क्या आप JAC Class 10 Hindi के “माता का अँचल” MCQ (Objective Questions) with Answers खोज रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! JAC Exam Prep पर आपको “माता का अँचल” पाठ के महत्वपूर्ण Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers मिलेंगे। ये प्रश्न नवीनतम JCERT एवं NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार तथा Jharkhand Academic Council (JAC) की परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
“माता का अँचल” के ये MCQs पाठ की कहानी, पात्रों, घटनाओं, लेखक, विषय-वस्तु और महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करके विद्यार्थी इस पाठ का बेहतर Revision कर सकते हैं, अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और JAC Class 10 Board Exam में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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1‘माता का आँचल’ पाठ के लेखक कौन हैं?
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सही उत्तर:A. शिवपूजन सहाय
व्याख्या: ‘माता का आँचल’ पाठ के लेखक शिवपूजन सहाय हैं। इस पाठ में लेखक ने अपने बचपन की स्मृतियों और ग्रामीण जीवन का अत्यंत आत्मीय चित्रण किया है।
2‘माता का आँचल’ पाठ में लेखक के बचपन का नाम क्या था?
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सही उत्तर:B. तारकेश्वरनाथ
व्याख्या: लेखक का वास्तविक नाम तारकेश्वरनाथ था। उनके पिता उन्हें प्यार से ‘भोलानाथ’ कहकर पुकारते थे।
3लेखक के पिता उन्हें किस नाम से पुकारते थे?
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सही उत्तर:C. भोलानाथ
व्याख्या: लेखक बताते हैं कि उनके पिता उन्हें बड़े प्यार से ‘भोलानाथ’ कहकर पुकारते थे, जबकि उनका वास्तविक नाम तारकेश्वरनाथ था।
4लेखक अपनी माता को किस नाम से पुकारते थे?
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सही उत्तर:A. मैया
व्याख्या: लेखक अपनी माता को ‘मैया’ कहकर पुकारते थे। पाठ में माता के स्नेह और वात्सल्य का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है।
5लेखक के पिता प्रतिदिन सुबह उठकर क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. पूजा-पाठ करते थे
व्याख्या: लेखक के पिता प्रातः उठकर नित्य-कर्म से निवृत्त होकर पूजा करने बैठते थे। बचपन में लेखक भी उनके साथ बाहर की बैठक में सोया करते थे।
6लेखक के पिता पूजा के समय अपने पुत्र के ललाट पर क्या लगाते थे?
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सही उत्तर:C. भभूत का तिलक
व्याख्या: पूजा के बाद लेखक के पिता उन्हें भभूत का तिलक लगाते थे। वे लेखक के चौड़े ललाट पर त्रिपुंड भी बना देते थे।
7भभूत लगाने के बाद लेखक किस नाम से प्रसिद्ध हो जाते थे?
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सही उत्तर:B. बम-भोला
व्याख्या: लेखक बताते हैं कि सिर में लंबी-लंबी जटाएँ और ललाट पर भभूत लगाने के कारण वे खासे ‘बम-भोला’ बन जाते थे।
8लेखक के पिता रामनामा बही पर कितने राम-नाम लिखते थे?
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सही उत्तर:B. एक हजार
व्याख्या: लेखक के पिता अपनी एक ‘रामनामा बही’ पर हजार राम-नाम लिखकर उसे पाठ करने की पोथी के साथ बाँधकर रखते थे।
9लेखक के पिता राम-नाम लिखने के बाद क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. उसे पोथी के साथ बाँधकर रखते थे
व्याख्या: लेखक के पिता हजार राम-नाम लिखने के बाद उस बही को पाठ करने की पोथी के साथ बाँधकर रख देते थे।
10लेखक बचपन में अपने पिता के साथ कहाँ सोया करते थे?
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सही उत्तर:C. बाहर की बैठक में
व्याख्या: लेखक बताते हैं कि उनकी माता से केवल दूध पीने तक का नाता था। इसलिए वे अपने पिता के साथ बाहर की बैठक में ही सोया करते थे।
11लेखक के पिता गंगा जाते समय क्या लेकर जाते थे?
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सही उत्तर:B. आटे की गोलियाँ
व्याख्या: लेखक के पिता कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर राम-नाम लिखकर उन्हें आटे की गोलियों में लपेटते थे और गंगा जी की ओर जाते थे।
12लेखक के पिता आटे की गोलियाँ गंगा में किसे खिलाते थे?
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सही उत्तर:B. मछलियों को
व्याख्या: लेखक के पिता गंगा में एक-एक आटे की गोली फेंककर मछलियों को खिलाते थे। उस समय भी लेखक उनके कंधे पर बैठे रहते थे।
13लेखक के पिता रास्ते में बच्चों को कहाँ झुलाते थे?
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सही उत्तर:B. पेड़ों की डालियों पर
व्याख्या: गंगा से लौटते समय उनके पिता रास्ते में झुकी हुई पेड़ों की डालियों पर बच्चों को बैठाकर झूला झुलाते थे।
14लेखक और उनके पिता के बीच कुश्ती में पिता क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. जान-बूझकर शिथिल होकर बेटे को अपना बल बढ़ाने का अवसर देते थे
व्याख्या: कभी-कभी पिता बच्चों से कुश्ती लड़ते थे। वे शिथिल होकर उनके बल को बढ़ावा देते और बच्चों को उन्हें पछाड़ने का अवसर देते थे।
15पिता की मूँछें नोचने पर वे बच्चों के साथ क्या करते थे?
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सही उत्तर:C. हँसते हुए उनके हाथ छुड़ाकर उन्हें चूमते थे
व्याख्या: जब बच्चे पिता की लंबी-लंबी मूँछें नोचने लगते थे तो पिता हँसते हुए उनके हाथ मूँछों से छुड़ाते और उन्हें चूम लेते थे।
16लेखक की माता बच्चों को किस प्रकार खिलाती थीं?
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सही उत्तर:B. अपने हाथ से गोरस और भात सानकर खिलाती थीं
व्याख्या: लेखक की माता फूल के कटोरे में गोरस और भात सानकर अपने हाथों से बच्चों को खिलाती थीं। यह उनके मातृ-स्नेह को दर्शाता है।
17माता के अनुसार बच्चों को किस प्रकार खाना खिलाना चाहिए?
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सही उत्तर:B. भर-मुँह कौर
व्याख्या: माता बच्चों को भर-मुँह कौर खिलाने की पक्षधर थीं। वे पिता से कहती थीं कि चार-चार दाने के कौर देने से बच्चा कम खाने पर भी समझ लेता है कि बहुत खा गया।
18बच्चों के खेल में चबूतरे का कौन-सा हिस्सा नाटकघर बन जाता था?
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सही उत्तर:B. एक कोना
व्याख्या: बच्चों के खेल में चबूतरे का एक कोना ही नाटकघर बन जाता था। वे वहीं तरह-तरह के नाटक खेलते थे।
19बच्चों के खेल में कागज का चंदोवा तानकर क्या बनाया जाता था?
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सही उत्तर:C. मिठाई की दुकान
व्याख्या: बच्चों के नाटक में सरकंडे के खंभों पर कागज का चंदोवा तानकर मिठाई की दुकान लगाई जाती थी। वे मिट्टी, धूल और बालू से नकली मिठाइयाँ बनाते थे।
20बच्चों के खेल में धूल की मेड़ और तिनकों की छप्पर से क्या बनाया जाता था?
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सही उत्तर:A. घरौंदा
व्याख्या: बच्चे धूल की मेड़ को दीवार और तिनकों को छप्पर बनाकर घरौंदा तैयार करते थे। उनके खेल में ग्रामीण जीवन की अनेक गतिविधियाँ दिखाई देती थीं।
21बच्चों के खेल में नकली मिठाइयाँ किन चीजों से बनाई जाती थीं?
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सही उत्तर:A. मिट्टी, धूल और बालू से
व्याख्या: बच्चे अपने खेल में धूल की मेड़, तिनकों की छप्पर और मिट्टी की वस्तुओं से घरौंदा बनाते थे। पानी के घी, धूल के पिसान और बालू की चीनी से नकली भोजन और मिठाइयाँ तैयार करते थे।
22बच्चों के बनाए घरौंदे में चूल्हा-चक्की किससे बनाई जाती थी?
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सही उत्तर:B. मिट्टी से
व्याख्या: बच्चों के घरौंदे में घड़े के मुँहड़े की चूल्हा-चक्की, दीए की कड़ाही और पूजा वाली आचमनी कलछी आदि मिट्टी की बनाई जाती थीं।
23बच्चों के खेल में ‘ज्योनार’ किसे कहा गया है?
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सही उत्तर:A. खेल में बनाई गई नकली दावत
व्याख्या: बच्चे पानी के घी, धूल के पिसान और बालू की चीनी से नकली भोजन तैयार करते थे। इसी नकली भोजन की दावत को ‘ज्योनार’ कहा गया है।
24बच्चों की ‘ज्योनार’ में पिता जी क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. वे पाँत के अंत में धीरे से आकर बैठ जाते थे।
व्याख्या: जब बच्चों की पाँत बैठ जाती थी तो पिता जी धीरे-से आकर पाँत के अंत में बैठ जाते थे। उन्हें बैठा देखकर बच्चे हँसते हुए अपना घरौंदा बिगाड़कर भाग जाते थे।
25बच्चों के खेल में बारात किस प्रकार निकाली जाती थी?
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सही उत्तर:C. रस्सी में बँधे लकड़ी के घोड़े को लेकर
व्याख्या: बच्चे रस्सी में बँधे लकड़ी के घोड़े को लेकर गली में निकलते थे। इस प्रकार वे अपने खेल में बारात निकालने का अभिनय करते थे।
26बच्चों के खेल में दुल्हन किस पर बैठाई जाती थी?
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सही उत्तर:A. खटोली पर
व्याख्या: बच्चों के बनाए बारात के खेल में खटोली पर लाल ओहार डालकर उसे दुल्हन की सवारी बनाया जाता था और दुल्हन को उस पर बैठाया जाता था।
27बच्चों द्वारा खेले जाने वाले ‘खेती’ के खेल में कौन-सी वस्तुएँ प्रयोग होती थीं?
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सही उत्तर:A. लकड़ी के बीज, ठेंगा और हल-जुआठा
व्याख्या: बच्चे अपने खेल में कंकड़ को बीज, ठेंगा को हल और जुआठा जैसी वस्तुओं का रूप देते थे। बड़ी मेहनत से खेत जोतते-बोते और फसल तैयार होने का अभिनय करते थे।
28बच्चों के खेत में फसल तैयार होने पर वे क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. हाथों-हाथ फसल काट लेते थे।
व्याख्या: पाठ में बताया गया है कि बच्चों की नकली फसल तैयार होने में देर नहीं लगती थी और वे हाथों-हाथ फसल काट लेते थे।
29बच्चों के खेत में फसल काटते समय कौन-सी पंक्ति गाई जाती थी?
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सही उत्तर:A. ऊँच नीच में कई क्यारी, जो उपजी सो भई हमारी
व्याख्या: फसल काटते समय बच्चे गाते थे—‘ऊँच नीच में कई क्यारी, जो उपजी सो भई हमारी।’ यह उनके खेल में ग्रामीण जीवन की झलक दिखाता है।
30बच्चों द्वारा फसल काटने के बाद अनाज अलग करने की प्रक्रिया किस प्रकार की जाती थी?
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सही उत्तर:B. पैरों से रौंदकर
व्याख्या: बच्चे फसल को एक जगह रखकर उसे पैरों से रौंदने का अभिनय करते थे। फिर सूप बनाकर उसे ओसाते और मिट्टी के दीए के तराजू पर तौलकर राशि तैयार करते थे।
31पिता जी बच्चों की नकली खेती के बारे में क्या पूछते थे?
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सही उत्तर:A. इस साल की खेती कैसी रही भोलानाथ?
व्याख्या: जब बच्चे अपनी नकली खेती पूरी कर लेते थे तो पिता जी आकर पूछते थे—‘इस साल की खेती कैसी रही भोलानाथ?’ बच्चे इसके जवाब में हँसते हुए भाग जाते थे।
32बच्चे ददरी के मेले में जाने वाले लोगों को देखकर क्या कहते थे?
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सही उत्तर:A. चलो भाइयो ददरी, सतुआ पिसान की मोटरी
व्याख्या: जब बच्चे ददरी के मेले में जाने वाले लोगों का झुंड देखते थे तो कूद-कूदकर चिल्लाते थे—‘चलो भाइयो ददरी, सतुआ पिसान की मोटरी।’
33बारात की पालकी देखकर बच्चे क्या करते थे?
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सही उत्तर:B. जोर-जोर से चिल्लाते थे।
व्याख्या: जब बच्चे किसी दूल्हे के आगे-आगे जाती हुई ओहारदार पालकी देखते थे तो वे बहुत जोर से चिल्लाने लगते थे और अपने खेल में उसे शामिल कर लेते थे।
34आंधी आने के बाद बच्चे आम के बगीचे की ओर क्यों दौड़ते थे?
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सही उत्तर:B. गिरे हुए आम चुनने के लिए
व्याख्या: आम की फसल के समय जब आंधी आती थी तो बच्चे आंधी के कुछ दूर निकल जाने के बाद बगीचे की ओर दौड़ते थे और गिरे हुए ‘गोपी’ आम चुनकर खाते थे।
35तेज बारिश के समय बच्चे पेड़ों की जड़ों से क्यों चिपक गए?
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सही उत्तर:B. बारिश से बचने के लिए
व्याख्या: जब तेज बारिश होने लगी तो बच्चे पेड़ों की जड़ों से चिपक गए। लेखक ने उनके चिपकने की तुलना कुत्ते के कान में अठई चिपकने से की है।
36बारिश बंद होने के बाद बाग में क्या दिखाई दिया?
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सही उत्तर:A. बहुत-से बिच्छू
व्याख्या: बारिश बंद होने के बाद बाग में बहुत-से बिच्छू दिखाई दिए। उन्हें देखकर बच्चे डरकर भागने लगे।
37बिच्छुओं के डर से बच्चे किस ओर भागे?
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सही उत्तर:B. अपने-अपने घर की ओर
व्याख्या: बाग में बिच्छू दिखाई देने पर बच्चे डरकर भागे और अपने-अपने घरों की ओर चले गए। इसी दौरान बैजू और मूसन तिवारी की घटना हुई।
38गुरु जी के सिपाही बच्चों को क्यों पकड़कर ले गए?
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सही उत्तर:B. बैजू और बच्चों ने मूसन तिवारी को चिढ़ाया था।
व्याख्या: बैजू और बच्चों ने मूसन तिवारी को चिढ़ाया था। इसके बाद मूसन तिवारी पाठशाला में चला गया और गुरु जी के सिपाही बच्चों तथा बैजू को पकड़कर लाने के लिए भेजे गए।
39संकट के समय भोलेनाथ किसकी शरण में चला गया?
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सही उत्तर:C. माता की
व्याख्या: सिपाहियों से बचकर भोलेनाथ घर पहुँचा और सीधे अपनी माता के पास चला गया। वह मैया की गोद में छिप गया और उनके आँचल में शरण ली।
40‘माता का आँचल’ शीर्षक किस भावना को सबसे प्रमुख रूप से व्यक्त करता है?
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सही उत्तर:B. मातृ-स्नेह और सुरक्षा
व्याख्या: संकट के समय भोलेनाथ अपने पिता के पास न जाकर माता की गोद और आँचल में शरण लेता है। माता का आँचल उसे प्रेम, शांति और सुरक्षा प्रदान करता है। इसी कारण शीर्षक अत्यंत सार्थक है।