क्या आप JAC Class 10 Hindi के “मैं क्यों लिखता हूँ?” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “मैं क्यों लिखता हूँ?” पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
“मैं क्यों लिखता हूँ?” के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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1‘मैं क्यों लिखता हूँ?’ पाठ के लेखक कौन हैं?
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सही उत्तर:A. अज्ञेय
व्याख्या: ‘मैं क्यों लिखता हूँ?’ पाठ के लेखक अज्ञेय हैं। इस पाठ में उन्होंने लेखक के लेखन के पीछे की आंतरिक विवशता, अनुभूति और बाहरी दबावों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए हैं।
2लेखक के अनुसार ‘मैं क्यों लिखता हूँ?’ प्रश्न का सच्चा उत्तर किससे संबंधित है?
✓
सही उत्तर:B. लेखक के आंतरिक जीवन के स्तरों से
व्याख्या: लेखक के अनुसार इस प्रश्न का सच्चा उत्तर लेखक के आंतरिक जीवन के स्तरों से संबंधित होता है। लेखक स्वयं भी लिखकर अपनी आंतरिक विवशता को पहचानता और उससे मुक्त होता है।
3लेखक के अनुसार वह क्यों लिखता है?
✓
सही उत्तर:C. स्वयं जानने के लिए कि वह क्यों लिखता है
व्याख्या: लेखक कहता है कि वह इसलिए लिखता है कि स्वयं जानना चाहता है कि क्यों लिखता है। उसके अनुसार लिखे बिना इस प्रश्न का उत्तर नहीं मिल सकता।
4लेखक लिखकर किससे मुक्त होने का प्रयास करता है?
✓
सही उत्तर:B. आंतरिक विवशता से
व्याख्या: लेखक के अनुसार लिखकर ही लेखक उस आंतरिक विवशता को पहचानता है जिसके कारण उसने लिखा और लिखकर ही उससे मुक्त हो जाता है।
5लेखक के अनुसार सभी कृतिकार क्यों लिखते हैं?
✓
सही उत्तर:D. सभी किसी-न-किसी आंतरिक विवशता के कारण
व्याख्या: लेखक का विश्वास है कि सभी कृतिकार किसी न किसी आंतरिक विवशता के कारण लिखते हैं। हालाँकि सभी लेखक कृतिकार नहीं होते और उनका सारा लेखन कृति नहीं बनता।
6लेखक के अनुसार कुछ लेखन बाहरी विवशता के कारण भी किया जाता है। इसका एक कारण क्या हो सकता है?
✓
सही उत्तर:A. संपादकों का आग्रह
व्याख्या: लेखक बताता है कि प्रसिद्धि मिलने के बाद कुछ लेखन बाहरी विवशता से भी किया जाता है, जैसे संपादकों के आग्रह, प्रकाशकों के तकाजे या आर्थिक आवश्यकता के कारण।
7लेखक के अनुसार बाहरी दबाव कब आंतरिक उन्मेष का निमित्त बन जाता है?
✓
सही उत्तर:C. जब वह दबाव वास्तव में दबाव न रहकर भीतर की प्रेरणा को जगाने का माध्यम बन जाए
व्याख्या: लेखक के अनुसार कभी-कभी बाहरी दबाव वास्तव में दबाव नहीं रहता, बल्कि वह भीतर के उन्मेष का निमित्त बन जाता है। तब बाहरी कारण भी रचना की आंतरिक प्रेरणा का माध्यम बन जाता है।
8लेखक के अनुसार कृतिकार के स्वभाव में किसका विशेष महत्व होता है?
✓
सही उत्तर:B. अनुशासन और आत्मानुशासन का
व्याख्या: लेखक के अनुसार कृतिकार के स्वभाव और आत्मानुशासन का बहुत महत्व है। लेखन में बाहरी दबाव से अधिक लेखक की आंतरिक प्रेरणा और अनुशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
9लेखक ने बाहरी दबाव के उदाहरण के लिए किस उपकरण का उल्लेख किया है?
✓
सही उत्तर:A. घड़ी के अलार्म का
व्याख्या: लेखक अपने लेखन की स्थिति समझाने के लिए सुबह उठने के उदाहरण में अलार्म घड़ी का उल्लेख करता है। वह बताता है कि वह स्वयं उठ जाता है, लेकिन अलार्म भी बज जाए तो उसे कोई हानि नहीं मानता।
10लेखक अपने को किस विषय का विद्यार्थी बता चुका है?
✓
सही उत्तर:C. विज्ञान
व्याख्या: लेखक बताता है कि वह विज्ञान का विद्यार्थी रहा है और उसकी नियमित शिक्षा भी विज्ञान विषय में हुई थी।
11लेखक ने रेडियम-धर्मी तत्वों के प्रभाव के बारे में क्या जाना था?
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सही उत्तर:B. केवल पुस्तकीय या सैद्धांतिक ज्ञान
व्याख्या: लेखक को परमाणु, रेडियम-धर्मी तत्वों और उनके प्रभावों के बारे में पुस्तकीय तथा सैद्धांतिक ज्ञान था। हिरोशिमा की घटना के बाद उसे इस ज्ञान का ऐतिहासिक प्रमाण भी मिला।
12लेखक को हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने का समाचार कहाँ से मिला?
✓
सही उत्तर:B. समाचार-पत्रों से
व्याख्या: लेखक ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने का समाचार पढ़ा और उसके बाद उसके प्रभावों का विवरण भी पढ़ता रहा। इस प्रकार वैज्ञानिक ज्ञान के साथ उसका ऐतिहासिक प्रमाण भी सामने आया।
13हिरोशिमा की घटना के प्रति लेखक की बुद्धि का विद्रोह किसके विरुद्ध था?
✓
सही उत्तर:B. विज्ञान के दुरुपयोग के विरुद्ध
व्याख्या: लेखक का बुद्धि से विद्रोह विज्ञान के दुरुपयोग के विरुद्ध था। वह परमाणु बम द्वारा हुए विनाश को विज्ञान के भयानक दुरुपयोग के रूप में देखता है।
14लेखक ने युद्धकाल में भारत की पूर्वी सीमा पर क्या देखा था?
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सही उत्तर:A. सैनिकों को ब्रह्मपुत्र में बम फेंकते
व्याख्या: लेखक ने युद्धकाल में भारत की पूर्वी सीमा पर देखा था कि सैनिक ब्रह्मपुत्र में बम फेंककर हजारों मछलियाँ मार देते थे, जबकि उनकी आवश्यकता बहुत कम होती थी। इस अनुभव ने जीवों के अनावश्यक विनाश की पीड़ा उसके भीतर पैदा की।
15लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति में क्या अंतर है?
✓
सही उत्तर:C. अनुभव घटना का होता है, जबकि अनुभूति संवेदना और कल्पना के माध्यम से सत्य को आत्मसात करती है।
व्याख्या: लेखक के अनुसार अनुभव घटना का होता है, लेकिन अनुभूति उससे कहीं गहरी चीज है। संवेदना और कल्पना के सहारे मनुष्य उस सत्य को आत्मसात करता है जो उसके साथ प्रत्यक्ष रूप से घटित नहीं हुआ।
16लेखक के अनुसार अनुभूति किसकी सहायता से सत्य को आत्मसात करती है?
✓
सही उत्तर:B. संवेदना और कल्पना
व्याख्या: लेखक स्पष्ट करता है कि अनुभूति संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को आत्मसात कर लेती है जो वास्तव में लेखक के साथ प्रत्यक्ष रूप से घटित नहीं हुआ है।
17लेखक हिरोशिमा में किस स्थान पर गया था?
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सही उत्तर:C. अस्पताल
व्याख्या: जापान जाने पर लेखक हिरोशिमा भी गया और उस अस्पताल को देखा जहाँ रेडियम-पदार्थ से आहत लोग वर्षों से कष्ट झेल रहे थे। इस प्रत्यक्ष अनुभव ने उसकी संवेदना को और गहरा किया।
18हिरोशिमा में लेखक ने सड़क पर क्या देखा?
✓
सही उत्तर:A. जला हुआ पत्थर और उसकी लंबी उजली छाया
व्याख्या: हिरोशिमा की सड़क पर लेखक ने एक जले हुए पत्थर पर लंबी उजली छाया देखी। उसे लगा कि विस्फोट के समय वहाँ कोई व्यक्ति खड़ा रहा होगा और परमाणु-विकिरण ने उसकी छाया पत्थर पर अंकित कर दी।
19हिरोशिमा की सड़क पर पत्थर पर अंकित छाया लेखक के लिए किसका प्रतीक बनी?
✓
सही उत्तर:B. पूरी त्रासदी का
व्याख्या: जले हुए पत्थर पर अंकित छाया लेखक के सामने पूरी त्रासदी को जीवंत कर देती है। उसे ऐसा लगा मानो पूरी त्रासदी उस पत्थर पर लिखी गई हो।
20हिरोशिमा में देखी गई छाया ने लेखक पर क्या प्रभाव डाला?
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सही उत्तर:A. उसके भीतर की व्याकुलता संवेदना के क्षेत्र में चली गई।
व्याख्या: उस छाया को देखकर लेखक के भीतर की व्याकुलता बुद्धि के क्षेत्र से आगे बढ़कर संवेदना के क्षेत्र में आ गई। धीरे-धीरे वह उस अनुभूति से स्वयं को अलग कर सका और उसके बाद हिरोशिमा पर कविता लिखी।
21लेखक ने हिरोशिमा पर कविता कहाँ लिखी?
✓
सही उत्तर:C. भारत लौटते समय रेलगाड़ी में
व्याख्या: लेखक ने हिरोशिमा पर कविता जापान में नहीं, बल्कि भारत लौटकर रेलगाड़ी में बैठे-बैठे लिखी। उसके भीतर की अनुभूति धीरे-धीरे कविता के रूप में व्यक्त हुई।
22लेखक के अनुसार कविता अच्छी है या बुरी, इससे उसे क्या मतलब है?
✓
सही उत्तर:B. कोई मतलब नहीं है।
व्याख्या: लेखक स्पष्ट कहता है कि कविता अच्छी है या बुरी, इससे उसे मतलब नहीं है। उसके लिए महत्वपूर्ण यह है कि कविता उसकी अनुभूति से उत्पन्न हुई है और उसके निकट सत्य है।
23‘मैं क्यों लिखता हूँ?’ पाठ में लेखन का सबसे महत्वपूर्ण प्रेरक तत्व क्या है?
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सही उत्तर:C. आंतरिक विवशता और अनुभूति
व्याख्या: पाठ का केंद्रीय विचार यह है कि सच्चा लेखन लेखक की आंतरिक विवशता और गहरी अनुभूति से जन्म लेता है। बाहरी दबाव भी कभी-कभी इस आंतरिक प्रेरणा को जागृत करने का माध्यम बन सकता है।
24हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के किन दोनों दबावों का परिणाम थी?
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सही उत्तर:B. आंतरिक और बाहरी दबाव
व्याख्या: हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक की आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार की स्थितियों का परिणाम थी। बाहरी अनुभव ने उसकी संवेदना को जगाया और आंतरिक अनुभूति ने उसे कविता के रूप में व्यक्त होने के लिए प्रेरित किया।
25लेखक के अनुसार कुछ लेखक बाहरी विवशता के कारण क्यों लिखते हैं?
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सही उत्तर:B. संपादकों के आग्रह, प्रकाशकों के तकाजे और आर्थिक आवश्यकता के कारण
व्याख्या: लेखक के अनुसार कुछ लेखन बाहरी दबाव के कारण भी होता है। इसके उदाहरण संपादकों के आग्रह, प्रकाशकों के तकाजे और आर्थिक आवश्यकता हैं।
26लेखक बाहरी दबाव और आंतरिक प्रेरणा के बीच क्या संबंध मानता है?
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सही उत्तर:B. बाहरी दबाव कभी-कभी आंतरिक उन्मेष का निमित्त बन सकता है।
व्याख्या: लेखक मानता है कि बाहरी दबाव हमेशा दबाव नहीं रहता। कभी-कभी वह भीतर के उन्मेष या रचनात्मक प्रेरणा का निमित्त बन जाता है।
27लेखक के अनुसार कृतिकार अपने लेखन में किस भेद को ईमानदारी से बनाए रखता है?
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सही उत्तर:C. भीतरी प्रेरणा और बाहरी दबाव से उत्पन्न लेखन का
व्याख्या: लेखक के अनुसार कृतिकार ईमानदारी से यह भेद बनाए रखता है कि कौन-सी कृति भीतर की प्रेरणा का फल है और कौन-सा लेखन बाहरी दबाव के कारण हुआ है।
28लेखक ने सुबह उठने की तुलना किस स्थिति से की है?
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सही उत्तर:B. अलार्म बजने तक बिस्तर पर पड़े रहने से
व्याख्या: लेखक अपनी उठने की आदत का उदाहरण देते हुए कहता है कि वह स्वयं सुबह उठ जाता है, लेकिन अलार्म भी बज जाए तो उसे कोई हानि नहीं मानता।
29लेखक के अनुसार बाहरी दबाव का उपयोग किस रूप में किया जा सकता है?
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सही उत्तर:B. सहायक यंत्र के रूप में
व्याख्या: लेखक बाहरी दबाव को केवल एक सहायक यंत्र की तरह काम में लाने की बात करता है, जिससे कृतिकार का भौतिक यथार्थ से संबंध बना रहे।
30लेखक ने विज्ञान के किस पक्ष के प्रति बुद्धि का विद्रोह स्वाभाविक माना?
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सही उत्तर:B. विज्ञान के दुरुपयोग के प्रति
व्याख्या: हिरोशिमा की घटना के संदर्भ में लेखक का बुद्धि से विद्रोह विज्ञान के दुरुपयोग के प्रति था। परमाणु बम द्वारा हुए विनाश ने इस भावना को और तीव्र किया।
31लेखक के अनुसार हिरोशिमा की घटना का प्रभाव केवल बौद्धिक स्तर तक क्यों सीमित नहीं रहा?
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सही उत्तर:B. क्योंकि प्रत्यक्ष अनुभव और संवेदना ने उसे अधिक गहराई से प्रभावित किया।
व्याख्या: हिरोशिमा जाने और वहाँ के पीड़ितों को देखने के बाद लेखक की अनुभूति केवल बौद्धिक नहीं रही। प्रत्यक्ष अनुभव ने उसकी संवेदना को गहराई प्रदान की।
32लेखक ने हिरोशिमा के अस्पताल में किन लोगों को देखा?
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सही उत्तर:B. रेडियम-पदार्थ से आहत लोगों को
व्याख्या: जापान की यात्रा के दौरान लेखक हिरोशिमा के उस अस्पताल में गया जहाँ रेडियम-पदार्थ से आहत लोग वर्षों से कष्ट झेल रहे थे।
33लेखक के अनुसार ‘अनुभूति’ की विशेषता क्या है?
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सही उत्तर:B. वह संवेदना और कल्पना के माध्यम से सत्य को आत्मसात करती है।
व्याख्या: लेखक अनुभव और अनुभूति में अंतर करते हुए बताता है कि अनुभूति संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को भी आत्मसात कर लेती है जो प्रत्यक्ष रूप से लेखक के साथ घटित नहीं हुआ।
34हिरोशिमा में लेखक ने जले हुए पत्थर पर क्या देखा?
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सही उत्तर:B. एक लंबी उजली छाया
व्याख्या: हिरोशिमा की सड़क पर लेखक ने एक जले हुए पत्थर पर एक लंबी उजली छाया देखी। यह दृश्य उसके लिए परमाणु-विस्फोट की भयावहता का साक्षात प्रतीक बन गया।
35लेखक ने उस छाया के बारे में क्या अनुमान लगाया?
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सही उत्तर:B. वहाँ विस्फोट के समय कोई व्यक्ति खड़ा रहा होगा।
व्याख्या: लेखक ने अनुमान लगाया कि विस्फोट के समय वहाँ कोई व्यक्ति खड़ा रहा होगा और विकिरण की तीव्रता के कारण उसकी छाया पत्थर पर अंकित हो गई होगी।
36लेखक को जले हुए पत्थर की छाया देखकर कैसा अनुभव हुआ?
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सही उत्तर:A. उसे लगा कि वह स्वयं हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता बन गया है।
व्याख्या: उस छाया को देखकर परमाणु-विस्फोट का अनुभव लेखक की अनुभूति में इतना गहरा उतर गया कि उसे लगा मानो वह स्वयं हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता बन गया हो।
37हिरोशिमा की छाया ने लेखक की आंतरिक व्याकुलता को किस क्षेत्र में पहुँचा दिया?
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सही उत्तर:C. संवेदना के क्षेत्र में
व्याख्या: लेखक के अनुसार हिरोशिमा की घटना से उसकी भीतर की व्याकुलता बुद्धि के क्षेत्र से बढ़कर संवेदना के क्षेत्र में आ गई।
38लेखक ने हिरोशिमा पर कविता लिखने में तुरंत जल्दबाजी क्यों नहीं की?
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सही उत्तर:B. उसकी अनुभूति अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हुई थी।
व्याख्या: लेखक ने हिरोशिमा में सब कुछ देखने के बाद भी तत्काल कुछ नहीं लिखा। उसके अनुसार उस समय अनुभूति प्रत्यक्ष होने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी।
39लेखक के अनुसार अनुभूति कब ‘अनुभूति-प्रत्यक्ष’ बन जाती है?
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सही उत्तर:B. जब वह आत्मा के सामने उज्ज्वल प्रकाश में आ जाती है।
व्याख्या: लेखक कहता है कि जो चीज आँखों के सामने घटित नहीं हुई, वह जब आत्मा के सामने उज्ज्वल प्रकाश में आ जाती है, तब वह अनुभूति-प्रत्यक्ष बन जाती है।
40लेखक ने हिरोशिमा पर कविता कहाँ से लौटते समय लिखी?
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सही उत्तर:A. जापान से भारत लौटते समय
व्याख्या: लेखक ने जापान से भारत लौटते समय रेलगाड़ी में बैठे-बैठे हिरोशिमा पर कविता लिखी। उस समय तक हिरोशिमा का अनुभव गहरी अनुभूति में बदल चुका था।
41लेखक के लिए उसकी हिरोशिमा कविता का सबसे महत्वपूर्ण गुण क्या था?
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सही उत्तर:C. उसका अनुभूति-प्रसूत होना
व्याख्या: लेखक के लिए कविता अच्छी या बुरी होने से अधिक महत्वपूर्ण यह था कि वह उसकी गहरी अनुभूति से उत्पन्न हुई थी। यही उसके लिए उस कविता का वास्तविक महत्व था।
42‘हिरोशिमा’ कविता में ‘एक दिन सहसा सूरज निकला’ पंक्ति किस ओर संकेत करती है?
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सही उत्तर:B. परमाणु विस्फोट से उत्पन्न भयानक प्रकाश की ओर
व्याख्या: कविता में ‘सूरज’ सामान्य प्राकृतिक सूरज नहीं है। यह परमाणु विस्फोट से अचानक उत्पन्न हुए अत्यंत तीव्र प्रकाश और विनाशकारी ऊर्जा की ओर संकेत करता है।
43कविता में ‘धूप बरसी’ कहाँ से नहीं, बल्कि कहाँ से बरसने की बात कही गई है?
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सही उत्तर:C. फटी मिट्टी से
व्याख्या: कविता में कहा गया है कि वह प्रकाश अंतरिक्ष से नहीं, बल्कि फटी मिट्टी से धूप की तरह बरसा। यह परमाणु विस्फोट के भयानक प्रभाव को व्यक्त करता है।
44कविता में ‘छायाएँ मानव-जन की दिशाहीन’ कैसी दिखाई देती हैं?
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सही उत्तर:B. चारों ओर पड़ी हुई
व्याख्या: परमाणु विस्फोट के बाद मानव-जन की दिशाहीन छायाएँ चारों ओर पड़ी दिखाई देती हैं। यह विनाश और मानवीय त्रासदी का मार्मिक चित्र प्रस्तुत करता है।
45कविता में ‘काल-सूर्य के रथ के पहिए’ किसके समान टूटकर बिखर गए हैं?
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सही उत्तर:B. दसों दिशाओं में बिखरी मानवीय छायाएँ
व्याख्या: कवि ने विस्फोट से उत्पन्न विनाशकारी दृश्य को काल-सूर्य के रथ के टूटे हुए पहियों की तरह बताया है, जो दसों दिशाओं में बिखर गए हों।
46कविता में ‘कुछ क्षण का वह उदय-अस्त’ किसकी ओर संकेत करता है?
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सही उत्तर:B. परमाणु विस्फोट के क्षणिक लेकिन विनाशकारी प्रकाश की ओर
व्याख्या: कविता में परमाणु विस्फोट को एक क्षणिक उदय-अस्त के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उसका प्रकाश थोड़े समय के लिए था, लेकिन उसके विनाशकारी परिणाम अत्यंत व्यापक थे।
47कविता में ‘मानव ही सब भाप हो गए’ का आशय क्या है?
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सही उत्तर:B. परमाणु विस्फोट में मनुष्यों का भयानक विनाश हुआ।
व्याख्या: ‘मानव ही सब भाप हो गए’ पंक्ति परमाणु विस्फोट की भयानक विनाशलीला को व्यक्त करती है। विस्फोट की तीव्रता से मनुष्य का अस्तित्व तक नष्ट हो गया।
48कविता में जले हुए पत्थरों पर अंकित छायाएँ किसकी साक्षी हैं?
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सही उत्तर:B. मानव की त्रासदी और विनाश की
व्याख्या: जले हुए पत्थरों पर बची हुई छायाएँ उस भीषण परमाणु त्रासदी की साक्षी हैं जिसमें मानव जीवन का विनाश हुआ। वे घटना के अमिट प्रमाण के रूप में सामने आती हैं।
49‘मानव का रचा हुआ सूरज’ कविता में किसका प्रतीक है?
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सही उत्तर:B. परमाणु बम का
व्याख्या: कविता में ‘मानव का रचा हुआ सूरज’ परमाणु बम के लिए प्रयुक्त हुआ है। मनुष्य द्वारा बनाए गए इस विनाशकारी हथियार ने स्वयं मानव को ही भस्म कर दिया।
50कविता के अनुसार मानव ने जिस सूरज को रचा, उसने क्या किया?
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सही उत्तर:B. मानव को भाप बनाकर सोख लिया।
व्याख्या: कविता में विडंबना के रूप में कहा गया है कि मानव द्वारा रचा गया सूरज मानव को ही भाप बनाकर सोख गया। यह विज्ञान के विनाशकारी दुरुपयोग पर तीखा व्यंग्य है।
51‘पत्थर पर लिखी हुई यह जली हुई छाया’ किसकी साखी है?
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सही उत्तर:B. मानव की त्रासदी की
व्याख्या: कविता के अंत में जली हुई छाया को मानव की साखी कहा गया है। यह परमाणु बम से हुई मानव-त्रासदी का स्थायी प्रमाण बनकर सामने आती है।
52‘मैं क्यों लिखता हूँ?’ पाठ में लेखक के लिए रचना का वास्तविक मूल्य किसमें है?
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सही उत्तर:C. उसकी अनुभूति में
व्याख्या: लेखक के लिए रचना का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि वह उसकी सच्ची अनुभूति से जन्मी हो। रचना की प्रसिद्धि या बाहरी सफलता उसके लिए गौण है।