Class 9 Economics Revision Notes

निर्धनता: एक चुनौती

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Chapter Overview

Class9
SubjectEconomics 
Chapter Nameनिर्धनता: एक चुनौती
Resource TypeRevision Notes
SyllabusNCERT
Suitable ForCBSE, JAC and other state boards

निर्धनता एक चुनौती Revision Notes

1. निर्धनता क्या है? इसके प्रमुख लक्षणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ निर्धनता से अभिप्राय ऐसी स्थिति से है जिसमें व्यक्ति जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं, जैसे भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राप्त नहीं कर पाता। निर्धनता केवल आय की कमी नहीं, बल्कि अनेक बुनियादी सुविधाओं के अभाव को भी दर्शाती है। निर्धन लोगों की आय इतनी कम होती है कि वे अपनी सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं कर पाते। भुखमरी, बेरोज़गारी, स्वच्छ जल एवं शौचालय की कमी, उचित चिकित्सा का अभाव तथा सामाजिक उपेक्षा निर्धनता के प्रमुख लक्षण हैं।

(i) आय की कमी होती है।

(ii) भोजन एवं आवास का अभाव रहता है।

(iii) स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होतीं।

(iv) नियमित रोजगार नहीं मिलता।

(v) सामाजिक सम्मान की कमी होती है।

2. राष्ट्रीय बहुआयामी निर्धनता सूचकांक (MPI) क्या है? इसके प्रमुख आयामों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ राष्ट्रीय बहुआयामी निर्धनता सूचकांक (MPI) भारत में निर्धनता मापने का आधुनिक तरीका है, जिसका उपयोग नीति आयोग करता है। यह केवल आय के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर जैसे विभिन्न पहलुओं के आधार पर निर्धनता का आकलन करता है। इसके तीन प्रमुख आयाम हैं—स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर। स्वास्थ्य में पोषण और मातृ स्वास्थ्य, शिक्षा में अध्ययन के वर्ष एवं विद्यालय में उपस्थिति तथा जीवन स्तर में स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, बैंक खाता आदि को शामिल किया जाता है।

(i) नीति आयोग द्वारा उपयोग किया जाता है।

(ii) स्वास्थ्य इसका प्रमुख आयाम है।

(iii) शिक्षा इसका प्रमुख आयाम है।

(iv) जीवन स्तर का भी आकलन किया जाता है।

(v) निर्धनता का व्यापक मूल्यांकन करता है।

3. शहरी निर्धनता एवं ग्रामीण निर्धनता में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर ⇒ शहरी निर्धनता उन लोगों की स्थिति को दर्शाती है जो शहरों में रहते हुए भी पक्का घर, स्वच्छ जल, स्वास्थ्य सेवाएँ, पर्याप्त आय और सुरक्षित रोजगार जैसी सुविधाओं से वंचित रहते हैं। इनमें रिक्शा चालक, फेरीवाले तथा कम मजदूरी वाले श्रमिक शामिल हैं। दूसरी ओर ग्रामीण निर्धनता गाँवों में रहने वाले भूमिहीन मजदूरों, खेतिहर श्रमिकों तथा लघु एवं सीमान्त किसानों से संबंधित है, जिनके पास भूमि, रोजगार और आवश्यक सुविधाओं का अभाव होता है। दोनों प्रकार की निर्धनता में जीवन स्तर निम्न होता है।

(i) शहरी निर्धन झुग्गियों में रहते हैं।

(ii) ग्रामीण निर्धन भूमिहीन होते हैं।

(iii) दोनों को पर्याप्त आय नहीं मिलती।

(iv) बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता है।

(v) जीवन स्तर निम्न होता है।

4. निर्धनता रेखा क्या है? भारत में इसका निर्धारण कैसे किया जाता है?

उत्तर ⇒ निर्धनता रेखा वह न्यूनतम आय या उपभोग स्तर है जिसके नीचे जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति संभव नहीं होती। पहले भारत में निर्धनता रेखा का निर्धारण कैलोरी आवश्यकता तथा भोजन, वस्त्र, ईंधन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक वस्तुओं के व्यय के आधार पर किया जाता था। वर्तमान में बहुआयामी निर्धनता सूचकांक के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के अनेक संकेतकों को ध्यान में रखकर निर्धनता का आकलन किया जाता है।

(i) न्यूनतम आय का स्तर है।

(ii) मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित है।

(iii) पहले कैलोरी आधारित माप था।

(iv) अब बहुआयामी सूचकांक का उपयोग होता है।

(v) समय के साथ निर्धारण बदलता है।

5. भारत में अंतर्राज्यीय निर्धनता की स्थिति का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ भारत के सभी राज्यों में निर्धनता का स्तर समान नहीं है। 1970 के दशक के बाद अधिकांश राज्यों में निर्धनता में कमी आई है, लेकिन इसकी गति अलग-अलग रही है। 2019–21 के दौरान कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में निर्धनता का स्तर 10 प्रतिशत से कम था। वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में पहले निर्धनता अधिक थी, लेकिन हाल के वर्षों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

(i) सभी राज्यों में निर्धनता समान नहीं है।

(ii) अधिकांश राज्यों में कमी आई है।

(iii) कुछ राज्यों में निर्धनता बहुत कम है।

(iv) कई राज्यों ने उल्लेखनीय सुधार किया है।

(v) अंतर्राज्यीय असमानता बनी हुई है।

6. निर्धनता के प्रति सर्वाधिक असुरक्षित समूह कौन-कौन से हैं?

उत्तर ⇒ समाज के कुछ वर्ग निर्धनता के प्रति अधिक असुरक्षित होते हैं। सामाजिक समूहों में अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हैं। आर्थिक समूहों में ग्रामीण कृषि श्रमिक तथा नगरीय अनियत मजदूर निर्धनता के अधिक शिकार होते हैं। इन समूहों के पास स्थायी रोजगार, पर्याप्त आय और संसाधनों की कमी होती है, जिसके कारण उनका जीवन स्तर निम्न बना रहता है।

(i) अनुसूचित जाति असुरक्षित समूह है।

(ii) अनुसूचित जनजाति अधिक प्रभावित है।

(iii) ग्रामीण कृषि श्रमिक प्रभावित हैं।

(iv) नगरीय अनियत मजदूर प्रभावित हैं।

(v) संसाधनों का अभाव प्रमुख कारण है।

7. वैश्विक निर्धनता परिदृश्य एवं अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता रेखा का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ निर्धनता केवल भारत की नहीं बल्कि विश्व की एक प्रमुख समस्या है। विशेष रूप से विकासशील देशों में बड़ी संख्या में लोग गरीबी का सामना कर रहे हैं। विभिन्न देशों की तुलना करने के लिए विश्व बैंक अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता रेखा का उपयोग करता है। इसके अनुसार जिस व्यक्ति की दैनिक आय 2.15 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन से कम होती है, उसे अत्यंत निर्धन माना जाता है। यह मानक वैश्विक स्तर पर निर्धनता का तुलनात्मक अध्ययन करने में सहायता करता है।

(i) निर्धनता वैश्विक समस्या है।

(ii) विकासशील देशों में अधिक है।

(iii) विश्व बैंक मानक निर्धारित करता है।

(iv) 2.15 डॉलर प्रतिदिन अंतर्राष्ट्रीय सीमा है।

(v) देशों की तुलना में सहायता मिलती है।

8. भारत में निर्धनता के ऐतिहासिक एवं आर्थिक कारणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ भारत में निर्धनता के अनेक ऐतिहासिक और आर्थिक कारण रहे हैं। ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान पारंपरिक उद्योगों का पतन हुआ और आर्थिक विकास धीमा रहा। तीव्र जनसंख्या वृद्धि से संसाधनों पर दबाव बढ़ा। रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल सके तथा शहरीकरण के कारण झुग्गी-झोपड़ियों का विस्तार हुआ। भूमि और संसाधनों के असमान वितरण तथा भूमि सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव ने भी निर्धनता को बढ़ावा दिया।

(i) औपनिवेशिक शासन एक कारण था।

(ii) जनसंख्या वृद्धि से दबाव बढ़ा।

(iii) रोजगार की कमी रही।

(iv) भूमि का असमान वितरण था।

(v) आर्थिक विकास धीमा रहा।

9. भारत में निर्धनता के सामाजिक एवं आर्थिक कारणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ निर्धनता के सामाजिक एवं आर्थिक कारणों में विवाह और धार्मिक अनुष्ठानों पर अत्यधिक खर्च, छोटे किसानों की ऋण पर निर्भरता तथा बचत का अभाव प्रमुख हैं। किसान बीज और उर्वरक खरीदने के लिए ऋण लेते हैं, लेकिन समय पर ऋण न चुका पाने के कारण ऋणग्रस्तता बढ़ती जाती है। यह ऋण का चक्र निर्धनता का कारण भी है और परिणाम भी। इन परिस्थितियों से परिवार आर्थिक रूप से और अधिक कमजोर हो जाते हैं।

(i) सामाजिक खर्च अधिक होता है।

(ii) किसान ऋण लेते हैं।

(iii) बचत का अभाव रहता है।

(iv) ऋणग्रस्तता बढ़ती है।

(v) निर्धनता का दुष्चक्र बनता है।

10. भारत में निर्धनता-निरोधी रणनीति का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ भारत सरकार की निर्धनता-निरोधी रणनीति मुख्यतः दो आधारों पर आधारित है—आर्थिक संवृद्धि को प्रोत्साहन तथा लक्षित निर्धनता-निरोधी कार्यक्रम। आर्थिक विकास से रोजगार और आय के अवसर बढ़ते हैं, जबकि लक्षित योजनाएँ सीधे गरीबों तक लाभ पहुँचाती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्धनों की आय बढ़ाना, रोजगार उपलब्ध कराना तथा उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। इस प्रकार आर्थिक विकास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम मिलकर निर्धनता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

(i) आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा दिया जाता है।

(ii) लक्षित योजनाएँ चलाई जाती हैं।

(iii) रोजगार के अवसर बढ़ाए जाते हैं।

(iv) निर्धनों की आय में वृद्धि का प्रयास होता है।

(v) जीवन स्तर सुधारने का लक्ष्य होता है।

11. मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वर्ष में 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह योजना रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ सूखा, मिट्टी कटाव तथा वनों की कटाई जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायता करती है। इसमें कुल रोजगार का एक-तिहाई भाग महिलाओं के लिए आरक्षित है तथा अकुशल श्रमिकों की मजदूरी समय-समय पर संशोधित की जाती है।

(i) ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलता है।

(ii) 100 दिनों के रोजगार की व्यवस्था है।

(iii) महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण है।

(iv) पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलती है।

(v) मजदूरी समय-समय पर संशोधित होती है।

12. पीएम पोषण शक्ति अभियान का उद्देश्य एवं महत्व स्पष्ट कीजिए।

उत्तर ⇒ पीएम पोषण शक्ति अभियान भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना तथा विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाना है। इस योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इससे बच्चों की कैलोरी और प्रोटीन की आवश्यकता पूरी होती है तथा विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति कम होती है। यह योजना स्थानीय सरकारों और सामुदायिक संगठनों के सहयोग से संचालित की जाती है।

(i) बच्चों का पोषण सुधारना इसका उद्देश्य है।

(ii) विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ती है।

(iii) ड्रॉपआउट कम होता है।

(iv) कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को लाभ मिलता है।

(v) सामुदायिक सहयोग से संचालित होती है।

13. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान वर्ष 2016 में प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इस योजना के अंतर्गत सुरक्षित प्रसव, नियमित स्वास्थ्य जाँच तथा आवश्यक उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। प्रत्येक माह की 9 तारीख को विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं तथा निजी चिकित्सकों की स्वैच्छिक भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।

(i) वर्ष 2016 में शुरू हुई।

(ii) मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना उद्देश्य है।

(iii) नियमित स्वास्थ्य जाँच की सुविधा मिलती है।

(iv) हर माह 9 तारीख को सेवाएँ दी जाती हैं।

(v) निजी चिकित्सकों की भागीदारी होती है।

14. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना वर्ष 2016 में शुरू की गई। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन के रूप में एलपीजी गैस उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य गरीब परिवारों को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन, गैस चूल्हा तथा पहला रिफिल उपलब्ध कराया जाता है। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा जीवन स्तर में वृद्धि होती है।

(i) वर्ष 2016 में प्रारंभ हुई।

(ii) स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जाता है।

(iii) गरीब परिवारों को लाभ मिलता है।

(iv) निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है।

(v) महिलाओं का स्वास्थ्य सुधरता है।

15. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रमुख लाभों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक ईंधनों जैसे लकड़ी, उपले और कोयले के धुएँ से राहत मिली है। एलपीजी के उपयोग से खाना बनाने में समय की बचत होती है, जिससे महिलाएँ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकती हैं। योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम पर जारी किया जाता है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ती है। साथ ही वनों की कटाई कम होती है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।

(i) धुएँ से होने वाली बीमारियाँ कम होती हैं।

(ii) समय की बचत होती है।

(iii) महिलाओं का सशक्तिकरण होता है।

(iv) पर्यावरण संरक्षण होता है।

(v) जीवन स्तर में सुधार होता है।

16. निर्धनता के कारणों का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ भारत में निर्धनता के कई कारण हैं। ब्रिटिश शासन के कारण आर्थिक विकास धीमा रहा और पारंपरिक उद्योगों का पतन हुआ। तेजी से बढ़ती जनसंख्या ने संसाधनों पर दबाव बढ़ाया। भूमि और अन्य संसाधनों का असमान वितरण भी गरीबी का प्रमुख कारण बना। पर्याप्त रोजगार के अवसरों का अभाव, ऋणग्रस्तता तथा सामाजिक अवसरों की कमी ने भी निर्धनता को बढ़ावा दिया। इन सभी कारणों से बड़ी संख्या में लोग आज भी न्यूनतम आवश्यकताओं से वंचित हैं।

(i) औपनिवेशिक शासन एक कारण था।

(ii) जनसंख्या वृद्धि हुई।

(iii) संसाधनों का असमान वितरण था।

(iv) रोजगार की कमी रही।

(v) ऋणग्रस्तता बढ़ी।

17. निर्धन लोगों की प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ निर्धन लोगों को जीवन की अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वे पर्याप्त भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ तथा शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएँ प्राप्त नहीं कर पाते। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन मजदूरों को नियमित रोजगार नहीं मिलता, जबकि शहरी क्षेत्रों में गरीब लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने को मजबूर होते हैं। उन्हें कम मजदूरी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों तथा सामाजिक भेदभाव का भी सामना करना पड़ता है। इससे उनका जीवन स्तर अत्यंत निम्न बना रहता है।

(i) पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता।

(ii) स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव रहता है।

(iii) नियमित रोजगार नहीं मिलता।

(iv) कम मजदूरी मिलती है।

(v) सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

18. बहुआयामी निर्धनता सूचकांक का महत्व स्पष्ट कीजिए।

उत्तर ⇒ बहुआयामी निर्धनता सूचकांक निर्धनता का अधिक व्यापक और वास्तविक आकलन प्रस्तुत करता है। यह केवल आय या उपभोग को आधार नहीं मानता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़े अनेक अभावों को भी मापता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी व्यक्ति या परिवार की वास्तविक जीवन-स्थिति कैसी है। इसलिए यह पुरानी आय-आधारित निर्धनता मापन पद्धति का प्रभावी पूरक माना जाता है।

(i) केवल आय पर आधारित नहीं है।

(ii) शिक्षा का मूल्यांकन करता है।

(iii) स्वास्थ्य का आकलन करता है।

(iv) जीवन स्तर को मापता है।

(v) निर्धनता का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करता है।

19. आर्थिक संवृद्धि और निर्धनता उन्मूलन का संबंध स्पष्ट कीजिए।

उत्तर ⇒ आर्थिक संवृद्धि और निर्धनता उन्मूलन का आपस में घनिष्ठ संबंध है। आर्थिक विकास से रोजगार और आय के अवसर बढ़ते हैं, जिससे लोगों की जीवन-स्थिति में सुधार होता है। इससे सरकार के पास शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य विकास कार्यों में निवेश के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होते हैं। हालांकि केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं होता, इसलिए निर्धनों तक लाभ पहुँचाने के लिए लक्षित निर्धनता-निरोधी कार्यक्रमों की भी आवश्यकता होती है।

(i) आर्थिक विकास से रोजगार बढ़ता है।

(ii) आय में वृद्धि होती है।

(iii) विकास कार्यों के लिए संसाधन बढ़ते हैं।

(iv) निर्धनता कम होती है।

(v) लक्षित योजनाएँ भी आवश्यक हैं।

20. ‘निर्धनता एक चुनौती’ अध्याय से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर ⇒ यह अध्याय हमें सिखाता है कि निर्धनता केवल आय की कमी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसरों का अभाव भी है। गरीबी दूर करने के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। सरकार की विभिन्न योजनाएँ निर्धनों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास करती हैं। समाज और सरकार के संयुक्त प्रयासों से ही निर्धनता को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।

(i) निर्धनता बहुआयामी समस्या है।

(ii) शिक्षा और स्वास्थ्य आवश्यक हैं।

(iii) रोजगार सृजन महत्वपूर्ण है।

(iv) सरकारी योजनाएँ सहायक हैं।

(v) सामूहिक प्रयासों से निर्धनता कम की जा सकती है।

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