Class 10 Science: कार्बन तथा उसके यौगिक
Revise the NCERT Class 10 Science chapter, कार्बन तथा उसके यौगिक, with these concise and well-organised revision notes. JAC Exam Prep (jac.jharkhandexamprep.com) provides NCERT Class 10 Science कार्बन तथा उसके यौगिक Revision Notes based on the latest NCERT syllabus. Download the PDF below and revise the chapter for school examinations, CBSE board examinations, and competitive exams such as JEE and NEET.
Chapter Overview
| Class | 10 |
| Subject | Science |
| Chapter Name | कार्बन और उसके यौगिक |
| Resource Type | Revision Notes |
| Syllabus | NCERT |
| Suitable For | CBSE, JAC and other state boards |
कार्बन तथा उसके यौगिक (Subjective Questions)
1. कार्बनिक यौगिकों के प्रमुख गुण लिखिए।
उत्तर:
कार्बनिक यौगिकों के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं—
(i) अधिकांश कार्बनिक यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं।
(ii) इनके गलनांक एवं क्वथनांक सामान्यतः कम होते हैं।
(iii) इन यौगिकों के अणुओं के बीच आकर्षण बल अपेक्षाकृत कमजोर होता है।
(iv) ये सामान्यतः सहसंयोजक आबंध द्वारा बने होते हैं तथा इनमें आयन नहीं बनते।
(v) ये जल में प्रायः अघुलनशील होते हैं, लेकिन पेट्रोल, बेंजीन, ईथर, कार्बन डाइसल्फाइड आदि कार्बनिक विलायकों में घुलनशील होते हैं।
2. कार्बनिक यौगिकों की संख्या इतनी अधिक क्यों है?
उत्तर:
कार्बन परमाणु में दो विशेष गुण पाए जाते हैं—
(i) चतुर्संयोजकता (Tetravalency)
(ii) शृंखलन (Catenation)
इन्हीं गुणों के कारण कार्बन अपने समान तथा अन्य तत्वों के साथ असंख्य स्थायी यौगिक बना सकता है। इसलिए कार्बनिक यौगिकों की संख्या अत्यधिक है।
3. कार्बन के चार यौगिकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) मिथेन (CH₄)
(ii) एथनॉल (C₂H₅OH)
(iii) एथेनॉइक अम्ल / एसिटिक अम्ल (CH₃COOH)
(iv) क्लोरोफॉर्म (CHCl₃)
4. कार्बन यौगिकों के तीन रासायनिक गुणधर्म उपयुक्त रासायनिक समीकरण सहित लिखिए।
उत्तर:
(i) दहन अभिक्रिया (Combustion Reaction)
कार्बन यौगिक ऑक्सीजन में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊष्मा उत्पन्न करते हैं।
CH4 + 02 → CO2+ H2O + ऊष्मा + प्रकाश
CH3CH2OH + 02 → CO2 + H2O + ऊष्मा + प्रकाश
(ii) एथेनॉइक अम्ल की क्षार के साथ अभिक्रिया
एथेनॉइक अम्ल सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एसीटेट तथा जल बनाता है।
NaOH + CH3COOH → CH3COONa + H2O
(iii) एथनॉल की सोडियम के साथ अभिक्रिया
एथनॉल सोडियम के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एथॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाता है।
2Na + 2CH3CH2OH → 2CH3CH2O-Na+ + H2
5. कार्बन के वे दो गुण कौन-से हैं जिनके कारण कार्बन यौगिकों की संख्या अत्यधिक है?
उत्तर:
कार्बन के दो प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं—
(i) चतुर्संयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता चार होती है, इसलिए यह चार सहसंयोजक आबंध बना सकता है।
(ii) शृंखलन (Catenation): कार्बन अपने ही परमाणुओं के साथ लंबी श्रृंखलाएँ तथा वलय (Ring) बना सकता है।
इन्हीं दोनों गुणों के कारण कार्बन के असंख्य यौगिक पाए जाते हैं।
6. कार्बन के अपरूप (Allotropes) कौन-कौन से हैं? इनमें कौन अधिक कठोर तथा कौन अधिक मुलायम है?
उत्तर:
कार्बन के प्रमुख अपरूप निम्नलिखित हैं—
(i) हीरा (Diamond)
(ii) ग्रेफाइट (Graphite)
(iii) फुलरीन (Fullerene)
इनमें—
- हीरा सबसे अधिक कठोर होता है।
- ग्रेफाइट मुलायम तथा विद्युत का अच्छा चालक होता है।
7. कार्बनिक यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक कम क्यों होते हैं?
उत्तर:
कार्बनिक यौगिक मुख्यतः सहसंयोजक यौगिक होते हैं। इनके अणुओं के बीच आकर्षण बल अपेक्षाकृत कमजोर होता है। इसलिए इन अणुओं को अलग करने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसी कारण कार्बनिक यौगिकों के गलनांक तथा क्वथनांक सामान्यतः कम होते हैं।
8. क्या डिटर्जेंट की सहायता से यह पता लगाया जा सकता है कि जल कठोर है या नहीं?
उत्तर:
नहीं। डिटर्जेंट की सहायता से यह ज्ञात नहीं किया जा सकता कि जल कठोर है या नहीं, क्योंकि डिटर्जेंट कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम तथा मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील पदार्थ नहीं बनाते। इसलिए डिटर्जेंट कठोर जल में भी अच्छी तरह झाग बनाते हैं।
9. समजातीय श्रेणी (Homologous Series) किसे कहते हैं?
उत्तर:
कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रेणी, जिसके सभी सदस्यों का सामान्य सूत्र तथा रासायनिक गुण समान होते हैं और दो क्रमागत सदस्यों के बीच –CH₂– समूह का अंतर होता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है।
उदाहरण: एल्केन श्रेणी
CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀ ……
10. समावयवता (Isomerism) किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जब दो या दो से अधिक यौगिकों का आणविक सूत्र समान हो, लेकिन उनके संरचना सूत्र भिन्न-भिन्न हों, तो इस गुण को समावयवता (Isomerism) कहते हैं।
ऐसे यौगिक समावयवी (Isomers) कहलाते हैं।
उदाहरण: ब्यूटेन (C₄H₁₀) के दो समावयवी—
(i) n-ब्यूटेन
(ii) आइसो-ब्यूटेन

11. एथनॉल (Ethanol) के प्रमुख उपयोग लिखिए।
उत्तर:
एथनॉल एक महत्त्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक है, जिसका उपयोग अनेक क्षेत्रों में किया जाता है।
इसके प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं—
(i) औषधियाँ, टिंचर आयोडीन तथा कफ सिरप बनाने में।
(ii) इत्र (Perfume), वार्निश तथा सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में।
(iii) विभिन्न कार्बनिक यौगिकों के विलायक (Solvent) के रूप में।
(iv) ईंधन तथा पेट्रोल के साथ मिश्रण (Gasohol) बनाने में।
12. सहसंयोजी आबंध (Covalent Bond) किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब दो परमाणु अपने बाह्यतम कक्ष के इलेक्ट्रॉनों का एक या अधिक युग्म परस्पर साझा करके रासायनिक आबंध बनाते हैं, तो उसे सहसंयोजी आबंध (Covalent Bond) कहते हैं।
सहसंयोजी यौगिकों में अणुओं के भीतर आबंध मजबूत होते हैं, लेकिन अणुओं के बीच आकर्षण बल अपेक्षाकृत कमजोर होता है। इसी कारण इनके गलनांक एवं क्वथनांक कम होते हैं तथा ये सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं।
13. डिटर्जेंट कठोर जल में भी झाग क्यों देता है?
उत्तर:
डिटर्जेंट के अणु कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम (Ca²⁺) तथा मैग्नीशियम (Mg²⁺) आयनों के साथ अघुलनशील यौगिक नहीं बनाते। इसलिए डिटर्जेंट कठोर जल में भी प्रभावी रहता है तथा आसानी से झाग उत्पन्न करता है।
इसी कारण कठोर जल में डिटर्जेंट, साबुन की अपेक्षा अधिक उपयोगी होता है।
14. हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर:
असंतृप्त हाइड्रोकार्बनों अथवा वनस्पति तेलों में हाइड्रोजन का योग करके उन्हें संतृप्त यौगिकों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) कहलाती है।
यह अभिक्रिया सामान्यतः निकेल (Ni) उत्प्रेरक की उपस्थिति में कराई जाती है।
औद्योगिक अनुप्रयोग:
वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण करके वनस्पति घी (Vanaspati Ghee) बनाया जाता है।

15. समावयवी (Isomers) किसे कहते हैं?
उत्तर:
वे कार्बनिक यौगिक जिनका आणविक सूत्र समान, लेकिन संरचना सूत्र भिन्न-भिन्न होता है, समावयवी (Isomers) कहलाते हैं। इस गुण को समावयवता (Isomerism) कहते हैं।
उदाहरण:
ब्यूटेन (C₄H₁₀) के दो समावयवी—
(i) n-ब्यूटेन
(ii) आइसो-ब्यूटेन
16. हीरा तथा ग्रेफाइट के गुणों में अंतर क्यों होता है?
उत्तर:
हीरा तथा ग्रेफाइट दोनों कार्बन के अपरूप हैं, लेकिन उनकी आंतरिक संरचना भिन्न होती है।
हीरा:
हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजी आबंध द्वारा जुड़ा रहता है। इससे एक मजबूत त्रिविमीय (3-D) संरचना बनती है, जिसके कारण हीरा अत्यंत कठोर होता है।
ग्रेफाइट:
ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु केवल तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा रहता है। इसकी परतों के बीच आकर्षण बल कमजोर होता है तथा एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है। इसी कारण ग्रेफाइट मुलायम तथा विद्युत का सुचालक होता है।
17. सिरका (Vinegar) क्या है? इसके उपयोग लिखिए।
उत्तर:
एथेनॉइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) के लगभग 3%–5% जलीय विलयन को सिरका (Vinegar) कहते हैं।
इसके उपयोग
(i) अचार में परिरक्षक (Preservative) के रूप में।
(ii) खाद्य पदार्थों का स्वाद बढ़ाने में।
(iii) विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण में।
18. एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic Acid) के भौतिक गुण लिखिए।
उत्तर:
एथेनॉइक अम्ल के प्रमुख भौतिक गुण निम्नलिखित हैं—
(i) यह रंगहीन द्रव होता है।
(ii) इसकी तीखी गंध होती है।
(iii) यह जल में पूर्णतः घुलनशील होता है।
(iv) इसका गलनांक लगभग 290 K (17°C) होता है।
(v) शीत ऋतु में यह जम जाता है, इसलिए इसे ग्लेशियल एसिटिक अम्ल (Glacial Acetic Acid) भी कहते हैं।
19. ईंधन के रूप में एल्कोहल का उपयोग कैसे किया जाता है?
उत्तर:
एथनॉल एक स्वच्छ ईंधन है। कई देशों में पेट्रोल में एथनॉल मिलाकर गैसोहॉल (Gasohol) तैयार किया जाता है।
एथनॉल के दहन से मुख्यतः कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनते हैं और अपेक्षाकृत कम प्रदूषण होता है। इसलिए इसे पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है।
20. एथनॉल (C₂H₅OH) के भौतिक गुण लिखिए।
उत्तर:
एथनॉल के प्रमुख भौतिक गुण निम्नलिखित हैं—
(i) यह रंगहीन एवं पारदर्शी द्रव है।
(ii) इसकी एक विशिष्ट गंध होती है।
(iii) इसका क्वथनांक लगभग 78°C (351 K) होता है।
(iv) यह जल से हल्का होता है।
(v) यह जल में पूर्णतः घुलनशील होता है।
(vi) यह लिटमस के प्रति उदासीन होता है।
21. सजीव प्राणियों पर एल्कोहल का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
एल्कोहल का अत्यधिक सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। अधिक मात्रा में एथनॉल का सेवन करने से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है तथा शरीर की सामान्य क्रियाएँ धीमी पड़ जाती हैं।
इसके प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हैं—
(i) शरीर का समन्वय (Coordination) प्रभावित हो जाता है।
(ii) निर्णय लेने की क्षमता एवं स्मरण शक्ति कम हो जाती है।
(iii) अधिक मात्रा में सेवन करने पर यकृत (Liver) को नुकसान पहुँचता है।
(iv) मेथनॉल (Methanol) अत्यंत विषैला होता है। इसकी थोड़ी-सी मात्रा भी अंधापन अथवा मृत्यु का कारण बन सकती है।
22. कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर मैल (Scum) क्यों बनती है?
उत्तर:
कठोर जल में कैल्सियम (Ca²⁺) तथा मैग्नीशियम (Mg²⁺) के लवण उपस्थित होते हैं। जब कठोर जल में साबुन मिलाया जाता है, तो साबुन इन आयनों के साथ अभिक्रिया करके अघुलनशील पदार्थ बनाता है। यही अघुलनशील पदार्थ मैल (Scum) कहलाता है।
मैल बनने के कारण साबुन कम झाग बनाता है तथा सफाई की क्षमता भी घट जाती है।
23. जीवाश्म ईंधन क्या हैं? इनका निर्माण कैसे होता है?
उत्तर:
करोड़ों वर्ष पहले पृथ्वी के भीतर दबे हुए पौधों तथा जीव-जन्तुओं के अवशेषों से बनने वाले ईंधनों को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) कहते हैं।
इनका निर्माण उच्च ताप एवं दाब की परिस्थितियों में लाखों-करोड़ों वर्षों तक जैविक पदार्थों के अपघटन से होता है।
उदाहरण:
(i) कोयला
(ii) पेट्रोलियम
(iii) प्राकृतिक गैस
24. कार्बन को एक अद्वितीय (Unique) तत्व क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
कार्बन को अद्वितीय तत्व कहा जाता है क्योंकि इसमें दो विशेष गुण पाए जाते हैं—
(i) चतुर्संयोजकता (Tetravalency): कार्बन चार सहसंयोजक आबंध बना सकता है।
(ii) शृंखलन (Catenation): कार्बन अपने ही परमाणुओं के साथ लंबी, शाखित तथा वलयाकार श्रृंखलाएँ बना सकता है।
इन्हीं गुणों के कारण कार्बन लाखों प्रकार के स्थायी यौगिकों का निर्माण करता है।
25. समजातीय श्रेणी (Homologous Series) क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रेणी, जिसके सभी सदस्यों का सामान्य सूत्र, प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) तथा रासायनिक गुण समान होते हैं तथा दो क्रमागत सदस्यों के बीच –CH₂– समूह का अंतर होता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है।
उदाहरण: एल्केन श्रेणी
CH₄ → C₂H₆ → C₃H₈ → C₄H₁₀
इनके दो क्रमागत सदस्यों में सदैव –CH₂– का अंतर होता है।
26. एस्टरीकरण (Esterification) अभिक्रिया क्या है? समीकरण सहित समझाइए।
उत्तर:
जब कोई कार्बोक्सिलिक अम्ल किसी ऐल्कोहल के साथ सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) की उपस्थिति में अभिक्रिया करके एस्टर (Ester) तथा जल बनाता है, तो इस अभिक्रिया को एस्टरीकरण (Esterification) कहते हैं।
रासायनिक समीकरण:

यहाँ एथेनॉइक अम्ल तथा एथनॉल की अभिक्रिया से एथिल एथेनोएट (एस्टर) बनता है, जिसकी गंध फलों जैसी होती है।
27. समजातीय श्रेणी के प्रमुख लक्षण लिखिए।
उत्तर:
समजातीय श्रेणी के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं—
(i) सभी सदस्यों का सामान्य सूत्र समान होता है।
(ii) सभी का प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) समान होता है।
(iii) सभी के रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।
(iv) दो क्रमागत सदस्यों के बीच –CH₂– समूह का अंतर होता है।
(v) अणुभार बढ़ने के साथ इनके भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन होता है।
28. हाइड्रोकार्बन क्या हैं? इनके प्रकार उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
केवल कार्बन तथा हाइड्रोजन से बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons) कहते हैं।
हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के होते हैं—
(i) संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkanes):
इनमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल सहसंयोजक आबंध होता है।
सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₊₂
उदाहरण: मिथेन (CH₄), एथेन (C₂H₆)
(ii) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन:
इनमें कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि-आबंध या त्रि-आबंध होता है।
एल्कीन (Alkene): सामान्य सूत्र – CₙH₂ₙ
उदाहरण: एथीन (C₂H₄)
एल्काइन (Alkyne): सामान्य सूत्र – CₙH₂ₙ₋₂
उदाहरण: एथाइन (C₂H₂)
29. प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
कार्बनिक यौगिकों में उपस्थित वह परमाणु अथवा परमाणुओं का समूह जो उस यौगिक के विशिष्ट रासायनिक गुणों का निर्धारण करता है, प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) कहलाता है।
उदाहरण:
(i) –OH → ऐल्कोहल
(ii) –COOH → कार्बोक्सिलिक अम्ल
(iii) –CHO → ऐल्डिहाइड
(iv) –CO– → कीटोन
(v) –Cl → क्लोरो यौगिक
30. साबुन क्या है? इसका निर्माण कैसे किया जाता है?
उत्तर:
उच्च वसीय अम्लों के सोडियम अथवा पोटैशियम लवण को साबुन (Soap) कहते हैं।
साबुन का निर्माण वनस्पति तेल अथवा वसा की सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के साथ अभिक्रिया द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया को साबुनीकरण (Saponification) कहते हैं।
साबुन के अणु का एक सिरा जल से तथा दूसरा सिरा तेल एवं ग्रीस से जुड़ता है, जिससे गंदगी आसानी से हट जाती है।
31. साबुन तथा अपमार्जक (डिटर्जेंट) में अंतर लिखिए।
| साबुन (Soap) | अपमार्जक (Detergent) |
|---|---|
| (i) यह उच्च वसीय अम्लों का सोडियम या पोटैशियम लवण होता है। | (i) यह सल्फोनेट या सल्फेट लवणों से बना होता है। |
| (ii) कठोर जल में कम झाग बनाता है। | (ii) कठोर जल में भी अच्छी तरह झाग बनाता है। |
| (iii) कठोर जल में मैल (Scum) बनाता है। | (iii) कठोर जल में मैल नहीं बनाता। |
| (iv) यह जैव-अपघटनीय (Biodegradable) होता है। | (iv) कुछ अपमार्जक जैव-अपघटनीय नहीं होते। |
32. साबुन की सफाई करने की क्रिया को समझाइए।
उत्तर:
साबुन का प्रत्येक अणु दो भागों से मिलकर बना होता है—
(i) जल-आकर्षी (Hydrophilic) सिरा
(ii) जल-विकर्षी (Hydrophobic) हाइड्रोकार्बन पूँछ
जल-विकर्षी भाग तेल एवं ग्रीस से जुड़ जाता है, जबकि जल-आकर्षी भाग जल से जुड़ा रहता है। इससे माइसेल (Micelle) बनते हैं। माइसेल गंदगी को अपने भीतर बंद कर लेते हैं, जिसे जल द्वारा आसानी से धोकर हटाया जा सकता है।
33. एथेनॉल तथा एथेनॉइक अम्ल में अंतर लिखिए।
| एथेनॉल (C₂H₅OH) | एथेनॉइक अम्ल (CH₃COOH) |
|---|---|
| (i) यह एक ऐल्कोहल है। | (i) यह एक कार्बोक्सिलिक अम्ल है। |
| (ii) इसका प्रकार्यात्मक समूह –OH है। | (ii) इसका प्रकार्यात्मक समूह –COOH है। |
| (iii) यह लिटमस के प्रति उदासीन होता है। | (iii) यह नीले लिटमस को लाल कर देता है। |
| (iv) इसका उपयोग ईंधन, औषधि एवं विलायक के रूप में किया जाता है। | (iv) इसका उपयोग सिरका तथा रासायनिक उद्योगों में किया जाता है। |
34. कार्बन की चतुर्संयोजकता (Tetravalency) क्या है?
उत्तर:
कार्बन के बाह्यतम कक्ष में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। अपना अष्टक पूर्ण करने के लिए यह चार सहसंयोजक आबंध बनाता है। कार्बन के इस गुण को चतुर्संयोजकता (Tetravalency) कहते हैं।
इसी गुण के कारण कार्बन अनेक प्रकार के स्थायी यौगिकों का निर्माण करता है।
35. कार्बन तथा उसके यौगिकों का हमारे दैनिक जीवन में क्या महत्त्व है?
उत्तर:
कार्बन तथा उसके यौगिकों का दैनिक जीवन में अत्यधिक महत्त्व है—
(i) भोजन के प्रमुख घटक जैसे कार्बोहाइड्रेट, वसा एवं प्रोटीन कार्बनिक यौगिक हैं।
(ii) पेट्रोल, डीजल, एलपीजी तथा प्राकृतिक गैस प्रमुख कार्बन यौगिक हैं।
(iii) औषधियों, प्लास्टिक, रबर एवं कृत्रिम रेशों के निर्माण में इनका उपयोग होता है।
(iv) साबुन, डिटर्जेंट, सौंदर्य प्रसाधन तथा रंग बनाने में इनका उपयोग किया जाता है।
(v) एथेनॉल का उपयोग ईंधन, औषधि तथा विलायक के रूप में किया जाता है।