोण से संविधान सभा अप्रतिनिधिक थी क्योंकि इसके सदस्य प्रतिबंधित मताधिकार (Restricted Franchise) से चुने गए थे।
58संविधान सभा की बहसों (Constituent Assembly Debates) से किस बात का पता चलता है?
सही उत्तर:B. विभिन्न सामाजिक वर्गों के हितों और चिंताओं पर भी विचार किया गया
व्याख्या: संविधान सभा की बहसों (Constituent Assembly Debates) में सदस्यों ने व्यक्तिगत सामाजिक चिंताओं के साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों के हितों और चिंताओं से जुड़े विषयों पर भी विचार किया।
59भारतीय संविधान को पूरी तरह विदेशी दस्तावेज (Alien Document) कहने वाली आलोचना के संबंध में कौन-सी बात सही है?
सही उत्तर:C. संविधान आधुनिक और आंशिक रूप से पश्चिमी (Western) था, लेकिन उसका अनुकरण अंधा नहीं था
व्याख्या: भारतीय संविधान आधुनिक और आंशिक रूप से पश्चिमी (Western) था, लेकिन इसमें पश्चिमी संविधानों का अंधा अनुकरण (Blind Borrowing) नहीं किया गया था।
60भारतीय संविधान में पश्चिमी विचारों को अपनाने की प्रक्रिया को किस रूप में वर्णित किया गया है?
सही उत्तर:D. नवीन और चयनात्मक अनुकूलन (Innovative and Selective Adaptation)
व्याख्या: संविधान निर्माण में पश्चिमी और भारतीय पारंपरिक मूल्यों को मिलाने का प्रयास किया गया। यह चयनात्मक अनुकूलन (Selective Adaptation) की प्रक्रिया थी, केवल अनुकरण नहीं।
611841 के आसपास उत्तर भारत के दलित लोगों ने नए कानूनी तंत्र (Legal System) का किस प्रकार उपयोग किया?
सही उत्तर:A. जमींदारों के विरुद्ध मुकदमे दायर करके
व्याख्या: उत्तर भारत के दलित लोगों ने नए कानूनी तंत्र (Legal System) का उपयोग अपने जमींदारों के विरुद्ध मुकदमे दायर करने के लिए किया।
62पश्चिमी आधुनिकता (Western Modernity) और स्थानीय सांस्कृतिक प्रणालियों (Local Cultural Systems) के संपर्क से किस प्रकार की संस्कृति विकसित हुई?
सही उत्तर:B. संकर संस्कृति (Hybrid Culture)
व्याख्या: पश्चिमी आधुनिकता (Western Modernity) और स्थानीय सांस्कृतिक प्रणालियों (Local Cultural Systems) के संपर्क से संकर संस्कृति (Hybrid Culture) विकसित हुई, जिसे वैकल्पिक आधुनिकता (Alternative Modernity) के रूप में भी समझा गया।
63भारतीय संविधान (Indian Constitution) बनाते समय पश्चिमी और पारंपरिक भारतीय मूल्यों के बीच किस प्रक्रिया को अपनाया गया?
सही उत्तर:C. चयनात्मक अनुकूलन (Selective Adaptation)
व्याख्या: भारतीय संविधान बनाते समय पश्चिमी और पारंपरिक भारतीय मूल्यों को मिलाने का प्रयास किया गया। यह चयनात्मक अनुकूलन (Selective Adaptation) की प्रक्रिया थी।
64भारतीय संविधान (Indian Constitution) की एक प्रमुख सीमा (Limitation) क्या बताई गई है?
सही उत्तर:A. राष्ट्रीय एकता (National Unity) की केंद्रीकृत अवधारणा
व्याख्या: भारतीय संविधान की सीमाओं में राष्ट्रीय एकता (National Unity) की केंद्रीकृत अवधारणा को प्रमुख रूप से बताया गया है।
65भारतीय संविधान (Indian Constitution) ने लैंगिक न्याय (Gender Justice) के संदर्भ में किस क्षेत्र को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया?
सही उत्तर:B. परिवार (Family)
व्याख्या: संविधान की एक सीमा यह है कि उसने विशेष रूप से परिवार (Family) के भीतर लैंगिक न्याय (Gender Justice) के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया।
66सामाजिक-आर्थिक अधिकारों (Socio-economic Rights) के संबंध में संविधान की कौन-सी सीमा बताई गई है?
सही उत्तर:C. कुछ बुनियादी सामाजिक-आर्थिक अधिकारों (Basic Socio-economic Rights) को नीति-निर्देशक सिद्धांतों (Directive Principles) में रखा गया
व्याख्या: कुछ बुनियादी सामाजिक-आर्थिक अधिकारों (Basic Socio-economic Rights) को मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) का अभिन्न हिस्सा बनाने के बजाय नीति-निर्देशक सिद्धांतों (Directive Principles) में रखा गया।
67संविधान की बताई गई सीमाएँ (Limitations) उसके किस पहलू को गंभीर रूप से खतरे में नहीं डालतीं?
सही उत्तर:D. संविधान का दर्शन (Philosophy of the Constitution)
व्याख्या: संविधान की सीमाएँ मौजूद हैं, लेकिन वे इतनी गंभीर नहीं हैं कि संविधान के दर्शन (Philosophy of the Constitution) को खतरे में डाल दें।
68संविधान को जीवंत दस्तावेज (Living Document) का स्वरूप प्रदान करने वाली मुख्य चीजें क्या हैं?
सही उत्तर:B. संविधान की मूल विशेषताएँ (Core Features)
व्याख्या: संविधान की मूल विशेषताएँ (Core Features) ही उसे जीवंत दस्तावेज (Living Document) का स्वरूप प्रदान करती हैं।
69कानूनी प्रावधान (Legal Provisions) और संस्थागत व्यवस्थाएँ (Institutional Arrangements) किस पर निर्भर करती हैं?
सही उत्तर:C. समाज की आवश्यकताओं और अपनाए गए दर्शन पर
व्याख्या: कानूनी प्रावधान (Legal Provisions) और संस्थागत व्यवस्थाएँ (Institutional Arrangements) समाज की आवश्यकताओं तथा समाज द्वारा अपनाए गए दर्शन पर निर्भर करती हैं।
70संविधान में व्यक्त दर्शन (Philosophy) का ऐतिहासिक विकास किस प्रक्रिया से हुआ?
सही उत्तर:A. स्वतंत्रता संघर्ष (Struggle for Independence) से
व्याख्या: संविधान में व्यक्त दर्शन (Philosophy) का मूल ऐतिहासिक रूप से भारत के स्वतंत्रता संघर्ष (Struggle for Independence) के माध्यम से विकसित हुआ।
71संविधान सभा (Constituent Assembly) ने स्वतंत्रता संघर्ष से विकसित दृष्टि (Vision) के साथ क्या किया?
सही उत्तर:D. उसे कानूनी-संस्थागत रूप (Legal-Institutional Form) में व्यक्त और परिष्कृत किया
व्याख्या: संविधान सभा (Constituent Assembly) वह मंच थी जहाँ स्वतंत्रता संघर्ष से विकसित दृष्टि (Vision) को व्यक्त, परिष्कृत और कानूनी-संस्थागत रूप दिया गया।
72संविधान के दर्शन (Philosophy of the Constitution) का सर्वोत्तम संक्षिप्त रूप कहाँ पाया जाता है?
सही उत्तर:B. प्रस्तावना (Preamble) में
व्याख्या: संविधान की दृष्टि या दर्शन (Philosophy) का सर्वोत्तम संक्षिप्त रूप संविधान की प्रस्तावना (Preamble) में पाया जाता है।
73प्रस्तावना (Preamble) संविधान के बारे में कौन-सा महत्वपूर्ण दावा करती है?
सही उत्तर:C. इसे ‘हम भारत के लोगों’ (We, the People of India) ने तैयार और अंगीकृत किया
व्याख्या: प्रस्तावना (Preamble) बताती है कि संविधान किसी महान व्यक्तियों के समूह द्वारा दिया गया दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘हम भारत के लोगों’ (We, the People of India) द्वारा तैयार और अंगीकृत किया गया है।
74‘हम भारत के लोग’ (We, the People of India) की अवधारणा किस बात को दर्शाती है?
सही उत्तर:A. लोग अपने भाग्य के स्वयं निर्माता हैं
व्याख्या: ‘हम भारत के लोग’ (We, the People of India) की अवधारणा इस बात को व्यक्त करती है कि लोग स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हैं।
75लोकतंत्र (Democracy) को लोगों ने किस रूप में उपयोग किया है?
सही उत्तर:B. वर्तमान और भविष्य को आकार देने के साधन के रूप में
व्याख्या: लोकतंत्र (Democracy) लोगों द्वारा अपने वर्तमान और भविष्य को आकार देने का साधन है।
76संविधान के साझा दर्शन (Shared Philosophy) में किन मूल्यों के आधार पर साथ रहने और समृद्ध होने की इच्छा व्यक्त होती है?
सही उत्तर:B. समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व (Equality, Liberty and Fraternity)
व्याख्या: संविधान में निहित साझा दृष्टि (Shared Vision) समानता (Equality), स्वतंत्रता (Liberty) और बंधुत्व (Fraternity) के सिद्धांतों पर साथ रहने और समृद्ध होने की आकांक्षा व्यक्त करती है।
77संविधान के काम करने का एक महत्वपूर्ण परिणाम क्या माना गया है?
सही उत्तर:C. संविधान के दर्शन और दृष्टि को साझा करना
व्याख्या: संविधान के कार्य करने का मूल्यवान परिणाम यह है कि लोग उसके दर्शन (Philosophy) और साझा दृष्टि (Shared Vision) को स्वीकार करते हैं।
781950 में संविधान का निर्माण किस रूप में वर्णित किया गया है?
सही उत्तर:A. एक महान उपलब्धि (Great Achievement)
व्याख्या: 1950 में संविधान का निर्माण एक महान उपलब्धि (Great Achievement) था।
79वर्तमान समय में संविधान के संदर्भ में महत्वपूर्ण उपलब्धि क्या मानी गई है?
सही उत्तर:B. संविधान की दार्शनिक दृष्टि (Philosophical Vision) को जीवित रखना
व्याख्या: आज संविधान की दार्शनिक दृष्टि (Philosophical Vision) को जीवित रखना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
80लोकतांत्रिक देशों को संविधान (Constitution) की आवश्यकता क्यों होती है—निम्नलिखित में से कौन-सा कारण है?
सही उत्तर:A. सरकार की शक्ति पर नियंत्रण रखने के लिए
व्याख्या: संविधान (Constitution) का एक प्रमुख उद्देश्य सरकार की शक्ति को नियंत्रित करना (Check the Power of Government) है।
81संविधान (Constitution) का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर:B. अल्पसंख्यकों (Minorities) को बहुसंख्यक वर्ग से संरक्षण देना
व्याख्या: लोकतांत्रिक देशों में संविधान (Constitution) का एक उद्देश्य अल्पसंख्यकों (Minorities) को बहुसंख्यक वर्ग से संरक्षण देना है।
82संविधान (Constitution) सामाजिक परिवर्तन (Social Change) के संबंध में क्या भूमिका निभा सकता है?
सही उत्तर:C. शांतिपूर्ण तरीके से सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायता कर सकता है
व्याख्या: संविधान (Constitution) शांतिपूर्ण तरीके से सामाजिक परिवर्तन (Social Change) लाने का साधन हो सकता है।
83भारतीय संविधान (Indian Constitution) की दार्शनिक दृष्टि का सबसे महत्वपूर्ण वर्तमान कार्य क्या माना गया है?
सही उत्तर:B. संविधान के मूल दर्शन (Core Philosophy) को जीवित रखना
व्याख्या: संविधान की दार्शनिक दृष्टि (Philosophical Vision) को जीवित रखना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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