Are you looking for JAC Class 7 Social ScienceChapter नई शुरुआत: नगर और राज्यMCQ (Objective Questions) with answers? Look no further! JAC Exam Prep provides chapter-wise multiple-choice questions (MCQs) with answers for Class 7 Social Science Chapter नई शुरुआत: नगर और राज्य based on the latest JCERT & NCERT Social Science – (Exploring Society India and Beyond) syllabus prescribed by the Jharkhand Academic Council (JAC).
Our Class 7 Social Science Chapter New Beginnings: Cities and StatesMCQs are designed to improve accuracy, boost confidence, and help students score better marks through regular practice.
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1भारत के इतिहास में ‘द्वितीय नगरीकरण’ (Second Urbanisation) किस काल से संबंधित है?
✓
सही उत्तर:B. प्रथम सहस्राब्दी ईसा पूर्व
व्याख्या: प्रथम सहस्राब्दी ईसा पूर्व में गंगा के मैदानों में नए नगरों के विकास को भारत का द्वितीय नगरीकरण कहा जाता है।
2भारत का ‘प्रथम नगरीकरण’ किस सभ्यता से संबंधित है?
✓
सही उत्तर:B. सिंधु-सरस्वती (हड़प्पा) सभ्यता
व्याख्या: सिंधु-सरस्वती सभ्यता भारत का प्रथम नगरीकरण मानी जाती है, जहाँ सुव्यवस्थित नगर विकसित हुए थे।
3हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद लगभग कितने समय तक भारत में बड़े नगरों का अभाव रहा?
✓
सही उत्तर:C. लगभग 1000 वर्ष
व्याख्या: हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद लगभग एक सहस्राब्दी तक बड़े नगरों का विकास नहीं हुआ।
4द्वितीय नगरीकरण का सबसे प्रमुख क्षेत्र कौन-सा था?
✓
सही उत्तर:B. गंगा का मैदान
व्याख्या: उपजाऊ गंगा के मैदानों में कृषि, व्यापार और जनसंख्या वृद्धि के कारण नगरों का विकास हुआ।
5द्वितीय नगरीकरण के प्रमाण मुख्यतः किन स्रोतों से प्राप्त होते हैं?
✓
सही उत्तर:C. पुरातात्त्विक उत्खनन तथा प्राचीन साहित्य से
व्याख्या: उत्खननों तथा बौद्ध, जैन और उत्तर वैदिक साहित्य से नगरों के विकास की जानकारी मिलती है।
6‘जनपद’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?
✓
सही उत्तर:B. जहाँ लोग बस गए हों
व्याख्या: ‘जन’ अर्थात लोग और ‘पद’ अर्थात पैर रखना। जहाँ लोग बसते हैं, उसे जनपद कहा गया।
7जनपदों का नेतृत्व सामान्यतः कौन करता था?
✓
सही उत्तर:B. राजा
व्याख्या: प्रत्येक जनपद का प्रमुख एक राजा (राजा/रजा) होता था।
8कई जनपदों के मिलकर बड़े राज्यों में बदलने पर उन्हें क्या कहा गया?
✓
सही उत्तर:C. महाजनपद
व्याख्या: 8वीं–7वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक अनेक जनपद मिलकर महाजनपद बने।
9परंपरागत रूप से महाजनपदों की संख्या कितनी मानी जाती है?
✓
सही उत्तर:C. 16
व्याख्या: प्राचीन ग्रंथों में 16 प्रमुख महाजनपदों का उल्लेख मिलता है।
10निम्नलिखित में से कौन-सा एक महाजनपद था?
✓
सही उत्तर:A. मगध
व्याख्या: मगध प्राचीन भारत का एक प्रमुख महाजनपद था।
11गंधार महाजनपद भारत के किस भाग में स्थित था?
✓
सही उत्तर:A. उत्तर-पश्चिम
व्याख्या: गंधार महाजनपद उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में स्थित था।
12अंग महाजनपद भारत के किस भाग में स्थित था?
✓
सही उत्तर:C. पूर्व
व्याख्या: अंग महाजनपद पूर्वी भारत में स्थित था।
13गंगा के मैदानों में महाजनपदों के विकास का प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. उपजाऊ भूमि
व्याख्या: उपजाऊ मिट्टी के कारण कृषि का विकास हुआ और इससे राज्य समृद्ध बने।
14महाजनपदों के विकास में किस धातु की उपलब्धता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
✓
सही उत्तर:C. लोहा
व्याख्या: लोहे के औजारों ने कृषि और युद्ध दोनों को अधिक प्रभावी बनाया।
15अधिकांश महाजनपदों की राजधानियाँ कैसी होती थीं?
✓
सही उत्तर:B. किलों से सुरक्षित
व्याख्या: राजधानियों के चारों ओर किलेबंदी और सुरक्षा व्यवस्था होती थी।
16किले के चारों ओर बनाई जाने वाली जल से भरी गहरी खाई को क्या कहा जाता है?
✓
सही उत्तर:C. परिखा (Moat)
व्याख्या: परिखा शत्रुओं से रक्षा के लिए किले के चारों ओर बनाई जाती थी।
17किलों के प्रवेश द्वार प्रायः संकरे क्यों बनाए जाते थे?
✓
सही उत्तर:B. लोगों और सामान की आवाजाही पर नियंत्रण हेतु
व्याख्या: संकरे द्वारों से सुरक्षा और निगरानी आसान हो जाती थी।
18जनपदों में सामूहिक निर्णय लेने वाली सभा को क्या कहा जाता था?
✓
सही उत्तर:B. सभा या समिति
व्याख्या: सभा और समिति में जनपद से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता था।
19एक आदर्श राजा से क्या अपेक्षा की जाती थी?
✓
सही उत्तर:B. सभा और मंत्रियों की सलाह माने
व्याख्या: प्राचीन भारतीय परंपरा में राजा को सलाह लेकर शासन करने वाला माना गया है।
20कुछ प्राचीन ग्रंथों के अनुसार अयोग्य राजा के साथ क्या किया जा सकता था?
✓
सही उत्तर:B. उसे सभा द्वारा हटाया जा सकता था
व्याख्या: कुछ ग्रंथों में उल्लेख है कि सभा अयोग्य राजा को पद से हटा सकती थी।
21गणराज्य में शासन व्यवस्था का प्रमुख आधार क्या था?
✓
सही उत्तर:B. सामूहिक निर्णय
व्याख्या: गणराज्यों में शासन किसी एक व्यक्ति के बजाय अनेक प्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक रूप से चलाया जाता था। महत्वपूर्ण निर्णय सभा में लिए जाते थे।
22निम्नलिखित में से कौन-सा एक गणराज्य था?
✓
सही उत्तर:B. वज्जि
व्याख्या: वज्जि प्राचीन भारत का प्रसिद्ध गणराज्य था, जहाँ अनेक कुलों के प्रतिनिधि मिलकर शासन चलाते थे।
23गणराज्यों में महत्वपूर्ण निर्णय किसके द्वारा लिए जाते थे?
✓
सही उत्तर:B. सभा के सदस्यों द्वारा
व्याख्या: गणराज्यों में शासन का आधार सभा थी, जिसमें सदस्य मिलकर विचार-विमर्श कर निर्णय लेते थे।
24महाजनपदों की समृद्धि का प्रमुख आधार क्या था?
✓
सही उत्तर:B. कृषि और व्यापार
व्याख्या: उपजाऊ भूमि, कृषि उत्पादन तथा व्यापारिक गतिविधियों ने महाजनपदों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया।
25व्यापार के विकास से नगरों पर क्या प्रभाव पड़ा?
✓
सही उत्तर:B. नगरों का विस्तार हुआ
व्याख्या: व्यापार बढ़ने से बाजार विकसित हुए, लोगों का आवागमन बढ़ा और नगर तेजी से विस्तारित हुए।
26प्राचीन नगरों में बाजारों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✓
सही उत्तर:B. वस्तुओं का क्रय-विक्रय
व्याख्या: बाजारों में किसान, व्यापारी और कारीगर अपनी वस्तुओं का आदान-प्रदान और व्यापार करते थे।
27नगरों के विकास में कारीगरों की क्या भूमिका थी?
✓
सही उत्तर:B. विभिन्न वस्तुओं का निर्माण
व्याख्या: कारीगर धातु, मिट्टी, लकड़ी और वस्त्र आदि की उपयोगी वस्तुएँ बनाते थे, जिससे नगरों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती थी।
28लोहे के औजारों के प्रयोग से सबसे अधिक लाभ किस क्षेत्र को हुआ?
✓
सही उत्तर:B. कृषि
व्याख्या: लोहे के हल, कुल्हाड़ी और अन्य औजारों से खेती अधिक प्रभावी हुई तथा उत्पादन बढ़ा।
29प्राचीन राज्यों में कर (Tax) क्यों लिया जाता था?
✓
सही उत्तर:B. शासन और सुरक्षा के लिए
व्याख्या: कर से प्राप्त आय का उपयोग प्रशासन, सेना, सार्वजनिक कार्यों तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए किया जाता था।
30महाजनपदों के बीच संघर्ष का एक प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. भूमि और संसाधनों पर अधिकार
व्याख्या: उपजाऊ भूमि, व्यापारिक मार्गों और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण के लिए राज्यों में संघर्ष होते थे।
31प्राचीन भारत में नगरों का विकास प्रायः किन स्थानों पर हुआ?
✓
सही उत्तर:B. नदियों के किनारे
व्याख्या: नदियों से जल, उपजाऊ भूमि और परिवहन की सुविधा मिलने के कारण नगर नदी तटों पर विकसित हुए।
32प्राचीन नगरों में सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✓
सही उत्तर:B. शत्रुओं से रक्षा करना
व्याख्या: नगरों को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षित रखने के लिए दीवारें, द्वार और परिखाएँ बनाई जाती थीं।
33महाजनपदों की राजधानी सामान्यतः क्यों महत्वपूर्ण होती थी?
✓
सही उत्तर:B. वह प्रशासन और व्यापार का केंद्र होती थी
व्याख्या: राजधानी में शासक, अधिकारी, बाजार और प्रमुख प्रशासनिक संस्थाएँ स्थित होती थीं।
34नगरों के विकास से समाज में कौन-सा परिवर्तन आया?
✓
सही उत्तर:B. विभिन्न व्यवसाय विकसित हुए
व्याख्या: नगरों में व्यापारी, कारीगर, अधिकारी और अन्य नए व्यवसायों का विकास हुआ।
35प्राचीन भारत में व्यापारी सबसे अधिक किस कार्य से जुड़े थे?
✓
सही उत्तर:B. वस्तुओं का आदान-प्रदान
व्याख्या: व्यापारी विभिन्न क्षेत्रों से वस्तुएँ लाकर बाजारों में बेचते और व्यापारिक संपर्क बढ़ाते थे।
36महाजनपदों के सुदृढ़ होने का एक प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. संगठित प्रशासन
व्याख्या: संगठित प्रशासन, कर व्यवस्था और सेना ने महाजनपदों को मजबूत बनाया।
37प्राचीन राज्यों में सेना का मुख्य कार्य क्या था?
✓
सही उत्तर:B. राज्य की रक्षा करना
व्याख्या: सेना बाहरी आक्रमणों से राज्य की रक्षा करती थी और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखती थी।
38जनसंख्या बढ़ने का नगरों पर क्या प्रभाव पड़ा?
✓
सही उत्तर:B. नगरों का विस्तार हुआ
व्याख्या: अधिक लोगों के बसने से आवास, बाजार और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ।
39महाजनपदों में आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार क्या था?
✓
सही उत्तर:B. कृषि, शिल्प और व्यापार
व्याख्या: कृषि उत्पादन, कुटीर उद्योग और व्यापार मिलकर महाजनपदों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते थे।
40नगरों और राज्यों के विकास का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम क्या था?
✓
सही उत्तर:A. समाज अधिक संगठित हुआ
व्याख्या: नगरों और राज्यों के विकास से प्रशासन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संगठन अधिक व्यवस्थित एवं मजबूत हुए।
41मगध महाजनपद के शक्तिशाली बनने का प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. उपजाऊ भूमि, लौह अयस्क और संगठित प्रशासन
व्याख्या: मगध के पास उपजाऊ भूमि, लौह अयस्क, नदियों की सुविधा और सुदृढ़ प्रशासन था, जिससे यह सबसे शक्तिशाली महाजनपदों में विकसित हुआ।
42मगध की प्रारंभिक राजधानी कौन-सी थी?
✓
सही उत्तर:B. राजगृह
व्याख्या: प्रारंभ में मगध की राजधानी राजगृह थी। बाद में राजधानी पाटलिपुत्र बनाई गई।
43पाटलिपुत्र के विकास का प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. नदियों के संगम के निकट स्थित होना
व्याख्या: गंगा, सोन, गंडक और पुनपुन नदियों के निकट होने से पाटलिपुत्र व्यापार और प्रशासन का प्रमुख केंद्र बना।
44प्राचीन नगरों में नदियों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या था?
✓
सही उत्तर:B. जल, परिवहन और व्यापार की सुविधा
व्याख्या: नदियाँ पेयजल, सिंचाई, परिवहन और व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थीं।
45महाजनपदों के विस्तार में किसका विशेष योगदान था?
✓
सही उत्तर:B. कृषि उत्पादन और व्यापार का
व्याख्या: कृषि और व्यापार से प्राप्त समृद्धि ने राज्यों के विस्तार और विकास को गति दी।
46प्राचीन नगरों में व्यापारी वर्ग का महत्व क्यों बढ़ा?
✓
सही उत्तर:B. वे विभिन्न क्षेत्रों के बीच व्यापार करते थे।
व्याख्या: व्यापारी दूर-दूर तक वस्तुओं का आदान-प्रदान कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते थे।
47शिल्पकार (Craftsperson) समाज में किस प्रकार का योगदान देते थे?
✓
सही उत्तर:B. उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करते थे।
व्याख्या: शिल्पकार धातु, लकड़ी, मिट्टी और वस्त्रों से विभिन्न आवश्यक वस्तुएँ बनाते थे।
48प्राचीन नगरों में बाजारों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
✓
सही उत्तर:B. व्यापार और वस्तुओं का आदान-प्रदान
व्याख्या: बाजारों में विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारी अपनी वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते थे।
49राज्य की आर्थिक शक्ति मुख्यतः किस पर निर्भर करती थी?
✓
सही उत्तर:B. कृषि, व्यापार और कर व्यवस्था पर
व्याख्या: अच्छी कृषि, व्यापारिक गतिविधियाँ और नियमित कर संग्रह राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते थे।
50किसी महाजनपद की राजधानी में प्रशासनिक भवनों के साथ-साथ क्या विकसित होता था?
✓
सही उत्तर:B. बाजार और शिल्प केंद्र
व्याख्या: राजधानी प्रशासन, व्यापार और शिल्प गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होती थी।
51प्राचीन भारत में लंबी दूरी के व्यापार का एक प्रमुख परिणाम क्या था?
✓
सही उत्तर:A. नगरों का विकास
व्याख्या: व्यापारिक मार्गों के विकास से नए नगर बसे और पुराने नगर अधिक समृद्ध हुए।
52महाजनपदों के बीच व्यापार से सबसे अधिक लाभ किसे हुआ?
✓
सही उत्तर:B. किसानों, व्यापारियों और शिल्पकारों को
व्याख्या: व्यापार बढ़ने से उत्पादन, रोजगार और आय में वृद्धि हुई।
53यदि किसी राज्य में कृषि उत्पादन अधिक हो, तो उसका सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?
✓
सही उत्तर:B. राज्य अधिक समृद्ध होगा।
व्याख्या: अधिक कृषि उत्पादन से खाद्यान्न, व्यापार और कर संग्रह बढ़ता है, जिससे राज्य समृद्ध होता है।
54प्राचीन राज्यों में मजबूत किलेबंदी का सबसे बड़ा लाभ क्या था?
✓
सही उत्तर:B. शत्रुओं से सुरक्षा मिलती थी।
व्याख्या: मजबूत किले राज्य की राजधानी और नागरिकों की रक्षा के लिए बनाए जाते थे।
55प्राचीन नगरों के विकास से सामाजिक जीवन में क्या परिवर्तन आया?
✓
सही उत्तर:A. व्यवसायों में विविधता आई।
व्याख्या: नगरों में कारीगर, व्यापारी, अधिकारी और अन्य अनेक व्यवसाय विकसित हुए।
56महाजनपदों के विकास में परिवहन का क्या महत्व था?
✓
सही उत्तर:B. व्यापार और संपर्क को बढ़ावा मिला।
व्याख्या: अच्छे मार्गों और नदी परिवहन से वस्तुओं तथा लोगों का आवागमन आसान हुआ।
57यदि किसी नगर के पास नदी, उपजाऊ भूमि और व्यापारिक मार्ग हों, तो वहाँ किसकी संभावना अधिक होगी?
✓
सही उत्तर:B. समृद्ध नगर बनने की
व्याख्या: प्राकृतिक संसाधन और व्यापारिक सुविधाएँ नगरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
58महाजनपदों में प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए किसकी आवश्यकता थी?
✓
सही उत्तर:B. अधिकारियों और संगठित व्यवस्था की
व्याख्या: प्रशासनिक अधिकारी कर संग्रह, कानून व्यवस्था और शासन संचालन में सहायता करते थे।
59नगरों के विकास का शिक्षा और संस्कृति पर क्या प्रभाव पड़ा?
✓
सही उत्तर:A. ज्ञान और विचारों का आदान-प्रदान बढ़ा।
व्याख्या: नगरों में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के मिलने से ज्ञान, कला और संस्कृति का विकास हुआ।
60प्राचीन भारत में नगरों और राज्यों का विकास किस बात का प्रमाण है?
✓
सही उत्तर:A. संगठित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था का
व्याख्या: नगरों और राज्यों का विकास प्रशासन, व्यापार, कृषि और सामाजिक संगठन की प्रगति को दर्शाता है।
61द्वितीय नगरीकरण के दौरान किस धातु के व्यापक उपयोग ने कृषि और युद्ध दोनों में क्रांति ला दी?
✓
सही उत्तर:C. लोहा
व्याख्या: लोहे के औजारों से कृषि उत्पादन बढ़ा तथा लोहे के हथियारों ने राज्यों की सैन्य शक्ति को मजबूत बनाया।
62भारत में सबसे प्रारम्भिक सिक्के किस धातु के बने थे?
✓
सही उत्तर:C. चाँदी
व्याख्या: भारत के प्रारम्भिक पंच-चिह्नित (Punch-marked) सिक्के मुख्यतः चाँदी के बने होते थे।
63प्रारम्भिक भारतीय सिक्कों को क्या कहा जाता है?
✓
सही उत्तर:B. पंच-चिह्नित सिक्के
व्याख्या: इन सिक्कों पर विभिन्न प्रतीकों को पंच (Punch) द्वारा अंकित किया जाता था, इसलिए इन्हें पंच-चिह्नित सिक्के कहा जाता है।
64सिक्कों के प्रचलन का मुख्य कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. बढ़ता हुआ व्यापार
व्याख्या: व्यापार के विस्तार के कारण वस्तुओं के विनिमय को सरल बनाने हेतु सिक्कों का उपयोग शुरू हुआ।
65समाज में ‘जाति’ (Jāti) का आधार मुख्यतः क्या था?
✓
सही उत्तर:B. व्यवसाय या पेशा
व्याख्या: जाति का संबंध मुख्यतः पारंपरिक व्यवसाय और उससे जुड़ी जीवन-शैली से था।
66वर्ण व्यवस्था में कुल कितने वर्ण बताए गए थे?
✓
सही उत्तर:C. चार
व्याख्या: वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र—चार वर्णों का उल्लेख मिलता है।
67वर्ण व्यवस्था में ज्ञान के संरक्षण और शिक्षा का कार्य किस वर्ण से जुड़ा था?
✓
सही उत्तर:D. ब्राह्मण
व्याख्या: ब्राह्मणों का प्रमुख कार्य ज्ञान का संरक्षण, अध्ययन-अध्यापन तथा धार्मिक अनुष्ठान करना माना गया।
68समाज की रक्षा तथा युद्ध करना किस वर्ण का प्रमुख दायित्व माना गया?
✓
सही उत्तर:B. क्षत्रिय
व्याख्या: क्षत्रियों का मुख्य कार्य समाज और राज्य की रक्षा करना था।
69व्यापार, कृषि और धन-संपत्ति की वृद्धि किस वर्ण से संबंधित थी?
✓
सही उत्तर:C. वैश्य
व्याख्या: वैश्य व्यापार, कृषि और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े होते थे।
70शिल्पकार, कारीगर और सेवा कार्य मुख्यतः किस वर्ण से जुड़े थे?
✓
सही उत्तर:D. शूद्र
व्याख्या: शूद्रों को विभिन्न प्रकार के शिल्प, सेवा और श्रम से जुड़े कार्यों का दायित्व दिया गया था।
71अध्याय के अनुसार प्रारम्भिक काल में वर्ण-जाति व्यवस्था की कौन-सी विशेषता थी?
✓
सही उत्तर:B. अपेक्षाकृत लचीली थी
व्याख्या: प्रारम्भिक काल में लोग परिस्थितियों के अनुसार व्यवसाय बदल सकते थे, इसलिए व्यवस्था अपेक्षाकृत लचीली थी।
72उत्तरापथ (Uttarapatha) मुख्यतः किस उद्देश्य से प्रसिद्ध था?
✓
सही उत्तर:B. व्यापार और आवागमन
व्याख्या: उत्तरापथ उत्तर-पश्चिम भारत को गंगा के मैदानों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था।
73दक्षिणापथ (Dakshinapatha) का मुख्य महत्व क्या था?
✓
सही उत्तर:B. उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ना
व्याख्या: दक्षिणापथ व्यापार, यात्रा और सांस्कृतिक संपर्क का प्रमुख मार्ग था।
74लगभग 400 ईसा पूर्व दक्षिण भारत में कौन-से तीन प्रमुख राज्य उभरे?
✓
सही उत्तर:A. चोल, चेर और पाण्ड्य
व्याख्या: दक्षिण भारत में चोल, चेर और पाण्ड्य राज्यों का उल्लेख प्राचीन तमिल साहित्य में मिलता है।
75दक्षिण भारत के राज्यों की समृद्धि का प्रमुख कारण क्या था?
✓
सही उत्तर:B. बहुमूल्य पत्थरों, सोने और मसालों का व्यापार
व्याख्या: दक्षिण भारत के राज्य बहुमूल्य संसाधनों और समुद्री व्यापार के कारण समृद्ध बने।
76लगभग 300–200 ईसा पूर्व तक भारतीय उपमहाद्वीप की क्या विशेषता थी?
✓
सही उत्तर:B. विभिन्न क्षेत्र आपस में जुड़े हुए थे।
व्याख्या: इस समय तक व्यापार, संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान से लगभग पूरा उपमहाद्वीप परस्पर जुड़ चुका था।
77महाजनपदों के समाप्त होने के बाद क्या हुआ?
✓
सही उत्तर:B. नए राज्यों और साम्राज्यों का विकास हुआ।
व्याख्या: महाजनपदों के बाद भारत में नए शक्तिशाली राज्यों और साम्राज्यों का उदय हुआ।
78यदि किसी राज्य में व्यापारिक मार्ग, उपजाऊ भूमि और लौह संसाधन तीनों उपलब्ध हों, तो सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?
✓
सही उत्तर:B. राज्य का आर्थिक और राजनीतिक विकास होगा।
व्याख्या: प्राकृतिक संसाधन, कृषि और व्यापार मिलकर किसी भी राज्य की शक्ति और समृद्धि को बढ़ाते हैं।
79‘द्वितीय नगरीकरण’ का सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रभाव क्या था?
✓
सही उत्तर:B. संगठित राज्यों, व्यापार और नगरों का विकास
व्याख्या: द्वितीय नगरीकरण के दौरान नगर, महाजनपद, व्यापार और प्रशासनिक संस्थाएँ तेजी से विकसित हुईं।
80जनपदों और महाजनपदों का अध्ययन भारत के इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण है?
✓
सही उत्तर:B. क्योंकि इससे प्रारम्भिक राज्य व्यवस्था, नगरों और शासन प्रणाली के विकास को समझा जा सकता है।
व्याख्या: जनपद और महाजनपद भारत में संगठित शासन, नगरीकरण, व्यापार और राजनीतिक विकास की महत्वपूर्ण शुरुआत को दर्शाते हैं।
More Class 7 Social Science Objective Questions
Exploring Society India and Beyond (Part_1)
Theme A – India and the World: Land and the People