JAC Board Class 7 Social Science Objective Questions

भूमि कैसे पवित्र बनती है

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Our Class 7 Social Science Chapter How the Land Becomes Sacred MCQs are designed to improve accuracy, boost confidence, and help students score better marks through regular practice.

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1‘पवित्रता (Sacredness)’ से इस अध्याय में क्या तात्पर्य है?
सही उत्तर:B. किसी स्थान, वस्तु या यात्रा का गहरा आध्यात्मिक महत्व
व्याख्या: इस अध्याय में पवित्रता का अर्थ किसी स्थान, तीर्थ, यात्रा या भूमि के प्रति गहरे धार्मिक एवं आध्यात्मिक सम्मान से है।
2तीर्थयात्रा (Pilgrimage) किसे कहा जाता है?
सही उत्तर:C. किसी पवित्र स्थान की धार्मिक यात्रा
व्याख्या: तीर्थयात्रा वह यात्रा है जो किसी धर्म या आस्था से जुड़े पवित्र स्थान तक श्रद्धा के साथ की जाती है।
3‘श्राइन (Shrine)’ क्या होता है?
सही उत्तर:C. पवित्र स्थल या पूजनीय स्थान
व्याख्या: श्राइन वह स्थान है जो किसी देवी-देवता, संत या पवित्र अवशेष से जुड़ा होने के कारण श्रद्धा का केंद्र होता है।
4बौद्ध धर्म में बोधगया क्यों प्रसिद्ध है?
सही उत्तर:B. बुद्ध को यहीं ज्ञान प्राप्त हुआ
व्याख्या: बौद्ध परंपरा के अनुसार भगवान बुद्ध को बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ।
5साँची का महान स्तूप किस कारण महत्वपूर्ण है?
सही उत्तर:B. यह बुद्ध के अवशेषों से जुड़ा स्तूप है।
व्याख्या: साँची का महान स्तूप बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण तीर्थ है, जहाँ बुद्ध के अवशेषों से संबंधित स्तूप स्थित है।
6सिख धर्म में ‘तख्त’ का क्या अर्थ है?
सही उत्तर:B. आध्यात्मिक अधिकार का प्रमुख केंद्र
व्याख्या: तख्त सिख धर्म में आध्यात्मिक नेतृत्व और धार्मिक अधिकार के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।
7अकाल तख्त कहाँ स्थित है?
सही उत्तर:B. अमृतसर
व्याख्या: अकाल तख्त अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर का महत्वपूर्ण भाग है।
8गुरु नानक ने अपनी यात्राओं के दौरान किन-किन स्थानों का भ्रमण किया?
सही उत्तर:C. हरिद्वार, प्रयाग, वाराणसी, पुरी आदि
व्याख्या: गुरु नानक ने भारत के अनेक प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्राएँ कीं और लोगों तक अपने संदेश पहुँचाए।
9‘तीर्थ’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. नदी पार करने का स्थान
व्याख्या: ‘तीर्थ’ का मूल अर्थ नदी या जल को पार करने का स्थान है, जो प्रतीकात्मक रूप से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी दर्शाता है।
10भारतीय परंपरा में तीर्थयात्रा को किस रूप में देखा गया है?
सही उत्तर:C. बाहरी और आंतरिक दोनों प्रकार की यात्रा
व्याख्या: तीर्थयात्रा को शरीर के साथ-साथ मन और आत्मा की यात्रा भी माना गया है।
11भारत में तीर्थयात्रा की परंपरा लगभग कितने वर्षों से चली आ रही है?
सही उत्तर:C. लगभग 3,000 वर्ष
व्याख्या: भारत में तीर्थयात्रा की परंपरा अत्यंत प्राचीन है और लगभग तीन हजार वर्षों से निरंतर जारी है।
12जवाहरलाल नेहरू के अनुसार तीर्थयात्राओं ने किस भावना को मजबूत किया?
सही उत्तर:B. एक देश और एक संस्कृति की भावना
व्याख्या: नेहरू ने माना कि उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम की यात्राओं ने राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया।
13जैन धर्म में तीर्थ किन स्थानों से जुड़े होते हैं?
सही उत्तर:B. तीर्थंकरों के जीवन और मोक्ष से जुड़े स्थानों से
व्याख्या: जैन तीर्थ वे स्थान हैं जहाँ तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया या उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं।
14सबरीमला मंदिर किस देवता को समर्पित है?
सही उत्तर:C. अयप्पा
व्याख्या: केरल स्थित सबरीमला मंदिर भगवान अयप्पा का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है।
15सबरीमला की कठिन चढ़ाई किसका प्रतीक मानी जाती है?
सही उत्तर:C. आध्यात्मिक मार्ग की कठिनाइयाँ
व्याख्या: कठिन पर्वतीय मार्ग यह दर्शाता है कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी धैर्य और तप आवश्यक है।
16पंढरपुर वारी किस राज्य की प्रसिद्ध तीर्थ परंपरा है?
सही उत्तर:B. महाराष्ट्र
व्याख्या: महाराष्ट्र की पंढरपुर वारी लगभग 800 वर्ष पुरानी प्रसिद्ध वार्षिक तीर्थयात्रा परंपरा है।
17‘वारी’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. नियमित रूप से होने वाली तीर्थयात्रा
व्याख्या: वारी ऐसी तीर्थयात्रा है जो निश्चित समय पर नियमित रूप से आयोजित होती है।
18प्राकृतिक स्थलों को पवित्र मानने की परंपरा मुख्य रूप से किस विचार पर आधारित है?
सही उत्तर:B. प्रकृति में ईश्वर की उपस्थिति
व्याख्या: भारतीय परंपरा में प्रकृति के प्रत्येक तत्व में दिव्यता का अनुभव किया जाता है।
19हिंदू परंपरा में पृथ्वी को किस रूप में माना गया है?
सही उत्तर:B. भूदेवी (माता पृथ्वी)
व्याख्या: भारतीय संस्कृति में पृथ्वी को माता और देवी के रूप में सम्मान दिया गया है।
20नियाम डोंगर पहाड़ी किस जनजाति के लिए पवित्र मानी जाती है?
सही उत्तर:B. डोंगरिया कोंध
व्याख्या: ओडिशा की नियामगिरि पर्वतमाला स्थित नियाम डोंगर डोंगरिया कोंध जनजाति के लिए अत्यंत पवित्र है।
21पवित्र स्थलों की यात्रा से समाज में किस भावना का विकास होता है?
सही उत्तर:B. एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
व्याख्या: तीर्थयात्रा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को जोड़ती है, जिससे सांस्कृतिक एकता और आपसी समझ बढ़ती है।
22चार धाम यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या माना जाता है?
सही उत्तर:B. धार्मिक और आध्यात्मिक साधना
व्याख्या: चार धाम यात्रा को आत्मिक शुद्धि, श्रद्धा और धार्मिक आस्था की महत्वपूर्ण यात्रा माना जाता है।
23किसी तीर्थस्थल का महत्व केवल धार्मिक कारणों से ही नहीं, बल्कि किस कारण से भी होता है?
सही उत्तर:A. प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत
व्याख्या: अनेक तीर्थ प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक परंपराओं के कारण भी प्रसिद्ध हैं।
24भारतीय संस्कृति में नदियों को पवित्र मानने का प्रमुख कारण क्या है?
सही उत्तर:B. उन्हें जीवनदायिनी और देवी का स्वरूप माना जाता है।
व्याख्या: गंगा, यमुना जैसी नदियों को जीवन, पवित्रता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
25यदि कोई व्यक्ति तीर्थयात्रा के दौरान सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करे, तो यह किस मूल्य को दर्शाता है?
सही उत्तर:B. धार्मिक सहिष्णुता
व्याख्या: भारतीय परंपरा में विभिन्न आस्थाओं का सम्मान सामाजिक सद्भाव और सहिष्णुता का आधार है।
26तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों के आने से स्थानीय लोगों को क्या लाभ हो सकता है?
सही उत्तर:B. रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ते हैं।
व्याख्या: तीर्थ पर्यटन से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में रोजगार बढ़ता है।
27यदि तीर्थस्थलों पर स्वच्छता न रखी जाए तो सबसे बड़ा प्रभाव किस पर पड़ेगा?
सही उत्तर:B. पर्यावरण और श्रद्धालुओं पर
व्याख्या: स्वच्छता की कमी से पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा श्रद्धालुओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
28भारतीय तीर्थ परंपरा का एक प्रमुख संदेश क्या है?
सही उत्तर:B. प्रकृति और संस्कृति का सम्मान
व्याख्या: तीर्थ परंपरा मानव, प्रकृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संतुलन का संदेश देती है।
29पवित्र पर्वतों के प्रति लोगों की श्रद्धा मुख्यतः किस कारण होती है?
सही उत्तर:B. धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ जुड़ी होती हैं।
व्याख्या: अनेक पर्वत देवताओं, ऋषियों और धार्मिक कथाओं से जुड़े होने के कारण पवित्र माने जाते हैं।
30तीर्थयात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखना क्यों आवश्यक है?
सही उत्तर:B. सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए
व्याख्या: अनुशासन से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सहायता मिलती है।
31भारतीय तीर्थ परंपरा में पैदल यात्रा का विशेष महत्व क्यों माना गया?
सही उत्तर:B. इसे तप, धैर्य और समर्पण का प्रतीक माना गया।
व्याख्या: पैदल तीर्थयात्रा को आत्मसंयम, सहनशीलता और आध्यात्मिक साधना का माध्यम माना जाता है।
32यदि किसी पवित्र स्थान का प्राकृतिक वातावरण नष्ट हो जाए, तो सबसे अधिक किस पर प्रभाव पड़ेगा?
सही उत्तर:B. धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर
व्याख्या: प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक पहचान एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, इसलिए दोनों प्रभावित होते हैं।
33तीर्थयात्रा के दौरान विभिन्न भाषाओं के लोगों से मिलने का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक समझ और भाईचारा बढ़ता है।
व्याख्या: विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं का परिचय राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाता है।
34पवित्र स्थानों का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है?
सही उत्तर:C. सभी नागरिकों की
व्याख्या: धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
35भारतीय परंपरा में वृक्षों को पवित्र मानने का एक कारण क्या है?
सही उत्तर:B. वे जीवन, पर्यावरण और आध्यात्मिकता से जुड़े हैं।
व्याख्या: पीपल, बरगद जैसे वृक्ष धार्मिक मान्यताओं और पर्यावरणीय महत्व दोनों के कारण पूजनीय हैं।
36तीर्थस्थलों पर सेवा (सेवा-भाव) का क्या महत्व है?
सही उत्तर:B. निस्वार्थ सहायता और मानवता की भावना विकसित करना
व्याख्या: सेवा-भाव भारतीय धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण आदर्श है जो सहयोग और करुणा को बढ़ाता है।
37यदि किसी तीर्थ पर अत्यधिक भीड़ हो, तो सबसे उपयुक्त व्यवहार क्या होगा?
सही उत्तर:B. धैर्य और अनुशासन बनाए रखना
व्याख्या: धैर्य और अनुशासन से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है तथा सभी की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
38तीर्थयात्रा का वास्तविक उद्देश्य किसे माना जाता है?
सही उत्तर:B. आत्मिक उन्नति और नैतिक विकास
व्याख्या: तीर्थयात्रा का उद्देश्य केवल यात्रा नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, श्रद्धा और नैतिक मूल्यों का विकास भी है।
39भारत के अनेक पवित्र स्थल किस विशेषता का उदाहरण हैं?
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक विविधता में एकता
व्याख्या: विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के तीर्थ भारत की विविधता और एकता दोनों को दर्शाते हैं।
40इस अध्याय का मुख्य संदेश क्या है?
सही उत्तर:B. पवित्र स्थलों, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना
व्याख्या: अध्याय यह समझाता है कि पवित्र स्थान हमारी सांस्कृतिक पहचान, पर्यावरण और आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
41भारत में विभिन्न धर्मों के तीर्थस्थलों की उपस्थिति किस बात का प्रमाण है?
सही उत्तर:B. धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता
व्याख्या: भारत में अनेक धर्मों के तीर्थस्थल स्थित हैं, जो इसकी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाते हैं।
42किसी पवित्र स्थान की पहचान केवल उसके भवन से नहीं, बल्कि किससे भी होती है?
सही उत्तर:B. उससे जुड़ी आस्था और परंपराओं से
व्याख्या: किसी तीर्थ का महत्व वहाँ की धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक घटनाओं और श्रद्धालुओं की आस्था से निर्धारित होता है।
43भारतीय परंपरा में नदियों की पूजा करने का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर:B. जल और प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करना
व्याख्या: नदियों को जीवनदायिनी मानकर उनका सम्मान किया जाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिलता है।
44यदि किसी तीर्थस्थल पर प्लास्टिक कचरा फैलाया जाए, तो इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव क्या होगा?
सही उत्तर:B. पवित्रता और पर्यावरण दोनों प्रभावित होंगे।
व्याख्या: तीर्थस्थलों की स्वच्छता बनाए रखना धार्मिक सम्मान और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए आवश्यक है।
45तीर्थयात्रा के दौरान सामूहिक प्रार्थना का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
सही उत्तर:B. सामूहिक श्रद्धा और एकता की भावना विकसित करना
व्याख्या: सामूहिक प्रार्थना लोगों के बीच सहयोग, समानता और आध्यात्मिक एकता की भावना को मजबूत करती है।
46अनेक पवित्र स्थलों का विकास नदियों के किनारे क्यों हुआ?
सही उत्तर:B. जल, जीवन और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण
व्याख्या: जल को जीवन और पवित्रता का प्रतीक माना गया है, इसलिए अनेक तीर्थ नदियों के तट पर विकसित हुए।
47किसी तीर्थस्थल की ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण स्रोत क्या हो सकता है?
सही उत्तर:A. लोककथाएँ, अभिलेख और पुरातात्त्विक साक्ष्य
व्याख्या: इतिहासकार तीर्थस्थलों के अध्ययन में अभिलेखों, पुरातात्त्विक अवशेषों और स्थानीय परंपराओं का उपयोग करते हैं।
48तीर्थयात्रा में कठिन मार्ग अपनाने का उद्देश्य क्या माना जाता है?
सही उत्तर:B. आत्मसंयम और धैर्य का अभ्यास
व्याख्या: कठिन यात्रा को आध्यात्मिक साधना और आत्मानुशासन का माध्यम माना गया है।
49भारतीय संस्कृति में पर्वतों, नदियों और वनों के प्रति सम्मान का क्या संदेश मिलता है?
सही उत्तर:B. प्रकृति संरक्षण का महत्व
व्याख्या: भारतीय परंपरा प्रकृति को पवित्र मानकर उसके संरक्षण की प्रेरणा देती है।
50यदि किसी तीर्थस्थल पर सभी लोगों के साथ समान व्यवहार किया जाए, तो यह किस मूल्य को बढ़ावा देता है?
सही उत्तर:B. समानता और मानवता
व्याख्या: सभी श्रद्धालुओं के साथ समान व्यवहार सामाजिक सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करता है।
51तीर्थयात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति को जानने का क्या लाभ होता है?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक समझ और पारस्परिक सम्मान बढ़ता है
व्याख्या: विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, भाषा और परंपराओं का परिचय राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है।
52यदि किसी पवित्र स्थान की ऐतिहासिक धरोहर नष्ट हो जाए, तो सबसे बड़ी हानि क्या होगी?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का नुकसान होगा।
व्याख्या: ऐतिहासिक धरोहरें किसी समाज की पहचान और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।
53भारतीय तीर्थ परंपरा में दान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सही उत्तर:B. जरूरतमंदों की सहायता और सेवा-भाव विकसित करना
व्याख्या: दान और सेवा भारतीय धार्मिक परंपराओं में करुणा तथा सामाजिक सहयोग के प्रतीक हैं।
54किसी तीर्थस्थल का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए क्यों आवश्यक है?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को सुरक्षित रखने के लिए
व्याख्या: पवित्र स्थल आने वाली पीढ़ियों को इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराते हैं।
55तीर्थयात्रा के दौरान पर्यावरण की रक्षा कैसे की जा सकती है?
सही उत्तर:B. स्वच्छता बनाए रखकर और प्लास्टिक का कम उपयोग करके
व्याख्या: स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार से तीर्थस्थलों की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य सुरक्षित रहता है।
56यदि विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के पवित्र स्थलों का सम्मान करें, तो समाज में क्या बढ़ेगा?
सही उत्तर:B. भाईचारा और सद्भाव
व्याख्या: पारस्परिक सम्मान से सामाजिक एकता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिलता है।
57तीर्थयात्रा का अनुभव व्यक्ति के व्यक्तित्व को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है?
सही उत्तर:B. नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से
व्याख्या: तीर्थयात्रा आत्मचिंतन, अनुशासन, सेवा और सहनशीलता जैसे गुणों का विकास करती है।
58किसी तीर्थस्थल की लोकप्रियता समय के साथ क्यों बनी रहती है?
सही उत्तर:B. लोगों की निरंतर आस्था और परंपराओं के कारण
व्याख्या: पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही आस्था और धार्मिक परंपराएँ तीर्थस्थलों को जीवंत बनाए रखती हैं।
59यदि किसी तीर्थ पर आने वाले लोग प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें, तो सबसे बड़ा लाभ क्या होगा?
सही उत्तर:B. पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर दोनों सुरक्षित रहेंगे।
व्याख्या: प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण पवित्र स्थलों की सुंदरता और महत्व को लंबे समय तक बनाए रखता है।
60इस अध्याय के अनुसार पवित्रता का वास्तविक अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. प्रकृति, संस्कृति, आस्था और मानव मूल्यों का सम्मान
व्याख्या: अध्याय बताता है कि पवित्रता केवल किसी स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, मानवता और आध्यात्मिक मूल्यों के सम्मान से जुड़ी है।
61‘पवित्र भूगोल (Sacred Geography)’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. पवित्र स्थलों से जुड़ी संपूर्ण भौगोलिक संरचना
व्याख्या: जब विभिन्न तीर्थस्थल, नदियाँ, पर्वत, वन और धार्मिक परंपराएँ पूरे देश को एक आध्यात्मिक रूप से जुड़े भूभाग के रूप में प्रस्तुत करती हैं, तो उसे पवित्र भूगोल कहा जाता है।
62भारत के पवित्र भूगोल ने सबसे अधिक किसे बढ़ावा दिया?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक एकीकरण
व्याख्या: तीर्थयात्राओं और पवित्र स्थलों के व्यापक नेटवर्क ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ा।
63पवित्र उपवन (Sacred Groves) का सबसे बड़ा पर्यावरणीय महत्व क्या है?
सही उत्तर:B. जैव विविधता का संरक्षण
व्याख्या: पवित्र उपवनों में पेड़-पौधे, जीव-जंतु तथा जल स्रोत सुरक्षित रहते हैं, जिससे जैव विविधता संरक्षित होती है।
64पीपल (अश्वत्थ) वृक्ष को अनेक धर्मों में पवित्र क्यों माना गया है?
सही उत्तर:B. धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व के कारण
व्याख्या: पीपल वृक्ष हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख परंपराओं में पूजनीय है तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
65अध्याय के अनुसार तीर्थ मार्ग और व्यापार मार्गों के बीच क्या संबंध था?
सही उत्तर:B. दोनों मार्ग अनेक स्थानों पर एक-दूसरे से मिलते थे।
व्याख्या: व्यापारी और तीर्थयात्री अक्सर समान मार्गों का उपयोग करते थे, जिससे व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों बढ़े।
66उत्तरापथ (Uttarapatha) मुख्य रूप से किससे संबंधित था?
सही उत्तर:A. प्रमुख प्राचीन व्यापार मार्ग
व्याख्या: उत्तरापथ उत्तर-पश्चिम से पूर्वी भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्राचीन व्यापार मार्ग था।
67दक्षिणापथ (Dakshinapatha) का प्रमुख महत्व क्या था?
सही उत्तर:B. दक्षिण भारत को जोड़ने वाला प्रमुख व्यापार मार्ग
व्याख्या: दक्षिणापथ प्राचीन भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था, जिससे वस्तुओं और विचारों का आदान-प्रदान होता था।
68तीर्थयात्राओं के कारण विभिन्न क्षेत्रों के लोगों में क्या बढ़ा?
सही उत्तर:B. पारस्परिक समझ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
व्याख्या: तीर्थयात्रा के दौरान लोग विभिन्न भाषाओं, रीति-रिवाजों और परंपराओं से परिचित होते थे।
69पवित्र उपवनों में वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या था?
सही उत्तर:B. प्रकृति और जैव विविधता का संरक्षण
व्याख्या: पवित्र उपवनों की रक्षा से वन, वन्यजीव और जल स्रोत सुरक्षित रहते हैं।
70अध्याय के अनुसार प्रकृति के प्रति सम्मान का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम क्या है?
सही उत्तर:A. पर्यावरण संरक्षण
व्याख्या: प्रकृति को पवित्र मानने से उसके संरक्षण और संतुलित उपयोग की भावना विकसित होती है।
71यदि किसी पवित्र नदी को प्रदूषित किया जाए, तो यह किसके विपरीत होगा?
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों के
व्याख्या: पवित्र नदियाँ भारतीय संस्कृति और पर्यावरण दोनों का आधार हैं, इसलिए उनका संरक्षण आवश्यक है।
72किसी पवित्र स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं का जिम्मेदार व्यवहार किसे बढ़ावा देता है?
सही उत्तर:B. स्वच्छता और संरक्षण
व्याख्या: जिम्मेदार व्यवहार से पवित्र स्थल लंबे समय तक सुरक्षित और स्वच्छ बने रहते हैं।
73यदि किसी समुदाय द्वारा पवित्र वन की रक्षा की जाती है, तो उसका सबसे बड़ा लाभ क्या होगा?
सही उत्तर:B. प्राकृतिक संसाधनों और जीव-जंतुओं का संरक्षण
व्याख्या: पवित्र वन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और अनेक जीवों के आवास की रक्षा करते हैं।
74अध्याय में पवित्र भूगोल को भारत की सांस्कृतिक एकता का आधार क्यों बताया गया है?
सही उत्तर:B. क्योंकि इसने पूरे देश को तीर्थ नेटवर्क से जोड़ा।
व्याख्या: विभिन्न तीर्थों ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम भारत को सांस्कृतिक रूप से एक सूत्र में बाँधा।
75किसी तीर्थस्थल के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण होती है?
सही उत्तर:B. क्योंकि वे उसकी परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हैं।
व्याख्या: स्थानीय समुदाय अपनी आस्था और परंपराओं के माध्यम से पवित्र स्थलों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
76यदि भविष्य की पीढ़ियाँ पवित्र स्थलों का सम्मान करना छोड़ दें, तो सबसे बड़ा नुकसान क्या होगा?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण दोनों प्रभावित होंगे।
व्याख्या: पवित्र स्थलों की उपेक्षा से इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को क्षति पहुँच सकती है।
77अध्याय के अनुसार तीर्थयात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि क्या है?
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक अनुभव
व्याख्या: तीर्थयात्रा व्यक्ति को विभिन्न संस्कृतियों, लोगों और प्राकृतिक स्थलों से जोड़ती है।
78यदि लोग पवित्र स्थलों पर जल, वन और भूमि का संरक्षण करें, तो इसका सबसे बड़ा प्रभाव क्या होगा?
सही उत्तर:A. सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण
व्याख्या: प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर दोनों को सुरक्षित रखता है।
79‘भूमि पवित्र कैसे बनती है?’ इस अध्याय का केंद्रीय विचार क्या है?
सही उत्तर:B. आस्था, प्रकृति, संस्कृति, तीर्थों और मानव परंपराओं के समन्वय से
व्याख्या: अध्याय स्पष्ट करता है कि भूमि केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और सांस्कृतिक परंपराओं के कारण पवित्र बनती है।
80इस अध्याय से प्राप्त सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा क्या है?
सही उत्तर:B. प्रकृति, संस्कृति, पवित्र स्थलों और विरासत का सम्मान एवं संरक्षण करना
व्याख्या: अध्याय हमें सिखाता है कि प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहरों और पवित्र स्थलों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

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Exploring Society India and Beyond (Part_1)
Theme A – India and the World: Land and the People
Chapter 1: भारत की भौगोलिक विविधता
(Geographical Diversity of India)
Chapter 2: मौसम को समझना
(Understanding the Weather)
Chapter 3: भारत की जलवायु (Climates of India)
Theme B – Tapestry of the Past
Chapter 4: नई शुरुआत: नगर और राज्य
(New Beginnings: Cities and States)
Chapter 5: साम्राज्यों का उदय
(The Rise of Empires)
Chapter 6: पुनर्गठन का युग (The Age of Reorganisation)
Chapter 7: गुप्त युग: अथक सृजनशीलता का युग
(The Gupta Era: An Age of Tireless Creativity)
Theme C – Our Cultural Heritage and Knowledge Traditions
Chapter 8: भूमि कैसे पवित्र बनती है
(How the Land Becomes Sacred)
Theme D – Governance and Democracy
Chapter 9: शासकों से नागरिकों तक: सरकारों के प्रकार
(From the Rulers to the Ruled: Types of Governments)
Chapter 10: भारत का संविधान – एक परिचय
(The Constitution of India – An Introduction)
Theme E – Economic Life Around Us
Chapter 11: विनिमय से मुद्रा तक
(From Barter to Money)
Chapter 12: बाजार को समझना
(Understanding Markets)
Exploring Society India and Beyond (Part_2)
Theme A – India and the World: Land and the People
Chapter 1: भारतीय कृषि की कहानी
(The Story of Indian Farming)
Chapter 2: भारत और उसके पड़ोसी
(India and Her Neighbours)
Theme B – Tapestry of the Past
Chapter 3: साम्राज्य और राज्य: छठी से दसवीं शताब्दी
(Empires and Kingdoms: 6th to 10th Centuries)
Chapter 4: बदलता दौर: 11वीं और 12वीं शताब्दी
(Turning Tides: 11th and 12th Centuries)
Theme C – Our Cultural Heritage and Knowledge Traditions
Chapter 5: अनेकताओं का घर – भारत
(India, a Home to Many)
Theme D – Governance and Democracy
Chapter 6: राज्य, सरकार और आप
(The State, the Government, and You)
Theme E – Economic Life Around Us
Chapter 7: आधारभूत संरचना: भारत के विकास का इंजन
(Infrastructure: Engine of India’s Development)
Chapter 8: बैंक और वित्त का जादू
(Banks and the Magic of Finance)

Class 7 Subjects wise Objective Questions

Class 7 Mathematics MCQ
Social Science MCQ
Class 7 Science MCQ
Class 7 English MCQ
Class 7 Hindi MCQ
Class 7 Sanskrit MCQ

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