क्या आप JAC Class 10 Hindi के “नेताजी का चश्मा” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “नेताजी का चश्मा” पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
“नेताजी का चश्मा” के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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1‘नेताजी का चश्मा’ पाठ के लेखक कौन हैं?
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सही उत्तर:A. स्वयं प्रकाश
व्याख्या: ‘नेताजी का चश्मा’ कहानी के लेखक स्वयं प्रकाश हैं।
2स्वयं प्रकाश का जन्म किस वर्ष हुआ था?
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सही उत्तर:B. 1947
व्याख्या: पाठ-परिचय के अनुसार स्वयं प्रकाश का जन्म सन् 1947 में इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था।
3स्वयं प्रकाश ने किस विषय की पढ़ाई की थी?
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सही उत्तर:B. यांत्रिक इंजीनियरिंग
व्याख्या: स्वयं प्रकाश ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
4स्वयं प्रकाश ने पढ़ाई के बाद कहाँ नौकरी की?
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सही उत्तर:B. एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में
व्याख्या: पाठ के अनुसार मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद स्वयं प्रकाश ने एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में नौकरी की।
5स्वयं प्रकाश के बचपन और नौकरी का बड़ा हिस्सा किस राज्य में बीता?
✓
सही उत्तर:B. राजस्थान
व्याख्या: पाठ के अनुसार स्वयं प्रकाश का बचपन और नौकरी का बड़ा हिस्सा राजस्थान में बीता।
6स्वयं प्रकाश किस पत्रिका के संपादन से जुड़े रहे?
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सही उत्तर:B. वसुधा
व्याख्या: पाठ-परिचय में स्वयं प्रकाश के ‘वसुधा’ पत्रिका के संपादन से जुड़े होने का उल्लेख है।
7स्वयं प्रकाश समकालीन कहानी के किस दशक में उभरे?
✓
सही उत्तर:C. आठवें दशक में
व्याख्या: पाठ के अनुसार स्वयं प्रकाश आठवें दशक में उभरे समकालीन कहानी के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं।
8स्वयं प्रकाश के कितने कहानी-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं?
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सही उत्तर:D. तेरह
व्याख्या: पाठ-परिचय के अनुसार स्वयं प्रकाश के तेरह कहानी-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।
9निम्नलिखित में से कौन-सा स्वयं प्रकाश का कहानी-संग्रह है?
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सही उत्तर:A. सूरज कब निकलेगा
व्याख्या: ‘सूरज कब निकलेगा’ स्वयं प्रकाश के प्रकाशित कहानी-संग्रहों में शामिल है।
10स्वयं प्रकाश को किन पुरस्कारों से पुरस्कृत किया जा चुका है?
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सही उत्तर:A. पहल सम्मान और वनमाली पुरस्कार
व्याख्या: पाठ के अनुसार स्वयं प्रकाश को पहल सम्मान, वनमाली पुरस्कार और राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार आदि से पुरस्कृत किया जा चुका है।
11‘नेताजी का चश्मा’ कहानी में नेताजी की प्रतिमा कहाँ स्थापित की गई थी?
✓
सही उत्तर:B. कस्बे के मुख्य बाजार के मुख्य चौराहे पर
व्याख्या: कहानी में नगर पालिका के किसी उत्साही बोर्ड या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा कस्बे के मुख्य बाजार के मुख्य चौराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की संगमरमर की प्रतिमा स्थापित कराई गई थी।
12नेताजी की प्रतिमा किसकी बनी हुई थी?
✓
सही उत्तर:C. संगमरमर की
व्याख्या: कहानी में नेताजी की प्रतिमा को संगमरमर की बताया गया है।
13नेताजी की प्रतिमा बनाने का काम किसे सौंपा गया था?
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सही उत्तर:B. स्थानीय कलाकार और कस्बे के इकलौते हाई स्कूल के ड्राइंग मास्टर मोतीलाल जी को
व्याख्या: प्रतिमा बनाने का काम कस्बे के इकलौते हाई स्कूल के ड्राइंग मास्टर मोतीलाल जी को सौंपा गया था।
14मोतीलाल जी को प्रतिमा बनाकर कितने समय में देने का विश्वास था?
✓
सही उत्तर:C. महीने-भर में
व्याख्या: कहानी के अनुसार मोतीलाल जी ने महीने-भर में मूर्ति बनाकर ‘पटका देने’ का विश्वास दिलाया था।
15नेताजी की प्रतिमा की आँखों पर चश्मा क्यों नहीं था?
✓
सही उत्तर:B. मूर्तिकार चश्मा बनाना भूल गया था।
व्याख्या: कहानी में स्पष्ट किया गया है कि मूर्ति बनाने वाले मास्टर मोतीलाल चश्मा बनाना भूल गए थे, इसलिए प्रतिमा पर चश्मा नहीं था।
16प्रतिमा की कौन-सी कमी देखकर हालदार साहब का ध्यान तुरंत गया?
✓
सही उत्तर:C. नेताजी की आँखों पर चश्मे का न होना
व्याख्या: हालदार साहब ने देखा कि नेताजी की आँखों पर चश्मा नहीं था, जबकि चश्मा होना चाहिए था। यही बात उन्हें खटकती थी।
17हालदार साहब को प्रतिमा में चश्मा देखकर पहली बार कैसी प्रतिक्रिया हुई?
✓
सही उत्तर:B. उनके चेहरे पर कौतुकभरी मुसकान फैल गई।
व्याख्या: पहली बार चौराहे से गुजरते समय प्रतिमा पर चश्मा देखकर हालदार साहब के चेहरे पर कौतुकभरी मुसकान फैल गई।
18हालदार साहब ने प्रतिमा पर किस प्रकार के चश्मे देखे?
✓
सही उत्तर:C. अलग-अलग प्रकार के चश्मे
व्याख्या: हालदार साहब ने प्रतिमा पर कभी चौकोर, कभी गोल, कभी लाल, कभी काला और कभी धूप का चश्मा देखा।
19पानवाले ने चश्मे के बारे में हालदार साहब को क्या बताया?
✓
सही उत्तर:B. कैप्टन चश्मेवाला चश्मा बदल देता है।
व्याख्या: पानवाले ने बताया कि ‘कैप्टन चश्मेवाला’ नेताजी की प्रतिमा का चश्मा बदलता रहता है।
20कहानी में ‘कैप्टन चश्मेवाला’ वास्तव में कौन था?
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सही उत्तर:B. एक चश्मे बेचने वाला लँगड़ा बूढ़ा व्यक्ति
व्याख्या: अंत में हालदार साहब जिस व्यक्ति को देखते हैं, वह एक बहुत बूढ़ा, लँगड़ा व्यक्ति था जो बाँस पर बहुत-से चश्मे टाँगकर बेचता था।
21हालदार साहब पहली बार नेताजी की प्रतिमा को कब देखते हैं?
✓
सही उत्तर:A. जब वे कस्बे के मुख्य चौराहे से गुजरते हैं
व्याख्या: हालदार साहब कंपनी के काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुजरते समय मुख्य चौराहे पर नेताजी की प्रतिमा को पहली बार देखते हैं।
22नेताजी की प्रतिमा की आँखों पर किस प्रकार का चश्मा लगा हुआ था?
✓
सही उत्तर:C. असली चश्मा
व्याख्या: प्रतिमा संगमरमर की थी, लेकिन उसकी आँखों पर असली चश्मा लगा हुआ था। यही बात हालदार साहब के लिए कौतूहल का कारण बनी।
23हालदार साहब को प्रतिमा पर लगा चश्मा क्यों खटकता था?
✓
सही उत्तर:B. प्रतिमा पत्थर की थी, लेकिन चश्मा असली था।
व्याख्या: नेताजी की प्रतिमा संगमरमर की बनी थी, लेकिन उसकी आँखों पर असली चश्मा लगाया जाता था। यही बात हालदार साहब को विशेष रूप से कौतूहलपूर्ण लगती थी।
24हालदार साहब ने पहली बार प्रतिमा पर किस प्रकार का चश्मा देखा?
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सही उत्तर:B. मोटे फ्रेम वाला चौकोर चश्मा
व्याख्या: पहली बार हालदार साहब ने प्रतिमा पर मोटे फ्रेम वाला चौकोर चश्मा देखा था।
25बाद में प्रतिमा के चश्मे में क्या परिवर्तन दिखाई देता रहा?
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सही उत्तर:B. चश्मे का फ्रेम बदलता रहा।
व्याख्या: हालदार साहब ने अलग-अलग अवसरों पर प्रतिमा पर अलग-अलग फ्रेम के चश्मे देखे। इससे उन्हें चश्मा बदलने की बात समझ में आई।
26पानवाले के अनुसार चश्मा कौन बदलता था?
✓
सही उत्तर:C. कैप्टन चश्मेवाला
व्याख्या: पानवाले ने बताया कि कैप्टन चश्मेवाला नेताजी की प्रतिमा पर चश्मा बदलता रहता था।
27कैप्टन चश्मेवाला प्रतिमा पर चश्मा क्यों लगाता था?
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सही उत्तर:B. उसे नेताजी की बिना चश्मे वाली प्रतिमा अच्छी नहीं लगती थी।
व्याख्या: पानवाले के अनुसार कैप्टन को नेताजी की बिना चश्मे वाली मूर्ति बुरी लगती थी, बल्कि उसे देखकर आहत होती थी। इसलिए वह अपनी दुकान में उपलब्ध फ्रेमों में से एक चश्मा प्रतिमा पर लगा देता था।
28कैप्टन चश्मेवाला ग्राहक आने पर प्रतिमा के चश्मे के साथ क्या करता था?
✓
सही उत्तर:B. वही चश्मा ग्राहक को बेच देता था।
व्याख्या: जब कोई ग्राहक प्रतिमा पर लगे फ्रेम जैसा ही चश्मा माँगता था, तो कैप्टन वह चश्मा प्रतिमा से उतारकर ग्राहक को दे देता था और बाद में दूसरा चश्मा लगा देता था।
29कैप्टन चश्मेवाला बाद में प्रतिमा पर क्या करता था?
✓
सही उत्तर:A. नया चश्मा लगा देता था।
व्याख्या: ग्राहक को चश्मा देने के बाद कैप्टन दूसरा फ्रेम प्रतिमा पर लगा देता था। इस कारण प्रतिमा पर चश्मे बदलते रहते थे।
30हालदार साहब ने कैप्टन के बारे में जानने के लिए किससे पूछा?
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सही उत्तर:C. पानवाले से
व्याख्या: प्रतिमा पर बार-बार बदलते चश्मे देखकर हालदार साहब ने पानवाले से कैप्टन चश्मेवाले के बारे में पूछा।
31पानवाला कैप्टन चश्मेवाले को किस रूप में देखता था?
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सही उत्तर:B. मज़ाक का पात्र
व्याख्या: पानवाला कैप्टन का मज़ाक उड़ाता था और उसके बारे में अपमानजनक ढंग से बात करता था, जबकि हालदार साहब उसके देशप्रेम को समझने लगे थे।
32कैप्टन चश्मेवाला कैसा दिखाई देता था?
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सही उत्तर:B. बहुत बूढ़ा और लँगड़ा
व्याख्या: हालदार साहब ने उसे एक बेहद बूढ़ा, मरियल-सा और लँगड़ा आदमी देखा था।
33कैप्टन चश्मेवाला अपनी दुकान कैसे चलाता था?
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सही उत्तर:B. फेरी लगाकर
व्याख्या: कैप्टन चश्मेवाला फेरी लगाता था। वह एक हाथ में छोटी-सी संदूकची और दूसरे हाथ में बाँस पर टँगे बहुत-से चश्मे लेकर घूमता था।
34कैप्टन चश्मेवाला अपने साथ चश्मे कहाँ रखता था?
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सही उत्तर:B. छोटी-सी संदूकची और बाँस पर टँगे हुए
व्याख्या: कहानी में बताया गया है कि उसके एक हाथ में छोटी-सी संदूकची और दूसरे हाथ में बाँस पर टँगे बहुत-से चश्मे होते थे।
35हालदार साहब को कैप्टन की कौन-सी बात सबसे अधिक प्रभावित करती थी?
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सही उत्तर:B. उसका देशप्रेम
व्याख्या: हालदार साहब कैप्टन के देशप्रेम से प्रभावित होते हैं। वह बिना किसी स्वार्थ के नेताजी की प्रतिमा पर चश्मा लगाता था।
36कैप्टन चश्मेवाला नेताजी की प्रतिमा पर चश्मा लगाने के लिए किस प्रकार के फ्रेम का उपयोग करता था?
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सही उत्तर:B. अपनी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से
व्याख्या: पानवाले के अनुसार कैप्टन अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से एक फ्रेम नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता था।
37कैप्टन को नेताजी की प्रतिमा पर चश्मा लगाते हुए देखकर हालदार साहब ने उसके प्रति क्या अनुभव किया?
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सही उत्तर:B. सम्मान
व्याख्या: कैप्टन के छोटे-से प्रयास में देशभक्ति देखकर हालदार साहब उसके प्रति सम्मान से भर जाते हैं।
38हालदार साहब ने पानवाले से कैप्टन के बारे में कौन-सा प्रश्न किया?
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सही उत्तर:B. क्या कैप्टन चश्मेवाला नेताजी का साथी है या आज़ाद हिंद फ़ौज का भूतपूर्व सिपाही?
व्याख्या: कैप्टन के देशप्रेम से प्रभावित होकर हालदार साहब ने पानवाले से पूछा कि क्या कैप्टन नेताजी का साथी या आज़ाद हिंद फ़ौज का भूतपूर्व सिपाही है।
39पानवाले ने कैप्टन को किस शब्द से संबोधित किया?
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सही उत्तर:B. लँगड़ा
व्याख्या: पानवाले ने कैप्टन को ‘लँगड़ा’ कहकर संबोधित किया और उसका मज़ाक उड़ाया।
40पानवाले की बात सुनकर हालदार साहब को कैसा लगा?
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सही उत्तर:B. उन्हें देशभक्त का इस तरह मज़ाक उड़ाया जाना अच्छा नहीं लगा।
व्याख्या: हालदार साहब को पानवाले द्वारा कैप्टन जैसे देशभक्त व्यक्ति का मज़ाक उड़ाया जाना अच्छा नहीं लगा।
41लगभग दो वर्षों तक हालदार साहब ने नेताजी की प्रतिमा के साथ क्या देखा?
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सही उत्तर:B. प्रतिमा पर बदलते हुए चश्मे देखे।
व्याख्या: दो वर्षों तक हालदार साहब उस कस्बे से गुजरते रहे और नेताजी की मूर्ति पर अलग-अलग प्रकार के चश्मे बदलते हुए देखते रहे।
42एक दिन नेताजी की प्रतिमा पर कोई चश्मा क्यों नहीं था?
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सही उत्तर:C. कैप्टन चश्मेवाला मर गया था।
व्याख्या: एक दिन पानवाले ने दुखी होकर बताया कि कैप्टन मर गया है। इसके बाद नेताजी की प्रतिमा पर चश्मा दिखाई नहीं दिया।
43कैप्टन की मृत्यु की खबर सुनकर पानवाला कैसा हो गया?
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सही उत्तर:B. उदास
व्याख्या: कैप्टन की मृत्यु की खबर बताते समय पानवाला उदास हो गया और उसने सिर झुकाकर आँखें पोंछीं।
44कैप्टन की मृत्यु के बाद हालदार साहब ने प्रतिमा पर क्या देखा?
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सही उत्तर:A. कोई चश्मा नहीं था।
व्याख्या: कैप्टन की मृत्यु के बाद कुछ समय तक नेताजी की प्रतिमा की आँखों पर कोई चश्मा नहीं था।
45बाद में नेताजी की प्रतिमा पर किस प्रकार का चश्मा दिखाई दिया?
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सही उत्तर:B. सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा
व्याख्या: अंत में हालदार साहब ने देखा कि नेताजी की प्रतिमा की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा रखा हुआ था, जैसा बच्चे बना लेते हैं।
46प्रतिमा पर सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब भावुक क्यों हो गए?
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सही उत्तर:B. उन्हें देशप्रेम की भावना और कैप्टन की परंपरा के आगे बढ़ने का संकेत दिखाई दिया।
व्याख्या: सरकंडे का छोटा-सा चश्मा देखकर हालदार साहब समझ गए कि देशप्रेम की भावना अभी जीवित है। इसी भावना से वे भावुक हो उठे।