Class 9 Science Revision Notes

हमारे आस-पास के पदार्थ

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Chapter Overview

Class9
SubjectScience
Chapter Nameहमारे आस-पास के पदार्थ
Resource TypeRevision Notes
SyllabusNCERT
Suitable ForCBSE, JAC and other state boards

हमारे आस-पास के पदार्थ Revision Notes

1. पदार्थ (Matter) क्या है?

उत्तर ⇒ विश्व की प्रत्येक वस्तु जिस सामग्री से बनी होती है उसे पदार्थ कहते हैं। वे सभी वस्तुएँ जिनमें द्रव्यमान (Mass) होता है तथा जो स्थान (आयतन) घेरती हैं, पदार्थ कहलाती हैं। जैसे – जल, वायु, लकड़ी, पत्थर, लोहा आदि।

(i) द्रव्यमान रखता है।

(ii) स्थान (आयतन) घेरता है।

(iii) सभी भौतिक वस्तुएँ पदार्थ हैं।

(iv) ठोस, द्रव एवं गैस इसके रूप हैं।

(v) यह कणों से मिलकर बना होता है।

2. प्राचीन काल में पदार्थ की अवधारणा क्या थी?

उत्तर ⇒ भारत के प्राचीन दार्शनिकों के अनुसार संसार की सभी वस्तुएँ पाँच मूल तत्वों – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश से बनी हैं। इन्हें पंचतत्व कहा जाता है। यूनानी दार्शनिकों ने भी पदार्थ के संबंध में इसी प्रकार की अवधारणा प्रस्तुत की थी।

(i) पाँच मूल तत्वों की अवधारणा थी।

(ii) पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश पंचतत्व हैं।

(iii) सभी वस्तुएँ इन्हीं से बनी मानी जाती थीं।

(iv) यह प्राचीन भारतीय दर्शन पर आधारित है।

(v) यूनानी दार्शनिकों ने भी समान विचार प्रस्तुत किए।

3. आधुनिक विज्ञान में पदार्थ का वर्गीकरण कैसे किया जाता है?

उत्तर ⇒ आधुनिक विज्ञान में पदार्थ का वर्गीकरण भौतिक गुणधर्मों एवं रासायनिक प्रकृति के आधार पर किया जाता है। भौतिक गुणधर्मों के आधार पर पदार्थ को ठोस, द्रव एवं गैस में तथा रासायनिक प्रकृति के आधार पर शुद्ध पदार्थ एवं मिश्रण में वर्गीकृत किया जाता है।

(i) भौतिक गुणधर्मों के आधार पर वर्गीकरण।

(ii) रासायनिक प्रकृति के आधार पर वर्गीकरण।

(iii) ठोस, द्रव एवं गैस भौतिक अवस्थाएँ हैं।

(iv) शुद्ध पदार्थ एवं मिश्रण रासायनिक वर्गीकरण हैं।

(v) वैज्ञानिक वर्गीकरण का आधार गुणधर्म हैं।

4. पदार्थ के कणों के प्रमुख अभिलाक्षणिक गुण लिखिए।

उत्तर ⇒ पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से मिलकर बना होता है। इन कणों के बीच रिक्त स्थान होता है, वे निरंतर गतिशील रहते हैं तथा एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। यही गुण पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं एवं व्यवहार को निर्धारित करते हैं।

(i) पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।

(ii) कण निरंतर गतिशील रहते हैं।

(iii) कणों में गतिज ऊर्जा होती है।

(iv) कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

(v) सभी पदार्थ सूक्ष्म कणों से बने होते हैं।

5. विसरण (Diffusion) क्या है?

उत्तर ⇒ दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वतः एक-दूसरे में मिलकर समांगी मिश्रण बना लेना विसरण (Diffusion) कहलाता है। यह पदार्थ के कणों की निरंतर गति के कारण होता है। गैसों में विसरण सबसे अधिक तथा ठोसों में सबसे कम होता है।

(i) दो पदार्थों के कण स्वतः मिल जाते हैं।

(ii) समांगी मिश्रण का निर्माण होता है।

(iii) कणों की गति के कारण होता है।

(iv) गैसों में सबसे अधिक होता है।

(v) ठोसों में सबसे कम होता है।

6. पदार्थ की अवस्थाएँ कौन-कौन सी हैं?

उत्तर ⇒ भौतिक रूप से पदार्थ मुख्यतः तीन अवस्थाओं में पाया जाता है— ठोस, द्रव तथा गैस। इन अवस्थाओं में पदार्थ के कणों की व्यवस्था, आकर्षण बल तथा गतिज ऊर्जा अलग-अलग होती है, जिसके कारण इनके गुण भी भिन्न होते हैं।

(i) ठोस अवस्था।

(ii) द्रव अवस्था।

(iii) गैसीय अवस्था।

(iv) प्रत्येक अवस्था के गुण अलग होते हैं।

(v) ताप एवं दाब से अवस्थाएँ बदल सकती हैं।

7. ठोस अवस्था (Solid State) क्या है?

उत्तर ⇒ ठोस पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें आकार तथा आयतन दोनों निश्चित होते हैं। इसके कण एक-दूसरे के बहुत निकट होते हैं तथा उनके बीच आकर्षण बल अत्यधिक होता है। इसलिए ठोस पदार्थ कठोर होते हैं और आसानी से दबाए नहीं जा सकते।

(i) निश्चित आकार होता है।

(ii) निश्चित आयतन होता है।

(iii) कण बहुत पास-पास होते हैं।

(iv) आकर्षण बल अधिक होता है।

(v) उदाहरण – पत्थर, लकड़ी, लोहा।

8. ठोस अवस्था के प्रमुख गुणधर्म लिखिए।

उत्तर ⇒ ठोस पदार्थों का आकार एवं आयतन निश्चित होता है। इनमें संपीड्यता नगण्य होती है तथा कणों के बीच आकर्षण बल अधिक होने के कारण इनमें विसरण बहुत कम होता है। ठोस पदार्थ दृढ़ एवं कठोर होते हैं।

(i) निश्चित आकार एवं आयतन।

(ii) स्पष्ट सीमाएँ होती हैं।

(iii) संपीड्यता नगण्य होती है।

(iv) कणों के बीच आकर्षण बल अधिक होता है।

(v) विसरण बहुत कम होता है।

9. द्रव अवस्था (Liquid State) क्या है?

उत्तर ⇒ द्रव पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें आयतन निश्चित होता है, लेकिन आकार निश्चित नहीं होता। द्रव जिस बर्तन में रखा जाता है, उसका आकार ग्रहण कर लेता है। इसके कणों के बीच आकर्षण बल ठोस की अपेक्षा कम होता है।

(i) निश्चित आयतन होता है।

(ii) आकार निश्चित नहीं होता।

(iii) बर्तन का आकार ग्रहण करता है।

(iv) कणों में आकर्षण बल मध्यम होता है।

(v) उदाहरण – जल, दूध, तेल।

10. द्रव अवस्था के प्रमुख गुणधर्म लिखिए।

उत्तर ⇒ द्रव पदार्थ बहने की क्षमता रखते हैं। उनका आयतन निश्चित होता है, लेकिन आकार निश्चित नहीं होता। इनमें संपीड्यता बहुत कम होती है तथा ये जिस पात्र में रखे जाते हैं, उसी का आकार ग्रहण कर लेते हैं।

(i) बहने का गुण होता है।

(ii) निश्चित आयतन होता है।

(iii) निश्चित आकार नहीं होता।

(iv) बर्तन का आकार ग्रहण करते हैं।

(v) संपीड्यता बहुत कम होती है।

11. गैसीय अवस्था (Gaseous State) क्या है?

उत्तर ⇒ गैस पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें आकार तथा आयतन दोनों निश्चित नहीं होते। गैस के कणों के बीच आकर्षण बल बहुत कम होता है तथा वे सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं। इसलिए गैस उपलब्ध पूरे स्थान में फैल जाती है।

(i) आकार निश्चित नहीं होता।

(ii) आयतन निश्चित नहीं होता।

(iii) कणों के बीच आकर्षण बल बहुत कम होता है।

(iv) कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।

(v) उदाहरण – वायु, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड।

12. गैसीय अवस्था के प्रमुख गुणधर्म लिखिए।

उत्तर ⇒ गैसों में बहाव होता है तथा इन्हें आसानी से संपीडित किया जा सकता है। इनका न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन। गैस के कणों के बीच रिक्त स्थान अधिक होने के कारण इनमें विसरण सबसे अधिक होता है।

(i) बहने का गुण होता है।

(ii) संपीड्यता सबसे अधिक होती है।

(iii) निश्चित आकार नहीं होता।

(iv) निश्चित आयतन नहीं होता।

(v) विसरण सबसे अधिक होता है।

13. ठोस, द्रव एवं गैस में अंतर लिखिए।

उत्तर ⇒ ठोस का आकार एवं आयतन दोनों निश्चित होते हैं, जबकि द्रव का केवल आयतन निश्चित होता है और गैस का न आकार निश्चित होता है, न आयतन। ठोस में आकर्षण बल सबसे अधिक, द्रव में मध्यम तथा गैस में सबसे कम होता है। इसी कारण तीनों अवस्थाओं के गुण अलग-अलग होते हैं।

(i) ठोस – निश्चित आकार एवं आयतन।

(ii) द्रव – निश्चित आयतन, अनिश्चित आकार।

(iii) गैस – आकार एवं आयतन दोनों अनिश्चित।

(iv) ठोस में आकर्षण बल सबसे अधिक होता है।

(v) गैस में संपीड्यता सबसे अधिक होती है।

14. पानी की तीनों अवस्थाएँ लिखिए।

उत्तर ⇒ पानी ऐसा पदार्थ है जो तीनों भौतिक अवस्थाओं में पाया जाता है। ठोस अवस्था में बर्फ, द्रव अवस्था में जल तथा गैसीय अवस्था में जलवाष्प (भाप) के रूप में मिलता है। तापमान में परिवर्तन के कारण पानी एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।

(i) ठोस अवस्था – बर्फ।

(ii) द्रव अवस्था – जल।

(iii) गैसीय अवस्था – जलवाष्प (भाप)।

(iv) 0°C पर पानी जमकर बर्फ बनता है।

(v) 100°C पर पानी भाप बन जाता है।

15. पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन कैसे होता है?

उत्तर ⇒ पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन मुख्यतः तापमान एवं दाब में परिवर्तन के कारण होता है। ताप बढ़ाने या घटाने तथा दाब बढ़ाने या कम करने से पदार्थ के कणों की ऊर्जा एवं उनके बीच की दूरी बदलती है, जिससे पदार्थ एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।

(i) तापमान बदलने से अवस्था बदलती है।

(ii) दाब बदलने से भी अवस्था बदलती है।

(iii) कणों की गतिज ऊर्जा बदलती है।

(iv) कणों के बीच की दूरी बदलती है।

(v) ठोस, द्रव एवं गैस में परिवर्तन संभव है।

16. संगलन (Fusion) क्या है?

उत्तर ⇒ जब कोई ठोस पदार्थ ऊष्मा प्राप्त करके द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, तो इस प्रक्रिया को संगलन (Fusion) कहते हैं। इस प्रक्रिया में ठोस के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे वे अपने निश्चित स्थान को छोड़कर स्वतंत्र रूप से गति करने लगते हैं। उदाहरण – बर्फ का पिघलकर पानी बनना।

(i) ठोस से द्रव में परिवर्तन होता है।

(ii) ऊष्मा देने पर यह प्रक्रिया होती है।

(iii) कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

(iv) आकर्षण बल कम हो जाता है।

(v) उदाहरण – बर्फ का पानी बनना।

17. गलनांक (Melting Point) क्या है?

उत्तर ⇒ जिस न्यूनतम तापमान पर कोई ठोस पदार्थ पिघलकर द्रव में परिवर्तित हो जाता है, उसे उसका गलनांक कहते हैं। उदाहरण के लिए, बर्फ का गलनांक 0°C (273.15 K) होता है। किसी पदार्थ का गलनांक उसके कणों के बीच आकर्षण बल की शक्ति को दर्शाता है।

(i) ठोस के पिघलने का तापमान है।

(ii) प्रत्येक पदार्थ का गलनांक अलग होता है।

(iii) बर्फ का गलनांक 0°C है।

(iv) इसे केल्विन में 273.15 K कहते हैं।

(v) यह आकर्षण बल की शक्ति दर्शाता है।

18. क्वथनांक (Boiling Point) क्या है?

उत्तर ⇒ वायुमंडलीय दाब पर वह न्यूनतम तापमान, जिस पर कोई द्रव तेजी से उबलकर गैस में बदलने लगता है, क्वथनांक कहलाता है। उदाहरण के लिए, पानी का क्वथनांक 100°C होता है।

(i) द्रव के उबलने का तापमान है।

(ii) द्रव गैस में परिवर्तित होता है।

(iii) वायुमंडलीय दाब पर निर्धारित होता है।

(iv) पानी का क्वथनांक 100°C है।

(v) यह पदार्थ का भौतिक गुण है।

19. गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) क्या है?

उत्तर ⇒ गुप्त ऊष्मा वह ऊष्मा है जो किसी पदार्थ की अवस्था बदलने में लगती है, जबकि उसका तापमान स्थिर रहता है। इसे “गुप्त” इसलिए कहते हैं क्योंकि ऊष्मा देने या लेने के बावजूद तापमान में परिवर्तन नहीं होता, केवल अवस्था बदलती है।

(i) अवस्था परिवर्तन में प्रयुक्त ऊष्मा है।

(ii) तापमान स्थिर रहता है।

(iii) ठोस-द्रव एवं द्रव-गैस परिवर्तन में उपयोगी है।

(iv) यह ऊर्जा का विशेष रूप है।

(v) इसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं।

20. गुप्त ऊष्मा के प्रकार लिखिए।

उत्तर ⇒ गुप्त ऊष्मा मुख्यतः दो प्रकार की होती है— संगलन की गुप्त ऊष्मा तथा वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा। संगलन की गुप्त ऊष्मा ठोस को द्रव में तथा वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा द्रव को गैस में बदलने के लिए आवश्यक ऊर्जा होती है।

(i) संगलन की गुप्त ऊष्मा।

(ii) वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा।

(iii) तापमान बदले बिना अवस्था बदलती है।

(iv) प्रत्येक पदार्थ की गुप्त ऊष्मा अलग होती है।

(v) अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊर्जा है।

21. ऊर्ध्वपातन (Sublimation) क्या है?

उत्तर ⇒ जब कोई पदार्थ द्रव अवस्था में आए बिना सीधे ठोस से गैस तथा गैस से पुनः ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, तो इस प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन (Sublimation) कहते हैं। कपूर, आयोडीन तथा अमोनियम क्लोराइड इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

(i) ठोस से सीधे गैस में परिवर्तन।

(ii) द्रव अवस्था नहीं आती।

(iii) गैस से पुनः ठोस भी बन सकता है।

(iv) कपूर इसका प्रमुख उदाहरण है।

(v) इसे ऊर्ध्वपातन कहते हैं।

22. निक्षेपण (Deposition) क्या है?

उत्तर ⇒ जब कोई गैस सीधे ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाती है और बीच में द्रव अवस्था नहीं आती, तो इस प्रक्रिया को निक्षेपण (Deposition) कहते हैं। यह ऊर्ध्वपातन की विपरीत प्रक्रिया है।

(i) गैस से सीधे ठोस बनता है।

(ii) द्रव अवस्था नहीं आती।

(iii) ऊर्ध्वपातन की विपरीत प्रक्रिया है।

(iv) तापमान कम होने पर हो सकती है।

(v) यह अवस्था परिवर्तन का उदाहरण है।

23. वाष्पीकरण (Evaporation) क्या है?

उत्तर ⇒ वाष्पीकरण वह सतही प्रक्रिया है जिसमें कोई द्रव अपने क्वथनांक से कम तापमान पर भी धीरे-धीरे वाष्प में बदल जाता है। यह प्रक्रिया केवल द्रव की सतह पर होती है तथा इसके लिए द्रव के कण अपने आसपास से ऊष्मा ग्रहण करते हैं।

(i) यह सतही प्रक्रिया है।

(ii) क्वथनांक से कम तापमान पर होती है।

(iii) द्रव वाष्प में बदलता है।

(iv) केवल सतह के कण भाग लेते हैं।

(v) ऊष्मा का अवशोषण होता है।

24. वाष्पीकरण कैसे होता है?

उत्तर ⇒ द्रव के कुछ कणों में अधिक गतिज ऊर्जा होती है। ये कण द्रव की सतह पर पहुँचकर अन्य कणों के आकर्षण बल को पार कर लेते हैं और वाष्प के रूप में बाहर निकल जाते हैं। इसी प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।

(i) सतह के कण अधिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं।

(ii) आकर्षण बल को पार कर जाते हैं।

(iii) कण वाष्प में बदल जाते हैं।

(iv) यह सतह पर ही होता है।

(v) तापमान बढ़ने से इसकी गति बढ़ती है।

25. वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए।

उत्तर ⇒ वाष्पीकरण की दर कई कारकों पर निर्भर करती है। तापमान बढ़ने, सतह क्षेत्र बढ़ने, वायु की गति बढ़ने तथा आर्द्रता कम होने पर वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।

(i) तापमान में वृद्धि।

(ii) सतह क्षेत्र में वृद्धि।

(iii) वायु की गति में वृद्धि।

(iv) आर्द्रता (नमी) में कमी।

(v) इनसे वाष्पीकरण की दर बढ़ती है।

26. वाष्पीकरण के कारण शीतलता कैसे होती है?

उत्तर ⇒ वाष्पीकरण के समय द्रव के कण अपने आसपास से ऊष्मा का अवशोषण करते हैं, जिससे आसपास का तापमान कम हो जाता है और शीतलता का अनुभव होता है। यही कारण है कि पसीना सूखने पर शरीर को ठंडक मिलती है।

(i) द्रव ऊष्मा का अवशोषण करता है।

(ii) आसपास का तापमान कम हो जाता है।

(iii) शरीर को ठंडक मिलती है।

(iv) यह वाष्पीकरण का प्रभाव है।

(v) पसीना इसका प्रमुख उदाहरण है।

27. गर्मियों में सूती कपड़े पहनने चाहिए – क्यों?

उत्तर ⇒ गर्मियों में शरीर से पसीना निकलता है। सूती कपड़े पसीने को अच्छी तरह सोख लेते हैं तथा उसे शीघ्र वाष्पीकृत होने में सहायता करते हैं। वाष्पीकरण के दौरान पसीना शरीर से ऊष्मा ले लेता है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है। इसलिए गर्मियों में सूती कपड़े पहनना अधिक आरामदायक होता है।

(i) सूती कपड़े पसीना सोखते हैं।

(ii) वाष्पीकरण तेज़ी से होता है।

(iii) शरीर से ऊष्मा निकलती है।

(iv) ठंडक का अनुभव होता है।

(v) गर्मियों में आरामदायक होते हैं।

28. बर्फीले जल से भरे गिलास की बाहरी सतह पर जल की बूँदें क्यों बनती हैं?

उत्तर ⇒ हवा में उपस्थित जलवाष्प जब ठंडे गिलास की बाहरी सतह के संपर्क में आती है, तो उसकी ऊष्मा कम हो जाती है और वह संघनित होकर जल की बूँदों में बदल जाती है। इस प्रक्रिया को संघनन (Condensation) कहते हैं।

(i) हवा में जलवाष्प उपस्थित होती है।

(ii) ठंडी सतह से संपर्क करती है।

(iii) जलवाष्प संघनित हो जाती है।

(iv) जल की बूँदें बन जाती हैं।

(v) इसे संघनन कहते हैं।

29. संपीड्यता (Compressibility) क्या है?

उत्तर ⇒ किसी पदार्थ को दबाकर उसके आयतन को कम करने की क्षमता को संपीड्यता कहते हैं। गैसों में संपीड्यता सबसे अधिक, द्रवों में बहुत कम तथा ठोसों में लगभग नगण्य होती है, क्योंकि गैसों के कणों के बीच रिक्त स्थान अधिक होता है।

(i) आयतन कम करने की क्षमता है।

(ii) गैसों में सबसे अधिक होती है।

(iii) द्रवों में बहुत कम होती है।

(iv) ठोसों में नगण्य होती है।

(v) कणों के बीच रिक्त स्थान पर निर्भर करती है।

30. पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल का क्या महत्व है?

उत्तर ⇒ पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल ही उसकी अवस्था एवं गुणों को निर्धारित करता है। ठोस में आकर्षण बल सबसे अधिक होने से उनका आकार एवं आयतन निश्चित रहता है, जबकि गैसों में यह सबसे कम होने से उनके कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।

(i) पदार्थ की अवस्था निर्धारित करता है।

(ii) ठोस में सबसे अधिक होता है।

(iii) द्रव में मध्यम होता है।

(iv) गैस में सबसे कम होता है।

(v) पदार्थ के गुणों को प्रभावित करता है।

31. पदार्थ के कणों में गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) क्या होती है?

उत्तर ⇒ पदार्थ के सभी कण निरंतर गति करते रहते हैं। उनकी इस गति के कारण उनमें जो ऊर्जा होती है, उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं। तापमान बढ़ने पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे वे अधिक तीव्र गति करने लगते हैं।

(i) कणों की गति से उत्पन्न ऊर्जा है।

(ii) सभी कणों में गतिज ऊर्जा होती है।

(iii) तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।

(iv) कणों की गति तेज हो जाती है।

(v) अवस्था परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

32. दाब (Pressure) बढ़ाने से पदार्थ की अवस्था में क्या परिवर्तन होता है?

उत्तर ⇒ दाब बढ़ाने पर पदार्थ के कण एक-दूसरे के निकट आ जाते हैं। इससे गैस को द्रव में तथा कुछ परिस्थितियों में द्रव को ठोस में बदला जा सकता है। उदाहरण के लिए, एलपीजी एवं सीएनजी गैसों को अधिक दाब पर द्रव रूप में संग्रहित किया जाता है।

(i) कण पास-पास आ जाते हैं।

(ii) गैस द्रव में बदल सकती है।

(iii) दाब अवस्था परिवर्तन का कारण है।

(iv) एलपीजी इसका उदाहरण है।

(v) कणों के बीच रिक्त स्थान कम हो जाता है।

33. तापमान बढ़ाने से पदार्थ की अवस्था में क्या परिवर्तन होता है?

उत्तर ⇒ तापमान बढ़ाने पर पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। इससे कणों के बीच आकर्षण बल कम प्रभावी हो जाता है और पदार्थ ठोस से द्रव तथा द्रव से गैस में परिवर्तित हो सकता है।

(i) कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

(ii) आकर्षण बल कम प्रभावी हो जाता है।

(iii) ठोस द्रव में बदल सकता है।

(iv) द्रव गैस में बदल सकता है।

(v) ताप अवस्था परिवर्तन का प्रमुख कारण है।

34. ठोस, द्रव एवं गैस में विसरण की तुलना कीजिए।

उत्तर ⇒ विसरण की गति ठोस, द्रव एवं गैस में अलग-अलग होती है। ठोस में कण बहुत पास होने के कारण विसरण सबसे कम होता है, द्रव में मध्यम तथा गैस में कणों के बीच अधिक रिक्त स्थान होने के कारण विसरण सबसे अधिक होता है।

(i) ठोस में विसरण सबसे कम होता है।

(ii) द्रव में मध्यम होता है।

(iii) गैस में सबसे अधिक होता है।

(iv) कणों की गति पर निर्भर करता है।

(v) रिक्त स्थान अधिक होने से विसरण बढ़ता है।

35. मानव शरीर में पदार्थ की तीन अवस्थाओं के उदाहरण लिखिए।

उत्तर ⇒ मानव शरीर में भी पदार्थ की तीनों अवस्थाएँ पाई जाती हैं। हड्डियाँ एवं दाँत ठोस अवस्था के उदाहरण हैं, रक्त एवं जल द्रव अवस्था के तथा फेफड़ों में उपस्थित वायु गैसीय अवस्था का उदाहरण है।

(i) हड्डियाँ – ठोस अवस्था।

(ii) दाँत – ठोस अवस्था।

(iii) रक्त – द्रव अवस्था।

(iv) जल – द्रव अवस्था।

(v) फेफड़ों की वायु – गैसीय अवस्था।

36. पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होने का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर ⇒ जब पानी में नमक या चीनी घोली जाती है, तो उसके कण पानी के कणों के बीच के रिक्त स्थान में चले जाते हैं। इसके कारण नमक या चीनी घुल जाती है, लेकिन पानी का स्तर लगभग समान रहता है। इससे सिद्ध होता है कि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।

(i) नमक पानी में घुल जाता है।

(ii) चीनी भी पानी में घुल जाती है।

(iii) कण रिक्त स्थान में चले जाते हैं।

(iv) पानी का स्तर लगभग नहीं बढ़ता।

(v) इससे कणों के बीच रिक्त स्थान सिद्ध होता है।

37. पदार्थ के कण निरंतर गतिशील क्यों होते हैं?

उत्तर ⇒ पदार्थ के सभी कणों में गतिज ऊर्जा होती है, जिसके कारण वे निरंतर गति करते रहते हैं। तापमान बढ़ने पर उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है और उनकी गति तेज हो जाती है। यही कारण है कि पदार्थों में विसरण एवं अवस्था परिवर्तन जैसी प्रक्रियाएँ होती हैं।

(i) कणों में गतिज ऊर्जा होती है।

(ii) सभी कण लगातार गति करते हैं।

(iii) तापमान बढ़ने पर गति बढ़ती है।

(iv) विसरण इसी कारण होता है।

(v) अवस्था परिवर्तन में सहायता मिलती है।

38. पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित क्यों करते हैं?

उत्तर ⇒ पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल होता है, जो उन्हें एक साथ बाँधे रखता है। यही आकर्षण बल पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों को निर्धारित करता है। ठोस में यह बल सबसे अधिक तथा गैस में सबसे कम होता है।

(i) कणों के बीच आकर्षण बल होता है।

(ii) ठोस में आकर्षण बल सबसे अधिक होता है।

(iii) द्रव में आकर्षण बल मध्यम होता है।

(iv) गैस में आकर्षण बल सबसे कम होता है।

(v) यही पदार्थ की अवस्था निर्धारित करता है।

39. ‘हमारे आस-पास के पदार्थ’ अध्याय का महत्व लिखिए।

उत्तर ⇒ यह अध्याय पदार्थ की प्रकृति, उसकी अवस्थाओं, कणों के गुण, अवस्था परिवर्तन तथा वाष्पीकरण जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में सहायता करता है। इसके अध्ययन से हमें दैनिक जीवन की अनेक घटनाओं का वैज्ञानिक कारण ज्ञात होता है तथा विज्ञान के आगे के अध्यायों को समझने में भी सुविधा होती है।

(i) पदार्थ की मूल अवधारणा स्पष्ट होती है।

(ii) तीनों अवस्थाओं की जानकारी मिलती है।

(iii) अवस्था परिवर्तन को समझने में सहायता मिलती है।

(iv) दैनिक जीवन की घटनाओं का वैज्ञानिक कारण ज्ञात होता है।

(v) आगे के विज्ञान अध्यायों की नींव मजबूत होती है।

40. ‘हमारे आस-पास के पदार्थ’ अध्याय का निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर ⇒ इस अध्याय से स्पष्ट होता है कि सभी पदार्थ सूक्ष्म कणों से बने होते हैं। इन कणों के बीच रिक्त स्थान होता है, वे निरंतर गतिशील रहते हैं तथा एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। तापमान एवं दाब में परिवर्तन से पदार्थ की अवस्था बदल सकती है। ठोस, द्रव और गैस पदार्थ की तीन प्रमुख अवस्थाएँ हैं तथा वाष्पीकरण, संगलन, संघनन और ऊर्ध्वपातन जैसी प्रक्रियाएँ हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

More Class 9 Science Revision Notes

Chapter 1: हमारे आस-पास के पदार्थ
Chapter 2: क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं?
Chapter 3: अणु और परमाणु
Chapter 4: परमाणु की संरचना
Chapter 5: जीवन की मौलिक इकाई – कोशिका
Chapter 6: ऊतक
Chapter 7: जीवों में विविधता
Chapter 8: गति
Chapter 9: बल तथा गति के नियम
Chapter 10: गुरुत्वाकर्षण
Chapter 11: कार्य तथा ऊर्जा
Chapter 12: ध्वनि
Chapter 13: हम बीमार क्यों पड़ते हैं?
Chapter 14: प्राकृतिक सम्पदा
Chapter 15: खाद्य संसाधनों में सुधार

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