Class 9 Science Revision Notes
अणु और परमाणु
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Chapter Overview
| Class | 9 |
| Subject | Science |
| Chapter Name | अणु और परमाणु |
| Resource Type | Revision Notes |
| Syllabus | NCERT |
| Suitable For | CBSE, JAC and other state boards |
अणु और परमाणु Revision Notes
1. रासायनिक संयोजन के नियम (Laws of Chemical Combination) क्या हैं?
उत्तर ⇒ दो या दो से अधिक पदार्थों के बीच होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ कुछ निश्चित सिद्धांतों पर आधारित होती हैं। इन सिद्धांतों को रासायनिक संयोजन के नियम कहा जाता है। इन नियमों का प्रतिपादन एंटोनी लवॉयजिए (Lavoisier) एवं जोजफ एल. प्राउस्ट (Joseph L. Proust) ने अपने अनेक प्रयोगों के आधार पर किया था। रासायनिक संयोजन के दो प्रमुख नियम हैं— द्रव्यमान संरक्षण का नियम तथा स्थिर अनुपात का नियम।
(i) रासायनिक अभिक्रियाएँ निश्चित नियमों का पालन करती हैं।
(ii) इन नियमों का प्रतिपादन लवॉयजिए एवं प्राउस्ट ने किया।
(iii) दो प्रमुख नियम हैं।
(iv) द्रव्यमान संरक्षण का नियम।
(v) स्थिर अनुपात का नियम।
2. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) क्या है?
उत्तर ⇒ इस नियम के अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों के कुल द्रव्यमान का योग उत्पादों के कुल द्रव्यमान के योग के बराबर होता है। अर्थात रासायनिक अभिक्रिया के दौरान द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही उसका विनाश। इस नियम का प्रतिपादन एंटोनी लवॉयजिए ने किया था।
(i) द्रव्यमान न उत्पन्न किया जा सकता है।
(ii) द्रव्यमान का विनाश नहीं होता।
(iii) अभिकारकों एवं उत्पादों का कुल द्रव्यमान समान होता है।
(iv) यह नियम लवॉयजिए ने दिया।
(v) प्रत्येक रासायनिक अभिक्रिया में लागू होता है।
3. द्रव्यमान संरक्षण के नियम का अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर ⇒ द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों के कुल द्रव्यमान का योग उत्पादों के कुल द्रव्यमान के योग के बराबर होता है। उदाहरण के लिए, 2 g हाइड्रोजन तथा 16 g ऑक्सीजन मिलकर 18 g जल बनाते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अभिक्रिया के पहले और बाद में कुल द्रव्यमान समान रहता है।
(i) अभिकारकों का कुल द्रव्यमान ज्ञात किया जाता है।
(ii) उत्पादों का कुल द्रव्यमान समान होता है।
(iii) द्रव्यमान संरक्षित रहता है।
(iv) रासायनिक समीकरण संतुलित होता है।
(v) उदाहरण – 2 g H₂ + 16 g O₂ = 18 g H₂O।
4. स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions) क्या है?
उत्तर ⇒ इस नियम के अनुसार कोई भी शुद्ध रासायनिक यौगिक सदैव उन्हीं तत्वों से तथा उनके निश्चित द्रव्यमान अनुपात में बना होता है, चाहे वह किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो अथवा किसी भी विधि से तैयार किया गया हो। इस नियम का प्रतिपादन जोजफ एल. प्राउस्ट ने किया था।
(i) यौगिक निश्चित तत्वों से बनता है।
(ii) तत्वों का द्रव्यमान अनुपात निश्चित होता है।
(iii) स्रोत बदलने पर अनुपात नहीं बदलता।
(iv) प्राउस्ट ने यह नियम दिया।
(v) सभी शुद्ध यौगिकों पर लागू होता है।
5. स्थिर अनुपात के नियम का उदाहरण लिखिए।
उत्तर ⇒ जल (H₂O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात सदैव 1 : 8 होता है। अर्थात 2 g हाइड्रोजन तथा 16 g ऑक्सीजन मिलकर 18 g जल बनाते हैं। चाहे जल किसी भी स्रोत से प्राप्त हो, यह अनुपात हमेशा समान रहता है।
(i) जल का सूत्र H₂O है।
(ii) हाइड्रोजन : ऑक्सीजन = 1 : 8।
(iii) 2 g H₂ + 16 g O₂ = 18 g H₂O।
(iv) अनुपात हमेशा समान रहता है।
(v) यह स्थिर अनुपात के नियम का उदाहरण है।
6. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton’s Atomic Theory) क्या है?
उत्तर ⇒ जॉन डाल्टन ने वर्ष 1808 में अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत के अनुसार सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों अर्थात् परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं। परमाणु रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं तथा निश्चित अनुपात में संयोग करके यौगिकों का निर्माण करते हैं। डाल्टन का सिद्धांत रसायन विज्ञान का आधार माना जाता है।
(i) डाल्टन ने यह सिद्धांत 1808 में दिया।
(ii) सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं।
(iii) परमाणु रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं।
(iv) परमाणु निश्चित अनुपात में संयोग करते हैं।
(v) यह आधुनिक रसायन विज्ञान का आधार है।
7. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य सिद्धांत लिखिए।
उत्तर ⇒ डाल्टन ने परमाणुओं की संरचना एवं रासायनिक अभिक्रियाओं को समझाने के लिए कई महत्वपूर्ण सिद्धांत दिए। इनके अनुसार परमाणु सूक्ष्म, अविभाज्य होते हैं तथा निश्चित अनुपात में संयोग करके यौगिक बनाते हैं।
(i) सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं।
(ii) परमाणु न उत्पन्न किए जा सकते हैं और न नष्ट किए जा सकते हैं।
(iii) एक ही तत्व के सभी परमाणुओं के गुण एवं द्रव्यमान समान होते हैं।
(iv) भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के गुण एवं द्रव्यमान भिन्न होते हैं।
(v) परमाणु छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयोग करके यौगिक बनाते हैं।
8. परमाणु (Atom) क्या है?
उत्तर ⇒ परमाणु किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण है जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है तथा उस तत्व के रासायनिक गुणों को बनाए रखता है। अधिकांश तत्वों के परमाणु अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाए जाते हैं।
(i) यह तत्व का सबसे छोटा कण है।
(ii) रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है।
(iii) तत्व के गुणों को बनाए रखता है।
(iv) अधिकांश परमाणु स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाए जाते।
(v) डाल्टन ने परमाणु की अवधारणा प्रस्तुत की।
9. परमाणु कितने बड़े होते हैं?
उत्तर ⇒ परमाणु अत्यंत सूक्ष्म होते हैं। इनका आकार लगभग 10⁻¹⁰ मीटर (0.1 nm) के क्रम का होता है। इन्हें नंगी आँखों या साधारण सूक्ष्मदर्शी से नहीं देखा जा सकता, बल्कि अत्यधिक शक्तिशाली सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जाता है।
(i) परमाणु अत्यंत सूक्ष्म होते हैं।
(ii) इनका आकार लगभग 10⁻¹⁰ मीटर होता है।
(iii) 0.1 nm के क्रम का होता है।
(iv) नंगी आँखों से दिखाई नहीं देते।
(v) शक्तिशाली सूक्ष्मदर्शी से देखे जाते हैं।
10. परमाणु त्रिज्या का मापन किस इकाई में किया जाता है?
उत्तर ⇒ परमाणु की त्रिज्या का मापन सामान्यतः नैनोमीटर (nm) में किया जाता है। नैनोमीटर लंबाई की अत्यंत छोटी इकाई है। 1 nm = 10⁻⁹ मीटर तथा 1 मीटर = 10⁹ नैनोमीटर के बराबर होता है।
(i) परमाणु त्रिज्या का मापन नैनोमीटर में होता है।
(ii) 1 nm = 10⁻⁹ m।
(iii) 1 m = 10⁹ nm।
(iv) यह लंबाई की सूक्ष्म इकाई है।
(v) परमाणुओं के आकार को व्यक्त करने में उपयोगी है।
11. IUPAC क्या है?
उत्तर ⇒ IUPAC (International Union of Pure and Applied Chemistry) एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्था है, जो रसायन विज्ञान में तत्वों के नाम, प्रतीक, रासायनिक नामकरण तथा मात्रकों को मान्यता प्रदान करती है। विश्वभर में रासायनिक नामकरण में एकरूपता बनाए रखने के लिए IUPAC के नियमों का पालन किया जाता है।
(i) IUPAC एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है।
(ii) यह तत्वों के नाम निर्धारित करती है।
(iii) तत्वों के प्रतीकों को मान्यता देती है।
(iv) रासायनिक नामकरण के नियम बनाती है।
(v) पूरे विश्व में एक समान प्रणाली लागू करती है।
12. तत्वों के नामों की उत्पत्ति कैसे हुई?
उत्तर ⇒ प्रारम्भ में अनेक तत्वों के नाम उस स्थान के आधार पर रखे गए जहाँ वे सबसे पहले प्राप्त हुए थे। कुछ तत्वों के नाम उनके रंग, गुण अथवा लैटिन, ग्रीक एवं जर्मन भाषाओं के शब्दों से लिए गए हैं। इस प्रकार तत्वों के नामों की उत्पत्ति विभिन्न आधारों पर हुई है।
(i) कुछ नाम स्थानों के आधार पर रखे गए।
(ii) कुछ नाम रंग के आधार पर रखे गए।
(iii) कुछ नाम गुणों के आधार पर रखे गए।
(iv) कुछ नाम लैटिन, ग्रीक एवं जर्मन भाषा से लिए गए।
(v) प्रत्येक तत्व का एक मानक नाम होता है।
13. तत्वों के प्रतीक बनाने के नियम लिखिए।
उत्तर ⇒ तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेज़ी नाम के एक या दो अक्षरों से बनाए जाते हैं। पहला अक्षर सदैव बड़ा (Capital Letter) तथा दूसरा अक्षर (यदि हो) छोटा (Small Letter) लिखा जाता है। कुछ तत्वों के प्रतीक उनके लैटिन नामों से लिए गए हैं।
(i) प्रतीक एक या दो अक्षरों के होते हैं।
(ii) पहला अक्षर बड़ा लिखा जाता है।
(iii) दूसरा अक्षर छोटा लिखा जाता है।
(iv) कुछ प्रतीक लैटिन नामों से बने हैं।
(v) उदाहरण – H, Al, Co, Fe, Na।
14. तत्वों के प्रतीक का महत्व लिखिए।
उत्तर ⇒ तत्व का प्रतीक उसके नाम का संक्षिप्त रूप होता है। यह केवल तत्व के नाम का ही नहीं, बल्कि उसके एक परमाणु, एक मोल परमाणुओं तथा उसके निश्चित परमाणु द्रव्यमान का भी प्रतिनिधित्व करता है।
(i) प्रतीक तत्व के नाम को दर्शाता है।
(ii) एक परमाणु का प्रतिनिधित्व करता है।
(iii) एक मोल परमाणुओं का प्रतिनिधित्व करता है।
(iv) निश्चित परमाणु द्रव्यमान को दर्शाता है।
(v) रासायनिक समीकरण लिखने में उपयोगी होता है।
15. परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) क्या है?
उत्तर ⇒ किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान वह संख्या है जो यह बताती है कि उस तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग से कितने गुना अधिक है। वर्तमान में परमाणु द्रव्यमान की इकाई u (Atomic Mass Unit) है।
(i) यह परमाणु के सापेक्ष द्रव्यमान को दर्शाता है।
(ii) इसका आधार कार्बन-12 समस्थानिक है।
(iii) 1 u = कार्बन-12 के द्रव्यमान का 1/12 भाग।
(iv) पहले amu का प्रयोग होता था।
(v) वर्तमान में u इकाई का प्रयोग किया जाता है।
16. परमाणु द्रव्यमान की इकाई (Atomic Mass Unit) क्या है?
उत्तर ⇒ प्रारम्भ में परमाणु द्रव्यमान को amu (Atomic Mass Unit) में व्यक्त किया जाता था, लेकिन 1961 में IUPAC ने इसे बदलकर u (Unified Atomic Mass Unit) कर दिया। 1 u का मान कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग के बराबर होता है।
(i) पहले amu इकाई का प्रयोग होता था।
(ii) वर्तमान में u इकाई का प्रयोग किया जाता है।
(iii) 1961 में IUPAC ने u को स्वीकार किया।
(iv) 1 u = कार्बन-12 के द्रव्यमान का 1/12 भाग।
(v) परमाणु द्रव्यमान u में व्यक्त किया जाता है।
17. समस्थानिक (Isotopes) क्या हैं?
उत्तर ⇒ समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या समान होती है, लेकिन द्रव्यमान संख्या (भार) भिन्न-भिन्न होती है। ऐसा न्यूट्रॉनों की संख्या अलग-अलग होने के कारण होता है। समस्थानिकों के रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं, जबकि उनके कुछ भौतिक गुण भिन्न हो सकते हैं।
(i) परमाणु संख्या समान होती है।
(ii) द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।
(iii) न्यूट्रॉनों की संख्या अलग होती है।
(iv) रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।
(v) उदाहरण – C-12, C-13, C-14।
18. परमाणु किस प्रकार अस्तित्व में रहते हैं?
उत्तर ⇒ अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतंत्र अवस्था में अस्तित्व में नहीं रह सकते क्योंकि वे अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। इसलिए वे आपस में मिलकर अणु अथवा आयन बनाते हैं। यही अणु एवं आयन बड़ी संख्या में मिलकर विभिन्न पदार्थों का निर्माण करते हैं।
(i) अधिकांश परमाणु स्वतंत्र नहीं रहते।
(ii) परमाणु अणु बनाते हैं।
(iii) परमाणु आयन भी बनाते हैं।
(iv) अणु एवं आयन मिलकर पदार्थ बनाते हैं।
(v) अक्रिय गैसों के परमाणु स्वतंत्र पाए जाते हैं।
19. अणु (Molecule) क्या है?
उत्तर ⇒ अणु दो या दो से अधिक परमाणुओं का ऐसा समूह है, जो रासायनिक बंध द्वारा आपस में जुड़े रहते हैं। अणु किसी तत्व या यौगिक का वह सूक्ष्मतम कण होता है, जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है तथा पदार्थ के सभी गुणों को प्रदर्शित करता है।
(i) दो या दो से अधिक परमाणुओं से बनता है।
(ii) रासायनिक बंध द्वारा जुड़ा रहता है।
(iii) स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकता है।
(iv) पदार्थ के सभी गुण प्रदर्शित करता है।
(v) तत्व एवं यौगिक दोनों के अणु हो सकते हैं।
20. तत्वों के अणु (Molecules of Elements) क्या हैं?
उत्तर ⇒ किसी तत्व के अणु केवल एक ही प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं। ये एक-परमाणुक, द्वि-परमाणुक अथवा बहु-परमाणुक हो सकते हैं। उदाहरण के लिए हीलियम (He) एक-परमाणुक, ऑक्सीजन (O₂) द्वि-परमाणुक तथा ओजोन (O₃) त्रि-परमाणुक अणु है।
(i) एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं।
(ii) एक-परमाणुक अणु – He, Ne, Ar।
(iii) द्वि-परमाणुक अणु – H₂, O₂, N₂।
(iv) त्रि-परमाणुक अणु – O₃।
(v) बहु-परमाणुक अणु भी पाए जाते हैं।
21. एक-परमाणुक एवं बहु-परमाणुक अणु क्या हैं?
उत्तर ⇒ जिन अणुओं में केवल एक परमाणु होता है, उन्हें एक-परमाणुक अणु कहते हैं। जैसे— हीलियम (He), नीयॉन (Ne), आर्गन (Ar)। जिन अणुओं में एक से अधिक परमाणु होते हैं, उन्हें बहु-परमाणुक अणु कहते हैं। जैसे— ऑक्सीजन (O₂), नाइट्रोजन (N₂), ओजोन (O₃) आदि।
(i) एक-परमाणुक अणु में एक परमाणु होता है।
(ii) बहु-परमाणुक अणु में एक से अधिक परमाणु होते हैं।
(iii) हीलियम एक-परमाणुक अणु है।
(iv) ऑक्सीजन द्वि-परमाणुक अणु है।
(v) ओजोन त्रि-परमाणुक अणु है।
22. परमाणुकता (Atomicity) क्या है?
उत्तर ⇒ किसी अणु में उपस्थित परमाणुओं की कुल संख्या को उस अणु की परमाणुकता कहते हैं। उदाहरण के लिए, ऑक्सीजन (O₂) की परमाणुकता 2, ओजोन (O₃) की 3 तथा फॉस्फोरस (P₄) की 4 होती है।
(i) अणु में परमाणुओं की संख्या को परमाणुकता कहते हैं।
(ii) O₂ की परमाणुकता 2 है।
(iii) O₃ की परमाणुकता 3 है।
(iv) P₄ की परमाणुकता 4 है।
(v) S₈ की परमाणुकता 8 है।
23. यौगिकों के अणु क्या हैं?
उत्तर ⇒ जब भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में रासायनिक बंध द्वारा जुड़ते हैं, तब यौगिकों के अणु बनते हैं। इन अणुओं के गुण उनके संघटक तत्वों से भिन्न होते हैं। उदाहरण— जल (H₂O), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), अमोनिया (NH₃) आदि।
(i) भिन्न-भिन्न तत्वों से मिलकर बनते हैं।
(ii) निश्चित अनुपात में बनते हैं।
(iii) रासायनिक बंध द्वारा जुड़े होते हैं।
(iv) गुण तत्वों से भिन्न होते हैं।
(v) उदाहरण – H₂O, CO₂, NH₃।
24. आयन (Ion) क्या है?
उत्तर ⇒ आयन वह परमाणु अथवा परमाणुओं का समूह है जिस पर शुद्ध (नेट) विद्युत आवेश होता है। आयन इलेक्ट्रॉनों के त्यागने या ग्रहण करने से बनते हैं। यदि इलेक्ट्रॉन त्यागे जाते हैं तो धनायन तथा यदि इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए जाते हैं तो ऋणायन बनते हैं।
(i) आयन पर विद्युत आवेश होता है।
(ii) इलेक्ट्रॉनों के त्याग या ग्रहण से बनता है।
(iii) धनायन धन आवेशित होता है।
(iv) ऋणायन ऋण आवेशित होता है।
(v) परमाणु या परमाणुओं का समूह हो सकता है।
25. आयनों के प्रकार लिखिए।
उत्तर ⇒ आयनों को उनके विद्युत आवेश के आधार पर दो प्रकार में बाँटा जाता है— धनायन (Cation) तथा ऋणायन (Anion)। धनायन इलेक्ट्रॉनों के त्यागने से बनते हैं, जबकि ऋणायन इलेक्ट्रॉनों के ग्रहण करने से बनते हैं।
(i) धनायन (Cation)।
(ii) ऋणायन (Anion)।
(iii) धनायन पर धन आवेश होता है।
(iv) ऋणायन पर ऋण आवेश होता है।
(v) उदाहरण – Na⁺, Ca²⁺, Cl⁻, O²⁻।
26. परमाणु एवं आयन में अंतर लिखिए।
उत्तर ⇒ परमाणु किसी तत्व का विद्युत उदासीन सूक्ष्मतम कण होता है, जबकि आयन वह परमाणु अथवा परमाणुओं का समूह होता है जिस पर धनात्मक या ऋणात्मक आवेश होता है। आयन इलेक्ट्रॉनों के त्यागने या ग्रहण करने से बनते हैं।
| परमाणु | आयन |
|---|---|
| (i) विद्युत उदासीन होता है। | (i) विद्युत आवेशित होता है। |
| (ii) इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों के बराबर होती है। | (ii) इलेक्ट्रॉनों की संख्या बदल जाती है। |
| (iii) सामान्यतः स्वतंत्र रूप से स्थायी नहीं होता। | (iii) सामान्यतः अधिक स्थायी होता है। |
| (iv) कोई शुद्ध आवेश नहीं होता। | (iv) धनात्मक या ऋणात्मक आवेश होता है। |
| (v) उदाहरण – H, O, Na | (v) उदाहरण – Na⁺, Cl⁻, Ca²⁺ |
27. बहुपरमाणुक आयन (Polyatomic Ion) क्या है?
उत्तर ⇒ बहुपरमाणुक आयन परमाणुओं का ऐसा समूह होता है जिस पर कुल मिलाकर एक निश्चित धनात्मक या ऋणात्मक आवेश होता है तथा जो रासायनिक अभिक्रियाओं में एक इकाई के रूप में कार्य करता है। उदाहरण – NH₄⁺, OH⁻, SO₄²⁻, CO₃²⁻ आदि।
(i) परमाणुओं का समूह होता है।
(ii) इस पर नेट विद्युत आवेश होता है।
(iii) रासायनिक अभिक्रियाओं में एक इकाई की तरह कार्य करता है।
(iv) धनायन या ऋणायन दोनों हो सकता है।
(v) उदाहरण – NH₄⁺, OH⁻, SO₄²⁻।
28. रासायनिक सूत्र (Chemical Formula) क्या है?
उत्तर ⇒ किसी यौगिक के अणु में उपस्थित सभी तत्वों के प्रतीकों तथा उनके परमाणुओं की संख्या को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करने वाले संकेत को रासायनिक सूत्र कहते हैं। रासायनिक सूत्र से किसी यौगिक की संरचना का ज्ञान होता है।
(i) यौगिक का संक्षिप्त संकेत है।
(ii) तत्वों के प्रतीकों से बनाया जाता है।
(iii) परमाणुओं की संख्या दर्शाता है।
(iv) यौगिक की संरचना बताता है।
(v) उदाहरण – H₂O, CO₂, NaCl।
29. रासायनिक सूत्र लिखने के नियम लिखिए।
उत्तर ⇒ रासायनिक सूत्र लिखते समय तत्वों अथवा आयनों की संयोजकता अथवा आवेश का संतुलन किया जाता है। धातु का प्रतीक पहले तथा अधातु का प्रतीक बाद में लिखा जाता है। यदि किसी बहुपरमाणुक आयन की संख्या एक से अधिक हो तो उसे कोष्ठक ( ) में लिखकर बाहर उसकी संख्या लिखी जाती है।
(i) कुल धन एवं ऋण आवेश का योग शून्य होना चाहिए।
(ii) पहले धातु, फिर अधातु का प्रतीक लिखा जाता है।
(iii) संयोजकता का संतुलन किया जाता है।
(iv) बहुपरमाणुक आयन को आवश्यकता होने पर कोष्ठक में लिखा जाता है।
(v) उदाहरण – CaO, NaCl, Mg(OH)₂।
30. रासायनिक सूत्र का महत्व लिखिए।
उत्तर ⇒ रासायनिक सूत्र किसी पदार्थ के नाम, उसके एक अणु, उसमें उपस्थित तत्वों तथा प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या का प्रतिनिधित्व करता है। यह पदार्थ के एक मोल अणुओं तथा उसके निश्चित द्रव्यमान की भी जानकारी देता है।
(i) पदार्थ के नाम को प्रदर्शित करता है।
(ii) एक अणु का प्रतिनिधित्व करता है।
(iii) एक मोल अणुओं का प्रतिनिधित्व करता है।
(iv) तत्वों एवं उनके परमाणुओं की संख्या बताता है।
(v) पदार्थ के निश्चित द्रव्यमान को दर्शाता है।
31. संयोजकता (Valency) क्या है?
उत्तर ⇒ किसी तत्व की संयोजन शक्ति अथवा क्षमता को उसकी संयोजकता कहते हैं। अर्थात् किसी तत्व के परमाणु द्वारा दूसरे परमाणुओं के साथ रासायनिक बंध बनाने की क्षमता ही उसकी संयोजकता कहलाती है। संयोजकता के आधार पर ही यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखे जाते हैं।
(i) संयोजन की क्षमता को संयोजकता कहते हैं।
(ii) यह रासायनिक बंध बनाने की क्षमता है।
(iii) रासायनिक सूत्र लिखने में उपयोगी है।
(iv) प्रत्येक तत्व की निश्चित संयोजकता होती है।
(v) उदाहरण – H = 1, O = 2, N = 3।
32. द्विअंगी यौगिक (Binary Compound) क्या है?
उत्तर ⇒ दो भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं से मिलकर बने सरलतम यौगिकों को द्विअंगी यौगिक कहते हैं। इनमें केवल दो प्रकार के तत्व उपस्थित होते हैं। उदाहरण – NaCl, CaO, MgO आदि।
(i) दो भिन्न तत्वों से मिलकर बनते हैं।
(ii) केवल दो प्रकार के तत्व उपस्थित होते हैं।
(iii) सरलतम यौगिक होते हैं।
(iv) रासायनिक सूत्र निश्चित होता है।
(v) उदाहरण – NaCl, CaO।
33. आण्विक द्रव्यमान (Molecular Mass) क्या है?
उत्तर ⇒ किसी पदार्थ के एक अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों के योग को उस पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान कहते हैं। इसे परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) में व्यक्त किया जाता है।
(i) सभी परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग होता है।
(ii) u (परमाणु द्रव्यमान इकाई) में व्यक्त किया जाता है।
(iii) एक अणु का सापेक्ष द्रव्यमान बताता है।
(iv) सूत्र से इसकी गणना की जाती है।
(v) उदाहरण – H₂O का आण्विक द्रव्यमान = 18 u।
34. सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass) क्या है?
उत्तर ⇒ आयनिक यौगिकों के सूत्र में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों के योग को सूत्र इकाई द्रव्यमान कहते हैं। क्योंकि आयनिक यौगिक स्वतंत्र अणु के रूप में नहीं पाए जाते, इसलिए उनके लिए आण्विक द्रव्यमान के स्थान पर सूत्र इकाई द्रव्यमान का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण – NaCl।
(i) आयनिक यौगिकों के लिए प्रयोग किया जाता है।
(ii) सभी परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग होता है।
(iii) u में व्यक्त किया जाता है।
(iv) स्वतंत्र अणु नहीं होते।
(v) उदाहरण – NaCl।
35. ‘परमाणु एवं अणु’ अध्याय का निष्कर्ष लिखिए।
उत्तर ⇒ इस अध्याय में रासायनिक संयोजन के नियम, डाल्टन का परमाणु सिद्धांत, परमाणु, अणु, आयन, समस्थानिक, संयोजकता, रासायनिक सूत्र, आण्विक द्रव्यमान तथा सूत्र इकाई द्रव्यमान का अध्ययन किया गया। इन अवधारणाओं से पदार्थों की संरचना, रासायनिक अभिक्रियाओं तथा यौगिकों के निर्माण को वैज्ञानिक रूप से समझने में सहायता मिलती है।
(i) परमाणु पदार्थ की मूल इकाई है।
(ii) अणु पदार्थ का स्वतंत्र सूक्ष्मतम कण है।
(iii) रासायनिक सूत्र यौगिक की संरचना बताता है।
(iv) संयोजकता से यौगिकों के सूत्र बनाए जाते हैं।
(v) यह अध्याय रसायन विज्ञान की आधारभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करता है।