JAC Board Class 10 Hindi Objective Questions

पर्वत प्रदेश में पावस

क्या आप JAC Class 10 Hindi के “पर्वत प्रदेश में पावस” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको पर्वत प्रदेश में पावस पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

पर्वत प्रदेश में पावस के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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1‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के कवि कौन हैं?
सही उत्तर:A. सुमित्रानंदन पंत
व्याख्या: ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ के रचयिता सुमित्रानंदन पंत हैं। कविता में पर्वतीय प्रदेश में वर्षा ऋतु के बदलते प्राकृतिक दृश्यों का चित्रण किया गया है।
2सुमित्रानंदन पंत का जन्म किस वर्ष हुआ था?
सही उत्तर:B. 1900
व्याख्या: सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई 1900 को उत्तराखंड के कौसानी-अल्मोड़ा में हुआ था।
3सुमित्रानंदन पंत को हिंदी साहित्य में किस काव्यधारा के प्रमुख स्तंभ के रूप में जाना जाता है?
सही उत्तर:C. छायावाद
व्याख्या: सुमित्रानंदन पंत छायावाद के प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उनकी आरंभिक कविताओं में प्रकृति-प्रेम और रहस्यवाद की झलक मिलती है।
4‘पर्वत प्रदेश में पावस’ में किस ऋतु का चित्रण किया गया है?
सही उत्तर:D. वर्षा
व्याख्या: कविता में पर्वतीय प्रदेश में पावस अर्थात् वर्षा ऋतु के पल-पल बदलते प्राकृतिक रूप का चित्रण किया गया है।
5कविता में पर्वत को किस रूप में चित्रित किया गया है?
सही उत्तर:A. मेखलाकार
व्याख्या: कवि ने पर्वत को मेखलाकार अर्थात् करधनी के आकार की पर्वत-श्रेणी के रूप में चित्रित किया है।
6“मेखलाकार पर्वत अपार” में ‘मेखलाकार’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. करधनी के आकार का
व्याख्या: ‘मेखलाकार’ का अर्थ करधनी के आकार का है। कवि ने पर्वत-श्रेणी को मेखला के समान घेरावदार बताया है।
7“अपने सहस्र दृग-सुमन फाड़” में ‘दृग-सुमन’ से क्या तात्पर्य है?
सही उत्तर:C. फूल रूपी आँखें
व्याख्या: ‘दृग-सुमन’ का अर्थ फूल रूपी आँखें है। कवि ने पर्वत के अनेक शिखरों और दृश्यों को मानवीय आँखों के समान कल्पित किया है।
8कविता में पर्वत अपने चारों ओर क्या देख रहा है?
सही उत्तर:B. सहस्र दृग-सुमन के समान दृश्य
व्याख्या: कवि ने पर्वत को मानवीकृत करके उसके हजारों फूल रूपी नेत्रों से चारों ओर देखते हुए चित्रित किया है।
9“नीचे जल में निज महाकार” में पर्वत का प्रतिबिंब कहाँ दिखाई दे रहा है?
सही उत्तर:C. नीचे के जल में
व्याख्या: पर्वत का विशाल आकार नीचे जल में दिखाई दे रहा है। कवि ने जल को दर्पण के समान प्रस्तुत किया है।
10कवि ने तालाब की तुलना किससे की है?
सही उत्तर:A. दर्पण से
व्याख्या: तालाब में पर्वत का विशाल प्रतिबिंब दिखाई देता है, इसलिए कवि ने उसकी तुलना दर्पण से की है।
11“दर्पण-सा फैला है विशाल” में कौन-सा अलंकार प्रमुख है?
सही उत्तर:B. उपमा
व्याख्या: तालाब को दर्पण के समान बताया गया है। ‘सा’ शब्द के कारण यहाँ उपमा अलंकार का प्रयोग हुआ है।
12पर्वत के झरने किसका गान कर रहे हैं?
सही उत्तर:C. गिरि के गौरव का
व्याख्या: कवि ने झरनों को पर्वत के गौरव का गान करते हुए चित्रित किया है। बहते हुए झरनों की ध्वनि को संगीत के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
13झरनों की तुलना किससे की गई है?
सही उत्तर:A. मोतियों की लड़ियों से
व्याख्या: कवि ने झरते हुए झागयुक्त झरनों की तुलना मोतियों की लड़ियों से की है।
14“मद में नस-नस उत्तेजित कर” में ‘मद’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. नशा या मस्ती
व्याख्या: ‘मद’ का अर्थ मस्ती या नशा है। झरनों की गति और ध्वनि वातावरण में उत्साह और मस्ती भर देती है।
15“मोतियों की लड़ियों-से सुंदर” किसके लिए कहा गया है?
सही उत्तर:C. झरनों के लिए
व्याख्या: पहाड़ से गिरते हुए झागयुक्त झरनों की तुलना मोतियों की सुंदर लड़ियों से की गई है।
16पर्वत के वृक्ष आकाश की ओर क्यों देख रहे हैं?
सही उत्तर:B. ऊँचाई प्राप्त करने की आकांक्षा से
व्याख्या: कवि ने वृक्षों को पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचाई की आकांक्षा से आकाश की ओर झाँकते हुए चित्रित किया है।
17“उच्चाकांक्षाओं से तरुवर” में ‘उच्चाकांक्षा’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:A. ऊँचा उठने की कामना
व्याख्या: ‘उच्चाकांक्षा’ का अर्थ ऊँचा उठने की कामना है। वृक्षों को आकाश की ओर बढ़ने की आकांक्षा से युक्त बताया गया है।
18“नीरव नभ पर अनिमेष” में ‘नीरव नभ’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. शांत आकाश
व्याख्या: ‘नीरव नभ’ का अर्थ शांत और मौन आकाश है। वृक्ष उस शांत आकाश की ओर एकटक देखते हुए दिखाई देते हैं।
19“अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर” में ‘अनिमेष’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:C. बिना पलक झपकाए
व्याख्या: ‘अनिमेष’ का अर्थ बिना पलक झपकाए या एकटक देखना है। वृक्ष आकाश की ओर अनिमेष दृष्टि से देख रहे हैं।
20कविता में अचानक क्या आ जाने से पर्वतीय दृश्य बदल जाता है?
सही उत्तर:B. बादल
व्याख्या: अचानक बादल आ जाने से पर्वतीय प्रदेश का दृश्य बदल जाता है। बादल पर्वत और आकाश के बीच एक नया वातावरण निर्मित करते हैं।
21“उड़ गया, अचानक लो, भूधर” में ‘भूधर’ किसे कहा गया है?
सही उत्तर:B. पर्वत
व्याख्या: ‘भूधर’ का अर्थ पृथ्वी को धारण करने वाला अर्थात् पर्वत है। कवि ने बादलों के कारण पर्वत के दृश्य के अचानक छिप जाने को ‘उड़ गया’ कहा है।
22“फड़क उठा हो भूधर” में ‘भूधर’ शब्द का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. पर्वत
व्याख्या: ‘भूधर’ का अर्थ पर्वत है। कविता में बादलों के अचानक आने से पर्वत के दृश्य में आए परिवर्तन को इस शब्द के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
23“पड़ गया फुहार पारदर्शी” में किस प्राकृतिक घटना का चित्रण है?
सही उत्तर:C. हल्की पारदर्शी वर्षा
व्याख्या: इस पंक्ति में वर्षा की महीन और पारदर्शी फुहार का चित्रण किया गया है, जिससे पर्वतीय प्रदेश का दृश्य और भी सुंदर हो जाता है।
24“उड़ गया, अचानक लो, भूधर” में कवि ने पर्वत के छिप जाने को किस प्रकार प्रस्तुत किया है?
सही उत्तर:C. बादलों के कारण पर्वत के दिखाई न देने के रूप में
व्याख्या: घने बादलों के आने पर पर्वत दिखाई नहीं देता। कवि ने कल्पना की है कि मानो विशाल पर्वत अचानक उड़ गया हो।
25कविता के अंत में वातावरण में कौन-सी ध्वनि शेष रह जाती है?
सही उत्तर:D. वर्षा के रुकने के बाद केवल जल के गिरने की
व्याख्या: वर्षा के बाद चारों ओर केवल झरनों की आवाज़ रह जाती है। इसे कवि ने ‘रव-शेष’ के रूप में व्यक्त किया है।
26“रव-शेष रह गए हैं निर्झर” का आशय क्या है?
सही उत्तर:B. चारों ओर की अन्य ध्वनियाँ शांत हो गई हैं और केवल झरनों की आवाज़ बची है।
व्याख्या: वर्षा और बादलों के प्रभाव से वातावरण शांत हो गया है और चारों ओर केवल झरनों के बहने की ध्वनि सुनाई दे रही है।
27“है टूट पड़ा भू पर अंबर” में ‘अंबर’ किसका प्रतीक है?
सही उत्तर:B. आकाश
व्याख्या: ‘अंबर’ का अर्थ आकाश है। घने बादलों और वर्षा के कारण कवि को ऐसा लगता है जैसे आकाश धरती पर टूट पड़ा हो।
28“धँस गए धरा में सभय शाल” में शाल वृक्षों के धँसने का कारण क्या बताया गया है?
सही उत्तर:B. वे भय से धरती में धँसते हुए प्रतीत होते हैं।
व्याख्या: कवि ने शाल वृक्षों का मानवीकरण करते हुए उन्हें भयभीत होकर धरती में धँसते हुए चित्रित किया है।
29“उठ रहा धुआँ, जल गया ताल” में किस प्राकृतिक दृश्य का चित्रण है?
सही उत्तर:B. वर्षा के कारण तालाब के जल से धुआँ उठने जैसा दृश्य
व्याख्या: वर्षा के बाद तालाब के जल से उठती भाप को कवि ने धुएँ के समान कल्पित किया है और तालाब के जल जाने जैसा अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया है।
30“यों जलद-यान में विचर-विचर था इंद्र खेलता इंद्रजाल” में ‘जलद-यान’ किसे कहा गया है?
सही उत्तर:B. बादल रूपी विमान
व्याख्या: ‘जलद’ का अर्थ बादल और ‘यान’ का अर्थ वाहन है। कवि ने बादलों को विमान के समान माना है, जिसमें बैठकर इंद्र अपना इंद्रजाल दिखा रहे हैं।
31“इंद्र खेलता इंद्रजाल” में कवि ने किसकी कल्पना की है?
सही उत्तर:A. इंद्र द्वारा वर्षा के माध्यम से जादू करने की
व्याख्या: बदलते हुए बादलों, वर्षा और पर्वतीय दृश्यों को देखकर कवि ने कल्पना की है कि मानो इंद्र बादलों के विमान में घूमते हुए अपना इंद्रजाल दिखा रहे हों।
32कविता में ‘जलद’ शब्द का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. बादल
व्याख्या: ‘जलद’ का अर्थ जल देने वाला अर्थात् बादल है। कविता में वर्षा लाने वाले बादलों का अनेक रूपों में चित्रण हुआ है।
33“फेनिल निर्झर” में ‘फेनिल’ शब्द किस विशेषता को बताता है?
सही उत्तर:B. झाग से भरा हुआ
व्याख्या: ‘फेनिल’ का अर्थ झाग से भरा हुआ है। पहाड़ों से गिरते झरनों के जल में झाग बनने के कारण उन्हें फेनिल कहा गया है।
34“मोतियों की लड़ियों-से सुंदर” में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
सही उत्तर:C. उपमा
व्याख्या: झरनों की तुलना मोतियों की लड़ियों से की गई है। ‘से’ शब्द के कारण यहाँ उपमा अलंकार है।
35कविता में पर्वत के हृदय से क्या उठता हुआ बताया गया है?
सही उत्तर:B. वृक्ष
व्याख्या: कवि ने वृक्षों को पर्वत के हृदय से उठते हुए बताया है। वे ऊँचाई की आकांक्षा से आकाश की ओर झाँकते दिखाई देते हैं।
36“उच्चाकांक्षाओं से तरुवर” में ‘तरुवर’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. वृक्ष
व्याख्या: ‘तरुवर’ का अर्थ वृक्ष है। कविता में वृक्षों को ऊँचाई की आकांक्षा रखने वाले जीवंत प्राणियों के रूप में चित्रित किया गया है।
37“नीरव नभ पर अनिमेष, अटल” में वृक्षों की कौन-सी स्थिति दिखाई गई है?
सही उत्तर:B. वे आकाश की ओर एकटक देख रहे हैं।
व्याख्या: वृक्ष शांत आकाश की ओर बिना पलक झपकाए और स्थिर दृष्टि से देखते हुए प्रतीत होते हैं।
38‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में मुख्य रूप से किस अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है?
सही उत्तर:A. मानवीकरण
व्याख्या: कविता में पर्वत, झरने, वृक्ष और बादलों को मानवीय क्रियाएँ करते हुए प्रस्तुत किया गया है। इसलिए मानवीकरण अलंकार का प्रभाव प्रमुख है।
39कविता में पर्वतीय प्रदेश की प्रकृति कैसी दिखाई गई है?
सही उत्तर:B. पल-पल बदलती और गतिशील
व्याख्या: वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रदेश की प्रकृति पल-पल अपना रूप बदलती है। कभी बादल, कभी झरने और कभी धुंध तथा वर्षा के दृश्य दिखाई देते हैं।
40‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का मुख्य विषय क्या है?
सही उत्तर:B. वर्षा ऋतु में पर्वतीय प्रकृति के बदलते सौंदर्य का चित्रण
व्याख्या: कविता में वर्षा ऋतु के दौरान पर्वतीय प्रदेश में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों और उनके मनोहारी सौंदर्य का सजीव चित्रण किया गया है।

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