क्या आप JAC Class 10 Hindi के “नौबतखाने में इबादत” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “नौबतखाने में इबादत” पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
“नौबतखाने में इबादत” के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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1‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ के लेखक कौन हैं?
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सही उत्तर:A. यतींद्र मिश्र
व्याख्या: ‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ के लेखक यतींद्र मिश्र हैं। यह पाठ प्रसिद्ध शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ के जीवन, संगीत-साधना और व्यक्तित्व पर केंद्रित है।
2‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ में किस महान कलाकार के जीवन का चित्रण किया गया है?
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सही उत्तर:B. उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ
व्याख्या: इस पाठ में शहनाई के महान कलाकार उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ के जीवन, उनकी साधना, संगीत-प्रेम और काशी से उनके गहरे संबंध का चित्रण किया गया है।
3उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का जन्म कहाँ हुआ था?
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सही उत्तर:B. डुमराँव, बिहार
व्याख्या: उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का जन्म बिहार के डुमराँव में एक संगीत-प्रेमी परिवार में हुआ था।
4बिस्मिल्ला खाँ का बचपन मुख्य रूप से कहाँ बीता?
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सही उत्तर:B. डुमराँव और काशी में
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ ने अपने जीवन के शुरुआती पाँच-छह वर्ष डुमराँव में बिताए और बाद में अपने ननिहाल काशी आ गए।
5बिस्मिल्ला खाँ के परिवार का मुख्य व्यवसाय क्या था?
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सही उत्तर:B. शहनाई वादन
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ का परिवार शहनाई वादन की परंपरा से जुड़ा हुआ था। उनके पूर्वज और परिवार के अन्य सदस्य भी शहनाई बजाते थे।
6डुमराँव की शहनाई से क्या विशेष संबंध है?
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सही उत्तर:B. शहनाई में प्रयुक्त रीड डुमराँव में मिलने वाली नरकट से बनती है।
व्याख्या: शहनाई बजाने के लिए जिस रीड का प्रयोग होता है, वह नरकट नामक घास से बनती है और डुमराँव में यह मुख्यतः सोन नदी के किनारे पाई जाती है।
7शहनाई बजाने के लिए किस वस्तु का प्रयोग किया जाता है?
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सही उत्तर:B. रीड
व्याख्या: शहनाई को फूँकने के लिए रीड का प्रयोग होता है। पाठ में रीड को अंदर से पोली बताया गया है।
8बिस्मिल्ला खाँ को शहनाई की ओर प्रारंभिक प्रेरणा किन गायिका बहनों से मिली?
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सही उत्तर:A. रसूलनबाई और बतूलनबाई
व्याख्या: बचपन में रसूलनबाई और बतूलनबाई के गायन को सुनकर बिस्मिल्ला खाँ के भीतर संगीत के प्रति आकर्षण और प्रेरणा उत्पन्न हुई।
9बिस्मिल्ला खाँ के संगीत-जीवन में उनके नाना का क्या महत्व था?
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सही उत्तर:B. उन्होंने उन्हें शहनाई की साधना के वातावरण से परिचित कराया।
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ अपने नाना के घर काशी आए, जहाँ संगीत और शहनाई की साधना का वातावरण था। इसी वातावरण ने उनकी संगीत-साधना को आगे बढ़ाया।
10शहनाई को संगीतशास्त्र में किस वर्ग के वाद्य में रखा गया है?
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सही उत्तर:B. सुषिर वाद्य
व्याख्या: शहनाई को सुषिर वाद्यों में रखा जाता है। सुषिर वाद्य वे होते हैं जिन्हें फूँककर बजाया जाता है।
11शहनाई को ‘सुषिर वाद्यों में शाह’ की उपाधि क्यों दी गई?
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सही उत्तर:B. क्योंकि इसका स्वर अत्यंत मधुर और प्रभावशाली है।
व्याख्या: शहनाई को सुषिर वाद्यों में ‘शाह’ की उपाधि उसके विशिष्ट, मधुर और प्रभावशाली स्वर के कारण दी गई है।
12शहनाई का प्रयोग पारंपरिक रूप से किन अवसरों पर अधिक होता रहा है?
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सही उत्तर:B. मंगल और धार्मिक अवसरों पर
व्याख्या: शहनाई का संबंध लंबे समय से मंगलध्वनि और मांगलिक अवसरों से रहा है। विवाह तथा अन्य शुभ अवसरों पर इसका विशेष महत्व रहा है।
13बिस्मिल्ला खाँ प्रतिदिन कितनी देर की नमाज़ में सच्चे सुर की प्राप्ति की प्रार्थना करते थे?
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सही उत्तर:C. पाँचों वक्त
व्याख्या: पाठ में बताया गया है कि बिस्मिल्ला खाँ पाँचों वक्त की नमाज़ में सच्चे सुर की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते थे और संगीत को साधना के रूप में लेते थे।
14बिस्मिल्ला खाँ संगीत को किस रूप में मानते थे?
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सही उत्तर:B. इबादत और साधना
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ के लिए संगीत केवल मनोरंजन नहीं था। वे उसे इबादत और साधना मानते थे तथा पूरे जीवन सच्चे सुर की खोज में लगे रहे।
15बिस्मिल्ला खाँ का काशी से कैसा संबंध था?
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सही उत्तर:B. वे काशी को अपनी साधना और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते थे।
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ का काशी से अत्यंत गहरा आत्मीय संबंध था। वे गंगा, बाबा विश्वनाथ और बालाजी मंदिर से जुड़े वातावरण को अपने संगीत का आधार मानते थे।
16बिस्मिल्ला खाँ काशी से बाहर रहने पर किस दिशा की ओर मुँह करके बैठते थे?
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सही उत्तर:B. विश्वनाथ और बालाजी मंदिर की दिशा
व्याख्या: काशी से बाहर रहने पर भी बिस्मिल्ला खाँ विश्वनाथ और बालाजी मंदिर की दिशा की ओर मुँह करके बैठते और उस दिशा में शहनाई का प्याला घुमा देते थे।
17बिस्मिल्ला खाँ का काशी के बालाजी मंदिर से क्या संबंध था?
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सही उत्तर:B. वहाँ उनके परिवार की शहनाई वादन की परंपरा थी।
व्याख्या: बालाजी मंदिर की ड्योढ़ी पर उनके परिवार की कई पीढ़ियों ने शहनाई बजाई थी। बिस्मिल्ला खाँ भी वहाँ नियमित रूप से शहनाई बजाते थे।
18मुहर्रम के अवसर पर बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई वादन की परंपरा कैसी थी?
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सही उत्तर:B. वे आठवीं तारीख को खड़े होकर शहनाई बजाते और मातमी धुन बजाते थे।
व्याख्या: मुहर्रम के दौरान उनके परिवार में शहनाई वादन और संगीत कार्यक्रमों में भाग लेने की परंपरा नहीं थी। आठवीं तारीख को वे खड़े होकर शहनाई बजाते हुए नौहा की ओर जाते थे।
19मुहर्रम के आठवें दिन बिस्मिल्ला खाँ कौन-सा राग नहीं बजाते थे?
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सही उत्तर:B. कोई राग नहीं
व्याख्या: मुहर्रम के आठवें दिन बिस्मिल्ला खाँ शहनाई बजाते हुए नौहा पढ़ते थे और उस दिन राग-रागिनियों की अदायगी का निषेध था।
20बिस्मिल्ला खाँ को भारत रत्न कब मिला?
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सही उत्तर:B. 2001
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ को सन् 2001 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया था।
21बिस्मिल्ला खाँ की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
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सही उत्तर:B. उन्होंने लगभग पूरी आयु सच्चे सुर की खोज और संगीत-साधना में लगा दी।
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निरंतर संगीत-साधना थी। उन्होंने लगभग पूरी आयु संगीत को पूर्णता और एकाग्रता से सीखने तथा सच्चे सुर की खोज में लगा दी।
22‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ में किस स्थान की संगीत परंपरा का विशेष उल्लेख मिलता है?
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सही उत्तर:B. काशी
व्याख्या: पाठ में काशी की प्राचीन संगीत परंपरा और वहाँ के सांस्कृतिक वातावरण का विशेष रूप से वर्णन किया गया है।
23बिस्मिल्ला खाँ काशी में किस मंदिर की ड्योढ़ी पर शहनाई बजाते थे?
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सही उत्तर:B. बालाजी मंदिर
व्याख्या: बालाजी मंदिर की ड्योढ़ी पर बिस्मिल्ला खाँ के परिवार की कई पीढ़ियाँ शहनाई बजाती रही थीं और वे भी वहाँ रियाज़ करते थे।
24बिस्मिल्ला खाँ के बचपन में उनकी उम्र लगभग कितनी थी जब वे अपने नाना के घर काशी आए?
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सही उत्तर:B. 5-6 वर्ष
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ ने अपने जीवन के पाँच-छह वर्ष डुमराँव में बिताए और उसके बाद अपने नाना के घर काशी आ गए।
25बिस्मिल्ला खाँ के मामा कौन थे?
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सही उत्तर:A. अलीबख्श और सादिक हुसैन
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ के मामा सादिक हुसैन तथा अलीबख्श देश के जाने-माने शहनाई वादक थे।
26बिस्मिल्ला खाँ के संगीत की प्रारंभिक प्रेरणा किन गायिका बहनों से मिली?
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सही उत्तर:A. रसूलनबाई और बतूलनबाई
व्याख्या: रसूलनबाई और बतूलनबाई के गायन को सुनकर बालक अमीरुद्दीन के भीतर संगीत के प्रति आकर्षण पैदा हुआ और संगीत की प्रेरणा मिली।
27बिस्मिल्ला खाँ किस गायिका की आवाज़ सुनकर विशेष रूप से प्रभावित होते थे?
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सही उत्तर:A. रसूलनबाई
व्याख्या: पाठ में रसूलनबाई के गायन का विशेष उल्लेख है। उनके गीत सुनकर बिस्मिल्ला खाँ को बहुत खुशी मिलती थी।
28बिस्मिल्ला खाँ के बचपन में फिल्मों के प्रति आकर्षण किस रूप में दिखाई देता है?
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सही उत्तर:B. वे फिल्म देखने के लिए अपनी कमाई खर्च करते थे।
व्याख्या: बचपन में बिस्मिल्ला खाँ को फिल्मों का शौक था। वे अपनी शहनाई की कमाई से फिल्म देखने जाते थे।
29बिस्मिल्ला खाँ को फिल्मों के साथ और किस चीज़ का शौक था?
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सही उत्तर:B. कुलसुम की देशी घी वाली कचौड़ी खाने का
व्याख्या: पाठ में कुलसुम की देशी घी वाली कचौड़ी का उल्लेख बिस्मिल्ला खाँ की बचपन की यादों के संदर्भ में हुआ है।
30बिस्मिल्ला खाँ के लिए ‘मुहर्रम’ का क्या महत्व था?
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सही उत्तर:B. यह शोक और धार्मिक श्रद्धा से जुड़ा अवसर था।
व्याख्या: मुहर्रम शिया मुसलमानों के लिए इमाम हुसैन और उनके वंशजों के प्रति शोक मनाने का अवसर है। बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई-साधना में भी इसका विशेष भावनात्मक स्थान था।
31मुहर्रम की आठवीं तारीख को बिस्मिल्ला खाँ क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. खड़े होकर शहनाई बजाते हुए नौहा बजाते थे।
व्याख्या: मुहर्रम की आठवीं तारीख को बिस्मिल्ला खाँ खड़े होकर शहनाई बजाते और डुमराँव की ओर लगभग आठ किलोमीटर पैदल जाते हुए नौहा बजाते थे।
32बिस्मिल्ला खाँ के लिए आठवीं तारीख को कौन-सी बात विशेष थी?
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सही उत्तर:A. उस दिन वे कोई राग नहीं बजाते थे।
व्याख्या: मुहर्रम की आठवीं तारीख को राग-रागिनियों की अदायगी का निषेध था। उस दिन वे नौहा बजाते थे।
33बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई में किसकी तासीर उतरती चली गई थी?
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सही उत्तर:B. अजान की
व्याख्या: पाठ में बताया गया है कि उनकी शहनाई में अजान की तासीर उतरती चली गई और उनकी साधना का स्वर अधिक प्रभावशाली होता गया।
34बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई किस प्रकार के वाद्य से संबंधित है?
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सही उत्तर:B. सुषिर वाद्य
व्याख्या: शहनाई सुषिर वाद्य है। इसे फूँककर बजाया जाता है और इसमें रीड का प्रयोग होता है।
35भारतीय वाद्यों की मुख्य चार श्रेणियों में कौन-सा वाद्य सुषिर वाद्य का उदाहरण है?
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सही उत्तर:B. शहनाई
व्याख्या: शहनाई सुषिर वाद्य है। सुषिर वाद्य वे वाद्य हैं जिन्हें फूँककर बजाया जाता है, जैसे बाँसुरी और शहनाई।
36बिस्मिल्ला खाँ का काशी के प्रति प्रेम किस बात से स्पष्ट होता है?
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सही उत्तर:B. वे काशी को छोड़ने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे।
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ के अनुसार काशी, गंगा, बाबा विश्वनाथ और बालाजी मंदिर से जुड़ी उनकी स्मृतियाँ इतनी गहरी थीं कि वे काशी छोड़ने की कल्पना नहीं कर सकते थे।
37बिस्मिल्ला खाँ के अनुसार काशी से बढ़कर उनके लिए क्या था?
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सही उत्तर:A. कोई स्थान नहीं
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ काशी को अपनी संगीत-साधना और जीवन से इतना जुड़ा हुआ मानते थे कि उनके लिए शहनाई और काशी से बढ़कर कोई दूसरी जगह नहीं थी।
38बिस्मिल्ला खाँ काशी की किन सांस्कृतिक विशेषताओं से विशेष रूप से जुड़े हुए थे?
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सही उत्तर:B. संगीत, धर्म और गंगा-जमुनी संस्कृति से
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ काशी के संगीत, मंदिरों, गंगा और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़े थे। उनका जीवन गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बन गया था।
39बिस्मिल्ला खाँ को काशी में होने वाले किस संगीत आयोजन में अवश्य भाग लेना पड़ता था?
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सही उत्तर:B. संकटमोचन मंदिर का संगीत आयोजन
व्याख्या: संकटमोचन मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर पाँच दिनों तक शास्त्रीय और उपशास्त्रीय गायन-वादन की सभा होती थी, जिसमें बिस्मिल्ला खाँ अवश्य शामिल होते थे।
40बिस्मिल्ला खाँ की श्रद्धा बाबा विश्वनाथ के प्रति कैसी थी?
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सही उत्तर:B. अत्यंत गहरी
व्याख्या: अपने मजहब के प्रति समर्पित होने के बावजूद बिस्मिल्ला खाँ की बाबा विश्वनाथ के प्रति भी अपार श्रद्धा थी। यह उनकी व्यापक सांस्कृतिक दृष्टि को दर्शाता है।
41‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ में बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की सबसे प्रमुख विशेषता क्या उभरकर सामने आती है?
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सही उत्तर:B. संगीत के प्रति पूर्ण समर्पण और सांप्रदायिक सौहार्द
व्याख्या: बिस्मिल्ला खाँ ने लगभग पूरी आयु संगीत की साधना में लगा दी। उनका जीवन काशी की गंगा-जमुनी संस्कृति और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का सशक्त उदाहरण भी है।