Class 9 Science Revision Notes
जीवन की मौलिक इकाई – कोशिका
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Chapter Overview
| Class | 9 |
| Subject | Science |
| Chapter Name | जीवन की मौलिक इकाई – कोशिका |
| Resource Type | Revision Notes |
| Syllabus | NCERT |
| Suitable For | CBSE, JAC and other state boards |
जीवन की मौलिक इकाई – कोशिका Revision Notes
1. कोशिका (Cell) क्या है?
उत्तर ⇒ कोशिका (Cell) जीवों की सबसे छोटी संरचनात्मक, क्रियात्मक एवं जैविक इकाई है। सभी जीव एक या अनेक कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। Cell शब्द लैटिन भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ “छोटा कमरा” होता है।
(i) कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है।
(ii) सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
(iii) यह संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
(iv) Cell शब्द का अर्थ “छोटा कमरा” है।
(v) प्रत्येक जीव की मूल इकाई कोशिका है।
2. कोशिका की खोज किसने की?
उत्तर ⇒ रॉबर्ट हुक ने 1665 ई. में कार्क (Cork) की पतली काट को अनगढ़ सूक्ष्मदर्शी से देखकर पहली बार कोशिकाओं का अवलोकन किया। बाद में ल्यूवेनहॉक ने जीवित कोशिकाओं का अध्ययन किया तथा अन्य वैज्ञानिकों ने कोशिका के विभिन्न भागों की खोज की।
(i) 1665 ई. में रॉबर्ट हुक ने कोशिका की खोज की।
(ii) कार्क की पतली काट का अध्ययन किया।
(iii) ल्यूवेनहॉक ने जीवित कोशिकाएँ देखीं।
(iv) रॉबर्ट ब्राउन ने केन्द्रक की खोज की।
(v) श्लाइडन एवं स्वान ने कोशिका सिद्धांत दिया।
3. कोशिका का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर ⇒ कोशिका का निर्माण प्रोटोप्लाज्म के विभिन्न घटकों से होता है। इसमें जल, आयन, लवण, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, न्यूक्लिक अम्ल तथा विटामिन आदि सम्मिलित होते हैं। ये सभी घटक मिलकर कोशिका द्रव्य तथा केन्द्रक के साथ कोशिका का निर्माण करते हैं।
(i) कोशिका का निर्माण प्रोटोप्लाज्म से होता है।
(ii) इसमें जल एवं लवण पाए जाते हैं।
(iii) प्रोटीन, वसा एवं कार्बोहाइड्रेट उपस्थित होते हैं।
(iv) न्यूक्लिक अम्ल एवं विटामिन भी पाए जाते हैं।
(v) कोशिका द्रव्य एवं केन्द्रक मिलकर कोशिका बनाते हैं।
4. कोशिका को जीवन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई क्यों कहा जाता है?
उत्तर ⇒ सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं तथा जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएँ, जैसे पोषण, श्वसन, वृद्धि, उत्सर्जन एवं प्रजनन, कोशिका द्वारा ही संपन्न होती हैं। इसलिए कोशिका को जीवन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई कहा जाता है।
(i) सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं।
(ii) कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
(iii) सभी जीवन क्रियाएँ कोशिका में होती हैं।
(iv) कोशिका वृद्धि एवं प्रजनन करती है।
(v) इसे संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई कहते हैं।
5. कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) क्या है?
उत्तर ⇒ एम. श्लाइडन (1838) तथा टी. स्वान (1839) ने कोशिका सिद्धांत प्रस्तुत किया। इसके अनुसार सभी पौधे एवं जंतु कोशिकाओं से बने होते हैं, कोशिका जीवन की मूल इकाई है तथा नई कोशिकाएँ पूर्व-निर्मित कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
(i) श्लाइडन एवं स्वान ने कोशिका सिद्धांत दिया।
(ii) सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
(iii) कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
(iv) नई कोशिकाएँ पुरानी कोशिकाओं से बनती हैं।
(v) यह जीवों की संरचना का आधार बताता है।
6. एककोशिकीय जीव (Unicellular Organisms) क्या हैं?
उत्तर ⇒ ऐसे जीव जिनका शरीर केवल एक ही कोशिका से बना होता है तथा वही एक कोशिका भोजन, श्वसन, उत्सर्जन, वृद्धि और प्रजनन जैसी सभी जीवन क्रियाएँ करती है, एककोशिकीय जीव कहलाते हैं।
(i) शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है।
(ii) एक ही कोशिका सभी जीवन क्रियाएँ करती है।
(iii) इनकी संरचना सरल होती है।
(iv) अधिकांश सूक्ष्मदर्शी से दिखाई देते हैं।
(v) उदाहरण – अमीबा, पैरामीशियम, क्लैमाइडोमोनास एवं बैक्टीरिया।
7. बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organisms) क्या हैं?
उत्तर ⇒ ऐसे जीव जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है तथा विभिन्न कोशिकाएँ मिलकर ऊतक, अंग और अंग-तंत्र का निर्माण करती हैं, बहुकोशिकीय जीव कहलाते हैं। इनमें कार्यों का विभाजन होता है।
(i) शरीर अनेक कोशिकाओं से बना होता है।
(ii) कोशिकाओं में कार्य-विभाजन होता है।
(iii) ऊतक एवं अंगों का निर्माण होता है।
(iv) इनकी संरचना जटिल होती है।
(v) उदाहरण – मनुष्य, पशु, पक्षी एवं पेड़-पौधे।
8. एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीवों में अंतर लिखिए।
उत्तर ⇒ एककोशिकीय जीवों का शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, जबकि बहुकोशिकीय जीव अनेक कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। दोनों की संरचना, कार्य एवं जटिलता में महत्वपूर्ण अंतर होता है।
| आधार | एककोशिकीय जीव | बहुकोशिकीय जीव |
|---|---|---|
| (i) कोशिकाओं की संख्या | केवल एक कोशिका | अनेक कोशिकाएँ |
| (ii) संरचना | सरल | जटिल |
| (iii) कार्य | एक कोशिका सभी कार्य करती है | अलग-अलग कोशिकाएँ अलग कार्य करती हैं |
| (iv) आकार | सामान्यतः सूक्ष्म | छोटे से बहुत बड़े |
| (v) उदाहरण | अमीबा, बैक्टीरिया | मनुष्य, पशु, पौधे |
9. कोशिका की आकृति (Shape of Cell) कैसी होती है?
उत्तर ⇒ कोशिकाओं की आकृति एवं आकार उनके कार्यों के अनुसार अलग-अलग होते हैं। अधिकांश कोशिकाएँ गोलाकार होती हैं, जबकि कुछ लंबी, स्तंभाकार, चपटी अथवा अनियमित आकार की होती हैं।
(i) कोशिकाओं की आकृति समान नहीं होती।
(ii) आकृति कार्य के अनुसार बदलती है।
(iii) अधिकांश कोशिकाएँ गोलाकार होती हैं।
(iv) कुछ कोशिकाएँ लंबी एवं चपटी होती हैं।
(v) प्रत्येक कोशिका का आकार उसके कार्य के अनुरूप होता है।
10. कोशिका का आकार (Size of Cell) क्या होता है?
उत्तर ⇒ विभिन्न जीवों की कोशिकाओं का आकार अलग-अलग होता है। अधिकांश कोशिकाएँ सूक्ष्मदर्शी से दिखाई देती हैं, जबकि कुछ कोशिकाएँ नग्न आँखों से भी देखी जा सकती हैं। सामान्यतः कोशिकाओं का आकार 0.2 माइक्रोमीटर से 18 सेंटीमीटर तक पाया जाता है।
(i) कोशिकाओं का आकार अलग-अलग होता है।
(ii) सामान्य कोशिकाएँ लगभग 2–120 µm तक होती हैं।
(iii) सबसे छोटी कोशिका – माइकोप्लाज्मा।
(iv) सबसे बड़ी कोशिका – शुतुरमुर्ग का अंडा।
(v) सबसे लंबी कोशिका – मानव तंत्रिका कोशिका।
11. कोशिका के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ कोशिका जीवों की सभी आवश्यक जीवन क्रियाओं को संपन्न करती है। यह भोजन के पाचन, ऊर्जा उत्पादन, पदार्थों के संश्लेषण, स्रावण, उत्सर्जन, वृद्धि तथा प्रजनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(i) भोजन के पाचन में सहायता करती है।
(ii) ऊर्जा उत्पन्न करती है।
(iii) आवश्यक पदार्थों का संश्लेषण करती है।
(iv) अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती है।
(v) विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती है।
12. कोशिकांग (Cell Organelles) क्या हैं?
उत्तर ⇒ कोशिका के भीतर उपस्थित विशिष्ट संरचनाएँ, जो अलग-अलग कार्य करती हैं, कोशिकांग कहलाती हैं। प्रत्येक कोशिकांग का अपना विशेष कार्य होता है तथा सभी कोशिकांग मिलकर कोशिका को सुचारु रूप से कार्य करने में सहायता करते हैं।
(i) कोशिका के विशेष घटक होते हैं।
(ii) प्रत्येक कोशिकांग का अलग कार्य होता है।
(iii) कोशिका की सभी क्रियाओं में सहायता करते हैं।
(iv) अधिकांश कोशिकांग झिल्ली से घिरे होते हैं।
(v) ये कोशिका को जीवित एवं सक्रिय बनाए रखते हैं।
13. कोशिका के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं?
उत्तर ⇒ सामान्यतः प्रत्येक कोशिका के तीन मुख्य भाग होते हैं— प्लाज्मा झिल्ली (Cell Membrane), कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) तथा केन्द्रक (Nucleus)। ये तीनों भाग मिलकर कोशिका की संरचना एवं कार्यों का संचालन करते हैं।
(i) प्लाज्मा झिल्ली।
(ii) कोशिका द्रव्य।
(iii) केन्द्रक।
(iv) तीनों मिलकर कोशिका का निर्माण करते हैं।
(v) प्रत्येक भाग का अपना विशेष कार्य होता है।
14. प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane) क्या है?
उत्तर ⇒ कोशिका के सभी आंतरिक भागों को चारों ओर से घेरने वाली पतली, जीवित तथा लचीली झिल्ली को प्लाज्मा झिल्ली कहते हैं। इसे कोशिका झिल्ली या प्लाज्मालेमा भी कहते हैं। यह चयनात्मक रूप से पारगम्य होती है।
(i) कोशिका की बाहरी जीवित झिल्ली है।
(ii) इसे प्लाज्मालेमा भी कहते हैं।
(iii) यह लिपिड एवं प्रोटीन की बनी होती है।
(iv) यह चयनात्मक रूप से पारगम्य होती है।
(v) इसकी मोटाई लगभग 7–8 नैनोमीटर होती है।
15. प्लाज्मा झिल्ली के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ प्लाज्मा झिल्ली कोशिका के आंतरिक भागों की सुरक्षा करती है तथा कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है। इसके माध्यम से पदार्थों का आदान-प्रदान मुख्यतः विसरण एवं परासरण द्वारा होता है।
(i) कोशिका के आंतरिक भागों की रक्षा करती है।
(ii) पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।
(iii) चयनात्मक पारगम्यता प्रदर्शित करती है।
(iv) विसरण द्वारा पदार्थों का आदान-प्रदान होता है।
(v) परासरण द्वारा जल का आवागमन होता है।
16. विसरण (Diffusion) क्या है?
उत्तर ⇒ विसरण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ के अणु उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर स्वतः गति करते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक दोनों ओर की सांद्रता समान नहीं हो जाती।
(i) उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति होती है।
(ii) यह स्वतः होने वाली प्रक्रिया है।
(iii) ठोस, द्रव एवं गैस तीनों में होती है।
(iv) दोनों ओर की सांद्रता समान कर देती है।
(v) इसमें विलेय एवं विलायक दोनों गति कर सकते हैं।
17. परासरण (Osmosis) क्या है?
उत्तर ⇒ परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलायक (जल) के अणु उच्च सांद्रता वाले विलयन से निम्न सांद्रता वाले विलयन की ओर गति करते हैं। यह केवल द्रव माध्यम में होती है।
(i) अर्धपारगम्य झिल्ली आवश्यक होती है।
(ii) केवल जल (विलायक) के अणु गति करते हैं।
(iii) उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गमन होता है।
(iv) यह केवल द्रव में होती है।
(v) दोनों ओर की सांद्रता संतुलित करती है।
18. विसरण एवं परासरण में अंतर लिखिए।
उत्तर ⇒ विसरण एवं परासरण दोनों पदार्थों के परिवहन की प्रक्रियाएँ हैं, लेकिन इनमें गति करने वाले कण, माध्यम तथा अर्धपारगम्य झिल्ली की आवश्यकता के आधार पर अंतर होता है।
| विसरण | परासरण |
|---|---|
| (i) किसी भी पदार्थ के कण गति करते हैं। | (i) केवल जल (विलायक) के अणु गति करते हैं। |
| (ii) अर्धपारगम्य झिल्ली आवश्यक नहीं होती। | (ii) अर्धपारगम्य झिल्ली आवश्यक होती है। |
| (iii) ठोस, द्रव एवं गैस में होता है। | (iii) केवल द्रव माध्यम में होता है। |
| (iv) विलेय एवं विलायक दोनों गति कर सकते हैं। | (iv) केवल विलायक गति करता है। |
| (v) सांद्रता समान करने का कार्य करता है। | (v) जल के संतुलन को बनाए रखता है। |
19. समपरासरी, अतिपरासरी एवं अल्पपरासरी विलयन क्या हैं?
उत्तर ⇒ कोशिका के भीतर एवं बाहर उपस्थित विलयन की सांद्रता के आधार पर विलयन तीन प्रकार के होते हैं— **समपरासरी, अतिपरासरी तथा अल्पपरास
19. समपरासरी, अतिपरासरी एवं अल्पपरासरी विलयन क्या हैं?
उत्तर ⇒ कोशिका के भीतर एवं बाहर उपस्थित विलयन की सांद्रता के आधार पर विलयन तीन प्रकार के होते हैं— समपरासरी (Isotonic), अतिपरासरी (Hypertonic) तथा अल्पपरासरी (Hypotonic)। इनका प्रभाव कोशिका के आकार एवं जल की मात्रा पर पड़ता है।
(i) समपरासरी विलयन – कोशिका के अंदर एवं बाहर की सांद्रता समान होती है।
(ii) समपरासरी विलयन में कोशिका के आकार में कोई परिवर्तन नहीं होता।
(iii) अतिपरासरी विलयन – बाहरी विलयन अधिक सान्द्र होता है, जिससे जल कोशिका से बाहर निकल जाता है।
(iv) अल्पपरासरी विलयन – बाहरी विलयन कम सान्द्र होता है, जिससे जल कोशिका के भीतर प्रवेश करता है।
(v) अल्पपरासरी विलयन में जन्तु कोशिका फट सकती है तथा पादप कोशिका स्फीत हो जाती है।
20. जीवद्रव्य कुंचन (Plasmolysis) क्या है?
उत्तर ⇒ जब किसी पादप कोशिका को अतिपरासरी विलयन में रखा जाता है, तब परासरण के कारण कोशिका से जल बाहर निकल जाता है और कोशिका झिल्ली सहित जीवद्रव्य सिकुड़कर कोशिका भित्ति से अलग हो जाता है। इस प्रक्रिया को जीवद्रव्य कुंचन (Plasmolysis) कहते हैं।
(i) यह केवल पादप कोशिकाओं में होता है।
(ii) अतिपरासरी विलयन में होता है।
(iii) कोशिका से जल बाहर निकल जाता है।
(iv) जीवद्रव्य सिकुड़ जाता है।
(v) कोशिका झिल्ली कोशिका भित्ति से अलग हो जाती है।
21. कोशिका भित्ति (Cell Wall) क्या है?
उत्तर ⇒ प्लाज्मा झिल्ली के बाहर स्थित कठोर एवं निर्जीव परत को कोशिका भित्ति कहते हैं। यह मुख्यतः सेल्यूलोज की बनी होती है तथा केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है।
(i) यह प्लाज्मा झिल्ली के बाहर होती है।
(ii) यह कठोर एवं निर्जीव होती है।
(iii) मुख्यतः सेल्यूलोज की बनी होती है।
(iv) केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है।
(v) कोशिका को सुरक्षा एवं आकार प्रदान करती है।
22. कोशिका भित्ति के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ कोशिका भित्ति पादप कोशिका को कठोरता, निश्चित आकार तथा यांत्रिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह प्लाज्मा झिल्ली की रक्षा करती है तथा पदार्थों के परिवहन एवं पुनर्जनन में भी सहायता करती है।
(i) कोशिका को कठोरता प्रदान करती है।
(ii) कोशिका को निश्चित आकार देती है।
(iii) प्लाज्मा झिल्ली की सुरक्षा करती है।
(iv) पदार्थों के संवहन में सहायता करती है।
(v) मरम्मत एवं पुनर्जनन में सहायक होती है।
23. केन्द्रक (Nucleus) क्या है?
उत्तर ⇒ केन्द्रक कोशिका का सबसे महत्वपूर्ण कोशिकांग है, जो कोशिका की सभी जैविक क्रियाओं का नियंत्रण करता है। इसकी खोज रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 ई. में की थी। केन्द्रक में गुणसूत्र एवं आनुवंशिक पदार्थ (DNA) पाए जाते हैं।
(i) केन्द्रक की खोज रॉबर्ट ब्राउन ने की।
(ii) यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है।
(iii) इसमें गुणसूत्र पाए जाते हैं।
(iv) इसमें DNA उपस्थित होता है।
(v) यह कोशिका की वृद्धि एवं विभाजन को नियंत्रित करता है।
24. केन्द्रक की संरचना (Structure of Nucleus) लिखिए।
उत्तर ⇒ केन्द्रक कोशिका के मध्य भाग में स्थित होता है। यह केन्द्रक झिल्ली से घिरा रहता है, जिसमें सूक्ष्म छिद्र होते हैं। केन्द्रक के भीतर क्रोमेटिन जाल, केन्द्रक द्रव्य तथा केन्द्रिका (Nucleolus) उपस्थित होती है। कोशिका विभाजन के समय क्रोमेटिन धागे गुणसूत्रों में परिवर्तित हो जाते हैं।
(i) केन्द्रक केन्द्रक झिल्ली से घिरा होता है।
(ii) केन्द्रक झिल्ली में सूक्ष्म छिद्र होते हैं।
(iii) इसमें क्रोमेटिन जाल पाया जाता है।
(iv) केन्द्रिका (Nucleolus) उपस्थित होती है।
(v) कोशिका विभाजन के समय गुणसूत्र बनते हैं।
25. केन्द्रक के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ केन्द्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है। यह कोशिका की वृद्धि, विकास, विभाजन तथा प्रजनन को नियंत्रित करता है। इसमें उपस्थित DNA एवं गुणसूत्र माता-पिता के आनुवंशिक लक्षणों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हैं।
(i) कोशिका की सभी क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
(ii) कोशिका की वृद्धि एवं विकास को नियंत्रित करता है।
(iii) कोशिका विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(iv) आनुवंशिक लक्षणों का संचरण करता है।
(v) प्रोटीन निर्माण एवं राइबोसोम निर्माण को नियंत्रित करता है।
26. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) क्या है?
उत्तर ⇒ कोशिका के भीतर केन्द्रक के चारों ओर उपस्थित जेली जैसे तरल पदार्थ को कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) कहते हैं। इसमें विभिन्न कोशिकांग पाए जाते हैं, जो कोशिका की सभी जैव-रासायनिक क्रियाओं का संचालन करते हैं।
(i) यह केन्द्रक के चारों ओर पाया जाता है।
(ii) यह जेली जैसा तरल पदार्थ होता है।
(iii) इसमें सभी कोशिकांग उपस्थित होते हैं।
(iv) जैव-रासायनिक क्रियाएँ यहीं होती हैं।
(v) कोशिका द्रव्य एवं केन्द्रक मिलकर जीवद्रव्य बनाते हैं।
27. प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर लिखिए।
उत्तर ⇒ प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ सरल एवं छोटी होती हैं, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएँ बड़ी एवं जटिल होती हैं। दोनों में केन्द्रक, कोशिकांग तथा कोशिका विभाजन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण अंतर पाए जाते हैं।
| प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
|---|---|
| (i) आकार छोटा (0.1–5 µm) होता है। | (i) आकार बड़ा (5–100 µm) होता है। |
| (ii) वास्तविक केन्द्रक नहीं होता। | (ii) झिल्लीयुक्त केन्द्रक उपस्थित होता है। |
| (iii) झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते। | (iii) झिल्ली-बद्ध कोशिकांग उपस्थित होते हैं। |
| (iv) साधारण विखंडन द्वारा विभाजन होता है। | (iv) माइटोसिस एवं मियोसिस द्वारा विभाजन होता है। |
| (v) उदाहरण – जीवाणु। | (v) उदाहरण – अमीबा, पौधे एवं मनुष्य। |
28. कोशिका अंगक (Cell Organelles) क्या हैं?
उत्तर ⇒ कोशिका के भीतर पाई जाने वाली झिल्लीयुक्त सूक्ष्म संरचनाओं को कोशिका अंगक (Cell Organelles) कहते हैं। प्रत्येक कोशिका अंगक का एक निश्चित कार्य होता है। ये कोशिका की विभिन्न उपापचयी क्रियाओं को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराते हैं।
(i) कोशिका के विशेष कार्यकारी भाग होते हैं।
(ii) अधिकांश अंगक झिल्ली से घिरे होते हैं।
(iii) यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
(iv) प्रत्येक अंगक का निश्चित कार्य होता है।
(v) उदाहरण – माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जीकाय, राइबोसोम, लाइसोसोम आदि।
29. अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum – ER) क्या है?
उत्तर ⇒ अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) कोशिका के भीतर पाई जाने वाली झिल्लीयुक्त नलिकाओं एवं थैलियों का एक विस्तृत जाल है। यह केन्द्रक तथा कोशिका द्रव्य के बीच पदार्थों के परिवहन का कार्य करती है तथा प्रोटीन एवं वसा के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(i) यह झिल्लीयुक्त नलिकाओं का जाल है।
(ii) केन्द्रक एवं कोशिका द्रव्य को जोड़ती है।
(iii) पदार्थों के परिवहन में सहायता करती है।
(iv) प्रोटीन एवं वसा के निर्माण में भाग लेती है।
(v) यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाई जाती है।
30. अन्तर्द्रव्यी जालिका के प्रकार लिखिए।
उत्तर ⇒ अन्तर्द्रव्यी जालिका मुख्यतः दो प्रकार की होती है— खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका (RER) तथा चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER)। दोनों की संरचना एवं कार्य अलग-अलग होते हैं।
(i) खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका (RER)
(ii) चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER)
(iii) RER पर राइबोसोम उपस्थित होते हैं।
(iv) SER पर राइबोसोम नहीं होते।
(v) दोनों कोशिका के लिए आवश्यक पदार्थों का निर्माण करती हैं।
31. अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ अन्तर्द्रव्यी जालिका कोशिका के विभिन्न भागों के बीच पदार्थों के परिवहन का कार्य करती है। यह प्रोटीन, वसा, एंजाइम एवं हार्मोन के निर्माण में सहायता करती है तथा यकृत कोशिकाओं में विषैले पदार्थों के निर्विषीकरण (Detoxification) का कार्य भी करती है।
(i) पदार्थों के परिवहन में सहायता करती है।
(ii) प्रोटीन का संश्लेषण कराती है।
(iii) वसा एवं लिपिड का निर्माण करती है।
(iv) एंजाइम एवं हार्मोन के निर्माण में सहायक है।
(v) यकृत कोशिकाओं में विषैले पदार्थों का निर्विषीकरण करती है।
32. राइबोसोम (Ribosome) क्या है?
उत्तर ⇒ राइबोसोम कोशिका के अत्यंत छोटे, गोल एवं झिल्ली रहित कोशिकांग हैं। ये कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से या खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर पाए जाते हैं। ये RNA तथा प्रोटीन से बने होते हैं।
(i) यह झिल्ली रहित कोशिकांग है।
(ii) RNA एवं प्रोटीन से बना होता है।
(iii) कोशिका द्रव्य या RER पर पाया जाता है।
(iv) आकार में अत्यंत छोटा होता है।
(v) इसे प्रोटीन निर्माण का केंद्र माना जाता है।
33. राइबोसोम के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ राइबोसोम कोशिका में प्रोटीन संश्लेषण का मुख्य स्थान है। यह अमीनो अम्लों को जोड़कर विभिन्न प्रकार के संरचनात्मक एवं क्रियात्मक प्रोटीन तथा एंजाइमों का निर्माण करता है।
(i) प्रोटीन संश्लेषण करता है।
(ii) अमीनो अम्लों को जोड़ता है।
(iii) एंजाइमों का निर्माण करता है।
(iv) कोशिका की वृद्धि में सहायक होता है।
(v) निर्मित प्रोटीन ER द्वारा अन्य भागों तक पहुँचाए जाते हैं।
34. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) क्या है?
उत्तर ⇒ गॉल्जी उपकरण एक झिल्लीयुक्त कोशिकांग है, जिसकी खोज कैमिलो गॉल्जी ने की थी। यह चपटी पुटिकाओं (Vesicles) का समूह होता है, जो एक-दूसरे के ऊपर समानांतर रूप से व्यवस्थित रहते हैं। इसका संबंध अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) से होता है।
(i) इसकी खोज कैमिलो गॉल्जी ने की।
(ii) यह चपटी झिल्लीयुक्त पुटिकाओं का समूह है।
(iii) ER से इसका घनिष्ठ संबंध होता है।
(iv) यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाता है।
(v) यह पदार्थों के संशोधन एवं पैकेजिंग का कार्य करता है।
35. गॉल्जी उपकरण के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ गॉल्जी उपकरण अन्तर्द्रव्यी जालिका द्वारा निर्मित प्रोटीन एवं लिपिड का संशोधन, संग्रहण, पैकेजिंग तथा स्रावण करता है। यह लाइसोसोम के निर्माण तथा कोशिका भित्ति के निर्माण में भी सहायता करता है।
(i) प्रोटीन एवं लिपिड का संशोधन करता है।
(ii) पदार्थों की पैकेजिंग एवं संग्रहण करता है।
(iii) लाइसोसोम का निर्माण करता है।
(iv) कोशिका से पदार्थों का स्राव करता है।
(v) कोशिका भित्ति के निर्माण में सहायता करता है।
36. लाइसोसोम (Lysosome) क्या है?
उत्तर ⇒ लाइसोसोम झिल्ली से घिरी एंजाइमयुक्त पुटिकाएँ होती हैं, जो कोशिका के अपशिष्ट पदार्थों तथा क्षतिग्रस्त कोशिकांगों का पाचन करती हैं। इसलिए इन्हें कोशिका का अपशिष्ट निपटान तंत्र तथा आत्मघाती थैली (Suicidal Bag) कहा जाता है।
(i) यह एंजाइमयुक्त पुटिका होती है।
(ii) झिल्ली से घिरी रहती है।
(iii) अपशिष्ट पदार्थों का पाचन करती है।
(iv) क्षतिग्रस्त कोशिकांगों को नष्ट करती है।
(v) इसे कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं।
37. लाइसोसोम के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ लाइसोसोम कोशिका के भीतर उपस्थित अपशिष्ट पदार्थों तथा टूटे-फूटे कोशिकांगों का पाचन करता है। कोशिका के क्षतिग्रस्त होने पर यह अपने एंजाइम छोड़कर कोशिका को नष्ट भी कर सकता है।
(i) अपशिष्ट पदार्थों का पाचन करता है।
(ii) क्षतिग्रस्त कोशिकांगों को नष्ट करता है।
(iii) कोशिका को स्वच्छ रखता है।
(iv) कोशिका क्षति होने पर एंजाइम छोड़ता है।
(v) आत्मघाती थैली के रूप में कार्य करता है।
38. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) क्या है?
उत्तर ⇒ माइटोकॉन्ड्रिया दोहरी झिल्ली वाला कोशिकांग है, जो कोशिका में कोशिकीय श्वसन द्वारा ऊर्जा (ATP) का निर्माण करता है। इसी कारण इसे कोशिका का पावर हाउस (Power House of the Cell) कहा जाता है।
(i) यह दोहरी झिल्ली वाला कोशिकांग है।
(ii) कोशिकीय श्वसन का मुख्य स्थान है।
(iii) ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है।
(iv) इसमें अपना DNA एवं राइबोसोम होता है।
(v) इसे कोशिका का पावर हाउस कहते हैं।
39. माइटोकॉन्ड्रिया के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका में कोशिकीय श्वसन द्वारा भोजन से ऊर्जा उत्पन्न करता है। यह ऊर्जा ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में संचित होती है, जिसका उपयोग कोशिका की सभी जैविक क्रियाओं में किया जाता है।
(i) कोशिकीय श्वसन का मुख्य स्थान है।
(ii) ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है।
(iii) भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
(iv) इसमें अपना DNA एवं राइबोसोम होता है।
(v) इसलिए इसे कोशिका का पावर हाउस कहते हैं।
40. प्लैस्टिड (Plastids) क्या हैं?
उत्तर ⇒ प्लैस्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। ये पौधों में भोजन निर्माण, भोजन संग्रहण तथा विभिन्न रंग प्रदान करने का कार्य करते हैं। इनमें अपना DNA एवं राइबोसोम भी होता है।
(i) केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
(ii) भोजन निर्माण एवं संग्रहण करते हैं।
(iii) पौधों को विभिन्न रंग प्रदान करते हैं।
(iv) इनमें अपना DNA एवं राइबोसोम होता है।
(v) ये दोहरी झिल्ली वाले कोशिकांग हैं।
41. प्लैस्टिड के प्रकार लिखिए।
उत्तर ⇒ प्लैस्टिड मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं— क्रोमोप्लास्ट तथा ल्यूकोप्लास्ट। क्रोमोप्लास्ट में उपस्थित क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण करता है, जबकि ल्यूकोप्लास्ट भोजन का संग्रहण करता है।
(i) क्रोमोप्लास्ट (Chromoplast)
(ii) क्लोरोप्लास्ट क्रोमोप्लास्ट का प्रकार है।
(iii) क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल पाया जाता है।
(iv) ल्यूकोप्लास्ट रंगहीन होता है।
(v) ल्यूकोप्लास्ट में स्टार्च, तेल एवं प्रोटीन संग्रहित होते हैं।
42. रसधानी (Vacuole) क्या है?
उत्तर ⇒ रसधानी (Vacuole) कोशिका द्रव्य में स्थित थैलीनुमा संरचना होती है, जिसमें जल, भोजन तथा अपशिष्ट पदार्थ भरे रहते हैं। पादप कोशिकाओं में रसधानी बड़ी होती है, जबकि जन्तु कोशिकाओं में छोटी होती है।
(i) यह थैलीनुमा कोशिकांग है।
(ii) इसमें जल एवं भोजन संग्रहित रहता है।
(iii) अपशिष्ट पदार्थ भी इसमें जमा होते हैं।
(iv) पादप कोशिका में बड़ी होती है।
(v) जन्तु कोशिका में छोटी होती है।
43. रसधानी के प्रमुख कार्य लिखिए।
उत्तर ⇒ रसधानी कोशिका में जल, भोजन तथा अपशिष्ट पदार्थों का संग्रहण करती है। यह पादप कोशिका को स्फीति (Turgidity) एवं कठोरता प्रदान करती है तथा कोशिका के आंतरिक दाब को बनाए रखने में सहायता करती है।
(i) जल का संग्रहण करती है।
(ii) भोजन का संग्रहण करती है।
(iii) अपशिष्ट पदार्थों को संचित करती है।
(iv) कोशिका को स्फीति एवं कठोरता प्रदान करती है।
(v) कोशिका के आंतरिक दाब को बनाए रखती है।