JAC Board Class 10 Hindi Objective Questions

आत्मकथ्य

क्या आप JAC Class 10 Hindi के “आत्मकथ्य” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको आत्मकथ्य पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

आत्मकथ्य के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

WhatsApp Channel
Join Now
Telegram Channel
Join Now
1“मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी” में ‘मधुप’ किसका प्रतीक है?
सही उत्तर:B. भँवरे का
व्याख्या: ‘मधुप’ का अर्थ भँवरा है। कवि भँवरे को संबोधित करते हुए उसके गुनगुनाने को अपनी कहानी कहने के रूप में प्रस्तुत करता है।
2“मुरझाकर गिर रही पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी” पंक्ति में कौन-सा प्राकृतिक दृश्य प्रस्तुत हुआ है?
सही उत्तर:B. पत्तियों के मुरझाकर गिरने का
व्याख्या: कवि मुरझाकर गिरती हुई पत्तियों का दृश्य प्रस्तुत करता है। यह दृश्य कविता के चिंतनशील और विषादपूर्ण वातावरण को उभारता है।
3“इस गंभीर अनंत-नीलिमा में असंख्य जीवन-इतिहास” में ‘अनंत-नीलिमा’ किसका बोध कराती है?
सही उत्तर:B. विशाल आकाश का
व्याख्या: ‘अनंत-नीलिमा’ से विशाल और असीम नीले आकाश का बोध होता है। कवि इसी व्यापकता में असंख्य जीवन-इतिहास की कल्पना करता है।
4कवि अपनी “दुर्बलता” की कथा कहने में संकोच क्यों करता है?
सही उत्तर:B. क्योंकि उसे डर है कि लोग उसकी व्यथा का उपहास करेंगे।
व्याख्या: कवि को आशंका है कि उसकी जीवन-कथा सुनकर लोग उसकी दुर्बलताओं का व्यंग्य और उपहास कर सकते हैं।
5“देखोगे—यह गागर रीती” में ‘गागर रीती’ किसका संकेत करती है?
सही उत्तर:B. जीवन की रिक्तता का
व्याख्या: ‘गागर रीती’ कवि के जीवन की रिक्तता और उसमें सुख की कमी का प्रतीक है।
6“किन्तु कहीं ऐसा न हो कि तुम ही खाली करने वाले” में कवि किस आशंका को व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. श्रोता उसकी निजी पीड़ा को कुरेदकर और अधिक खाली कर देंगे।
व्याख्या: कवि को डर है कि उसकी कथा सुनने वाले उसकी भावनाओं और पीड़ा को कुरेदकर उसे और अधिक रिक्त कर सकते हैं।
7“अपने को समझो, मेरा रस लेने वाले” में कवि किस प्रकार के लोगों से सावधान करता है?
सही उत्तर:B. जो उसकी निजी कथा और पीड़ा में केवल रस लेना चाहते हैं
व्याख्या: कवि उन लोगों से सावधान करता है जो उसकी आत्मकथा को उसकी निजी पीड़ा समझने के बजाय केवल रस लेने के लिए सुनना चाहते हैं।
8“यह विडंबना! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं” में कवि किस पर व्यंग्य करता है?
सही उत्तर:A. अपनी सरलता पर
व्याख्या: कवि अपनी सरलता को लेकर उत्पन्न विडंबना की ओर संकेत करता है और कहता है कि ऐसी स्थिति में वह अपनी सरलता की हँसी उड़ाए।
9“भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं” में ‘प्रवंचना’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. छल या धोखा
व्याख्या: ‘प्रवंचना’ का अर्थ छल या धोखा है। कवि सोचता है कि वह अपनी भूली हुई बातों को बताए या दूसरों की प्रवंचना को सामने लाए।
10“उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की” में कवि किस बात को लेकर असमर्थता व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. अपने सुखद अतीत की उज्ज्वल स्मृतियों का वर्णन करने में
व्याख्या: कवि अपने अतीत की मधुर स्मृतियों को याद करता है, लेकिन उन्हें उज्ज्वल गाथा के रूप में प्रस्तुत करने में संकोच और असमर्थता व्यक्त करता है।
11“अरे खिल-खिला कर हँसते होने वाली उन बातों की” में कवि किस प्रकार की स्मृतियों की ओर संकेत करता है?
सही उत्तर:B. हँसी-खुशी से जुड़ी स्मृतियों की
व्याख्या: कवि उन बीती हुई बातों को याद करता है जिनमें हँसी और प्रसन्नता का भाव था।
12“मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया” में कवि किस भाव को व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. अप्राप्त सुख की पीड़ा
व्याख्या: कवि जिस सुख का स्वप्न देखता था, वह उसे प्राप्त नहीं हुआ। इसलिए यहाँ अप्राप्त सुख की पीड़ा व्यक्त हुई है।
13“आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया” में ‘जो’ किसकी ओर संकेत करता है?
सही उत्तर:B. उस सुख की ओर जो प्राप्त होते-होते दूर हो गया
व्याख्या: यहाँ ‘जो’ उस सुख की ओर संकेत करता है जो कवि को मिलने ही वाला था, लेकिन प्राप्त होने से पहले ही दूर हो गया।
14“जिसके अरुण-कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में” में ‘अरुण-कपोल’ किसका बिंब है?
सही उत्तर:A. लालिमा लिए हुए गालों का
व्याख्या: ‘अरुण-कपोल’ का अर्थ लालिमा लिए हुए गाल है। यह कवि की मधुर स्मृति में उपस्थित सौंदर्य का बिंब है।
15“अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में” में उषा को किस रूप में प्रस्तुत किया गया है?
सही उत्तर:B. अनुरागिनी नारी के रूप में
व्याख्या: कवि ने उषा का मानवीकरण करते हुए उसे ‘अनुरागिनी’ के रूप में प्रस्तुत किया है। इससे उषा के सौंदर्य में प्रेम का भाव जुड़ जाता है।
16“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथ की” में ‘पाथेय’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. यात्रा का सहारा
व्याख्या: ‘पाथेय’ का अर्थ यात्रा में साथ रहने वाला सहारा या आवश्यक सामग्री है। कवि के लिए प्रिय स्मृति थके पथिक की यात्रा का सहारा बनी हुई है।
17“सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?” में ‘सीवन उधेड़ना’ किस भाव को व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. जीवन की छिपी हुई पीड़ा को कुरेदना
व्याख्या: ‘सीवन उधेड़ना’ यहाँ कवि के जीवन की छिपी हुई पीड़ा और निजी रहस्यों को कुरेदने का प्रतीक है।
18“छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ” में कवि किस समस्या को व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. छोटे जीवन में समाई बड़ी अनुभूतियों को व्यक्त करना कठिन है।
व्याख्या: कवि का जीवन भले ही छोटा रहा हो, लेकिन उसमें अनेक गहरी अनुभूतियाँ समाई हैं। इसलिए उन्हें विस्तार से कहना उसके लिए कठिन है।
19“क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ” में कवि किस विकल्प को बेहतर मानता है?
सही उत्तर:B. दूसरों की बातें सुनते हुए स्वयं मौन रहना
व्याख्या: कवि मानता है कि अपनी निजी कथा कहने के बजाय दूसरों की बातें सुनते हुए मौन रहना अधिक उचित हो सकता है।
20“अभी समय भी नहीं, थकी सोई है मेरी मौन व्यथा” में ‘मौन व्यथा’ से क्या अभिप्राय है?
सही उत्तर:B. भीतर छिपी हुई और अभी व्यक्त न की गई पीड़ा
व्याख्या: ‘मौन व्यथा’ कवि के भीतर छिपी उस पीड़ा का प्रतीक है जो अभी व्यक्त नहीं हुई है और जिसे कवि फिलहाल जगाना नहीं चाहता।
21“मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी” में कवि किससे अपनी कहानी कहने की अपेक्षा करता हुआ दिखाई देता है?
सही उत्तर:B. मधुप से
व्याख्या: कवि ‘मधुप’ अर्थात भँवरे के गुनगुनाने को उसकी अपनी कहानी कहने के रूप में प्रस्तुत करता है।
22“यह लो, करते ही रहते हैं अपना व्यंग्य-मलिन उपहास” में ‘व्यंग्य-मलिन उपहास’ किस स्थिति की ओर संकेत करता है?
सही उत्तर:B. कवि की पीड़ा का उपहास
व्याख्या: कवि को आशंका है कि उसकी जीवन-कथा सुनकर लोग उसकी दुर्बलताओं और पीड़ा का व्यंग्यपूर्ण उपहास कर सकते हैं।
23कवि के अनुसार अपनी “बीती” दुर्बलता सुनाने का परिणाम क्या हो सकता है?
सही उत्तर:B. लोग उसकी कथा सुनकर सुख पाएँगे और उसकी रिक्तता देखेंगे।
व्याख्या: कवि कहता है कि उसकी दुर्बलता सुनकर लोग सुख पा सकते हैं और उसके जीवन की ‘रीती गागर’ अर्थात रिक्तता को देख सकते हैं।
24“तुम सुनकर सुख पाओगे” कथन में कवि किस मानसिकता की ओर संकेत करता है?
सही उत्तर:B. श्रोताओं द्वारा उसकी पीड़ा में रस लेने की संभावना
व्याख्या: कवि को लगता है कि उसकी जीवन-कथा दूसरों के लिए उसकी पीड़ा को समझने के बजाय मनोरंजन या रस लेने का माध्यम बन सकती है।
25“अपने को समझो, मेरा रस लेने वाले” में कवि किस प्रकार के संबंध से असहज है?
सही उत्तर:B. उसकी निजी व्यथा को जानकर उसमें आनंद लेने वाले संबंध से
व्याख्या: कवि अपनी निजी व्यथा को दूसरों के लिए रस लेने की वस्तु बनाए जाने से असहज है।
26“यह विडंबना! अरी सरलते तेरी हँसी उड़ाऊँ मैं” में ‘सरलता’ के प्रति कवि का भाव कैसा है?
सही उत्तर:B. विडंबना और आत्मव्यंग्य का
व्याख्या: कवि अपनी सरलता को लेकर विडंबना अनुभव करता है और उसी के कारण अपनी ही सरलता की हँसी उड़ाने की स्थिति बताता है।
27“भूले अपनी या प्रवंचना औरों की दिखलाऊँ मैं” में कवि के सामने कौन-सा द्वंद्व है?
सही उत्तर:B. अपनी भूली बातों और दूसरों की प्रवंचना को सामने लाने का
व्याख्या: कवि सोचता है कि वह अपनी भूली हुई बातों को सामने लाए या दूसरों की प्रवंचना को दिखाए। यह उसकी आत्मकथा कहने की दुविधा है।
28“उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ” में ‘गाथा’ शब्द किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?
सही उत्तर:B. कथा
व्याख्या: ‘गाथा’ का अर्थ कथा या जीवन-वृत्तांत है। कवि अपने जीवन की उज्ज्वल कथा कहने की कठिनाई व्यक्त करता है।
29“मधुर चाँदनी रातों” का उल्लेख कविता में किससे संबंधित है?
सही उत्तर:A. कवि की मधुर स्मृतियों से
व्याख्या: चाँदनी रातों का बिंब कवि के जीवन की मधुर और उज्ज्वल स्मृतियों से जुड़ा हुआ है।
30“मिला कहाँ वह सुख” में ‘सुख’ की कौन-सी विशेषता सामने आती है?
सही उत्तर:C. वह कवि के स्वप्न में था, पर वास्तविक जीवन में प्राप्त नहीं हुआ।
व्याख्या: कवि जिस सुख का स्वप्न देखता था, वह वास्तविक जीवन में उसे प्राप्त नहीं हुआ। इसी कारण वह अप्राप्त सुख की पीड़ा व्यक्त करता है।
31“स्वप्न देखकर जाग गया” में कौन-सा भाव प्रमुख है?
सही उत्तर:B. स्वप्न के टूटने और निराशा का
व्याख्या: कवि ने सुख का स्वप्न देखा, लेकिन जागने पर वह सुख वास्तविकता में नहीं मिला। इससे निराशा और अधूरेपन का भाव व्यक्त होता है।
32“आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया” में कौन-सा अलंकारिक बिंब दिखाई देता है?
सही उत्तर:A. सुख को मानवीय रूप में प्रस्तुत करना
व्याख्या: यहाँ सुख को ऐसे प्रस्तुत किया गया है जैसे वह आलिंगन में आने वाला कोई व्यक्ति हो और मुसकराकर भाग गया हो। इससे सुख का मानवीकरण होता है।
33“अरुण-कपोलों” में ‘अरुण’ शब्द का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. लालिमा लिए हुए
व्याख्या: ‘अरुण’ का अर्थ लाल या लालिमा लिए हुए है। ‘अरुण-कपोल’ लालिमा से युक्त गालों का बिंब प्रस्तुत करता है।
34“मतवाली सुंदर छाया” किस प्रकार के सौंदर्य की ओर संकेत करती है?
सही उत्तर:B. मोहक और आकर्षक सौंदर्य
व्याख्या: ‘मतवाली सुंदर छाया’ मोहक और आकर्षक सौंदर्य का बिंब है, जिसमें कवि की मधुर स्मृति का भाव जुड़ा हुआ है।
35“अनुरागिनी उषा” में कवि ने किस काव्य-उपकरण का प्रयोग किया है?
सही उत्तर:A. मानवीकरण
व्याख्या: उषा को ‘अनुरागिनी’ अर्थात प्रेम करने वाली नारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। निर्जीव प्रकृति को मानवीय गुण देना मानवीकरण है।
36“निज सुहाग मधुमाया में” में ‘सुहाग’ शब्द किस भाव से जुड़ा है?
सही उत्तर:A. वैवाहिक और प्रेममय भाव से
व्याख्या: ‘सुहाग’ यहाँ वैवाहिक और प्रेममय भाव से जुड़ा हुआ है। उषा को अनुरागिनी नारी के रूप में प्रस्तुत करके इस भाव को व्यक्त किया गया है।
37“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथ की” में ‘थका पथिक’ किसका प्रतीक माना जा सकता है?
सही उत्तर:A. कवि के जीवन-यात्री रूप का
व्याख्या: कवि स्वयं को जीवन-यात्रा के थके हुए पथिक के रूप में प्रस्तुत करता है और प्रिय स्मृति को उसकी यात्रा का सहारा बताता है।
38“उसकी स्मृति पाथेय बनी है” से स्मृति की कौन-सी भूमिका स्पष्ट होती है?
सही उत्तर:B. स्मृति कवि के जीवन में सहारा बनी हुई है।
व्याख्या: कवि के लिए बीते सुख की स्मृति थके पथिक की यात्रा के पाथेय के समान सहारा बनी हुई है।
39“सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?” में ‘कंथा’ का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
सही उत्तर:A. कवि की निजी जीवन-कथा
व्याख्या: ‘कंथा’ के माध्यम से कवि अपने जीवन की ढकी हुई कथा और निजी पीड़ा की ओर संकेत करता है, जिसकी सीवन वह दूसरों से उधेड़ने के लिए नहीं कहता।
40“छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ” में कवि किस कठिनाई को व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. सीमित जीवन में समाई गहरी अनुभूतियों को व्यक्त करना कठिन है।
व्याख्या: कवि का जीवन छोटा है, लेकिन उसमें अनेक गहरी अनुभूतियाँ और घटनाएँ हैं। इसलिए उन्हें शब्दों में व्यक्त करना कठिन लगता है।
41“क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ” में कवि किसे अधिक उचित मानता है?
सही उत्तर:B. दूसरों की कथा सुनकर स्वयं मौन रहना
व्याख्या: कवि मानता है कि अपनी निजी कथा कहने के बजाय दूसरों की बातें सुनते हुए मौन रहना अधिक उचित हो सकता है।
42“सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म-कथा” में ‘भोली आत्म-कथा’ से क्या आशय है?
सही उत्तर:A. कवि की सरल और निजी जीवन-कथा
व्याख्या: ‘भोली आत्म-कथा’ कवि की सरल, निजी और जीवन-अनुभवों से जुड़ी कथा का संकेत है।
43कविता के अंत में कवि अपनी व्यथा को किस अवस्था में बताता है?
सही उत्तर:B. थकी हुई और मौन
व्याख्या: अंतिम पंक्ति में कवि कहता है कि उसकी ‘मौन व्यथा’ अभी थकी हुई सोई है। इससे उसकी भीतर छिपी पीड़ा का पता चलता है।

More Class 10 Hindi Objective Questions

क्षितिज भाग–2 — काव्य खंड
Chapter 1: सूरदास — ऊधौ, तुम हौ अति बड़भागी
मन की मन ही माँझ रही / हमारैं हरि हारिल की लकड़ी / हरि हैं राजनीति पढ़ि आए
Chapter 2: तुलसीदास — राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter 3: जयशंकर प्रसाद — आत्मकथ्य
Chapter 4: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ — उत्साह / अट नहीं रही है
Chapter 5: नागार्जुन — यह दंतुरित मुस्कान / फसल
Chapter 6: मंगलेश डबराल — संगतकार
क्षितिज भाग–2 — गद्य खंड
Chapter 7: स्वयं प्रकाश — नेताजी का चश्मा
Chapter 8: रामवृक्ष बेनीपुरी — बालगोबिन भगत
Chapter 9: यशपाल — लखनवी अंदाज़
Chapter 10: मन्नू भंडारी — एक कहानी यह भी
Chapter 11: यतींद्र मिश्र — नौबतखाने में इबादत
Chapter 12: भदंत आनंद कौसल्यायन — संस्कृति
स्पर्श भाग–2 — पद्य खंड
Chapter 1: कबीर — साखी
Chapter 2: मीरा — पद
Chapter 3: मैथिलीशरण गुप्त — मनुष्यता
Chapter 4: सुमित्रानंदन पंत — पर्वत प्रदेश में पावस
Chapter 5: वीरेन डंगवाल — तोप
Chapter 6: कैफ़ी आज़मी — कर चले हम फ़िदा
Chapter 7: रवींद्रनाथ ठाकुर — आत्मत्राण
स्पर्श भाग–2 — गद्य खंड
Chapter 8: प्रेमचंद — बड़े भाई साहब
Chapter 9: सीताराम सेकसरिया — डायरी का एक पन्ना
Chapter 10: लीलाधर मंडलोई — तताँरा-वामीरो कथा
Chapter 11: प्रह्लाद अग्रवाल — तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter 12: निदा फ़ाज़ली — अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter 13: रवींद्र केलेकर — पतझर में टूटी पत्तियाँ
Chapter 14: हबीब तनवीर — कारतूस (एकांकी)
कृतिका भाग–2
Chapter 1: माता का अँचल
Chapter 2: साना-साना हाथ जोड़ि…
Chapter 3: मैं क्यों लिखता हूँ?

Class 10 Subjects wise Objective Questions

Mathematics MCQ
Science MCQ
Social Science MCQ
English MCQ
Hindi MCQ
Sanskrit MCQ
Urdu MCQ

Important Links

Explore more JAC Board study materials available on JAC Exam Prep.

JAC Board Syllabus
JAC Board Revision Notes
JAC Board Solutions
JAC Board Question Bank
JAC Board Model Question Papers
JAC Board Previous Year Question Papers
JAC Board Practice Sets
JAC Board Online Mock Tests

JAC Board Class-wise MCQ (Objective Questions)

Class 12 MCQ
Class 11 MCQ
Class 10 MCQ
Class 9 MCQ
Class 8 MCQ
Class 7 MCQ
Class 6 MCQ
Latest Updates