Are you looking for JAC Class 7 Social ScienceChapter पुनर्गठन का युगMCQ (Objective Questions) with answers? Look no further! JAC Exam Prep provides chapter-wise multiple-choice questions (MCQs) with answers for Class 7 Social Science Chapter पुनर्गठन का युग based on the latest JCERT & NCERT Social Science – (Exploring Society India and Beyond) syllabus prescribed by the Jharkhand Academic Council (JAC).
Our Class 7 Social Science Chapter The Age of ReorganisationMCQs are designed to improve accuracy, boost confidence, and help students score better marks through regular practice.
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1मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद के काल को किस नाम से जाना जाता है?
✓
सही उत्तर:B. पुनर्गठन का युग
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य के विघटन के बाद अनेक छोटे-बड़े राज्यों का उदय हुआ। इस राजनीतिक पुनर्संरचना के कारण इस काल को ‘पुनर्गठन का युग’ कहा जाता है।
2मौर्य साम्राज्य के विघटन के बाद भारत में सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवर्तन क्या हुआ?
✓
सही उत्तर:B. अनेक छोटे-बड़े राज्यों का उदय
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में स्वतंत्र राज्यों का विकास हुआ।
3शुंग वंश की स्थापना किसने की थी?
✓
सही उत्तर:B. पुष्यमित्र शुंग
व्याख्या: पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य शासक को हटाकर शुंग वंश की स्थापना की।
4शुंग साम्राज्य की राजधानी कौन-सी थी?
✓
सही उत्तर:B. पाटलिपुत्र
व्याख्या: शुंग शासकों ने पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी बनाए रखा।
5शुंग काल में किस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई?
✓
सही उत्तर:B. कला एवं स्थापत्य
व्याख्या: भरहुत स्तूप सहित अनेक कलात्मक निर्माण शुंग काल की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं।
6सातवाहन वंश का प्रमुख शासन क्षेत्र कौन-सा था?
✓
सही उत्तर:B. दक्कन क्षेत्र
व्याख्या: सातवाहन शासकों का प्रभाव मुख्यतः दक्कन के विस्तृत क्षेत्रों में था।
7सातवाहन वंश को अन्य किस नाम से भी जाना जाता है?
✓
सही उत्तर:B. आंध्र
व्याख्या: प्राचीन अभिलेखों में सातवाहनों को कई स्थानों पर ‘आंध्र’ भी कहा गया है।
8सातवाहन राज्य में व्यापार की उन्नति का प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:A. व्यापारिक मार्गों का विकास
व्याख्या: स्थल और समुद्री व्यापार मार्गों के कारण सातवाहन राज्य आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ।
9सातवाहन वंश की प्रसिद्ध राजधानियों में से एक कौन-सी थी?
✓
सही उत्तर:A. अमरावती
व्याख्या: अमरावती सातवाहनों की प्रमुख राजधानी तथा सांस्कृतिक केंद्र थी।
10दक्षिण भारत के चोल शासक करिकाल किस कार्य के लिए प्रसिद्ध हैं?
✓
सही उत्तर:B. कल्लणै (ग्रैंड एनीकट) बाँध
व्याख्या: करिकाल ने कावेरी नदी पर कल्लणै बाँध का निर्माण कराया, जिससे सिंचाई का विस्तार हुआ।
11कल्लणै बाँध का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✓
सही उत्तर:B. सिंचाई के लिए जल प्रबंधन
व्याख्या: इस बाँध ने कावेरी डेल्टा में कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
12कावेरी डेल्टा को ‘दक्षिण भारत का चावल का कटोरा’ क्यों कहा गया?
✓
सही उत्तर:B. सिंचाई और अधिक कृषि उत्पादन के कारण
व्याख्या: प्रभावी सिंचाई व्यवस्था से इस क्षेत्र में धान का भरपूर उत्पादन होने लगा।
13यदि किसी क्षेत्र में बेहतर सिंचाई व्यवस्था विकसित हो जाए, तो सबसे पहले किस पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?
✓
सही उत्तर:A. कृषि उत्पादन
व्याख्या: सिंचाई की सुविधा मिलने से खेती अधिक उत्पादक बनती है।
14किसी राज्य द्वारा जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने का सबसे बड़ा लाभ क्या होता है?
✓
सही उत्तर:A. खेती और जनजीवन में सुधार
व्याख्या: जल संसाधनों का उचित उपयोग कृषि, अर्थव्यवस्था और समाज सभी को लाभ पहुँचाता है।
15शुंग और सातवाहन काल की एक समान विशेषता क्या थी?
✓
सही उत्तर:A. दोनों ने सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया।
व्याख्या: दोनों वंशों ने कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षण दिया।
16यदि कोई शासक सार्वजनिक निर्माण कार्यों पर अधिक ध्यान दे, तो उसका सबसे बड़ा प्रभाव क्या होगा?
✓
सही उत्तर:A. जनता का जीवन बेहतर होगा।
व्याख्या: सड़क, बाँध और सिंचाई जैसी परियोजनाएँ जनकल्याण और आर्थिक विकास को बढ़ाती हैं।
17पुनर्गठन के युग में विभिन्न राज्यों के उदय से भारत की कौन-सी विशेषता स्पष्ट होती है?
✓
सही उत्तर:A. राजनीतिक विविधता
व्याख्या: इस काल में अनेक राज्यों के उदय से भारत की राजनीतिक विविधता दिखाई देती है।
18यदि किसी राज्य में व्यापार और कृषि दोनों विकसित हों, तो सबसे अधिक लाभ किसे होगा?
✓
सही उत्तर:B. संपूर्ण अर्थव्यवस्था को
व्याख्या: कृषि और व्यापार दोनों की उन्नति से राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
19इतिहासकार पुनर्गठन के युग को महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं?
✓
सही उत्तर:A. क्योंकि इस काल में नई राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्तियों का विकास हुआ।
व्याख्या: इस काल में नए राज्यों, व्यापार, कला और सांस्कृतिक समन्वय का विकास हुआ।
20पुनर्गठन के युग का अध्ययन हमें मुख्य रूप से क्या सिखाता है?
✓
सही उत्तर:A. परिवर्तन के साथ समाज और राज्य नई परिस्थितियों के अनुसार विकसित होते हैं।
व्याख्या: इतिहास बताता है कि राजनीतिक परिवर्तन के बाद भी समाज नई व्यवस्थाओं के साथ आगे बढ़ता है।
21सातवाहन शासकों के सिक्कों पर जहाज का चित्र मुख्यतः किस बात का संकेत देता है?
✓
सही उत्तर:B. समुद्री व्यापार
व्याख्या: सातवाहन सिक्कों पर बने जहाज समुद्री व्यापार और उन्नत नौवहन तकनीक के प्रमाण माने जाते हैं।
22सातवाहनों के समुद्री व्यापार का सबसे बड़ा लाभ क्या था?
✓
सही उत्तर:A. व्यापारिक आय में वृद्धि
व्याख्या: समुद्री व्यापार से राज्य को कर, शुल्क तथा विदेशी व्यापार से पर्याप्त आय प्राप्त होती थी।
23सातवाहनों का व्यापार किस विदेशी साम्राज्य तक पहुँचा था?
✓
सही उत्तर:A. रोमन साम्राज्य
व्याख्या: सातवाहन व्यापारी रोमन साम्राज्य तक मसाले, वस्त्र और अन्य वस्तुएँ निर्यात करते थे।
24सातवाहन राज्य से विदेशों में मुख्यतः क्या निर्यात किया जाता था?
✓
सही उत्तर:A. मसाले और वस्त्र
व्याख्या: सातवाहनों के समय मसाले, वस्त्र, चंदन, हाथीदांत आदि महत्वपूर्ण निर्यात वस्तुएँ थीं।
25सातवाहनों द्वारा विदेशों से कौन-सी वस्तुएँ आयात की जाती थीं?
✓
सही उत्तर:A. काँच एवं सुगंधित पदार्थ
व्याख्या: विदेशी व्यापार के माध्यम से काँच तथा सुगंधित वस्तुएँ भारत लाई जाती थीं।
26नाणेघाट गुफाएँ मुख्य रूप से किस उद्देश्य से प्रसिद्ध थीं?
✓
सही उत्तर:A. व्यापार मार्ग पर कर वसूली
व्याख्या: नाणेघाट व्यापारिक मार्ग के निकट स्थित था, जहाँ व्यापारियों से कर एवं शुल्क लिया जाता था।
27सातवाहन परंपरा में राजकुमारों के नाम किसके नाम पर रखे जाते थे?
✓
सही उत्तर:B. माता
व्याख्या: गौतमीपुत्र सातकर्णि इसका प्रसिद्ध उदाहरण हैं, जिनका नाम उनकी माता गौतमी के नाम पर था।
28गौतमीपुत्र सातकर्णि के नाम से कौन-सा ऐतिहासिक संकेत मिलता है?
✓
सही उत्तर:A. मातृसम्मान की परंपरा
व्याख्या: सातवाहन समाज में माता को विशेष सम्मान दिया जाता था, जिसका प्रमाण राजाओं के नामों से मिलता है।
29नासिक अभिलेख किस प्रभावशाली रानी से संबंधित है?
✓
सही उत्तर:A. गौतमी बालश्री
व्याख्या: गौतमी बालश्री ने बौद्ध भिक्षुओं को दान दिया और उनका अभिलेख नासिक में प्राप्त हुआ है।
30सातवाहन अभिलेख मुख्यतः किस लिपि में लिखे गए थे?
✓
सही उत्तर:A. ब्राह्मी
व्याख्या: सातवाहन काल के अधिकांश अभिलेख ब्राह्मी लिपि में प्राप्त हुए हैं।
31आधुनिक अंकों की उत्पत्ति के संबंध में सातवाहन काल से क्या प्रमाण मिलता है?
✓
सही उत्तर:A. ब्राह्मी अंकों का प्रयोग
व्याख्या: ब्राह्मी अंकों के रूप आधुनिक भारतीय अंकों के विकास का महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं।
32सातवाहन शासक मुख्य रूप से किस देवता के उपासक थे?
✓
सही उत्तर:A. वासुदेव (कृष्ण)
व्याख्या: सातवाहन शासक वासुदेव के भक्त थे, लेकिन अन्य धार्मिक परंपराओं को भी संरक्षण देते थे।
33सातवाहन शासकों ने किन-किन धार्मिक समुदायों को संरक्षण दिया?
✓
सही उत्तर:A. वैदिक, जैन और बौद्ध
व्याख्या: सातवाहन शासकों ने सभी प्रमुख धार्मिक परंपराओं के प्रति सहिष्णु नीति अपनाई।
34कार्ले गुफाएँ मुख्यतः किससे संबंधित हैं?
✓
सही उत्तर:A. बौद्ध भिक्षुओं
व्याख्या: कार्ले की गुफाएँ बौद्ध भिक्षुओं के निवास और उपासना के लिए प्रसिद्ध हैं।
35पितलखोरा की यक्ष प्रतिमा पर स्वर्णकार का नाम अंकित होने से क्या संकेत मिलता है?
✓
सही उत्तर:A. विभिन्न व्यवसायों में बहु-कौशल था।
व्याख्या: इससे स्पष्ट होता है कि उस समय कारीगर अनेक प्रकार के कौशल में दक्ष थे।
36सातवाहन साम्राज्य के विघटन का प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:A. कमजोर केंद्रीय शासन
व्याख्या: कमजोर केंद्रीय सत्ता और आर्थिक गिरावट के कारण साम्राज्य छोटे राज्यों में बँट गया।
37यदि किसी साम्राज्य का केंद्रीय शासन कमजोर हो जाए, तो सामान्यतः क्या परिणाम होता है?
✓
सही उत्तर:A. क्षेत्रीय शक्तियाँ उभरने लगती हैं।
व्याख्या: इतिहास में कई बार कमजोर केंद्रीय शासन के बाद स्थानीय राज्यों का उदय हुआ है।
38सातवाहन काल में धार्मिक सहिष्णुता का सबसे उपयुक्त उदाहरण कौन-सा है?
✓
सही उत्तर:A. विभिन्न धर्मों के विद्वानों और भिक्षुओं को दान
व्याख्या: सातवाहन शासकों ने वैदिक, जैन और बौद्ध सभी परंपराओं को संरक्षण दिया।
39व्यापार मार्गों के निकट गुफाओं के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
✓
सही उत्तर:A. व्यापारियों और यात्रियों को सुविधा देना
व्याख्या: व्यापार मार्गों पर स्थित गुफाएँ विश्राम, धार्मिक गतिविधियों और व्यापारिक सुविधा के केंद्र थीं।
40सातवाहन काल का अध्ययन भारतीय इतिहास में विशेष क्यों माना जाता है?
✓
सही उत्तर:A. क्योंकि इस काल में व्यापार, संस्कृति और धार्मिक सहिष्णुता तीनों का विकास हुआ।
व्याख्या: सातवाहन काल आर्थिक समृद्धि, सांस्कृतिक उन्नति और धार्मिक सहिष्णुता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
41उत्तर-पश्चिम भारत में शासन करने वाले इंडो-ग्रीक शासक मूल रूप से कहाँ से आए थे?
✓
सही उत्तर:B. यूनान (ग्रीस)
व्याख्या: सिकंदर के अभियान के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में कई यूनानी शासकों ने राज्य स्थापित किए, जिन्हें इंडो-ग्रीक कहा जाता है।
42इंडो-ग्रीक शासकों और भारतीय समाज के बीच किस प्रकार का संबंध विकसित हुआ?
✓
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक समन्वय और आदान-प्रदान
व्याख्या: इंडो-ग्रीक शासकों ने भारतीय संस्कृति को अपनाया और दोनों सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक समन्वय बढ़ा।
43प्रसिद्ध इंडो-ग्रीक शासक मेनांडर को बौद्ध ग्रंथों में किस नाम से जाना जाता है?
✓
सही उत्तर:B. मिलिंद
व्याख्या: बौद्ध साहित्य में मेनांडर को ‘मिलिंद’ कहा गया है। ‘मिलिंदपन्हो’ ग्रंथ उनसे संबंधित है।
44‘मिलिंदपन्हो’ किसके बीच संवाद पर आधारित प्रसिद्ध ग्रंथ है?
✓
सही उत्तर:B. मिलिंद और नागसेन
व्याख्या: इस ग्रंथ में राजा मिलिंद और भिक्षु नागसेन के बीच दार्शनिक प्रश्नोत्तर प्रस्तुत किए गए हैं।
45शक (Śhaka) मूल रूप से किस क्षेत्र से आए थे?
✓
सही उत्तर:B. मध्य एशिया
व्याख्या: शक मध्य एशिया से आए और बाद में भारत के पश्चिमी क्षेत्रों में बस गए।
46शकों के प्रमुख शासकों को किस उपाधि से जाना जाता था?
✓
सही उत्तर:B. क्षत्रप
व्याख्या: शक शासकों को क्षत्रप और महाक्षत्रप जैसी उपाधियों से संबोधित किया जाता था।
47शकों के शासनकाल में किस क्षेत्र में विशेष विकास हुआ?
✓
सही उत्तर:A. समुद्री और स्थल व्यापार
व्याख्या: शकों के समय पश्चिमी भारत के व्यापारिक मार्गों का उल्लेखनीय विकास हुआ।
48कुषाण वंश का मूल निवास स्थान कहाँ माना जाता है?
✓
सही उत्तर:A. मध्य एशिया
व्याख्या: कुषाण मूलतः मध्य एशिया से आए और बाद में उत्तर भारत में शक्तिशाली साम्राज्य स्थापित किया।
49कुषाण साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासक कौन थे?
✓
सही उत्तर:B. कनिष्क
व्याख्या: कनिष्क कुषाण वंश के सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध सम्राट माने जाते हैं।
50कनिष्क के शासनकाल में किस क्षेत्र को विशेष संरक्षण मिला?
✓
सही उत्तर:A. कला और संस्कृति
व्याख्या: कनिष्क ने कला, साहित्य और बौद्ध धर्म के विकास को बढ़ावा दिया।
51कनिष्क के समय विकसित प्रसिद्ध कला शैली कौन-सी थी?
✓
सही उत्तर:A. गांधार कला
व्याख्या: गांधार कला में भारतीय और यूनानी-रोमन कला का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
52गांधार कला की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?
✓
सही उत्तर:B. भारतीय और यूनानी शैली का मिश्रण
व्याख्या: गांधार कला में बुद्ध की मूर्तियों पर यूनानी प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
53कुषाण काल में व्यापार की उन्नति का मुख्य कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:A. सिल्क रूट पर नियंत्रण
व्याख्या: सिल्क रूट के माध्यम से भारत, मध्य एशिया और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ावा मिला।
54सिल्क रूट मुख्य रूप से किन क्षेत्रों को जोड़ता था?
✓
सही उत्तर:B. चीन, मध्य एशिया और भूमध्यसागरीय क्षेत्र
व्याख्या: सिल्क रूट प्राचीन विश्व का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था।
55सिल्क रूट के माध्यम से सबसे अधिक किस वस्तु का व्यापार प्रसिद्ध था?
✓
सही उत्तर:A. रेशम
व्याख्या: चीन का रेशम इस मार्ग की सबसे प्रसिद्ध व्यापारिक वस्तु थी, जिससे इसका नाम ‘सिल्क रूट’ पड़ा।
56यदि किसी राज्य का नियंत्रण प्रमुख व्यापारिक मार्गों पर हो, तो उसे सबसे अधिक क्या लाभ मिलेगा?
✓
सही उत्तर:A. आर्थिक समृद्धि
व्याख्या: व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण से कर, व्यापार और आर्थिक शक्ति में वृद्धि होती है।
57विदेशी शासकों के भारतीय समाज में घुलने-मिलने का सबसे बड़ा परिणाम क्या था?
✓
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक समन्वय
व्याख्या: विभिन्न संस्कृतियों के मेल से कला, भाषा और धार्मिक विचारों का विकास हुआ।
58कुषाण काल को भारतीय इतिहास में विशेष महत्व क्यों दिया जाता है?
✓
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के कारण
व्याख्या: इस काल में व्यापार, संस्कृति और कला का व्यापक विकास हुआ।
59यदि कोई शासक कला, व्यापार और धार्मिक सहिष्णुता तीनों को बढ़ावा दे, तो उसका राज्य कैसा होगा?
✓
सही उत्तर:A. अधिक समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से विकसित
व्याख्या: संतुलित नीतियाँ राज्य को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाती हैं।
60पुनर्गठन के युग में विदेशी शासकों का भारतीय इतिहास पर सबसे स्थायी प्रभाव क्या रहा?
✓
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक समन्वय, कला का विकास और व्यापार का विस्तार
व्याख्या: विदेशी शासकों ने भारतीय परंपराओं को अपनाया और कला, व्यापार तथा सांस्कृतिक समन्वय को नई दिशा दी।
61मथुरा कला शैली का विकास मुख्य रूप से किस क्षेत्र में हुआ?
✓
सही उत्तर:B. मथुरा (वर्तमान उत्तर प्रदेश)
व्याख्या: मथुरा कला शैली का विकास वर्तमान उत्तर प्रदेश के मथुरा क्षेत्र में हुआ। यह अपनी विशुद्ध भारतीय शैली के लिए प्रसिद्ध है।
62मथुरा कला शैली में मुख्य रूप से किस प्रकार के पत्थर का प्रयोग किया जाता था?
✓
सही उत्तर:B. लाल बलुआ पत्थर
व्याख्या: मथुरा शैली की अधिकांश मूर्तियाँ लाल बलुआ पत्थर से निर्मित हैं, जो इसकी प्रमुख पहचान है।
63गांधार कला और मथुरा कला में प्रमुख अंतर क्या था?
✓
सही उत्तर:B. गांधार पर यूनानी प्रभाव था, जबकि मथुरा शैली अधिक भारतीय थी।
व्याख्या: गांधार कला में यूनानी-रोमन प्रभाव दिखाई देता है, जबकि मथुरा कला भारतीय परंपरा पर आधारित थी।
64मथुरा कला शैली में किन देवताओं की मूर्तियाँ प्रमुख रूप से बनाई गईं?
✓
सही उत्तर:B. बुद्ध, शिव, कुबेर, लक्ष्मी तथा यक्ष-यक्षिणियाँ
व्याख्या: मथुरा शैली में बौद्ध, वैदिक और स्थानीय परंपराओं से जुड़े अनेक देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाई गईं।
65गांधार और मथुरा कला के विकास से क्या स्पष्ट होता है?
✓
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक समन्वय और कलात्मक विकास
व्याख्या: दोनों कला शैलियाँ विभिन्न संस्कृतियों के प्रभाव और भारतीय कला के विकास को दर्शाती हैं।
66पुनर्गठन के युग में संस्कृत साहित्य के विकास का क्या महत्व था?
✓
सही उत्तर:B. भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण
व्याख्या: इस काल में महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों का विकास और विस्तार हुआ, जिसने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया।
67पुनर्गठन के युग में सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सबसे बड़ा परिणाम क्या था?
✓
सही उत्तर:A. कला और परंपराओं का विकास
व्याख्या: विभिन्न संस्कृतियों के मेल से नई कला शैलियाँ, स्थापत्य और विचार विकसित हुए।
68विदेशी शासकों के भारतीय समाज में समाहित होने से कौन-सा लाभ हुआ?
✓
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक विविधता बढ़ी।
व्याख्या: भारतीय और विदेशी परंपराओं के मेल से नई सांस्कृतिक पहचान विकसित हुई।
69प्राचीन व्यापार मार्गों ने भारत को किस प्रकार लाभ पहुँचाया?
✓
सही उत्तर:B. व्यापार, संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान में
व्याख्या: व्यापार मार्गों से वस्तुओं के साथ-साथ ज्ञान, कला और संस्कृति का भी प्रसार हुआ।
70सिल्क रूट का भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा महत्व क्या था?
✓
सही उत्तर:B. अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क
व्याख्या: सिल्क रूट ने भारत को एशिया और यूरोप से जोड़कर व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
71यदि विभिन्न संस्कृतियाँ एक-दूसरे से सीखें, तो समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
✓
सही उत्तर:A. सांस्कृतिक समृद्धि बढ़ेगी।
व्याख्या: विभिन्न संस्कृतियों का मेल नए विचारों, कला और परंपराओं को जन्म देता है।
72पुनर्गठन के युग में राजनीतिक संघर्षों के बावजूद कौन-सा क्षेत्र निरंतर विकसित होता रहा?
✓
सही उत्तर:A. कला और संस्कृति
व्याख्या: राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद कला, स्थापत्य और साहित्य का निरंतर विकास हुआ।
73इतिहासकार पुनर्गठन के युग को ‘परिवर्तन का काल’ क्यों कहते हैं?
✓
सही उत्तर:A. क्योंकि इस समय नए राज्यों, व्यापार और संस्कृति का विकास हुआ।
व्याख्या: इस काल में राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए।
74यदि कोई शासक विभिन्न संस्कृतियों का सम्मान करे, तो उसके राज्य में क्या संभावना बढ़ेगी?
✓
सही उत्तर:A. सामाजिक सद्भाव
व्याख्या: सांस्कृतिक सम्मान और सहिष्णुता समाज में शांति और एकता को बढ़ावा देती है।
75कला और स्थापत्य किसी सभ्यता के बारे में क्या बताते हैं?
✓
सही उत्तर:B. उसकी संस्कृति, जीवनशैली और विचार
व्याख्या: कला और स्थापत्य किसी समाज की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मकता को दर्शाते हैं।
76प्राचीन भारत के व्यापारिक संपर्कों का एक महत्वपूर्ण परिणाम क्या था?
✓
सही उत्तर:A. नए विचारों और तकनीकों का प्रसार
व्याख्या: व्यापारिक संपर्कों से वस्तुओं के साथ-साथ तकनीक, ज्ञान और सांस्कृतिक परंपराओं का भी आदान-प्रदान हुआ।
77यदि किसी समाज में आर्थिक समृद्धि, सांस्कृतिक विकास और धार्मिक सहिष्णुता साथ-साथ हों, तो वह समाज कैसा होगा?
✓
सही उत्तर:A. अधिक स्थिर और विकसित
व्याख्या: संतुलित विकास समाज को दीर्घकाल तक समृद्ध और स्थिर बनाए रखता है।
78पुनर्गठन के युग की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
✓
सही उत्तर:A. विभिन्न शक्तियों के बीच संघर्ष के साथ सांस्कृतिक समन्वय
व्याख्या: इस काल में राजनीतिक परिवर्तन हुए, लेकिन कला, व्यापार और संस्कृति का विकास भी जारी रहा।
79पुनर्गठन के युग से हमें सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा क्या मिलती है?
✓
सही उत्तर:A. परिवर्तन के समय भी समाज नए अवसरों का निर्माण कर सकता है।
व्याख्या: इतिहास बताता है कि परिवर्तन और चुनौतियों के बीच भी समाज सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ सकता है।
80‘पुनर्गठन का युग’ भारतीय इतिहास में क्यों विशेष महत्व रखता है?
✓
सही उत्तर:A. इसने नए राज्यों, व्यापारिक नेटवर्क, कला, साहित्य और सांस्कृतिक समन्वय की मजबूत नींव रखी।
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य के बाद का यह काल भारतीय इतिहास में राजनीतिक पुनर्गठन, सांस्कृतिक समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के विस्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
More Class 7 Social Science Objective Questions
Exploring Society India and Beyond (Part_1)
Theme A – India and the World: Land and the People