क्या आप JAC Class 10 Hindi के “संस्कृति” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “संस्कृति” पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
“संस्कृति” के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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1‘संस्कृति’ निबंध के लेखक कौन हैं?
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सही उत्तर:C. भदंत आनंद कौसल्यायन
व्याख्या: ‘संस्कृति’ निबंध के लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन हैं। उन्होंने इस निबंध में सभ्यता और संस्कृति के अंतर को उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया है।
2भदंत आनंद कौसल्यायन का जन्म किस वर्ष हुआ था?
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सही उत्तर:B. 1905
व्याख्या: भदंत आनंद कौसल्यायन का जन्म सन 1905 में हुआ था। उनका बचपन का नाम हरनाम दास था।
3भदंत आनंद कौसल्यायन का बचपन का नाम क्या था?
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सही उत्तर:A. हरनाम दास
व्याख्या: लेखक का बचपन का नाम हरनाम दास था। बाद में वे भदंत आनंद कौसल्यायन के नाम से प्रसिद्ध हुए।
4भदंत आनंद कौसल्यायन ने बी.ए. की शिक्षा कहाँ से प्राप्त की?
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सही उत्तर:B. लाहौर के नेशनल कॉलेज
व्याख्या: भदंत आनंद कौसल्यायन ने लाहौर के नेशनल कॉलेज से बी.ए. किया था।
5भदंत आनंद कौसल्यायन किस धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके थे?
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सही उत्तर:C. बौद्ध धर्म
व्याख्या: भदंत आनंद कौसल्यायन बौद्ध भिक्षु थे और उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित किया था।
6भदंत आनंद कौसल्यायन गांधीजी के साथ लंबे समय तक कहाँ रहे?
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सही उत्तर:B. वर्धा
व्याख्या: भदंत आनंद कौसल्यायन गांधीजी से विशेष रूप से प्रभावित थे और उनके साथ लंबे समय तक वर्धा में रहे थे।
7भदंत आनंद कौसल्यायन का निधन किस वर्ष हुआ?
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सही उत्तर:C. 1988
व्याख्या: भदंत आनंद कौसल्यायन का निधन सन 1988 में हुआ था।
8भदंत आनंद कौसल्यायन की कितनी से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं?
✓
सही उत्तर:C. 20
व्याख्या: लेखक की 20 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। इनमें ‘भिक्षु के पत्र’, ‘जो भूल न सका’, ‘आह! ऐसी दरिद्रता’ और ‘बहानेबाजी’ आदि प्रमुख हैं।
9‘संस्कृति’ निबंध मुख्य रूप से किन दो अवधारणाओं के अंतर को स्पष्ट करता है?
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सही उत्तर:B. सभ्यता और संस्कृति
व्याख्या: निबंध का मुख्य विषय सभ्यता और संस्कृति का अंतर है। लेखक अनेक उदाहरणों के माध्यम से दोनों के वास्तविक अर्थ को स्पष्ट करता है।
10लेखक सभ्यता को संस्कृति का क्या मानता है?
✓
सही उत्तर:C. परिणाम
व्याख्या: लेखक के अनुसार सभ्यता संस्कृति का परिणाम है। मनुष्य की योग्यता, प्रवृत्ति और प्रेरणा संस्कृति से संबंधित हैं, जबकि उनसे उत्पन्न वस्तुएँ और साधन सभ्यता का हिस्सा हैं।
11लेखक के अनुसार संस्कृति कैसी वस्तु है?
✓
सही उत्तर:C. अविभाज्य
व्याख्या: लेखक स्पष्ट करता है कि मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है। उसे अलग-अलग संकीर्ण हिस्सों में बाँटना उचित नहीं है।
12लेखक के अनुसार संस्कृति का संबंध किससे है?
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सही उत्तर:B. मनुष्य की योग्यता, प्रवृत्ति और प्रेरणा से
व्याख्या: लेखक के अनुसार जिस योग्यता, प्रवृत्ति या प्रेरणा के बल पर मनुष्य किसी खोज या आविष्कार को करता है, वह उसकी संस्कृति है।
13आग के उदाहरण में संस्कृति किसे कहा गया है?
✓
सही उत्तर:C. आग का आविष्कार करने की शक्ति
व्याख्या: लेखक आग के उदाहरण से समझाता है कि आग का आविष्कार करने की शक्ति व्यक्ति की संस्कृति है, जबकि आग का वास्तविक आविष्कार सभ्यता का उदाहरण है।
14सुई-धागे के उदाहरण में संस्कृति किसे कहा गया है?
✓
सही उत्तर:C. सुई-धागे का आविष्कार करने की योग्यता
व्याख्या: सुई-धागे के उदाहरण में लेखक व्यक्ति की उस योग्यता को संस्कृति मानता है जिसके बल पर सुई-धागे का आविष्कार हुआ।
15लेखक के अनुसार न्यूटन को संस्कृत मानव क्यों कहा जा सकता है?
✓
सही उत्तर:B. क्योंकि उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया।
व्याख्या: न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज की। लेखक के अनुसार किसी नए तथ्य का दर्शन करने वाली बुद्धि और विवेक रखने वाला व्यक्ति संस्कृत मानव होता है।
16न्यूटन के बारे में लेखक का मुख्य तर्क क्या है?
✓
सही उत्तर:B. न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत खोजा, इसलिए वे संस्कृत मानव थे।
व्याख्या: लेखक न्यूटन को संस्कृत मानव इसलिए मानता है क्योंकि उनकी बुद्धि और विवेक ने एक नए तथ्य का दर्शन किया और उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज की।
17लेखक के अनुसार किसी खोज की प्रेरणा का एक प्रमुख स्रोत क्या हो सकता है?
✓
सही उत्तर:C. भौतिक आवश्यकताएँ
व्याख्या: लेखक आग और सुई-धागे के उदाहरणों के माध्यम से बताता है कि मनुष्य की अनेक खोजों के पीछे उसकी भौतिक आवश्यकताएँ प्रेरणा का काम करती हैं।
18लेखक के अनुसार पेट भरने और तन ढकने की इच्छा क्या नहीं है?
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सही उत्तर:B. मानव संस्कृति की जननी
व्याख्या: लेखक कहता है कि पेट भरने और तन ढकने की इच्छा मानव संस्कृति की जननी नहीं है। संस्कृति केवल भौतिक आवश्यकताओं से उत्पन्न नहीं होती।
19तारों को देखकर सो न सकने वाला मनुष्य किसका प्रतीक है?
✓
सही उत्तर:B. जिज्ञासु और विचारशील मनुष्य
व्याख्या: तारों को देखकर उनके रहस्य को जानने की इच्छा रखने वाला मनुष्य ज्ञान-पिपासा और चिंतन का प्रतीक है। यह संस्कृति के उच्चतर रूप को दर्शाता है।
20लेखक के अनुसार ज्ञान-पिपासा किस प्रकार की प्रेरणा है?
✓
सही उत्तर:B. सांस्कृतिक
व्याख्या: लेखक भौतिक आवश्यकताओं से अलग ज्ञान-पिपासा को मानव संस्कृति की महत्वपूर्ण प्रेरणा मानता है।
21रूस का भाग्यविधाता लेनिन किस कार्य के लिए प्रसिद्ध उदाहरण के रूप में आए हैं?
✓
सही उत्तर:A. स्वयं भूखे रहकर दूसरों को खिलाने के लिए
व्याख्या: लेखक बताता है कि लेनिन अपनी मेज पर रखे डबल रोटी के सूखे टुकड़े स्वयं न खाकर दूसरों को खिला दिया करते थे। यह त्याग और मानव-कल्याण की भावना का उदाहरण है।
22कार्ल मार्क्स ने अपना जीवन किस उद्देश्य से दुख में बिताया?
✓
सही उत्तर:B. संसार के मजदूरों को सुखी देखने के स्वप्न के कारण
व्याख्या: लेखक के अनुसार कार्ल मार्क्स ने संसार के मजदूरों को सुखी देखने का स्वप्न देखते हुए अपना जीवन दुख में बिताया। यह मानव-कल्याण की भावना को दर्शाता है।
23सिद्धार्थ ने अपना घर क्यों त्याग दिया था?
✓
सही उत्तर:C. मानवता को सुखी बनाने के लिए
व्याख्या: सिद्धार्थ ने मानवता को दुख और तृष्णा से मुक्त कर सुखी बनाने की इच्छा से अपना घर त्याग दिया था। उनका त्याग मानव-कल्याण की भावना से प्रेरित था।
24लेखक के अनुसार मानव संस्कृति किन-किन प्रकार की योग्यताओं से बनती है?
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सही उत्तर:B. आग, सुई-धागे, तारों के ज्ञान और महापुरुषों के त्याग जैसी विविध योग्यताओं से
व्याख्या: लेखक मानव संस्कृति को व्यापक मानता है। आविष्कार करने की योग्यता, ज्ञान की जिज्ञासा और मानव-कल्याण के लिए त्याग करने की क्षमता सभी संस्कृति के अलग-अलग रूप हैं।
25सभ्यता का संबंध मुख्यतः किससे है?
✓
सही उत्तर:B. संस्कृति से उत्पन्न साधनों और जीवन-पद्धति से
व्याख्या: मनुष्य की संस्कृति उसकी योग्यता और प्रेरणा में दिखाई देती है, जबकि उन योग्यताओं से उत्पन्न साधन, पहनावे, खाने-पीने के तरीके और आवागमन के साधन सभ्यता का हिस्सा हैं।
26लेखक के अनुसार आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार करने वाली योग्यता को क्या कहा जाना चाहिए?
✓
सही उत्तर:C. असंस्कृति
व्याख्या: यदि मनुष्य की योग्यता उसे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, तो उसे संस्कृति कहना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में वह असंस्कृति का रूप ले लेती है।
27लेखक के अनुसार संस्कृति का श्रेष्ठ और स्थायी हिस्सा कौन-सा है?
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सही उत्तर:B. जिसमें कल्याण का अंश अधिक हो
व्याख्या: लेखक के अनुसार मानव संस्कृति में जितना अंश कल्याण का है, वह अकल्याणकारी अंश की अपेक्षा श्रेष्ठ और स्थायी है।
28‘मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है’ कथन का आशय क्या है?
✓
सही उत्तर:C. मानव संस्कृति को अलग-अलग संकीर्ण खाँचों में बाँटना उचित नहीं है।
व्याख्या: लेखक संस्कृति को अविभाज्य मानता है। मानव संस्कृति को अलग-अलग संकीर्ण गुटों में बाँटना उचित नहीं है।
29लेखक के अनुसार एक संस्कृत व्यक्ति की पहचान क्या है?
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सही उत्तर:B. वह किसी नई चीज़ की खोज करता है।
व्याख्या: लेखक के अनुसार जो व्यक्ति अपनी बुद्धि और विवेक से किसी नए तथ्य का दर्शन करता है, वही वास्तविक अर्थों में संस्कृत व्यक्ति है। केवल पूर्वजों से प्राप्त ज्ञान या वस्तु का उपयोग कर लेना पर्याप्त नहीं है।
30किसी संस्कृत व्यक्ति की संतान को पूर्वज से प्राप्त वस्तु के आधार पर संस्कृत क्यों नहीं कहा जा सकता?
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सही उत्तर:B. क्योंकि उसने स्वयं उस नई वस्तु या तथ्य की खोज नहीं की।
व्याख्या: लेखक के अनुसार संस्कृत व्यक्ति अपनी बुद्धि और विवेक से किसी नए तथ्य का दर्शन करता है। उसकी संतान को वही वस्तु सहज रूप से मिल जाती है, इसलिए केवल उसे प्राप्त कर लेने से वह संस्कृत नहीं कहलाती।
31न्यूटन को संस्कृत मानव मानने का मुख्य आधार क्या है?
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सही उत्तर:B. उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया।
व्याख्या: न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया था। उनकी बुद्धि और विवेक ने एक नए तथ्य का दर्शन किया, इसलिए लेखक उन्हें संस्कृत मानव मानता है।
32आज का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन से अधिक बातें जानता हो, फिर भी उसे न्यूटन जितना संस्कृत क्यों नहीं कहा जा सकता?
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सही उत्तर:B. क्योंकि वह न्यूटन द्वारा खोजे गए तथ्य को स्वयं खोजने वाला नहीं है।
व्याख्या: वर्तमान समय का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत सहित अनेक बातों को जान सकता है, लेकिन उसने वह नया तथ्य स्वयं खोजा नहीं है। इसलिए ज्ञान की मात्रा अधिक होने पर भी वह न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहा जा सकता।
33आग के आविष्कार के पीछे कौन-सी प्रेरणा एक कारण रही होगी?
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सही उत्तर:B. पेट की ज्वाला
व्याख्या: लेखक के अनुसार आग के आविष्कार में संभवतः पेट की ज्वाला अर्थात भोजन पकाने और अपनी भौतिक आवश्यकता पूरी करने की प्रेरणा प्रमुख कारण रही होगी।
34सुई-धागे के आविष्कार में किस प्रवृत्ति का विशेष हाथ रहा होगा?
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सही उत्तर:A. शीतोष्ण से बचने और शरीर को सजाने की प्रवृत्ति
व्याख्या: लेखक मानता है कि सुई-धागे के आविष्कार में शीतोष्ण से बचने तथा शरीर को सजाने की प्रवृत्ति का विशेष योगदान रहा होगा।
35लेखक के अनुसार पेट भरने और तन ढकने की इच्छा क्या है?
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सही उत्तर:C. मानव संस्कृति की जननी नहीं
व्याख्या: लेखक स्पष्ट करता है कि पेट भरने और तन ढकने की इच्छा मानव संस्कृति की जननी नहीं है। संस्कृति के पीछे भौतिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त ज्ञान-पिपासा और मानव-कल्याण जैसी प्रेरणाएँ भी होती हैं।
36तारों को देखकर जिस मनुष्य को नींद नहीं आती, उसके मन में कौन-सी भावना काम कर रही है?
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सही उत्तर:B. ज्ञान-पिपासा
व्याख्या: जब मनुष्य खुले आकाश में चमकते तारों को देखकर यह जानना चाहता है कि यह मोतियों से भरा थाल आखिर क्या है, तो उसकी जिज्ञासा ज्ञान-पिपासा का रूप ले लेती है।
37लेखक के अनुसार ज्ञान-पिपासा मनुष्य को किस ओर प्रेरित करती है?
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सही उत्तर:B. नए तथ्यों की खोज की ओर
व्याख्या: ज्ञान-पिपासा मनुष्य को अज्ञात तथ्यों को जानने और उनकी खोज करने के लिए प्रेरित करती है। लेखक इसे मानव संस्कृति की महत्वपूर्ण प्रेरणाओं में शामिल करता है।
38लेखक ने मानव संस्कृति की प्रेरणाओं के रूप में किन दो बातों का उल्लेख किया है?
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सही उत्तर:B. भौतिक प्रेरणा और ज्ञान-पिपासा
व्याख्या: लेखक आग और सुई-धागे के उदाहरणों में भौतिक प्रेरणा तथा तारों के रहस्य को जानने की इच्छा में ज्ञान-पिपासा को संस्कृति की प्रेरणाओं के रूप में प्रस्तुत करता है।
39लेखक के अनुसार क्या भौतिक प्रेरणा और ज्ञान-पिपासा ही मानव संस्कृति के माता-पिता हैं?
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सही उत्तर:B. नहीं, मानव संस्कृति के अन्य प्रेरक तत्व भी हो सकते हैं।
व्याख्या: लेखक प्रश्न उठाता है कि क्या भौतिक प्रेरणा और ज्ञान-पिपासा ही मानव संस्कृति के माता-पिता हैं। इसके बाद वह ऐसे उदाहरण देता है जो बताते हैं कि मानव-कल्याण और त्याग की भावना भी संस्कृति की महत्वपूर्ण प्रेरणा है।
40दूसरे के मुँह में कौर डालने के लिए अपना कौर छोड़ देने की प्रेरणा किस भावना से जुड़ी है?
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सही उत्तर:B. परोपकार
व्याख्या: अपने हिस्से का भोजन छोड़कर दूसरे को खिलाने की भावना त्याग और परोपकार से संबंधित है। लेखक इसे मानव संस्कृति की ऊँची प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करता है।
41बीमार बच्चे को सारी रात गोद में लेकर बैठी माँ का व्यवहार किस भावना को दर्शाता है?
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सही उत्तर:B. मातृ-स्नेह और त्याग
व्याख्या: बीमार बच्चे के लिए माँ का सारी रात गोद में बैठे रहना उसके मातृ-स्नेह, ममता और त्याग की भावना को दर्शाता है। ऐसी भावना केवल भौतिक आवश्यकता से उत्पन्न नहीं होती।
42लेनिन सूखी डबल रोटी के टुकड़े स्वयं न खाकर दूसरों को क्यों खिला देते थे?
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सही उत्तर:B. वे दूसरों के सुख के प्रति संवेदनशील थे।
व्याख्या: लेखक बताता है कि लेनिन अपनी मेज पर रखे सूखी डबल रोटी के टुकड़े स्वयं न खाकर दूसरों को खिला देते थे। यह दूसरों के सुख के लिए त्याग करने की भावना का उदाहरण है।
43कार्ल मार्क्स ने अपना जीवन किस स्वप्न के कारण दुख में बिताया?
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सही उत्तर:B. संसार के मजदूरों को सुखी देखने के स्वप्न के कारण
व्याख्या: लेखक के अनुसार कार्ल मार्क्स ने संसार के मजदूरों को सुखी देखने का स्वप्न देखा और इसी मानव-कल्याण की भावना के कारण अपना सारा जीवन दुख में बिता दिया।
44सिद्धार्थ ने अपना घर लगभग कितने वर्ष पहले त्यागा था?
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सही उत्तर:C. 2500 वर्ष
व्याख्या: पाठ में लेखक कहता है कि आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व सिद्धार्थ ने अपना घर त्याग दिया था। उनका उद्देश्य तृष्णा से पीड़ित मानवता को सुखी बनाने का मार्ग खोजना था।
45सिद्धार्थ ने अपना घर क्यों त्याग दिया?
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सही उत्तर:C. संघर्षरत मानवता को सुखी बनाने के लिए
व्याख्या: सिद्धार्थ ने अपना घर इसलिए त्यागा कि किसी तरह तृष्णा से पीड़ित और संघर्ष करती मानवता सुख से रह सके। उनका त्याग मानव-कल्याण की उच्च भावना से प्रेरित था।
46लेखक के अनुसार तारों की जानकारी प्राप्त करने वाली योग्यता भी क्या है?
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सही उत्तर:B. संस्कृति
व्याख्या: लेखक के अनुसार जिस योग्यता के कारण मनुष्य तारों के बारे में ज्ञान प्राप्त करता है, वह भी संस्कृति है। ज्ञान की खोज मानव संस्कृति का महत्वपूर्ण पक्ष है।
47लेखक के अनुसार किसी महामानव से सर्वस्व त्याग कराने वाली योग्यता क्या है?
✓
सही उत्तर:A. संस्कृति
व्याख्या: जो योग्यता किसी महामानव को मानव-कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग करने की प्रेरणा देती है, लेखक उसे भी संस्कृति मानता है।
48लेखक के अनुसार सभ्यता क्या है?
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सही उत्तर:B. संस्कृति का परिणाम
व्याख्या: लेखक स्पष्ट करता है कि सभ्यता संस्कृति का परिणाम है। मनुष्य की संस्कृति से उत्पन्न उसके खाने-पीने, पहनने-ओढ़ने, आवागमन और पारस्परिक व्यवहार के तरीके सभ्यता का हिस्सा हैं।
49खाने-पीने के तरीके लेखक के अनुसार किसके अंतर्गत आते हैं?
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सही उत्तर:B. सभ्यता
व्याख्या: लेखक के अनुसार हमारे खाने-पीने के तरीके, ओढ़ने-पहनने के तरीके, आवागमन के साधन और पारस्परिक व्यवहार के तरीके हमारी सभ्यता हैं।
50ओढ़ने-पहनने के तरीके किसका हिस्सा हैं?
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सही उत्तर:A. सभ्यता
व्याख्या: मनुष्य की संस्कृति से उत्पन्न जीवन-पद्धति में ओढ़ने-पहनने के तरीके भी शामिल हैं। लेखक इन्हें सभ्यता का हिस्सा मानता है।
51आवागमन के साधन किसके अंतर्गत आते हैं?
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सही उत्तर:B. सभ्यता
व्याख्या: लेखक के अनुसार मनुष्य के आवागमन के साधन उसकी सभ्यता का हिस्सा हैं। ये मनुष्य की संस्कृति से उत्पन्न भौतिक साधनों का उदाहरण हैं।
52यदि मानव की योग्यता आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराए तो लेखक उसे क्या मानता है?
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सही उत्तर:B. असंस्कृति
व्याख्या: लेखक प्रश्न उठाता है कि आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराने वाली योग्यता को संस्कृति कहा जाए या असंस्कृति। वह स्पष्ट करता है कि कल्याण की भावना से संबंध टूटने पर ऐसी संस्कृति असंस्कृति बन जाती है।
53आत्म-विनाश के साधनों के बल पर दिन-रात आत्म-विनाश में जुटे साधनों को लेखक किस रूप में देखता है?
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सही उत्तर:B. असभ्यता
व्याख्या: लेखक के अनुसार यदि साधनों का उपयोग आत्म-विनाश के लिए किया जा रहा है और वे कल्याण की भावना से कट चुके हैं, तो उन्हें सभ्यता नहीं बल्कि असभ्यता कहना उचित होगा।
54संस्कृति का कल्याण की भावना से संबंध टूट जाने पर उसका परिणाम क्या होता है?
✓
सही उत्तर:B. वह असंस्कृति बन जाती है।
व्याख्या: लेखक के अनुसार संस्कृति की वास्तविक श्रेष्ठता उसके कल्याणकारी पक्ष में है। जब उसका संबंध कल्याण की भावना से टूट जाता है, तब वह असंस्कृति का रूप ले लेती है।
55लेखक के अनुसार संस्कृति के नाम पर पुराने रीति-रिवाजों और वस्तुओं का ढेर क्या नहीं है?
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सही उत्तर:A. संस्कृति
व्याख्या: लेखक स्पष्ट करता है कि संस्कृति के नाम पर पुराने रीति-रिवाजों और वस्तुओं का ढेर संस्कृति नहीं है। बदलते संसार में किसी वस्तु को केवल पुराना होने के कारण पकड़कर बैठना उचित नहीं।
56लेखक के अनुसार मानव ने जब प्रज्ञा और मैत्री भाव से किसी नए तथ्य का दर्शन किया, तब उसने क्या देखा?
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सही उत्तर:C. ऐसा तथ्य जिसे मानव संस्कृति की साझा उपलब्धि माना जा सकता है।
व्याख्या: लेखक के अनुसार प्रज्ञा और मैत्री भाव से प्राप्त नए तथ्य किसी संकीर्ण समूह की निजी संपत्ति नहीं होते। वे मानव संस्कृति की साझा उपलब्धि होते हैं।
57लेखक मानव संस्कृति को कैसी वस्तु मानता है?
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सही उत्तर:B. अविभाज्य
व्याख्या: लेखक का निष्कर्ष है कि मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है। उसे अलग-अलग संकीर्ण समूहों या दलों में बाँटकर सुरक्षित रखने का प्रयास उचित नहीं है।
58मानव संस्कृति का कौन-सा अंश श्रेष्ठ और स्थायी माना गया है?
✓
सही उत्तर:C. कल्याणकारी अंश
व्याख्या: लेखक के अनुसार मानव संस्कृति में जितना अंश कल्याण का है, वह अकल्याणकारी अंश की अपेक्षा श्रेष्ठ ही नहीं बल्कि स्थायी भी है।