Class 9 Geography Revision Notes
भारत – आकार एवं स्थिति
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Chapter Overview
| Class | 9 |
| Subject | Geography |
| Chapter Name | भारत – आकार एवं स्थिति |
| Resource Type | Revision Notes |
| Syllabus | NCERT |
| Suitable For | CBSE, JAC and other state boards |
भारत – आकार एवं स्थिति Revision Notes
1. भारत की भौगोलिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित एक विशाल देश है। इसका अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तक तथा देशांतरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक है। भारत का कुल क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.4 प्रतिशत है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ तथा जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत की भौगोलिक स्थिति इसे एशिया तथा हिंद महासागर क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करती है। इसकी स्थिति व्यापार, सांस्कृतिक संपर्क तथा सामरिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखती है।
(i) भारत एशिया के दक्षिण में स्थित है।
(ii) क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किमी. है।
(iii) विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है।
(iv) जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा स्थान है।
(v) भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है।
2. भारत को उपमहाद्वीप क्यों कहा जाता है?
उत्तर ⇒ भारत को उपमहाद्वीप इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका आकार, जनसंख्या, सांस्कृतिक विविधता तथा भौगोलिक विशेषताएँ एशिया के अन्य भागों से अलग पहचान रखती हैं। उत्तर में विशाल हिमालय पर्वत भारत को शेष एशिया से प्राकृतिक रूप से अलग करता है। भारत का अपना विशिष्ट इतिहास, संस्कृति, भाषा, जलवायु और आर्थिक व्यवस्था है। यहाँ अनेक धर्म, भाषाएँ और परंपराएँ होने के बावजूद राष्ट्रीय एकता बनी हुई है। विशाल भू-भाग और विविध प्राकृतिक स्वरूप के कारण भारत एक स्वतंत्र भौगोलिक इकाई के रूप में जाना जाता है। इन्हीं विशेषताओं के कारण भारत को उपमहाद्वीप कहा जाता है।
(i) भारत का विशाल भू-भाग है।
(ii) हिमालय प्राकृतिक सीमा बनाता है।
(iii) सांस्कृतिक विविधता पाई जाती है।
(iv) अलग भौगोलिक पहचान है।
(v) इसलिए भारत उपमहाद्वीप कहलाता है।
3. भारत के आकार एवं विस्तार का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत का कुल क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर है। इसका उत्तर से दक्षिण तक विस्तार लगभग 3214 किलोमीटर तथा पूर्व से पश्चिम तक विस्तार लगभग 2933 किलोमीटर है। भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तक तथा देशांतरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक है। कर्क रेखा भारत के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है और देश को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है। भारत का विशाल आकार इसकी जलवायु, प्राकृतिक संसाधनों तथा सांस्कृतिक विविधता को प्रभावित करता है।
(i) क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किमी. है।
(ii) उत्तर-दक्षिण विस्तार 3214 किमी. है।
(iii) पूर्व-पश्चिम विस्तार 2933 किमी. है।
(iv) कर्क रेखा मध्य भाग से गुजरती है।
(v) विशाल आकार विविधता का आधार है।
4. विश्व में भारत की स्थिति एवं महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवाँ तथा जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा देश है। यह विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.4 प्रतिशत तथा विश्व की लगभग 17.5 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। भारत हिंद महासागर के उत्तरी भाग में स्थित होने के कारण एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच समुद्री संपर्क का प्रमुख केंद्र है। इसकी भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कारण भारत विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(i) क्षेत्रफल में सातवाँ स्थान है।
(ii) जनसंख्या में दूसरा स्थान है।
(iii) हिंद महासागर में महत्वपूर्ण स्थिति है।
(iv) व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
(v) विश्व में विशेष स्थान रखता है।
5. भारत की सीमाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,200 किलोमीटर तथा समुद्री तटरेखा लगभग 7,516.6 किलोमीटर लंबी है। भारत की पश्चिमी सीमा पाकिस्तान और अफगानिस्तान से मिलती है। उत्तर एवं उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान स्थित हैं। पूर्व में बांग्लादेश और म्यांमार हैं। दक्षिण में हिंद महासागर स्थित है तथा समुद्री पड़ोसी देशों में श्रीलंका और मालदीव शामिल हैं। भारत की लंबी स्थल और समुद्री सीमाएँ इसे सामरिक, आर्थिक तथा व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती हैं।
(i) स्थल सीमा 15,200 किमी. है।
(ii) समुद्री तटरेखा 7,516.6 किमी. है।
(iii) पश्चिम में पाकिस्तान है।
(iv) उत्तर में चीन, नेपाल और भूटान हैं।
(v) दक्षिण में श्रीलंका और मालदीव हैं।
6. भारत के पड़ोसी देशों का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत सात देशों के साथ स्थलीय सीमा साझा करता है। पश्चिम में पाकिस्तान और अफगानिस्तान, उत्तर में चीन, नेपाल तथा भूटान, और पूर्व में बांग्लादेश तथा म्यांमार स्थित हैं। इसके अतिरिक्त भारत के दक्षिण में समुद्र के पार श्रीलंका और मालदीव स्थित हैं, जिन्हें भारत के समुद्री पड़ोसी कहा जाता है। इन देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक, व्यापारिक, राजनीतिक तथा सामरिक संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए आवश्यक हैं।
(i) भारत के 7 स्थलीय पड़ोसी हैं।
(ii) 2 प्रमुख समुद्री पड़ोसी हैं।
(iii) चीन सबसे बड़ा उत्तरी पड़ोसी है।
(iv) बांग्लादेश पूर्व में स्थित है।
(v) पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध आवश्यक हैं।
7. कर्क रेखा का भारत के लिए क्या महत्व है?
उत्तर ⇒ कर्क रेखा 23°30′ उत्तरी अक्षांश पर स्थित है और भारत के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है। यह भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है। कर्क रेखा गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा तथा मिजोरम राज्यों से होकर गुजरती है। इस रेखा के कारण भारत के विभिन्न भागों में जलवायु, तापमान और दिन-रात की अवधि में अंतर दिखाई देता है। कृषि, प्राकृतिक वनस्पति तथा ऋतुओं के स्वरूप पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इसलिए कर्क रेखा भारत के लिए भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
(i) 23°30′ उत्तरी अक्षांश पर स्थित है।
(ii) भारत को दो भागों में बाँटती है।
(iii) 8 राज्यों से होकर गुजरती है।
(iv) जलवायु को प्रभावित करती है।
(v) कृषि पर प्रभाव डालती है।
8. भारत की मानक याम्योत्तर रेखा का महत्व बताइए।
उत्तर ⇒ भारत की मानक याम्योत्तर रेखा 82°30′ पूर्वी देशांतर है। यह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के निकट से होकर गुजरती है। पूरे भारत में समय की एकरूपता बनाए रखने के लिए इसी देशांतर को भारतीय मानक समय (IST) का आधार बनाया गया है। भारत का पूर्व-पश्चिम विस्तार अधिक होने के कारण स्थानीय समय में अंतर होता है, लेकिन मानक याम्योत्तर रेखा के कारण पूरे देश में एक ही समय का पालन किया जाता है। इससे प्रशासन, संचार, परिवहन तथा अन्य राष्ट्रीय कार्यों में सुविधा होती है।
(i) 82°30′ पूर्वी देशांतर है।
(ii) मिर्जापुर के पास से गुजरती है।
(iii) भारतीय मानक समय का आधार है।
(iv) पूरे देश में एक समान समय लागू होता है।
(v) प्रशासनिक सुविधा मिलती है।
9. भारत के द्वीप समूहों का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत के दो प्रमुख द्वीप समूह हैं। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में स्थित है, जबकि लक्षद्वीप द्वीप समूह अरब सागर में स्थित है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह अनेक बड़े और छोटे द्वीपों का समूह है तथा सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। लक्षद्वीप प्रवाल (कोरल) द्वीपों का समूह है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। दोनों द्वीप समूह भारत की समुद्री सुरक्षा, जैव-विविधता तथा पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
(i) दो प्रमुख द्वीप समूह हैं।
(ii) अंडमान-निकोबार बंगाल की खाड़ी में है।
(iii) लक्षद्वीप अरब सागर में है।
(iv) समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण हैं।
(v) पर्यटन का प्रमुख केंद्र हैं।
10. भारत का विश्व से संपर्क प्राचीन काल से कैसे रहा है?
उत्तर ⇒ भारत का विश्व के विभिन्न देशों से संपर्क प्राचीन काल से रहा है। प्रारंभिक समय में समुद्री मार्गों का विकास नहीं हुआ था, इसलिए व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान मुख्यतः भू-मार्गों से होता था। उत्तर के पर्वतीय दर्रों से व्यापारी, यात्री और विद्वान भारत आते-जाते थे। भारत से उपनिषदों के विचार, रामायण, पंचतंत्र, भारतीय अंक प्रणाली तथा दशमलव प्रणाली विश्व के अनेक देशों तक पहुँची। भारत से मसाले, कपड़े तथा अन्य वस्तुओं का निर्यात भी होता था। इसके बदले भारत ने अन्य देशों की कला, स्थापत्य और संस्कृति से भी अनेक प्रभाव ग्रहण किए।
(i) प्राचीन काल से संपर्क रहा है।
(ii) भू-मार्गों से व्यापार होता था।
(iii) भारतीय संस्कृति विश्व में पहुँची।
(iv) मसालों और कपड़ों का निर्यात होता था।
(v) सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ।
11. भारत का विश्व के देशों से सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंधों का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत का विश्व के देशों से सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंध प्राचीन काल से रहे हैं। प्रारंभ में जब समुद्री मार्ग विकसित नहीं हुए थे, तब व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान मुख्यतः भू-मार्गों से होता था। भारत से उपनिषदों के विचार, रामायण, पंचतंत्र की कहानियाँ, भारतीय अंक प्रणाली तथा दशमलव प्रणाली विश्व के अनेक देशों तक पहुँची। भारत से मसाले, कपड़े और अन्य व्यापारिक वस्तुओं का निर्यात किया जाता था। बदले में भारत ने यूनानी स्थापत्य कला तथा पश्चिमी एशिया की मीनारों और गुंबदों जैसी स्थापत्य शैलियों को अपनाया। इस प्रकार भारत विश्व की विभिन्न सभ्यताओं के साथ निरंतर जुड़ा रहा।
(i) भारत का प्राचीन व्यापारिक संबंध था।
(ii) सांस्कृतिक आदान-प्रदान हुआ।
(iii) भारतीय ज्ञान विश्व तक पहुँचा।
(iv) मसालों और कपड़ों का निर्यात हुआ।
(v) विदेशी संस्कृति का प्रभाव भी पड़ा।
12. भारत की समुद्री स्थिति का महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत की समुद्री स्थिति विश्व में अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत के दक्षिण में हिंद महासागर स्थित है तथा इसकी समुद्री तटरेखा लगभग 7,516.6 किलोमीटर लंबी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी भारत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ते हैं। प्राचीन काल से भारत का समुद्री व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिमी एशिया और अफ्रीका के देशों के साथ होता रहा है। समुद्री मार्गों के कारण व्यापार, पर्यटन, मत्स्य पालन तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलता है। भारत की समुद्री स्थिति उसे हिंद महासागर क्षेत्र का प्रमुख देश बनाती है।
(i) लंबी समुद्री तटरेखा है।
(ii) हिंद महासागर में महत्वपूर्ण स्थिति है।
(iii) समुद्री व्यापार विकसित हुआ।
(iv) राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होती है।
(v) पर्यटन और मत्स्य पालन को लाभ मिलता है।
13. भारत के अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार का महत्व बताइए।
उत्तर ⇒ भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तक तथा देशांतरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक है। इस व्यापक विस्तार के कारण देश के विभिन्न भागों में जलवायु, तापमान तथा प्राकृतिक वनस्पति में विविधता पाई जाती है। पूर्व और पश्चिम के स्थानीय समय में भी अंतर होता है, जिसे भारतीय मानक समय द्वारा नियंत्रित किया जाता है। भारत के विशाल विस्तार के कारण यहाँ विभिन्न प्रकार की कृषि, वनस्पति और प्राकृतिक संसाधन विकसित हुए हैं।
(i) जलवायु में विविधता मिलती है।
(ii) तापमान में अंतर होता है।
(iii) स्थानीय समय अलग-अलग होता है।
(iv) प्राकृतिक संसाधनों की विविधता मिलती है।
(v) कृषि में विविधता विकसित हुई।
14. भारत की मानक समय (IST) प्रणाली का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत में पूरे देश के लिए एक समान समय का उपयोग किया जाता है, जिसे भारतीय मानक समय (Indian Standard Time-IST) कहा जाता है। इसका आधार 82°30′ पूर्वी देशांतर है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के निकट से होकर गुजरता है। भारत का पूर्व-पश्चिम विस्तार लगभग 30° होने के कारण स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर हो सकता है। यदि प्रत्येक स्थान अपना स्थानीय समय अपनाए तो प्रशासन और संचार में कठिनाई होगी। इसलिए पूरे देश में भारतीय मानक समय लागू किया गया है।
(i) IST पूरे भारत में लागू है।
(ii) 82°30′ पूर्वी देशांतर पर आधारित है।
(iii) मिर्जापुर के पास से गुजरती है।
(iv) समय की एकरूपता बनी रहती है।
(v) प्रशासनिक कार्य आसान होते हैं।
15. भारत की भौगोलिक स्थिति उसे कैसे लाभ पहुँचाती है?
उत्तर ⇒ भारत की भौगोलिक स्थिति अत्यंत लाभदायक है। यह एशिया के दक्षिण में स्थित होकर हिंद महासागर के उत्तरी भाग पर नियंत्रण रखने वाला प्रमुख देश है। इसकी स्थिति पूर्व और पश्चिम के देशों के बीच समुद्री संपर्क स्थापित करती है। भारत की लंबी तटरेखा व्यापार, मत्स्य पालन और बंदरगाहों के विकास में सहायक है। उत्तर में हिमालय प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि दक्षिण में समुद्र व्यापारिक मार्ग उपलब्ध कराता है। इस कारण भारत आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
(i) व्यापार को बढ़ावा मिलता है।
(ii) प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है।
(iii) समुद्री संपर्क विकसित होता है।
(iv) बंदरगाहों का विकास होता है।
(v) सामरिक महत्व बढ़ता है।
16. भारत के राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर ⇒ वर्तमान समय में भारत में 28 राज्य तथा 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं। राज्यों का अपना निर्वाचित शासन होता है, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों का प्रशासन केंद्र सरकार के अधीन होता है। भारत के प्रमुख राज्यों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। प्रमुख केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, लक्षद्वीप, पुडुचेरी तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह आते हैं। भारत की संघीय व्यवस्था देश के सुचारु प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(i) भारत में 28 राज्य हैं।
(ii) 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं।
(iii) राज्यों का अपना शासन होता है।
(iv) केंद्रशासित प्रदेश केंद्र के अधीन होते हैं।
(v) संघीय व्यवस्था लागू है।
17. क्षेत्रफल के आधार पर भारत के प्रमुख राज्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है, जबकि सबसे छोटा राज्य गोवा है। राजस्थान का विशाल मरुस्थलीय क्षेत्र इसे क्षेत्रफल में सबसे बड़ा बनाता है। दूसरी ओर गोवा का क्षेत्रफल कम होने के कारण यह सबसे छोटा राज्य है। भारत के राज्यों का क्षेत्रफल अलग-अलग होने के कारण उनकी जनसंख्या, प्राकृतिक संसाधन, कृषि तथा आर्थिक गतिविधियों में भी विविधता दिखाई देती है। यह विविधता भारत की प्रमुख विशेषताओं में से एक है।
(i) राजस्थान सबसे बड़ा राज्य है।
(ii) गोवा सबसे छोटा राज्य है।
(iii) राज्यों के क्षेत्रफल अलग-अलग हैं।
(iv) संसाधनों में विविधता मिलती है।
(v) आर्थिक गतिविधियाँ भी भिन्न हैं।
18. भारत के सीमावर्ती राज्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर ⇒ भारत के अनेक राज्य पड़ोसी देशों के साथ अपनी सीमाएँ साझा करते हैं। पाकिस्तान के साथ जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की सीमा मिलती है। चीन के साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा है। बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम की सीमा मिलती है। म्यांमार के साथ अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम जुड़े हुए हैं। ये सीमावर्ती राज्य राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
(i) कई राज्य अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।
(ii) पाकिस्तान से 4 राज्य जुड़े हैं।
(iii) चीन से 5 राज्य जुड़े हैं।
(iv) म्यांमार और बांग्लादेश से पूर्वोत्तर राज्य जुड़े हैं।
(v) सीमावर्ती राज्यों का सामरिक महत्व है।
19. भारत के पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों का महत्व बताइए।
उत्तर ⇒ भारत के विकास और सुरक्षा के लिए पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध अत्यंत आवश्यक हैं। अच्छे संबंधों से व्यापार, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक सहयोग बढ़ता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी रहती है तथा सुरक्षा संबंधी समस्याएँ कम होती हैं। प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सकता है। दक्षिण एशिया में शांति और विकास के लिए भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की नीति अपनाता है।
(i) व्यापार बढ़ता है।
(ii) सांस्कृतिक संबंध मजबूत होते हैं।
(iii) सीमा पर शांति बनी रहती है।
(iv) आर्थिक सहयोग मिलता है।
(v) क्षेत्रीय विकास संभव होता है।
20. ‘भारत : आकार और स्थिति’ अध्याय से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर ⇒ यह अध्याय हमें भारत की भौगोलिक स्थिति, आकार, सीमाओं तथा विश्व में उसके महत्व की जानकारी देता है। इससे पता चलता है कि भारत का विशाल क्षेत्रफल, विविध प्राकृतिक स्वरूप, लंबी समुद्री तटरेखा तथा सामरिक स्थिति उसे विश्व में विशेष स्थान प्रदान करती है। यह अध्याय भारत के पड़ोसी देशों, कर्क रेखा, मानक समय तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के महत्व को भी समझाता है। साथ ही यह हमें राष्ट्रीय एकता, भौगोलिक विविधता तथा भारत की वैश्विक भूमिका के प्रति जागरूक बनाता है।
(i) भारत की भौगोलिक विशेषताओं का ज्ञान मिलता है।
(ii) विश्व में भारत का महत्व समझ आता है।
(iii) सीमाओं और पड़ोसी देशों की जानकारी मिलती है।
(iv) राष्ट्रीय एकता का महत्व स्पष्ट होता है।
(v) भारत की वैश्विक भूमिका का ज्ञान होता है।
More Class 9 Geography Revision Notes
| Chapter 1: भारत – आकार एवं स्थिति |
| Chapter 2: भारत का भौतिक स्वरूप |
| Chapter 3: अपवाह |
| Chapter 4: जलवायु |
| Chapter 5: प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी |
| Chapter 6: जनसंख्या |