Class 10 Science: जैव प्रक्रम

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Chapter Overview

Class10
SubjectScience
Chapter Nameजैव प्रक्रम
Resource TypeRevision Notes
SyllabusNCERT
Suitable ForCBSE, JAC and other state boards

जैव प्रक्रम Revision Notes

1. उत्सर्जन क्या है? उत्सर्जन तंत्र के प्रमुख अंगों के नाम लिखिए।

उत्तर:
जीवों के शरीर में उपापचयी (Metabolic) क्रियाओं के फलस्वरूप उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया उत्सर्जन (Excretion) कहलाती है।

मनुष्य के उत्सर्जन तंत्र के प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं—

(i) वृक्क (Kidney)

(ii) मूत्रवाहिनी (Ureter)

(iii) मूत्राशय (Urinary Bladder)

(iv) मूत्रमार्ग (Urethra)

2. परपोषण (Heterotrophic Nutrition) किसे कहते हैं? इसके प्रकार लिखिए।

उत्तर:
जिस पोषण विधि में जीव अपना भोजन स्वयं नहीं बना पाते तथा भोजन के लिए अन्य जीवों या स्रोतों पर निर्भर रहते हैं, उसे परपोषण (Heterotrophic Nutrition) कहते हैं।

परपोषण के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं—

(i) प्राणिसम पोषण (Holozoic Nutrition)

(ii) मृतजीवी पोषण (Saprophytic Nutrition)

(iii) परजीवी पोषण (Parasitic Nutrition)

(iv) परासरणी पोषण (Symbiotic Nutrition)

3. पोषण क्या है? इसके प्रमुख चरण लिखिए।

उत्तर:
जीव द्वारा भोजन ग्रहण करना, उसका पाचन, अवशोषण, आत्मसात तथा अपचित पदार्थों का निष्कासन—इन सभी प्रक्रियाओं के समूह को पोषण (Nutrition) कहते हैं।

पोषण के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं—

(i) भोजन ग्रहण (Ingestion)

(ii) पाचन (Digestion)

(iii) अवशोषण (Absorption)

(iv) आत्मसात (Assimilation)

(v) उत्सर्जन (Egestion)

4. स्वपोषी पोषण के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ तथा उसके उपोत्पाद लिखिए।

उत्तर:
स्वपोषी पोषण हरे पौधों में पाया जाता है, जिसमें वे प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।

स्वपोषी पोषण के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ—

(i) सूर्य का प्रकाश

(ii) क्लोरोफिल (पर्णहरित)

(iii) कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

(iv) जल (H₂O)

उपोत्पाद (By-product):

प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऑक्सीजन (O₂) गैस उपोत्पाद के रूप में निकलती है।

5. श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दृष्टि से स्थलीय जीव, जलीय जीवों की अपेक्षा अधिक लाभप्रद क्यों हैं?

उत्तर:
जल में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा वायु की अपेक्षा बहुत कम होती है। इसलिए जलीय जीवों को पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए अधिक तीव्र गति से श्वसन करना पड़ता है।

इसके विपरीत स्थलीय जीव वायुमंडल से सीधे ऑक्सीजन प्राप्त करते हैं, जहाँ ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए श्वसन की दृष्टि से स्थलीय जीव अधिक लाभप्रद होते हैं।

6. श्वसन (Respiration) क्या है?

उत्तर:
शरीर द्वारा ऑक्सीजन ग्रहण करके भोजन का ऑक्सीकरण कर ऊर्जा प्राप्त करने तथा कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल का निर्माण करने की प्रक्रिया श्वसन (Respiration) कहलाती है।

रासायनिक समीकरण:

C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा (ATP)

7. स्वपोषण की आवश्यक शर्तें एवं उसके उपोत्पाद लिखिए।

उत्तर:

स्वपोषण की आवश्यक शर्तें—

(i) क्लोरोफिल की उपस्थिति

(ii) कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

(iii) जल (H₂O)

(iv) सूर्य का प्रकाश

इनकी सहायता से पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा ग्लूकोज का निर्माण करते हैं।

उपोत्पाद:
ऑक्सीजन (O₂)

8. परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) क्या है?

उत्तर:
शरीर में ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ, हार्मोन तथा उत्सर्जी पदार्थों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन करने वाले तंत्र को परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) कहते हैं।

इसके प्रमुख भाग हैं—

(i) हृदय (Heart)

(ii) रक्त (Blood)

(iii) रक्त वाहिनियाँ (Blood Vessels)

9. उत्सर्जन क्या है? मानव में इसके दो प्रमुख अंगों के नाम लिखिए।

उत्तर:
उपापचयी क्रियाओं से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया उत्सर्जन कहलाती है।

मानव में इसके दो प्रमुख अंग हैं—

(i) वृक्क (Kidney) – मूत्र के रूप में द्रव अपशिष्ट बाहर निकालता है।

(ii) फेफड़े (Lungs) – कार्बन डाइऑक्साइड एवं जलवाष्प को बाहर निकालते हैं।

10. वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) का पौधों के लिए क्या महत्त्व है?

उत्तर:
वाष्पोत्सर्जन पौधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) जड़ों द्वारा जल एवं खनिज लवणों के अवशोषण में सहायता करता है।

(ii) जड़ों से पत्तियों तक जल के परिवहन में सहायक होता है।

(iii) पौधों के तापमान को नियंत्रित रखता है।

(iv) जाइलम में जल के ऊपर की ओर संचलन हेतु वाष्पोत्सर्जन कर्षण उत्पन्न करता है।

11. मूत्र बनने की मात्रा का नियमन किस प्रकार होता है?

उत्तर:
मूत्र बनने की मात्रा मुख्यतः शरीर में उपलब्ध जल की मात्रा तथा उत्सर्जित किए जाने वाले विलेय पदार्थों पर निर्भर करती है।

(i) शरीर में जल की मात्रा अधिक होने पर अधिक मूत्र बनता है।

(ii) जल की कमी होने पर वृक्क अधिक जल का पुनरावशोषण कर लेते हैं, जिससे मूत्र की मात्रा कम हो जाती है।

(iii) भोजन में लवणों की अधिक मात्रा होने पर अतिरिक्त लवण मूत्र के साथ बाहर निकल जाते हैं।

(iv) मूत्राशय तंत्रिका नियंत्रण में कार्य करता है, इसलिए मनुष्य कुछ समय तक मूत्र त्याग को नियंत्रित कर सकता है।

12. वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) को परिभाषित कीजिए।

उत्तर:
पौधों के वायवीय भागों, विशेषकर पत्तियों के रंध्रों (Stomata) द्वारा जल का वाष्प के रूप में वायुमंडल में निकलना वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) कहलाता है।

13. क्या शाकाहारी एवं मांसाहारी जंतुओं की छोटी आँत की लंबाई में अंतर होता है? यदि हाँ, तो क्यों?

उत्तर:
हाँ, शाकाहारी तथा मांसाहारी जंतुओं की छोटी आँत की लंबाई में अंतर होता है।

(i) शाकाहारी जंतुओं की छोटी आँत अधिक लंबी होती है, क्योंकि सेल्यूलोज के पाचन में अधिक समय लगता है।

(ii) मांसाहारी जंतुओं की छोटी आँत अपेक्षाकृत छोटी होती है, क्योंकि मांस का पाचन अपेक्षाकृत सरल एवं शीघ्र होता है।

14. मनुष्य में दंतक्षरण (Dental Caries) का क्या कारण है?

उत्तर:
दाँतों पर भोजन के कण जमा होने से जीवाणु उन पर क्रिया करके अम्ल उत्पन्न करते हैं। यह अम्ल दाँतों के इनेमल (Enamel) को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है, जिससे दाँतों में छिद्र बनने लगते हैं। इसी प्रक्रिया को दंतक्षरण (Dental Caries) कहते हैं।

15. दंत प्लाक (Dental Plaque) तथा दंतक्षय (Dental Caries) में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

दंत प्लाक (Dental Plaque)दंतक्षय (Dental Caries)
(i) यह दाँतों की सतह पर जीवाणुओं एवं भोजन के कणों की चिपचिपी परत होती है।(i) यह दाँतों में बनने वाला स्थायी क्षय या छिद्र है।
(ii) उचित सफाई से इसे हटाया जा सकता है।(ii) इसका उपचार दंत चिकित्सक द्वारा कराया जाता है।
(iii) यह दंतक्षय का मुख्य कारण है।(iii) यह प्लाक द्वारा उत्पन्न अम्ल के कारण होता है।

16. विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition) क्या है?

उत्तर:
जिस पोषण विधि में जीव अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते, बल्कि भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं, उसे विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition) कहते हैं।

इसके प्रमुख प्रकार हैं—

(i) मृतजीवी पोषण

(ii) परजीवी पोषण

(iii) प्राणिसम पोषण

17. सजीवों के चार प्रमुख लक्षण लिखिए।

उत्तर:
सजीवों के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं—

(i) पोषण (Nutrition)

(ii) श्वसन (Respiration)

(iii) वृद्धि एवं विकास (Growth and Development)

(iv) प्रजनन (Reproduction)

18. जीवों में पोषण की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:
जीवों को वृद्धि, विकास, ऊतकों की मरम्मत तथा सभी जैविक क्रियाओं के संचालन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा भोजन से प्राप्त होती है। इसलिए प्रत्येक जीव के लिए पोषण आवश्यक है।

19. हमारे आमाशय में अम्ल (HCl) की क्या भूमिका होती है?

उत्तर:
आमाशय में उपस्थित हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) निम्नलिखित कार्य करता है—

(i) भोजन के साथ आने वाले हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है।

(ii) पेप्सिन एंजाइम के कार्य करने हेतु अम्लीय माध्यम प्रदान करता है।

(iii) प्रोटीन के पाचन में सहायता करता है।

20. कोशिका के चार प्रमुख कोशिकांगों के नाम लिखिए।

उत्तर:
कोशिका के प्रमुख कोशिकांग निम्नलिखित हैं—

(i) माइटोकॉण्ड्रिया (Mitochondria)

(ii) लाइसोसोम (Lysosome)

(iii) गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus)

(iv) अंतःप्रद्रव्य जालिका (Endoplasmic Reticulum)

21. छोटी आँत (Small Intestine) में भोजन का पाचन किस प्रकार होता है?

उत्तर:
छोटी आँत पाचन तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। यहाँ भोजन का पूर्ण पाचन होता है।

(i) यकृत (Liver) से आने वाला पित्त रस (Bile Juice) वसा का इमल्सीकरण करता है।

(ii) अग्न्याशय (Pancreas) से आने वाला अग्नाशयी रस कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा वसा का पाचन करता है।

(iii) आंत्र रस (Intestinal Juice) भोजन के पाचन को पूर्ण करता है।

(iv) पचे हुए भोजन का अवशोषण छोटी आँत की विली (Villi) द्वारा किया जाता है।

22. मनुष्य के हृदय की संरचना का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर:
मनुष्य का हृदय एक पेशीय (Muscular) अंग है, जो वक्ष गुहा में दोनों फेफड़ों के बीच स्थित होता है।

हृदय में कुल चार कक्ष (Chambers) होते हैं—

(i) दायाँ अलिंद (Right Atrium)

(ii) दायाँ निलय (Right Ventricle)

(iii) बायाँ अलिंद (Left Atrium)

(iv) बायाँ निलय (Left Ventricle)

हृदय का कार्य शरीर के सभी भागों में रक्त का संचार करना है।

23. मानव में रक्त के प्रमुख कार्य लिखिए।

उत्तर:
रक्त के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन।

(ii) पचे हुए भोजन का विभिन्न अंगों तक परिवहन।

(iii) हार्मोनों का परिवहन।

(iv) रोगाणुओं से शरीर की रक्षा करना।

(v) उत्सर्जी पदार्थों को वृक्क तक पहुँचाना।

24. धमनी, शिरा तथा केशिका में अंतर लिखिए।

धमनी (Artery)शिरा (Vein)केशिका (Capillary)
(i) रक्त को हृदय से शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती है।(i) रक्त को शरीर से हृदय तक लाती है।(i) धमनियों एवं शिराओं को जोड़ती हैं।
(ii) इनमें रक्त का दाब अधिक होता है।(ii) इनमें रक्त का दाब कम होता है।(ii) इनमें रक्त का दाब बहुत कम होता है।
(iii) इनकी दीवार मोटी एवं लचीली होती है।(iii) इनकी दीवार अपेक्षाकृत पतली होती है।(iii) इनकी दीवार केवल एक कोशिका मोटी होती है।

25. रक्त के प्रमुख घटकों के नाम लिखिए।

उत्तर:
रक्त के चार प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं—

(i) प्लाज्मा (Plasma)

(ii) लाल रक्त कणिकाएँ (RBC)

(iii) श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC)

(iv) रक्त प्लेटलेट्स (Platelets)

26. लाल रक्त कणिकाओं (RBC) का क्या कार्य है?

उत्तर:
लाल रक्त कणिकाओं में हीमोग्लोबिन नामक वर्णक पाया जाता है।

इनके प्रमुख कार्य—

(i) फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुँचाना।

(ii) ऊतकों से कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों तक पहुँचाना।

27. श्वेत रक्त कणिकाओं (WBC) का क्या कार्य है?

उत्तर:
श्वेत रक्त कणिकाएँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाती हैं।

ये शरीर में प्रवेश करने वाले जीवाणुओं एवं रोगजनकों को नष्ट करके शरीर की रक्षा करती हैं।

28. प्लेटलेट्स (Platelets) का क्या कार्य है?

उत्तर:
रक्त प्लेटलेट्स का मुख्य कार्य रक्त का थक्का (Blood Clotting) बनाना है।

चोट लगने पर प्लेटलेट्स रक्तस्राव को रोकने में सहायता करती हैं।

29. दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) क्या है?

उत्तर:
मनुष्य में एक पूर्ण रक्त परिसंचरण के दौरान रक्त दो बार हृदय से होकर गुजरता है, इसलिए इसे दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) कहते हैं।

इसके दो भाग हैं—

(i) फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary Circulation)

(ii) महापरिसंचरण (Systemic Circulation)

यह प्रणाली ऑक्सीजनयुक्त एवं ऑक्सीजनरहित रक्त को अलग-अलग बनाए रखती है।

30. वृक्क (Kidney) के प्रमुख कार्य लिखिए।

उत्तर:
वृक्क मानव उत्सर्जन तंत्र का मुख्य अंग है।

इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) रक्त का निस्यंदन (Filtration) करना।

(ii) मूत्र का निर्माण करना।

(iii) अतिरिक्त जल एवं लवणों को शरीर से बाहर निकालना।

(iv) यूरिया, यूरिक अम्ल तथा अन्य उत्सर्जी पदार्थों का निष्कासन करना।

(v) शरीर में जल एवं लवणों का संतुलन बनाए रखना।

31. नेफ्रॉन (Nephron) क्या है?

उत्तर:
नेफ्रॉन (Nephron) वृक्क (Kidney) की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। प्रत्येक वृक्क में लगभग 10 लाख (1 Million) नेफ्रॉन पाए जाते हैं।

नेफ्रॉन के प्रमुख भाग हैं—

(i) बोमैन कैप्सूल (Bowman’s Capsule)

(ii) ग्लोमेरुलस (Glomerulus)

(iii) समीपस्थ कुंडलित नलिका (PCT)

(iv) हेनले का लूप (Loop of Henle)

(v) दूरस्थ कुंडलित नलिका (DCT)

(vi) संग्रह नलिका (Collecting Duct)

32. नेफ्रॉन का कार्य लिखिए।

उत्तर:
नेफ्रॉन के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) रक्त का निस्यंदन (Filtration) करना।

(ii) आवश्यक पदार्थों का पुनरावशोषण (Reabsorption) करना।

(iii) अपशिष्ट पदार्थों का स्रवण (Secretion) करना।

(iv) मूत्र का निर्माण करना।

(v) शरीर में जल एवं लवणों का संतुलन बनाए रखना।

33. पौधों में जल का परिवहन किस ऊतक द्वारा होता है?

उत्तर:
पौधों में जल एवं खनिज लवणों का परिवहन जाइलम (Xylem) ऊतक द्वारा किया जाता है।

जाइलम जड़ों से जल एवं खनिजों को तना तथा पत्तियों तक पहुँचाता है।

34. पौधों में भोजन का परिवहन किस ऊतक द्वारा होता है?

उत्तर:
पौधों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा निर्मित भोजन का परिवहन फ्लोएम (Phloem) ऊतक द्वारा किया जाता है।

फ्लोएम भोजन को पत्तियों से पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।

35. जाइलम तथा फ्लोएम में अंतर लिखिए।

जाइलम (Xylem)फ्लोएम (Phloem)
(i) जल एवं खनिज लवणों का परिवहन करता है।(i) भोजन का परिवहन करता है।
(ii) परिवहन मुख्यतः नीचे से ऊपर की ओर होता है।(ii) परिवहन दोनों दिशाओं में हो सकता है।
(iii) अधिकांश कोशिकाएँ मृत होती हैं।(iii) अधिकांश कोशिकाएँ जीवित होती हैं।
(iv) यह पौधे को यांत्रिक दृढ़ता भी प्रदान करता है।(iv) इसका मुख्य कार्य भोजन का संवहन है।

36. पौधों में उत्सर्जन कैसे होता है?

उत्तर:
पौधों में उत्सर्जन के लिए कोई विशेष उत्सर्जन तंत्र नहीं होता।

वे अपने अपशिष्ट पदार्थों को निम्नलिखित प्रकार से बाहर निकालते हैं—

(i) रंध्रों (Stomata) द्वारा गैसों का निष्कासन।

(ii) वाष्पोत्सर्जन द्वारा अतिरिक्त जल का निष्कासन।

(iii) पत्तियों, छाल एवं फलों के गिरने द्वारा अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन।

(iv) कुछ अपशिष्ट पदार्थ गोंद, राल (Resin) एवं लेटेक्स के रूप में संग्रहित कर दिए जाते हैं।

37. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) क्या है?

उत्तर:
वह प्रक्रिया जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश तथा क्लोरोफिल की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल से ग्लूकोज का निर्माण करते हैं, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कहलाती है।

इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन गैस उपोत्पाद के रूप में निकलती है।

रासायनिक समीकरण:

38. मानव के पाचन तंत्र के प्रमुख अंगों के नाम लिखिए।

उत्तर:
मानव पाचन तंत्र के प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं—

(i) मुख (Mouth)

(ii) ग्रसनी (Pharynx)

(iii) ग्रासनली (Oesophagus)

(iv) आमाशय (Stomach)

(v) छोटी आँत (Small Intestine)

(vi) बड़ी आँत (Large Intestine)

(vii) मलाशय (Rectum)

(viii) गुदा (Anus)

39. ATP क्या है? इसका पूरा नाम लिखिए।

उत्तर:
ATP (Adenosine Triphosphate) कोशिका की ऊर्जा मुद्रा (Energy Currency) कहलाती है।

श्वसन के दौरान भोजन के ऑक्सीकरण से प्राप्त ऊर्जा ATP के रूप में संचित होती है। यही ATP शरीर की सभी जैविक क्रियाओं के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

40. मानव में श्वसन के प्रमुख अंगों के नाम लिखिए।

उत्तर:
मानव श्वसन तंत्र के प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं—

(i) नासिका (Nostrils)

(ii) नासिका गुहा (Nasal Cavity)

(iii) ग्रसनी (Pharynx)

(iv) कंठनली (Larynx)

(v) श्वासनली (Trachea)

(vi) श्वसनी (Bronchi)

(vii) फेफड़े (Lungs)

(viii) वायुकोष (Alveoli)

41. मनुष्य में श्वसन की प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर:
मनुष्य में श्वसन की प्रक्रिया दो चरणों में सम्पन्न होती है—

(i) श्वास लेना (Inhalation): इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन युक्त वायु नासिका द्वारा फेफड़ों तक पहुँचती है।

(ii) श्वास छोड़ना (Exhalation): इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु शरीर से बाहर निकलती है।

फेफड़ों के वायुकोषों (Alveoli) में ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से बाहर निकलकर श्वास के साथ बाहर चली जाती है।

42. वायुकोष (Alveoli) का क्या कार्य है?

उत्तर:
वायुकोष (Alveoli) फेफड़ों की सूक्ष्म थैलीनुमा संरचनाएँ होती हैं।

इनके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) रक्त एवं वायु के बीच गैसों का आदान-प्रदान कराना।

(ii) ऑक्सीजन को रक्त में पहुँचाना।

(iii) कार्बन डाइऑक्साइड को रक्त से बाहर निकालना।

(iv) श्वसन के लिए अधिक सतह क्षेत्र (Surface Area) उपलब्ध कराना।

43. पौधों में गैसों का आदान-प्रदान किस प्रकार होता है?

उत्तर:
पौधों में गैसों का आदान-प्रदान मुख्यतः रंध्रों (Stomata) तथा लेंटिसेल (Lenticels) के माध्यम से होता है।

(i) दिन में प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधे कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं तथा ऑक्सीजन छोड़ते हैं।

(ii) श्वसन के समय पौधे ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं।

44. रक्तचाप (Blood Pressure) क्या है?

उत्तर:
रक्त द्वारा धमनियों की दीवारों पर डाले गए दाब को रक्तचाप (Blood Pressure) कहते हैं।

एक स्वस्थ व्यक्ति का सामान्य रक्तचाप लगभग 120/80 mm Hg होता है।

  • 120 mm Hg → सिस्टोलिक दाब (Systolic Pressure)
  • 80 mm Hg → डायस्टोलिक दाब (Diastolic Pressure)

45. लसीका (Lymph) क्या है? इसके कार्य लिखिए।

उत्तर:
लसीका (Lymph) हल्के पीले रंग का ऊतक द्रव (Tissue Fluid) है, जो लसीका वाहिनियों में प्रवाहित होता है।

इसके प्रमुख कार्य हैं—

(i) छोटी आँत से वसा का अवशोषण करना।

(ii) ऊतकों से अतिरिक्त द्रव को पुनः रक्त में पहुँचाना।

(iii) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता करना।

(iv) ऊतकों एवं रक्त के बीच पदार्थों के आदान-प्रदान में सहायता करना।

46. मानव में द्विगुण परिसंचरण (Double Circulation) का क्या महत्व है?

उत्तर:
द्विगुण परिसंचरण के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं—

(i) ऑक्सीजनयुक्त एवं ऑक्सीजनरहित रक्त अलग-अलग रहता है।

(ii) शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त होती है।

(iii) ऊर्जा का उत्पादन अधिक प्रभावी ढंग से होता है।

(iv) उच्च उपापचयी दर (Metabolic Rate) बनाए रखने में सहायता मिलती है।

47. बड़ी आँत (Large Intestine) का क्या कार्य है?

उत्तर:
बड़ी आँत के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) अपचित भोजन से जल का अवशोषण करना।

(ii) कुछ लवणों का पुनरावशोषण करना।

(iii) मल का निर्माण एवं संग्रह करना।

(iv) मल को मलाशय की ओर भेजना।

48. मानव में पित्त रस (Bile Juice) का क्या कार्य है?

उत्तर:
पित्त रस का निर्माण यकृत (Liver) में होता है तथा इसका संग्रह पित्ताशय (Gall Bladder) में होता है।

इसके प्रमुख कार्य हैं—

(i) वसा का इमल्सीकरण (Emulsification) करना।

(ii) अम्लीय भोजन को क्षारीय बनाना।

(iii) वसा के पाचन में सहायता करना।

49. अग्न्याशय (Pancreas) का क्या कार्य है?

उत्तर:
अग्न्याशय एक मिश्रित ग्रंथि (Mixed Gland) है।

इसके प्रमुख कार्य—

(i) अग्नाशयी रस का स्राव करना, जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा के पाचन में सहायता करता है।

(ii) इंसुलिन एवं ग्लूकागॉन हार्मोन का स्राव करके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करना।

50. मानव शरीर में यकृत (Liver) के प्रमुख कार्य लिखिए।

उत्तर:
यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है।

इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) पित्त रस (Bile Juice) का निर्माण करना।

(ii) भोजन के पाचन में सहायता करना।

(iii) अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहित करना।

(iv) विषैले पदार्थों का विषहरण (Detoxification) करना।

(v) शरीर के उपापचयी कार्यों का नियंत्रण करना।

(vi) कुछ विटामिन एवं लौह तत्व का संग्रह करना।

51. छोटी आँत (Small Intestine) की संरचना एवं कार्य लिखिए।

उत्तर:
छोटी आँत पाचन तंत्र का सबसे लंबा भाग है। इसकी लंबाई लगभग 6 से 7 मीटर होती है। इसकी भीतरी सतह पर असंख्य विली (Villi) पाई जाती हैं, जो भोजन के अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाती हैं।

कार्य—

(i) भोजन का पूर्ण पाचन करना।

(ii) पचे हुए भोजन का अवशोषण करना।

(iii) शरीर को पोषक तत्व उपलब्ध कराना।

52. बड़ी आँत (Large Intestine) की संरचना एवं कार्य लिखिए।

उत्तर:
बड़ी आँत छोटी आँत से छोटी लेकिन अधिक चौड़ी होती है।

कार्य—

(i) अपचित भोजन से जल का पुनरावशोषण करना।

(ii) कुछ लवणों का अवशोषण करना।

(iii) मल का निर्माण एवं संग्रह करना।

(iv) मल को मलाशय के माध्यम से बाहर निकालना।

53. मनुष्य के पाचन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइए।

उत्तर:
मनुष्य के पाचन तंत्र के प्रमुख भाग निम्नलिखित हैं—

(i) मुख

(ii) ग्रसनी

(iii) ग्रासनली

(iv) आमाशय

(v) यकृत

(vi) अग्न्याशय

(vii) छोटी आँत

(viii) बड़ी आँत

(ix) मलाशय

(x) गुदा

54. वृक्क (Kidney) का नामांकित चित्र बनाइए।

उत्तर:
वृक्क के प्रमुख भाग निम्नलिखित हैं—

(i) वृक्क धमनी (Renal Artery)

(ii) वृक्क शिरा (Renal Vein)

(iii) मूत्रवाहिनी (Ureter)

(iv) वृक्क प्रांतस्था (Cortex)

(v) वृक्क मज्जा (Medulla)

(vi) वृक्क पेल्विस (Renal Pelvis)

55. मानव हृदय का नामांकित चित्र बनाइए।

उत्तर:
हृदय के प्रमुख भाग—

(i) दायाँ अलिंद

(ii) बायाँ अलिंद

(iii) दायाँ निलय

(iv) बायाँ निलय

(v) महाधमनी (Aorta)

(vi) फुफ्फुसीय धमनी

(vii) फुफ्फुसीय शिरा

(viii) महाशिरा (Vena Cava)

56. रक्त एवं लसीका में अंतर लिखिए।

रक्त (Blood)लसीका (Lymph)
(i) लाल रंग का द्रव है।(i) हल्के पीले रंग का द्रव है।
(ii) इसमें RBC, WBC तथा प्लेटलेट्स पाए जाते हैं।(ii) इसमें मुख्यतः WBC पाए जाते हैं।
(iii) यह रक्त वाहिनियों में बहता है।(iii) यह लसीका वाहिनियों में बहता है।
(iv) ऑक्सीजन एवं पोषक पदार्थों का परिवहन करता है।(iv) वसा के अवशोषण तथा रोग प्रतिरोधकता में सहायता करता है।

57. एरोबिक (वायवीय) तथा एनारोबिक (अवायवीय) श्वसन में अंतर लिखिए।

वायवीय श्वसनअवायवीय श्वसन
(i) ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है।(i) ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
(ii) अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।(ii) कम ऊर्जा उत्पन्न होती है।
(iii) अंतिम उत्पाद CO₂ एवं H₂O होते हैं।(iii) अंतिम उत्पाद लैक्टिक अम्ल अथवा एथेनॉल एवं CO₂ होते हैं।
(iv) अधिकांश जीवों में सामान्य श्वसन यही है।(iv) यीस्ट तथा मांसपेशियों में विशेष परिस्थितियों में होता है।

58. मनुष्य में गैसों का आदान-प्रदान कहाँ और कैसे होता है?

उत्तर:
मनुष्य में गैसों का आदान-प्रदान फेफड़ों के वायुकोषों (Alveoli) में होता है।

(i) वायुकोषों की दीवार बहुत पतली होती है।

(ii) ऑक्सीजन वायुकोषों से रक्त में विसरण (Diffusion) द्वारा प्रवेश करती है।

(iii) कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से वायुकोषों में पहुँचकर श्वास के साथ बाहर निकल जाती है।

59. पाचन (Digestion) क्या है?

उत्तर:
जटिल एवं अघुलनशील भोजन को एंजाइमों की सहायता से सरल, घुलनशील तथा अवशोषण योग्य पदार्थों में बदलने की प्रक्रिया पाचन (Digestion) कहलाती है।

60. आत्मसात (Assimilation) क्या है?

उत्तर:
अवशोषित पोषक पदार्थों का शरीर की कोशिकाओं द्वारा उपयोग करके ऊर्जा प्राप्त करना, वृद्धि करना तथा नए ऊतकों का निर्माण करना आत्मसात (Assimilation) कहलाता है।

61. अवशोषण (Absorption) क्या है?

उत्तर:
पचे हुए भोजन के सरल एवं घुलनशील पदार्थों का छोटी आँत की विली (Villi) द्वारा रक्त अथवा लसीका में पहुँचने की प्रक्रिया अवशोषण (Absorption) कहलाती है।

62. ग्रहण (Ingestion) क्या है?

उत्तर:
भोजन को मुख के द्वारा शरीर के भीतर लेने की प्रक्रिया ग्रहण (Ingestion) कहलाती है। यह पोषण की प्रथम अवस्था है।

63. निष्कासन (Egestion) क्या है?

उत्तर:
पाचन के बाद बचे हुए अपचित एवं अवांछित भोजन को मल के रूप में शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया निष्कासन (Egestion) कहलाती है।

64. अमीबा में पोषण किस प्रकार होता है?

उत्तर:
अमीबा में प्राणिसम (Holozoic) पोषण पाया जाता है।

इसमें पोषण की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है—

(i) भोजन ग्रहण

(ii) पाचन

(iii) अवशोषण

(iv) आत्मसात

(v) निष्कासन

अमीबा भोजन को कूटपाद (Pseudopodia) की सहायता से ग्रहण करता है।

65. मानव के मुख में भोजन का पाचन कैसे प्रारम्भ होता है?

उत्तर:
मानव के मुख में भोजन का पाचन दो प्रकार से प्रारम्भ होता है—

(i) दाँत भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में चबाते हैं।

(ii) लार ग्रंथि (Salivary Gland) से निकलने वाला लार (Saliva) भोजन में मिल जाता है।

लार में उपस्थित टायलिन (Salivary Amylase) एंजाइम स्टार्च को माल्टोज में परिवर्तित करना प्रारम्भ कर देता है।

66. लार (Saliva) के प्रमुख कार्य लिखिए।

उत्तर:
लार के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) भोजन को नम एवं मुलायम बनाना।

(ii) स्टार्च के पाचन की शुरुआत करना।

(iii) भोजन को निगलने में सहायता करना।

(iv) मुख को साफ एवं नम बनाए रखना।

67. आमाशय (Stomach) के प्रमुख कार्य लिखिए।

उत्तर:
आमाशय के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) भोजन का संग्रह करना।

(ii) भोजन का मंथन (Churning) करना।

(iii) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव करना।

(iv) पेप्सिन एंजाइम द्वारा प्रोटीन का प्रारंभिक पाचन करना।

(v) भोजन के साथ आए जीवाणुओं को नष्ट करना।

68. यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि क्यों कहलाती है?

उत्तर:
यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है क्योंकि—

(i) इसका भार लगभग 1.2 से 1.5 किलोग्राम होता है।

(ii) यह पित्त रस का निर्माण करता है।

(iii) यह उपापचय (Metabolism) का प्रमुख केंद्र है।

(iv) यह विषैले पदार्थों का विषहरण (Detoxification) करता है।

(v) यह ग्लाइकोजन, विटामिन एवं लौह का संग्रह करता है।

69. मनुष्य में ऑक्सीजन का परिवहन किस प्रकार होता है?

उत्तर:
मनुष्य में ऑक्सीजन का परिवहन लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में उपस्थित हीमोग्लोबिन द्वारा किया जाता है।

फेफड़ों में हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन से मिलकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाता है, जो रक्त के माध्यम से शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुँचाता है।

70. मनुष्य में कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन किस प्रकार होता है?

उत्तर:
शरीर की कोशिकाओं में बनी कार्बन डाइऑक्साइड रक्त द्वारा फेफड़ों तक पहुँचाई जाती है।

कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन मुख्यतः—

(i) प्लाज्मा में घुली हुई अवस्था में।

(ii) बाइकार्बोनेट आयन (HCO₃⁻) के रूप में।

(iii) हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर कार्बामिनोहीमोग्लोबिन के रूप में होता है।

फेफड़ों में पहुँचकर यह श्वास के साथ बाहर निकल जाती है।

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Chapter 1: रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण
Chapter 2: अम्ल, क्षार और लवण
Chapter 3: धातु और अधातु
Chapter 4: कार्बन और उसके यौगिक
Chapter 5: तत्वों का आवर्ती वर्गीकरण
Chapter 6: जैव प्रक्रम
Chapter 7: नियंत्रण और समन्वय
Chapter 8: जीव जनन कैसे करते हैं?
Chapter 9: आनुवंशिकी और जैव विकास
Chapter 10: प्रकाश : परावर्तन और अपवर्तन
Chapter 11: मानव नेत्र और रंग-बिरंगा संसार
Chapter 12: विद्युत्
Chapter 13: विद्युतधारा के चुम्बकीय प्रभाव
Chapter 14: ऊर्जा के स्रोत
Chapter 15: हमारा पर्यावरण
Chapter 16: प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन

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