Class 9 Science Revision Notes

परमाणु की संरचना

Revise the NCERT Class 9 Science chapter, परमाणु की संरचना, with these concise and well-organised revision notes. JAC Exam Prep (jac.jharkhandexamprep.com) provides NCERT Class 9 Science परमाणु की संरचना Revision Notes based on the latest NCERT syllabus. Download the PDF below and revise the chapter for school examinations, CBSE board examinations, and competitive exams such as JEE and NEET.

WhatsApp Channel
Join Now
Telegram Channel
Join Now

Chapter Overview

Class9
SubjectScience
Chapter Nameपरमाणु की संरचना
Resource TypeRevision Notes
SyllabusNCERT
Suitable ForCBSE, JAC and other state boards

परमाणु की संरचना Revision Notes

1. परमाणु (Atom) क्या है?

उत्तर ⇒ परमाणु पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है, जो किसी तत्व के रासायनिक गुणों को बनाए रखती है। यह पदार्थ के निर्माण का मूल खंड है। परमाणु मुख्य रूप से तीन अवपरमाण्विक कणोंप्रोटॉन (p⁺), न्यूट्रॉन (n) तथा इलेक्ट्रॉन (e⁻) से मिलकर बना होता है।

(i) परमाणु पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है।

(ii) यह पदार्थ का निर्माण खंड है।

(iii) इसमें प्रोटॉन, न्यूट्रॉन एवं इलेक्ट्रॉन होते हैं।

(iv) यह तत्व के रासायनिक गुणों को बनाए रखता है।

(v) सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं।

2. इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन की खोज कैसे हुई?

उत्तर ⇒ प्रारम्भ में जॉन डाल्टन ने परमाणु को अविभाज्य माना था, परन्तु बाद में वैज्ञानिकों ने प्रयोगों द्वारा सिद्ध किया कि परमाणु के भीतर भी छोटे-छोटे कण होते हैं। जे. जे. थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन, ई. गोल्डस्टीन ने प्रोटॉन तथा जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की। इन कणों को अवपरमाण्विक कण कहा जाता है।

(i) डाल्टन ने परमाणु को अविभाज्य माना था।

(ii) जे. जे. थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की खोज की।

(iii) ई. गोल्डस्टीन ने प्रोटॉन की खोज की।

(iv) जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की।

(v) इन्हें अवपरमाण्विक कण कहते हैं।

3. इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की?

उत्तर ⇒ इलेक्ट्रॉन की खोज जे. जे. थॉमसन ने 1897 ई. में कैथोड किरणों के प्रयोग द्वारा की थी। उन्होंने सिद्ध किया कि परमाणु में ऋणावेशित कण उपस्थित होते हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉन कहा जाता है। इलेक्ट्रॉन को e⁻ द्वारा दर्शाया जाता है।

(i) खोजकर्ता – जे. जे. थॉमसन।

(ii) खोज वर्ष – 1897 ई.

(iii) कैथोड किरणों द्वारा खोज की गई।

(iv) इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित कण है।

(v) इसे e⁻ से प्रदर्शित करते हैं।

4. इलेक्ट्रॉन के प्रमुख गुण लिखिए।

उत्तर ⇒ इलेक्ट्रॉन परमाणु का एक ऋणावेशित अवपरमाण्विक कण है। इसका द्रव्यमान अत्यंत कम होता है तथा यह परमाणु के नाभिक के चारों ओर विभिन्न कक्षाओं में गति करता है।

(i) प्रतीक – e⁻।

(ii) आवेश = –1.6 × 10⁻¹⁹ कूलाम्ब।

(iii) द्रव्यमान ≈ 9.1 × 10⁻³¹ किग्रा।

(iv) यह ऋणावेशित कण है।

(v) नाभिक के चारों ओर परिक्रमा करता है।

5. प्रोटॉन की खोज किसने की?

उत्तर ⇒ प्रोटॉन की खोज ई. गोल्डस्टीन ने 1886 ई. में केनाल (एनोड) किरणों के प्रयोग द्वारा की थी। उन्होंने सिद्ध किया कि परमाणु में धनावेशित कण उपस्थित होते हैं, जिन्हें प्रोटॉन कहा जाता है। प्रोटॉन को p⁺ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

(i) खोजकर्ता – ई. गोल्डस्टीन।

(ii) खोज वर्ष – 1886 ई.

(iii) केनाल (एनोड) किरणों द्वारा खोज की गई।

(iv) प्रोटॉन धनावेशित कण है।

(v) इसे p⁺ से प्रदर्शित करते हैं।

6. प्रोटॉन के प्रमुख गुण लिखिए।

उत्तर ⇒ प्रोटॉन परमाणु का एक धनावेशित अवपरमाण्विक कण है, जो परमाणु के नाभिक में स्थित होता है। इसका द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन की अपेक्षा बहुत अधिक तथा न्यूट्रॉन के लगभग बराबर होता है।

(i) प्रतीक – p⁺।

(ii) आवेश = +1.6 × 10⁻¹⁹ कूलाम्ब।

(iii) द्रव्यमान ≈ 1.673 × 10⁻²⁷ किग्रा।

(iv) यह नाभिक में स्थित होता है।

(v) यह धनावेशित कण है।

7. न्यूट्रॉन की खोज किसने की?

उत्तर ⇒ न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1932 ई. में की थी। उन्होंने हल्के तत्वों पर अल्फा कणों का प्रकीर्णन करके सिद्ध किया कि परमाणु में एक ऐसा कण भी होता है जिस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता। इस कण को न्यूट्रॉन कहा गया।

(i) खोजकर्ता – जेम्स चैडविक।

(ii) खोज वर्ष – 1932 ई.

(iii) अल्फा कणों के प्रयोग द्वारा खोज की गई।

(iv) न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं होता।

(v) यह नाभिक में पाया जाता है।

8. न्यूट्रॉन के प्रमुख गुण लिखिए।

उत्तर ⇒ न्यूट्रॉन परमाणु का अनावेशित (उदासीन) अवपरमाण्विक कण है। यह परमाणु के नाभिक में स्थित होता है तथा इसका द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर होता है।

(i) प्रतीक – n।

(ii) इस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता।

(iii) द्रव्यमान लगभग 1 amu होता है।

(iv) यह नाभिक में स्थित रहता है।

(v) इसे उदासीन कण भी कहते हैं।

9. केनाल किरणें (Canal Rays) क्या हैं?

उत्तर ⇒ केनाल किरणें धनावेशित किरणें होती हैं, जिनकी खोज ई. गोल्डस्टीन ने की थी। इन्हें एनोड किरणें (Anode Rays) भी कहा जाता है। इन्हीं किरणों के अध्ययन से प्रोटॉन की खोज का मार्ग प्रशस्त हुआ।

(i) ये धनावेशित किरणें होती हैं।

(ii) खोजकर्ता – ई. गोल्डस्टीन।

(iii) इन्हें एनोड किरणें भी कहते हैं।

(iv) प्रोटॉन की खोज में इनका महत्वपूर्ण योगदान है।

(v) ये कैथोड किरणों से भिन्न होती हैं।

10. परमाणु मॉडल (Atomic Model) क्या है?

उत्तर ⇒ परमाणु की आंतरिक संरचना को समझाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत सिद्धांतों या प्रतिरूपों को परमाणु मॉडल कहा जाता है। इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन की खोज के बाद विभिन्न वैज्ञानिकों ने परमाणु की संरचना को समझाने के लिए अनेक मॉडल प्रस्तुत किए, जिनमें प्रमुख हैं— टॉमसन मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल तथा बोर मॉडल।

(i) परमाणु की संरचना को समझाने के लिए बनाए गए।

(ii) इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद विकसित हुए।

(iii) टॉमसन मॉडल प्रमुख है।

(iv) रदरफोर्ड मॉडल प्रमुख है।

(v) बोर मॉडल आधुनिक परमाणु मॉडल का आधार है।

11. टॉमसन का परमाणु मॉडल (Thomson’s Atomic Model) क्या है?

उत्तर ⇒ जे. जे. टॉमसन ने परमाणु की संरचना को समझाने के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे तरबूज मॉडल (Watermelon Model) अथवा क्रिसमस केक मॉडल (Plum Pudding Model) कहा जाता है। इस मॉडल के अनुसार परमाणु एक धनावेशित गोला है, जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन तरबूज के बीजों या क्रिसमस केक में लगे सूखे मेवों की भाँति धँसे रहते हैं।

(i) इसे तरबूज मॉडल कहते हैं।

(ii) इसे क्रिसमस केक मॉडल भी कहते हैं।

(iii) परमाणु धनावेशित गोला माना गया।

(iv) इलेक्ट्रॉन धनावेशित गोले में धँसे रहते हैं।

(v) मॉडल जे. जे. टॉमसन ने प्रस्तुत किया।

12. टॉमसन के परमाणु मॉडल की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर ⇒ टॉमसन के अनुसार परमाणु एक धनावेशित गोले के समान होता है, जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन समान रूप से वितरित रहते हैं। धन एवं ऋण आवेश समान होने के कारण परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होता है।

(i) परमाणु धनावेशित गोले का बना होता है।

(ii) इलेक्ट्रॉन उसके भीतर धँसे रहते हैं।

(iii) धन एवं ऋण आवेश समान होते हैं।

(iv) परमाणु विद्युतीय रूप से उदासीन होता है।

(v) इलेक्ट्रॉन पूरे परमाणु में वितरित रहते हैं।

13. टॉमसन के परमाणु मॉडल की कमियाँ लिखिए।

उत्तर ⇒ टॉमसन का मॉडल परमाणु की विद्युतीय उदासीनता की व्याख्या तो करता था, लेकिन यह रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग के परिणामों को नहीं समझा सका। इसलिए इस मॉडल को बाद में अस्वीकार कर दिया गया।

(i) नाभिक की उपस्थिति नहीं बता सका।

(ii) अल्फा-कण प्रयोग की व्याख्या नहीं कर पाया।

(iii) परमाणु की वास्तविक संरचना स्पष्ट नहीं कर सका।

(iv) वैज्ञानिक प्रयोगों से मेल नहीं खाता था।

(v) बाद में इसे अस्वीकार कर दिया गया।

14. रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (Rutherford’s Atomic Model) क्या है?

उत्तर ⇒ अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग के आधार पर परमाणु का नया मॉडल प्रस्तुत किया। उनके अनुसार परमाणु के केंद्र में एक अत्यंत छोटा, सघन एवं धनावेशित नाभिक होता है तथा इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं।

(i) मॉडल रदरफोर्ड ने प्रस्तुत किया।

(ii) यह अल्फा-कण प्रयोग पर आधारित है।

(iii) परमाणु के केंद्र में नाभिक होता है।

(iv) नाभिक धनावेशित होता है।

(v) इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं।

15. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ रदरफोर्ड ने तीव्र गति से चलने वाले अल्फा कणों को पतली सोने की पन्नी पर छोड़ा। उन्होंने देखा कि अधिकांश अल्फा कण बिना विचलित हुए निकल गए, कुछ थोड़े कोण से मुड़ गए तथा बहुत कम कण वापस लौट आए। इस प्रयोग से परमाणु की आंतरिक संरचना का पता चला।

(i) पतली सोने की पन्नी का प्रयोग किया गया।

(ii) अल्फा कण पन्नी पर छोड़े गए।

(iii) अधिकांश कण सीधे निकल गए।

(iv) कुछ कण विक्षेपित हुए।

(v) बहुत कम कण वापस लौटे।

16. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग के परिणाम लिखिए।

उत्तर ⇒ रदरफोर्ड के प्रयोग में यह पाया गया कि अधिकांश अल्फा कण सोने की पतली पन्नी से बिना किसी विचलन के निकल गए, कुछ अल्फा कण छोटे कोण से विक्षेपित हुए तथा बहुत कम कण वापस लौट गए। इन परिणामों से परमाणु की आंतरिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

(i) अधिकांश अल्फा कण सीधे निकल गए।

(ii) कुछ कण छोटे कोण से विक्षेपित हुए।

(iii) बहुत कम कण वापस लौटे।

(iv) लगभग प्रत्येक 12000 कणों में से 1 कण वापस लौटा।

(v) परमाणु की संरचना का अध्ययन संभव हुआ।

17. रदरफोर्ड के प्रयोग के निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर ⇒ रदरफोर्ड ने अपने प्रयोग के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त होता है। परमाणु के केंद्र में एक अत्यंत छोटा, सघन एवं धनावेशित नाभिक होता है, जिसमें लगभग समस्त द्रव्यमान एवं धनावेश केंद्रित रहता है।

(i) परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त होता है।

(ii) परमाणु के केंद्र में नाभिक होता है।

(iii) नाभिक धनावेशित होता है।

(iv) लगभग पूरा द्रव्यमान नाभिक में होता है।

(v) नाभिक का आकार परमाणु से बहुत छोटा होता है।

18. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर ⇒ रदरफोर्ड के अनुसार परमाणु के केंद्र में धनावेशित नाभिक होता है। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं तथा नाभिक का आकार परमाणु की तुलना में बहुत छोटा होता है।

(i) परमाणु के केंद्र में नाभिक होता है।

(ii) नाभिक धनावेशित होता है।

(iii) इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं।

(iv) नाभिक का आकार बहुत छोटा होता है।

(v) परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त होता है।

19. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की कमियाँ लिखिए।

उत्तर ⇒ रदरफोर्ड का मॉडल परमाणु की स्थिरता की व्याख्या नहीं कर सका। इसके अनुसार परिक्रमा करते हुए इलेक्ट्रॉन लगातार ऊर्जा का विकिरण करेंगे और ऊर्जा खोकर अंततः नाभिक में गिर जाएंगे। यदि ऐसा होता, तो परमाणु अस्थिर होता, जबकि वास्तव में परमाणु स्थायी होते हैं।

(i) परमाणु की स्थिरता नहीं समझा सका।

(ii) इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण करते हैं।

(iii) ऊर्जा खोने पर इलेक्ट्रॉन नाभिक में गिरना चाहिए।

(iv) वास्तविकता में परमाणु स्थायी होते हैं।

(v) इसलिए यह मॉडल अपूर्ण माना गया।

20. बोर का परमाणु मॉडल (Bohr’s Atomic Model) क्या है?

उत्तर ⇒ नील्स बोर ने 1913 ई. में रदरफोर्ड के मॉडल की कमियों को दूर करने के लिए परमाणु का नया मॉडल प्रस्तुत किया। इस मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित कक्षाओं (ऊर्जा स्तरों) में ही परिक्रमा करते हैं। इन कक्षाओं में घूमते समय वे ऊर्जा का न तो उत्सर्जन करते हैं और न ही अवशोषण। प्रत्येक कक्षा की निश्चित ऊर्जा होती है।

(i) मॉडल नील्स बोर ने 1913 में प्रस्तुत किया।

(ii) इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में घूमते हैं।

(iii) इन कक्षाओं को ऊर्जा स्तर कहते हैं।

(iv) परिक्रमा करते समय ऊर्जा का उत्सर्जन नहीं होता।

(v) कक्षाओं को K, L, M, N आदि से दर्शाया जाता है।

21. बोर के परमाणु मॉडल की मुख्य अवधारणाएँ लिखिए।

उत्तर ⇒ बोर के अनुसार इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं (विविक्त कक्षाओं) में ही नाभिक के चारों ओर परिक्रमा कर सकते हैं। इन कक्षाओं में परिक्रमा करते समय वे ऊर्जा का न तो उत्सर्जन करते हैं और न ही अवशोषण। प्रत्येक कक्षा की अपनी निश्चित ऊर्जा होती है, इसलिए इन्हें ऊर्जा स्तर भी कहा जाता है।

(i) इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित कक्षाओं में घूमते हैं।

(ii) इन कक्षाओं को विविक्त कक्षाएँ कहते हैं।

(iii) प्रत्येक कक्षा की निश्चित ऊर्जा होती है।

(iv) परिक्रमा करते समय ऊर्जा का उत्सर्जन नहीं होता।

(v) कक्षाओं को K, L, M, N आदि से दर्शाते हैं।

22. टॉमसन, रदरफोर्ड एवं बोर के परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।

उत्तर ⇒ टॉमसन, रदरफोर्ड तथा बोर ने परमाणु की संरचना को समझाने के लिए अलग-अलग मॉडल प्रस्तुत किए। प्रत्येक मॉडल ने परमाणु की संरचना के बारे में नई जानकारी दी तथा बाद के मॉडल पहले मॉडल की कमियों को दूर करते गए।

टॉमसन मॉडलरदरफोर्ड मॉडलबोर मॉडल
(i) परमाणु धनावेशित गोला है।(i) केंद्र में नाभिक होता है।(i) इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में घूमते हैं।
(ii) इलेक्ट्रॉन गोले में धँसे रहते हैं।(ii) इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं।(ii) प्रत्येक कक्षा की निश्चित ऊर्जा होती है।
(iii) नाभिक की अवधारणा नहीं थी।(iii) नाभिक की खोज की।(iii) ऊर्जा स्तरों की अवधारणा दी।
(iv) परमाणु उदासीन होता है।(iv) परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है।(iv) इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का विकिरण नहीं करते।
(v) बाद में अस्वीकार कर दिया गया।(v) परमाणु की स्थिरता नहीं समझा सका।(v) रदरफोर्ड मॉडल की कमियाँ दूर कीं।

23. ऊर्जा स्तर (Energy Level) क्या है?

उत्तर ⇒ बोर के सिद्धांत के अनुसार इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर कुछ निश्चित कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं। इन कक्षाओं की त्रिज्या तथा ऊर्जा निश्चित होती है। इन्हीं निश्चित कक्षाओं को ऊर्जा स्तर (Energy Level) या कोश (Shell) कहते हैं।

(i) प्रत्येक ऊर्जा स्तर की निश्चित ऊर्जा होती है।

(ii) इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में रहते हैं।

(iii) ऊर्जा स्तर को कोश भी कहते हैं।

(iv) इन्हें K, L, M, N से दर्शाते हैं।

(v) प्रत्येक स्तर की त्रिज्या निश्चित होती है।

24. परमाणु संख्या (Atomic Number) क्या है?

उत्तर ⇒ किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या को उसकी परमाणु संख्या कहते हैं। इसे Z द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। किसी अनावेशित परमाणु में प्रोटॉनों तथा इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।

(i) इसे Z से प्रदर्शित करते हैं।

(ii) यह प्रोटॉनों की संख्या होती है।

(iii) प्रत्येक तत्व की परमाणु संख्या निश्चित होती है।

(iv) अनावेशित परमाणु में इलेक्ट्रॉन = प्रोटॉन।

(v) यह तत्व की पहचान बताती है।

25. द्रव्यमान संख्या (Mass Number) क्या है?

उत्तर ⇒ किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों एवं न्यूट्रॉनों की कुल संख्या को उसकी द्रव्यमान संख्या कहते हैं। इसे A द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या

(i) इसे A से प्रदर्शित करते हैं।

(ii) प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन का योग होता है।

(iii) यह नाभिक से संबंधित होती है।

(iv) द्रव्यमान संख्या सदैव पूर्ण संख्या होती है।

(v) सूत्र – A = p + n।

26. संयोजकता (Valency) क्या है?

उत्तर ⇒ किसी तत्व के परमाणु की संयोजन शक्ति अथवा क्षमता को उसकी संयोजकता कहते हैं। अर्थात कोई परमाणु दूसरे परमाणुओं के साथ जितने इलेक्ट्रॉनों का त्याग, ग्रहण अथवा साझाकरण करता है, वही उसकी संयोजकता कहलाती है।

(i) संयोजन की क्षमता को संयोजकता कहते हैं।

(ii) यह इलेक्ट्रॉनों के त्याग, ग्रहण या साझाकरण पर आधारित होती है।

(iii) प्रत्येक तत्व की निश्चित संयोजकता होती है।

(iv) रासायनिक सूत्र बनाने में सहायक होती है।

(v) यौगिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

27. संयोजकता-इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons) क्या हैं?

उत्तर ⇒ किसी परमाणु की सबसे बाहरी कक्षा (बाह्यतम कोश) में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों को संयोजकता-इलेक्ट्रॉन कहते हैं। यही इलेक्ट्रॉन रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं तथा किसी तत्व की संयोजकता निर्धारित करते हैं।

(i) बाहरी कक्षा में उपस्थित होते हैं।

(ii) रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं।

(iii) संयोजकता निर्धारित करते हैं।

(iv) इन्हें Valence Electrons कहते हैं।

(v) बाह्यतम कोश के इलेक्ट्रॉन होते हैं।

28. बोर-बरी स्कीम (Bohr-Bury Scheme) क्या है?

उत्तर ⇒ बोर एवं बरी ने परमाणु की विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के वितरण के लिए कुछ नियम दिए, जिन्हें बोर-बरी स्कीम कहा जाता है। इन नियमों के अनुसार प्रत्येक कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या निश्चित होती है तथा इलेक्ट्रॉन पहले भीतरी कक्षाओं में भरते हैं।

(i) यह इलेक्ट्रॉनों के वितरण के नियम हैं।

(ii) बोर एवं बरी ने प्रस्तुत किए।

(iii) प्रत्येक कक्षा की अधिकतम क्षमता निश्चित होती है।

(iv) पहले भीतरी कक्षाएँ भरी जाती हैं।

(v) इसके आधार पर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखा जाता है।

29. बोर-बरी स्कीम के नियम लिखिए।

उत्तर ⇒ बोर-बरी स्कीम के अनुसार इलेक्ट्रॉनों का वितरण कुछ निश्चित नियमों के आधार पर होता है। प्रत्येक कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या निश्चित होती है तथा बाहरी कक्षा में अधिकतम आठ इलेक्ट्रॉन ही हो सकते हैं।

(i) किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n²

(ii) बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

(iii) पहले भीतरी कक्षाएँ भरती हैं।

(iv) बाहरी कोश पूर्ण करने की प्रवृत्ति होती है।

(v) इलेक्ट्रॉन खोकर, पाकर या साझा करके अष्टक पूरा करते हैं।

30. समस्थानिक (Isotopes) क्या हैं?

उत्तर ⇒ एक ही तत्व के ऐसे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान होती है, लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न होती है, समस्थानिक कहलाते हैं। इनकी रासायनिक गुणधर्म लगभग समान होते हैं, जबकि कुछ भौतिक गुण अलग हो सकते हैं।

(i) परमाणु संख्या समान होती है।

(ii) द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।

(iii) रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।

(iv) न्यूट्रॉनों की संख्या अलग होती है।

(v) उदाहरण – प्रोटियम, ड्यूटेरियम, ट्रिटियम।

31. समस्थानिकों के प्रमुख अनुप्रयोग लिखिए।

उत्तर ⇒ समस्थानिकों के विशेष भौतिक एवं नाभिकीय गुणों के कारण उनका उपयोग चिकित्सा, उद्योग, कृषि तथा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक रूप से किया जाता है। विभिन्न समस्थानिकों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

(i) यूरेनियम के समस्थानिक का उपयोग परमाणु रिएक्टर में ईंधन के रूप में होता है।

(ii) कोबाल्ट के समस्थानिक का उपयोग कैंसर के उपचार में किया जाता है।

(iii) आयोडीन के समस्थानिक का उपयोग घेघा (थायरॉयड) रोग के उपचार में किया जाता है।

(iv) समस्थानिक चिकित्सा एवं अनुसंधान में उपयोगी हैं।

(v) इनका उपयोग उद्योग एवं कृषि में भी किया जाता है।

32. समभारिक (Isobars) क्या हैं?

उत्तर ⇒ ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है, लेकिन परमाणु संख्या (Z) भिन्न-भिन्न होती है, समभारिक कहलाते हैं। ये अलग-अलग तत्वों के परमाणु होते हैं, इसलिए इनके रासायनिक गुण भी भिन्न होते हैं।

(i) द्रव्यमान संख्या समान होती है।

(ii) परमाणु संख्या भिन्न होती है।

(iii) ये भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं।

(iv) रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।

(v) उदाहरण – ⁴⁰Ar एवं ⁴⁰Ca।

33. समस्थानिक एवं समभारिक में अंतर लिखिए।

उत्तर ⇒ समस्थानिक एवं समभारिक दोनों परमाणुओं के विशेष प्रकार हैं, लेकिन इनकी परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या तथा गुणधर्मों में अंतर होता है। समस्थानिक एक ही तत्व के होते हैं, जबकि समभारिक अलग-अलग तत्वों के होते हैं।

समस्थानिकसमभारिक
(i) परमाणु संख्या समान होती है।(i) परमाणु संख्या भिन्न होती है।
(ii) द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।(ii) द्रव्यमान संख्या समान होती है।
(iii) रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।(iii) रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
(iv) इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।(iv) इलेक्ट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।
(v) उदाहरण – ¹H, ²H, ³H।(v) उदाहरण – ⁴⁰Ar, ⁴⁰Ca।

34. परमाणु की संरचना अध्याय का महत्व लिखिए।

उत्तर ⇒ इस अध्याय में परमाणु की आंतरिक संरचना, अवपरमाण्विक कण, विभिन्न परमाणु मॉडल, परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, संयोजकता, समस्थानिक तथा समभारिक जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय रसायन विज्ञान की आधारभूत समझ विकसित करता है।

(i) परमाणु की संरचना का ज्ञान प्राप्त होता है।

(ii) इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन की जानकारी मिलती है।

(iii) परमाणु मॉडलों की समझ विकसित होती है।

(iv) परमाणु संख्या एवं द्रव्यमान संख्या का ज्ञान होता है।

(v) समस्थानिक एवं समभारिक की अवधारणा स्पष्ट होती है।

35. ‘परमाणु की संरचना’ अध्याय का निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर ⇒ इस अध्याय से स्पष्ट होता है कि परमाणु पदार्थ की मूल इकाई है, जो प्रोटॉन, न्यूट्रॉन तथा इलेक्ट्रॉन से मिलकर बना होता है। विभिन्न वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत परमाणु मॉडल, परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, संयोजकता, समस्थानिक एवं समभारिक की अवधारणाएँ परमाणु की संरचना तथा उसके व्यवहार को वैज्ञानिक रूप से समझने में सहायता करती हैं।

(i) परमाणु पदार्थ की मूल इकाई है।

(ii) परमाणु में प्रोटॉन, न्यूट्रॉन एवं इलेक्ट्रॉन होते हैं।

(iii) बोर मॉडल परमाणु की संरचना को स्पष्ट करता है।

(iv) समस्थानिक एवं समभारिक महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं।

(v) यह अध्याय आधुनिक रसायन विज्ञान की नींव को मजबूत करता है।

More Class 9 Science Revision Notes

Chapter 1: हमारे आस-पास के पदार्थ
Chapter 2: क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं?
Chapter 3: अणु और परमाणु
Chapter 4: परमाणु की संरचना
Chapter 5: जीवन की मौलिक इकाई – कोशिका
Chapter 6: ऊतक
Chapter 7: जीवों में विविधता
Chapter 8: गति
Chapter 9: बल तथा गति के नियम
Chapter 10: गुरुत्वाकर्षण
Chapter 11: कार्य तथा ऊर्जा
Chapter 12: ध्वनि
Chapter 13: हम बीमार क्यों पड़ते हैं?
Chapter 14: प्राकृतिक सम्पदा
Chapter 15: खाद्य संसाधनों में सुधार

Class 9 Notes by Subject

Mathematics
Science
Social Science
English
Hindi (Course A/B)
Sanskrit
Urdu
Disclaimer: If you are the copyright owner of any material featured on this page and wish to request its removal, please contact us at contact@sarkaridiary.in. We will review and respond to your request promptly.

Latest Updates