JAC Board Class 10 Hindi Objective Questions

उत्साह / अट नहीं रही है

क्या आप JAC Class 10 Hindi के “उत्साह / अट नहीं रही है” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको उत्साह / अट नहीं रही है पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

उत्साह / अट नहीं रही है के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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1‘उत्साह’ कविता के रचयिता कौन हैं?
सही उत्तर:B. सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
व्याख्या: ‘उत्साह’ कविता सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की रचना है। पाठ में दोनों कविताएँ निराला के प्रकृति-चित्रण और भाव-अभिव्यक्ति से संबंधित हैं।
2‘उत्साह’ कविता में कवि किसे संबोधित करता है?
सही उत्तर:B. बादल को
व्याख्या: कविता में कवि बादल को सीधे संबोधित करते हुए उससे गरजने का आह्वान करता है।
3‘उत्साह’ कविता में बादल को कवि का कैसा विषय बताया गया है?
सही उत्तर:B. प्रिय विषय
व्याख्या: पाठ के अनुसार बादल निराला का प्रिय विषय है। कविता में बादल को विशेष प्रतीकात्मक अर्थों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
4‘उत्साह’ कविता में बादल किसकी आकांक्षा पूरी करने वाला है?
सही उत्तर:B. पीड़ित-प्यासे जन की
व्याख्या: पाठ में बादल को पीड़ित-प्यासे जन की आकांक्षा पूरी करने वाला बताया गया है। वर्षा के माध्यम से वह तपती धरती को शीतल करता है।
5‘उत्साह’ कविता में बादल नई कल्पना और नए अंकुर के लिए किस चेतना को संभव करता है?
सही उत्तर:B. क्रांति-चेतना
व्याख्या: पाठ के अनुसार बादल नई कल्पना और नए अंकुर के लिए विध्वंस, विप्लव और क्रांति-चेतना को संभव करने वाला है।
6“बादल, गरजो!” में कवि का बादल से क्या आग्रह है?
सही उत्तर:B. गरजने का
व्याख्या: कविता की शुरुआत ही “बादल, गरजो!” के आह्वान से होती है। कवि बादल की सक्रिय और प्रचंड शक्ति को सामने लाना चाहता है।
7“घेर घेर घोर गगन, धाराधर ओ!” में ‘धाराधर’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. बादल
व्याख्या: पाठ की शब्द-संपदा में ‘धाराधर’ का अर्थ बादल दिया गया है। कवि बादल को संबोधित करके उससे गरजने को कहता है।
8“ललित ललित, काले घुँघराले” में बादलों का कैसा रूप चित्रित हुआ है?
सही उत्तर:B. काला और घुँघराला
व्याख्या: कवि बादलों को काले और घुँघराले रूप में चित्रित करता है। इससे उनका सजीव और प्रभावशाली स्वरूप सामने आता है।
9“बाल कल्पना के-से पाले” में बादलों की तुलना किससे की गई है?
सही उत्तर:A. बाल कल्पना से
व्याख्या: कवि बादलों के सुंदर और कल्पनाशील रूप की तुलना बाल कल्पना से करता है।
10“विद्युत-छवि उर में, कवि, नवजीवन वाले!” में ‘विद्युत-छवि’ किसका बिंब है?
सही उत्तर:B. बिजली का
व्याख्या: ‘विद्युत-छवि’ बादल के भीतर चमकती बिजली का बिंब है। इसे कविता में नवजीवन की ऊर्जा से जोड़ा गया है।
11“वज्र छिपा, नूतन कविता” में ‘वज्र’ किसका संकेत करता है?
सही उत्तर:B. कठोर और प्रचंड शक्ति का
व्याख्या: ‘वज्र’ कठोर और प्रचंड शक्ति का प्रतीक है। बादल के भीतर छिपी शक्ति को इस शब्द के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
12“फिर भर दो—” के माध्यम से कवि बादल से क्या चाहता है?
सही उत्तर:B. धरती और जीवन को जल से भर देना
व्याख्या: कवि बादल से वर्षा करके धरती और जीवन को फिर से भर देने का आग्रह करता है। इसमें नवजीवन की आकांक्षा व्यक्त होती है।
13“विकल विकल, उन्मन थे उन्मन” में किसकी स्थिति का वर्णन है?
सही उत्तर:A. विश्व के निदाघ से पीड़ित जनों की
व्याख्या: कविता में गर्मी से पीड़ित और व्याकुल जनों की स्थिति का वर्णन किया गया है। उनके लिए बादल राहत का प्रतीक बनता है।
14“विश्व के निदाघ के सकल जन” में ‘निदाघ’ का अर्थ क्या है?
सही उत्तर:B. गर्मी
व्याख्या: पाठ की शब्द-संपदा में ‘निदाघ’ का अर्थ गर्मी दिया गया है। कविता में निदाघ से व्याकुल जनों की स्थिति दिखाई गई है।
15“आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन!” में बादल कहाँ से आते हुए बताए गए हैं?
सही उत्तर:B. अज्ञात दिशा से
व्याख्या: कवि बादलों को अज्ञात दिशा से आने वाले ‘अनंत के घन’ के रूप में प्रस्तुत करता है।
16“तप्त धरा, जल से फिर शीतल कर दो” में कवि बादल से क्या अपेक्षा करता है?
सही उत्तर:B. तपती धरती को जल से शीतल करने की
व्याख्या: कवि वर्षा के माध्यम से तपती धरती को फिर शीतल करने का आग्रह करता है। यहाँ बादल राहत और नवजीवन का माध्यम है।
17‘उत्साह’ कविता में बादल किस द्वंद्व को एक साथ व्यक्त करता है?
सही उत्तर:B. सृजन और विध्वंस
व्याख्या: पाठ के अनुसार बादल एक ओर पीड़ित-प्यासे जन की आकांक्षा पूरी करता है और दूसरी ओर नई कल्पना तथा नए अंकुर के लिए विध्वंस, विप्लव और क्रांति-चेतना का माध्यम बनता है।
18‘अट नहीं रही है’ कविता में कवि किस ऋतु की सुंदरता से प्रभावित है?
सही उत्तर:B. फागुन
व्याख्या: ‘अट नहीं रही है’ कविता फागुन की मादकता और उसकी सर्वव्यापक सुंदरता को व्यक्त करती है।
19“आभा फागुन की तन सट नहीं रही है” में फागुन की आभा कैसी दिखाई गई है?
सही उत्तर:B. सर्वव्यापक
व्याख्या: पाठ के अनुसार फागुन की आभा इतनी व्यापक है कि उसे शब्दों से अलग नहीं किया जा सकता। वह चारों ओर व्याप्त दिखाई देती है।
20“कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो” में कवि फागुन को किस रूप में अनुभव करता है?
सही उत्तर:B. जीवंत और सर्वव्यापक
व्याख्या: कवि फागुन को मानवीय गुणों से युक्त जीवंत सत्ता के रूप में अनुभव करता है, जो मानो साँस लेकर घर-घर भर देता है।
21‘अट नहीं रही है’ कविता में “पत्तों से लदी डाल” किस प्राकृतिक स्थिति को व्यक्त करती है?
सही उत्तर:B. हरियाली और समृद्धि
व्याख्या: पत्तों से लदी डाल फागुन में प्रकृति के हरे-भरे और समृद्ध रूप को व्यक्त करती है।
22“पत्तों से लदी डाल” के संदर्भ में कवि ने पत्तियों के कौन-से रंग बताए हैं?
सही उत्तर:B. हरे और लाल
व्याख्या: कविता में “कहीं हरी, कहीं लाल” कहकर पत्तियों और प्रकृति में दिखाई देने वाले हरे और लाल रंगों का उल्लेख किया गया है।
23“कहीं पड़ी है उर में मंद-गंध-पुष्प-माल” में किसका उल्लेख है?
सही उत्तर:A. फूलों की मंद सुगंध का
व्याख्या: कवि फागुन के प्रभाव से वातावरण में फैली फूलों की मंद सुगंध को ‘मंद-गंध-पुष्प-माल’ के रूप में प्रस्तुत करता है।
24“पाट-पाट शोभा-श्री पट नहीं रही है” में फागुन की कौन-सी विशेषता व्यक्त हुई है?
सही उत्तर:B. उसकी सर्वव्यापक सुंदरता
व्याख्या: फागुन की शोभा प्रत्येक स्थान पर फैली हुई दिखाई देती है। इसलिए उसकी सुंदरता को सर्वव्यापक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
25‘अट नहीं रही है’ कविता में फागुन की आभा को कवि किस प्रकार अनुभव करता है?
सही उत्तर:C. वह चारों ओर व्याप्त है।
व्याख्या: कविता में फागुन की आभा प्रकृति के विभिन्न रूपों में चारों ओर फैली हुई दिखाई देती है।
26“कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो” में फागुन का कौन-सा मानवीकरण हुआ है?
सही उत्तर:B. फागुन को साँस लेते हुए दिखाया गया है।
व्याख्या: फागुन को मानवीय गुण देते हुए कवि कहता है कि वह मानो साँस लेता है और घर-घर भर देता है।
27“उड़ने को नभ में तुम पर-पर कर देते हो” में ‘पर-पर’ शब्द किस भाव को व्यक्त करता है?
सही उत्तर:A. उड़ान का
व्याख्या: ‘पर-पर’ पंखों के माध्यम से उड़ान की गति और चंचलता का भाव व्यक्त करता है।
28‘अट नहीं रही है’ कविता में फागुन की सुंदरता का प्रभाव कवि की आँखों पर क्या पड़ा है?
सही उत्तर:B. आँखें सुंदरता से हटती नहीं हैं।
व्याख्या: कवि कहता है कि फागुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह आँख हटाता है, फिर भी उसकी आँखें उस सुंदरता से हट नहीं रही हैं।
29“फागुन के रंग राग” में ‘रंग’ और ‘राग’ किससे संबंधित हैं?
सही उत्तर:A. फागुन के सौंदर्य और उल्लास से
व्याख्या: फागुन के रंग और राग उसके सौंदर्य, उल्लास तथा वातावरण में उत्पन्न आनंद को व्यक्त करते हैं।
30“बाग-वन फाग मचा है” में ‘फाग’ से क्या आशय है?
सही उत्तर:B. फागुन का उत्सव और उल्लास
व्याख्या: ‘फाग’ फागुन के उत्सव और उल्लास से संबंधित है। कविता में बाग और वन में फागुन की मस्ती का चित्रण है।
31“फूटे हैं आमों में बौर” से किस प्राकृतिक परिवर्तन का संकेत मिलता है?
सही उत्तर:A. आम के पेड़ों पर बौर आने का
व्याख्या: फागुन के आगमन पर आम के पेड़ों में बौर आने का दृश्य प्रस्तुत किया गया है।
32“भौर वन-वन टूटे हैं” में किसका उल्लेख है?
सही उत्तर:A. भौरों की सक्रियता का
व्याख्या: कविता में फागुन के प्रभाव से वन-वन भौरों के टूट पड़ने अर्थात उनके सक्रिय होने का चित्र प्रस्तुत किया गया है।
33“होली मची ठौर-ठौर” से किस वातावरण का बोध होता है?
सही उत्तर:B. उत्सव और उल्लास का
व्याख्या: होली का ठौर-ठौर मचना फागुन के उत्सव, उमंग और उल्लासपूर्ण वातावरण को व्यक्त करता है।
34“सभी बंधन छूटे हैं” पंक्ति किस स्थिति की ओर संकेत करती है?
सही उत्तर:B. फागुन के उल्लास में बंधनों के समाप्त होने की
व्याख्या: फागुन और होली के उल्लासपूर्ण वातावरण में कवि को सभी प्रकार के बंधन छूटते हुए दिखाई देते हैं।
35“भर गए मोती के झाग” में ‘मोती के झाग’ किससे संबंधित हैं?
सही उत्तर:A. प्रकृति के सौंदर्यपूर्ण रूप से
व्याख्या: ‘मोती के झाग’ फागुन के समय प्रकृति में दिखाई देने वाले सुंदर और आकर्षक दृश्य का बिंब है।
36“जनों के मन लूटे हैं” में फागुन का लोगों के मन पर क्या प्रभाव बताया गया है?
सही उत्तर:B. फागुन ने लोगों के मन मोह लिए हैं।
व्याख्या: फागुन के सौंदर्य और उल्लास ने लोगों के मन को आकर्षित कर लिया है। इसलिए कवि कहता है कि उसने जनों के मन लूट लिए हैं।
37“माथे अबीर से लाल” किस दृश्य को प्रस्तुत करता है?
सही उत्तर:B. अबीर से लाल हुए माथे को
व्याख्या: होली के अवसर पर माथे पर अबीर लगाया गया है, जिससे वह लाल दिखाई देता है।
38“गाल सेंदुर के देखे” में गालों की तुलना किससे की गई है?
सही उत्तर:B. सिंदूर से
व्याख्या: कवि होली के रंग में रंगे गालों को सिंदूर के समान लाल देखता है।
39“आँखें हुई हैं गुलाल” में आँखों के गुलाल होने का कारण क्या है?
सही उत्तर:B. होली के रंग
व्याख्या: होली के रंगों के कारण आँखों के आसपास गुलाल का प्रभाव दिखाई देता है। कवि इस दृश्य को रंगमय वातावरण के रूप में प्रस्तुत करता है।
40“गेरू के ढेले फूटे हैं” में ‘गेरू’ किस रंग की ओर संकेत करता है?
सही उत्तर:A. लालिमा लिए हुए रंग की
व्याख्या: गेरू लालिमा लिए हुए रंग का पदार्थ है। कविता में होली के रंगीन वातावरण के चित्रण में इसका उल्लेख हुआ है।
41‘अट नहीं रही है’ कविता में फागुन के सौंदर्य के साथ कौन-सा भाव विशेष रूप से जुड़ा है?
सही उत्तर:A. उल्लास
व्याख्या: पाठ के अनुसार फागुन की मादकता और सर्वव्यापक सुंदरता के साथ उल्लास का भाव जुड़ा हुआ है।
42‘उत्साह’ कविता में बादल और ‘अट नहीं रही है’ कविता में फागुन के चित्रण में कौन-सा अंतर स्पष्ट है?
सही उत्तर:A. बादल में शक्ति और परिवर्तन का भाव है, जबकि फागुन में सौंदर्य और उल्लास का।
व्याख्या: ‘उत्साह’ में बादल पीड़ित-प्यासे जन की आकांक्षा, नवजीवन और क्रांति-चेतना से जुड़ा है, जबकि ‘अट नहीं रही है’ में फागुन की सुंदरता और उल्लास प्रमुख हैं।

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