Class 10 Science: रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण
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Chapter Overview
| Class | 10 |
| Subject | Science |
| Chapter Name | रासायनिक अभिक्रिया और समीकरण |
| Resource Type | Revision Notes |
| Syllabus | NCERT |
| Suitable For | CBSE, JAC and other state boards |
रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (Subjective Questions)
1. लोहे की वस्तुओं पर पेंट क्यों किया जाता है?
उत्तर:
लोहे की वस्तुओं पर पेंट करने से उनकी सतह वायु तथा नमी के सीधे संपर्क में नहीं आती। परिणामस्वरूप लोहे का ऑक्सीकरण नहीं होता और उस पर जंग (संक्षारण) नहीं लगती। इस प्रकार पेंट लोहे की वस्तुओं को संक्षारण से बचाकर उनकी आयु बढ़ाता है।
2. तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से युक्त क्यों किया जाता है?
उत्तर:
तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थ वायु में उपस्थित ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर उपचयित (Oxidised) होकर खराब हो जाते हैं तथा उनमें दुर्गंध आने लगती है। इसे विकृतगंधिता (Rancidity) कहते हैं। इस प्रक्रिया को रोकने के लिए पैकेटों में नाइट्रोजन गैस भर दी जाती है। नाइट्रोजन एक निष्क्रिय गैस है, जो ऑक्सीजन के संपर्क को रोकती है और खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है।
3. कॉपर सल्फेट के विलयन में लोहे का टुकड़ा डालने पर विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर:
लोहा, ताँबे की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील धातु है। जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट (CuSO₄) के विलयन में डाला जाता है, तो लोहा कॉपर को उसके लवण से विस्थापित कर देता है। परिणामस्वरूप नीले रंग का कॉपर सल्फेट विलयन हरे रंग के फेरस सल्फेट (FeSO₄) में बदल जाता है तथा ताँबा लोहे की सतह पर जमा हो जाता है।
रासायनिक समीकरण:
Fe+CuSO 4 → FeSO 4 +Cu
4. उत्प्रेरक (Catalyst) किसे कहते हैं?
उत्तर:
वे पदार्थ जो किसी रासायनिक अभिक्रिया की गति को बढ़ाते या घटाते हैं, लेकिन स्वयं अभिक्रिया के अंत में रासायनिक रूप से अपरिवर्तित रहते हैं, उत्प्रेरक (Catalyst) कहलाते हैं।
उदाहरण:
लौह (Fe) की उपस्थिति में बेंजीन का क्लोरीनीकरण—
C 6 H6+Cl 2 → C6H 5Cl + HCl
बेंजीन + क्लोरीन → क्लोरोबेंजीन + हाइड्रोजन क्लोराइड
इस अभिक्रिया में लौह (Fe) उत्प्रेरक का कार्य करता है।
5. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है?
उत्तर:
मैग्नीशियम रिबन वायु के संपर्क में आने पर उसकी सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) की एक पतली परत बन जाती है। यह परत मैग्नीशियम के दहन में बाधा उत्पन्न करती है। इसलिए प्रयोग से पहले रिबन को रेगमार (Sandpaper) से साफ किया जाता है, ताकि शुद्ध मैग्नीशियम आसानी से जल सके।
6. प्रतिस्थापन अभिक्रिया क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व किसी कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) कहलाती है।
उदाहरण:
Fe+CuSO 4 → FeSO 4 +Cu
इस अभिक्रिया में लोहा, ताँबे से अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण उसे कॉपर सल्फेट से विस्थापित कर देता है।
7. वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction) क्या है?
उत्तर:
वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में बदल जाता है, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण:
2KCIO 3 → 2KCl+302
इस अभिक्रिया में पोटैशियम क्लोरेट गर्म करने पर पोटैशियम क्लोराइड तथा ऑक्सीजन में विघटित हो जाता है।
8. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? इसे संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
जिस रासायनिक समीकरण में अभिकारकों तथा उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।
रासायनिक समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है क्योंकि—
(i) यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है।
(ii) इससे अभिकारकों एवं उत्पादों के परमाणुओं की वास्तविक संख्या स्पष्ट होती है।
(iii) यह रासायनिक अभिक्रिया को सही एवं वैज्ञानिक रूप से प्रदर्शित करता है।
9. ऊष्माक्षेपी तथा ऊष्माशोषी अभिक्रिया में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया – ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा निकलती हैं, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण — मीथेन दहन की अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
CH4 (g) + 2O2 (g) → CO2 (g) + 2H20 (g) + ऊर्जा (880.4 kJ mol-1)
ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ – ऐसी अभिक्रियाओं को जिनमें ऊष्मा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहते हैं।
उदाहरण — बेरियम डाइऑक्साइड तथा अमोनियम थायासायनेट की अभिक्रिया ऊष्माशोषी है। .
Ba(OH)2.8H2O(s)+2NH4 SCN(s) → Ba(SCN)2 (aq)+2NH3 (aq) + 10H2O (l)
| ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया | ऊष्माशोषी अभिक्रिया |
|---|---|
| (i) इसमें ऊष्मा ऊर्जा निकलती है। | (i) इसमें ऊष्मा ऊर्जा का अवशोषण होता है। |
| (ii) अभिक्रिया के दौरान ताप बढ़ता है। | (ii) अभिक्रिया के दौरान ताप कम हो सकता है। |
| (iii) उदाहरण – मीथेन का दहन। | (iii) उदाहरण – प्रकाश की उपस्थिति में सिल्वर क्लोराइड का अपघटन। |
10. अवक्षेपण अभिक्रिया क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
जब दो जलीय विलयनों को मिलाने पर कोई अघुलनशील ठोस पदार्थ (अवक्षेप) बनता है, तो ऐसी अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) कहलाती है।
उदाहरण:
Na2SO 4 (aq) + BaCl 2 (aq) → BaSO4 (s) + 2NaCl (aq)
इस अभिक्रिया में बेरियम सल्फेट (BaSO₄) श्वेत रंग के अवक्षेप के रूप में प्राप्त होता है।
11. श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जीवित रहने के लिए सभी जीवों को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा हमें भोजन से प्राप्त होती है। पाचन के दौरान भोजन ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाता है। शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को श्वसन (Respiration) कहते हैं।
चूँकि इस अभिक्रिया में ऊष्मा के रूप में ऊर्जा मुक्त होती है, इसलिए श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) कहा जाता है।
रासायनिक समीकरण:
C 6H 12O 6 (aq) + 602 (aq) ——-→ 6CO2 (ar) + 6H2O (1) + ऊर्जा
12. प्रकाश-अपघटन अभिक्रिया से क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब किसी यौगिक का अपघटन प्रकाश ऊर्जा की उपस्थिति में होता है, तो ऐसी अभिक्रिया प्रकाश-अपघटन अभिक्रिया (Photolytic Decomposition Reaction) कहलाती है।
उदाहरण:
2AgCl(s) —सूर्य का प्रकाश → 2Ag(s) + Cl 2 (g)
इस अभिक्रिया में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में सिल्वर क्लोराइड (AgCl) विघटित होकर सिल्वर तथा क्लोरीन गैस बनाता है।
13. वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं, जबकि वियोजन अभिक्रिया में एक यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में विभाजित हो जाता है। इसलिए वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया का विपरीत माना जाता है।
संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण: कार्बन और ऑक्सीजन मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड बनाते हैं。

वियोजन अभिक्रिया का उदाहरण: कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करने पर वह कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड में टूट जाता है

14. रासायनिक अभिक्रिया क्या है?
उत्तर:
वह प्रक्रिया जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ आपस में अभिक्रिया करके नए गुणों वाले एक या एक से अधिक पदार्थ बनाते हैं, रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कहलाती है।
रासायनिक अभिक्रिया के दौरान पदार्थों के भौतिक एवं रासायनिक गुणों में परिवर्तन हो जाता है।
उदाहरण:
(i) भोजन का पकना।
(ii) लोहे में जंग लगना।
(iii) दूध का दही बनना।
(iv) श्वसन की प्रक्रिया।
15. संतुलित एवं असंतुलित रासायनिक समीकरण में अंतर लिखिए।
| संतुलित रासायनिक समीकरण | असंतुलित रासायनिक समीकरण |
|---|---|
| (i) इसमें अभिकारकों एवं उत्पादों के दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है। | (i) इसमें दोनों ओर परमाणुओं की संख्या समान नहीं होती। |
| (ii) यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है। | (ii) यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन नहीं करता। |
| (iii) यह रासायनिक अभिक्रिया का सही एवं पूर्ण प्रतिनिधित्व करता है। | (iii) इसे अभिक्रिया का सही रूप प्राप्त करने के लिए संतुलित करना आवश्यक होता है। |
16. क्या श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हाँ, श्वसन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। भोजन से प्राप्त ग्लूकोज शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा उत्पन्न करता है। इस अभिक्रिया में ऊर्जा ऊष्मा के रूप में बाहर निकलती है, जिससे शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाएँ संचालित होती हैं।
रासायनिक समीकरण:

इसी कारण श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है।
17. संक्षारण (Corrosion) से क्या समझते हैं? इसके दैनिक जीवन में होने वाले प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
जब कोई धातु वायु, नमी, अम्ल या अन्य रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आकर धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण (Corrosion) कहते हैं।
दैनिक जीवन में इसके प्रभाव
(i) लोहे की वस्तुओं पर जंग लग जाती है।
(ii) चाँदी की वस्तुएँ काली पड़ जाती हैं।
(iii) ताँबे के बर्तनों पर हरे रंग की परत जम जाती है।
(iv) संक्षारण के कारण धातु की वस्तुएँ कमजोर होकर शीघ्र खराब हो जाती हैं।
18. बुझे हुए चूने के विलयन का उपयोग दीवारों की सफेदी करने में क्यों किया जाता है?
उत्तर:
दीवारों की सफेदी के लिए बुझा हुआ चूना [Ca(OH)₂] उपयोग किया जाता है। यह वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO₃) की कठोर एवं चमकदार परत बना देता है। यही परत दीवारों को मजबूती तथा चमक प्रदान करती है।
रासायनिक समीकरण:

इस कारण बुझे हुए चूने का उपयोग दीवारों की सफेदी करने में किया जाता है।